Urinary Bladder in Hindi | पित्ताशय क्या है, कैसे काम करता है इत्यादि

क्या आपने कभी सोचा है कि किसी व्यक्ति को पेशाब क्यों लगती है? या कोई व्यक्ति पेशाब को कैसे नियंत्रित कर पाता है? मतलब जब वह व्यक्ति चाहता है तभी वह पेशाब करता है। परंतु कुछ लोगों को ऐसा करने में समस्याएं आने लगती हैं और ऐसा कई बीमारियों के कारण होता है पेशाब के बाहर पर नियंत्रण करना हमारे शरीर के एक मुख्य अंग पित्ताशय का काम होता है। 

हम इस आर्टिकल में पित्ताशय यानी यूरिनरी ब्लैडर के बारे में जानकारी देंगे जैसे कि पित्ताशय क्या है, पित्ताशय के कार्य क्या है इत्यादि (Urinary Bladder in Hindi)

पित्ताशय क्या है – What is urinary bladder in Hindi

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हमारे शरीर को नियमित रूप से कार्य करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है जिसके लिए हम भोजन खाते हैं। हम भोजन खाते हैं और भोजन से हमारे शरीर को ऊर्जा मिलती है लेकिन हमारे शरीर में सभी चीजें संतुलित मात्रा में होती हैं इसलिए जब हम भोजन खाते हैं तो उसमें से वेस्ट के रूप में मल और पेशाब निकलता है। 

पेशाब में विभिन्न प्रकार के हानिकारक तत्व होते हैं जो अगर हमारे शरीर में एकत्रित होते रहे तो एक बड़ी बीमारी को जन्म दे सकते हैं तथा हमें गंभीर रूप से बीमार कर सकते हैं। 

पित्ताशय हमारे शरीर का एक अंग है यह अंग हमारे शरीर में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है किडनी शरीर के रक्त में से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने का महत्वपूर्ण काम करती है जब यह हानिकारक तत्व रक्त से फिल्टर हो जाते हैं तब यह सभी हानिकारक तत्व वाहिकाओं द्वारा मूत्राशय या पित्ताशय में आकर इकट्ठे होने लगते हैं जैसे-जैसे मूत्राशय में मूत्र इकट्ठा होता है मूत्राशय की दीवारों पर जोर पड़ने लगता है और जब यह दबाव एक निश्चित दबाव से अधिक हो जाता है तब व्यक्ति को बहुत जोर से पेशाब लगने लगती है और व्यक्ति को फिर किसी भी हालत में मूत्र त्याग करना ही पड़ता है।

जैसे-जैसे धीरे-धीरे करके मूत्राशय से मूत्र खट्टा होता है तो उस व्यक्ति को यह दबाव धीरे-धीरे महसूस होने लगता है और वह व्यक्ति समझ जाता है कि हां अब उसे मूत्र त्याग करने जाना पड़ेगा और जब व्यक्ति समझता है कि हां अब उसे जोर से पेशाब लग रही है तो वह मूत्र त्याग करने चला जाता है।

अक्सर कई लोग जोर से पेशाब लगने पर भी काफी समय तक पेशाब को नियंत्रण में रखते हैं अक्सर उन्हें विभिन्न प्रकार की समस्याएं झेलनी पड़ती हैं इसका मुख्य कारण यह है कि मूत्राशय त्वचा द्वारा निर्मित है और यह अत्यधिक प्रेशर को सहन नहीं कर सकता है। इसलिए अगर आपको भी कभी अधिक जोर से पेशाब आ रही है तो जल्द से जल्द पेशाब करने जाएं अगर आप ज्यादा लंबे समय तक पेशाब को नियंत्रण में रखेंगे तो आपको मूत्र मार्ग में जलन जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं।

पित्ताशय कैसे काम करता है? – How does urinary bladder works in Hindi

हमारे संपूर्ण शरीर में लगभग 70% से अधिक पानी है और बिना पानी के हम अपने शरीर की कल्पना भी नहीं कर सकते। जब हम पानी पीते हैं या खाना खाते हैं इससे हमें ऊर्जा मिलती है और अपशिष्ट के रूप में हमारे शरीर से कुछ व्यर्थ पदार्थ बाहर निकलता है। वैसे तो कई बार हम अनजाने में कई ऐसी चीजें खा लेते हैं जो एक स्लो पॉइजन की तरह काम करती हैं। जैसे अगर हम कोई यूरिया युक्त भोजन खाएं तो लंबे समय के अंतराल में हमें विभिन्न प्रकार की समस्याएं देखने को मिल सकते हैं क्योंकि यूरिया हमारे शरीर के लिए बहुत ही ज्यादा हानिकारक होता है।

हम कभी-कभी जाने अनजाने में हानिकारक पदार्थों का सेवन भी कर लेते हैं और इसके साथ साथ ही हम जो सामान्य भोजन खाते हैं उसमें भी कई ऐसे हानिकारक पदार्थ होते हैं जो हमारे शरीर के लिए काफी हानिकारक होते हैं इन सभी को हमारे शरीर से बाहर निकालना बहुत आवश्यक है अन्यथा यह हमें बहुत ज्यादा बीमार कर सकते हैं।

इन सभी अपशिष्ट पदार्थों को हमारे शरीर से बाहर निकालने के लिए हमारे शरीर की संरचना को इस रूप से बनाया गया है कि जो भी भोजन हम खाते हैं उससे हमें ऊर्जा मिलती है और अपशिष्ट के रूप में मल तथा यूरिन शरीर से बाहर निकल जाते हैं अब यह यूरिन किस रूप में शरीर से बाहर निकलता है आइए पर चर्चा करें।

दरअसल जितना भी भोजन हम खाते हैं उससे ऊर्जा के रूप में हमारे शरीर यूज करता है तथा काफी सारे आवश्यक तत्व रक्त के साथ मिल जाते हैं। अब इन्हें रक्त से बाहर निकालना बेहद जरूरी है।

अपशिष्ट पदार्थों को रक्त से निकालने के लिए हमारे शरीर में एक विशेष प्रकार का अंग होता है जो रक्त से इन सभी अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालता है तथा हमारे रक्त को फिल्टर करता है यह अंग किडनी है।

किडनी द्वारा फिल्टर होने के बाद यह सभी अपशिष्ट पदार्थ तरल रूप में मूत्राशय में जाकर इकट्ठा हो जाता है और जैसे जैसे मूत्राशय में मूत्र इकट्ठा होता जाता है मूत्राशय का दबाव बढ़ता जाता है और एक व्यक्ति को अपने आप ही पता चल जाता है कि अब उसे मूत्र त्याग करना है और वह व्यक्ति मूत्र त्याग कर देता है।

पित्ताशय का कार्य – Functions of urinary bladder in Hindi 

जैसा कि हम इस आर्टिकल में पड़ी चुके हैं कि पित्ताशय का कार्य मूत्र कोई इकट्ठा करना होता है आइए समझते हैं कि अगर पित्ताशय ना हो तब क्या होगा? यदि हमारे शरीर में पित्ताशय न हो तो किडनी द्वारा फिल्टर किए हुए अपशिष्ट पदार्थ पेशाब बनकर लिंग या योनि द्वारा हर क्षण निकलते ही रहेंगे मतलब की आपको 24 घंटे बाथरूम में ही बिताने पड़ेंगे या फिर आपको अपने प्राइवेट पार्ट पर कोई एक ऐसा डिवाइस लगाना पड़ेगा जो मूत्र को इकट्ठा करता रहे।

अब यह इकट्ठा करने का कार्य है पित्ताशय का है किडनी से फिल्टर हो चुका अपशिष्ट पदार्थ धीरे-धीरे करके पित्ताशय में खट्टा होता है अगर पित्ताशय ना हो तो यह डायरेक्टली लिंग या योनि से बाहर निकलेगा जोकि उचित नहीं है।

जब मूत्राशय में मूत्र भर जाता है तब मूत्राशय का प्रेशर बढ़ जाता है इससे एक व्यक्ति को अपने आप ही पता चल जाता है कि उसे अब मूत्र त्याग करने की आवश्यकता है और जब वह व्यक्ति बाथरूम में जाता है तो मूत्राशय सिकुड़ने लगता है जिसकी वजह से पेशाब तेजी से बाहर निकलता है।

पित्ताशय से संबंधित रोग – Disease caused by urinary bladder in Hindi

अक्सर आपने देखा होगा कि कई लोग अपने मूत्र प्रवाह पर नियंत्रण नहीं रख पाते हैं जब उन्हें अचानक से पेशाब लगती है तो उन्हें अर्जेंट ली पेशाब त्याग करना पड़ता है वे लोग पेशाब को कुछ क्षणों के लिए भी रोक नहीं पाते और अगर वह लोग ऐसा करते भी हैं तो उन्हें बड़ी समस्याएं होने लगती हैं।

Cystitis – सिस्टाइटिस 

यह एक ऐसी रोग है जिसमें पित्ताशय में जलन मचले लगती है और पित्ताशय में सूजन भी आने लगती है ऐसी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से मिले यह समस्या गंभीर भी हो सकती है।

Urinary incontinence – मूत्र असंयम

यह एक ऐसा रोग है जिसमें व्यक्ति को अपने मूत्र करने पर नियंत्रण नहीं रहता अर्थात जब उस व्यक्ति को पेशाब लगती है तो उसे तुरंत के तुरंत किसी भी हालत में पेशाब करनी होती है नहीं तो उसे काफी समस्याएं होने लगती हैं और हो सकता है कि पेशाब पेंट में ही हो जाए।

Overractive bladder – अति मूत्राशय

यह एक ऐसी समस्या है जिसमें ब्लड अपने आप ही सिकुड़ने लगता है अक्सर जब कोई व्यक्ति पेशाब कर रहा होता है तब मूत्राशय शुकुडना शुरू करता है जिससे प्रेशर से पेशाब निकलता है परंतु इस रोग में ब्लड अपने आप ही कभी भी सिकुड़ने लगता है बोल व्यक्ति का पेशाब करने से कंट्रोल छूट जाता है।

Interstitial cystitis – अंतराकाशी मूत्राशय शोथ

यह एक दीर्घकालीन रोग है जिसका इलाज काफी लंबा चलता है इसमें व्यक्ति को मूत्राशय में दर्द होने लगता है और यह दर्द काफी ज्यादा होता है असहनीय होता है।

Bladder cancer – मूत्राशय का कैंसर

जब किसी व्यक्ति को मूत्राशय का कैंसर होता है तो उसको विभिन्न प्रकार की समस्याएं आने लगती हैं और यह एक लाइलाज बीमारी है।

पथरी होना

यह एक ऐसा रोग है जो आजकल भारत में बहुत प्रचलित है पित्त की थैली में पथरी होना बहुत सारे लोगों को यह समस्या होती है और यह समस्या काफी दुखदायक और दर्द कारी होती है और कई मामलों में तो मरीज को ऑपरेशन तक कराना पड़ता है

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निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने पित्ताशय यानी यूरिनरी ब्लैडर के बारे में जानकारी दिया है जैसे पित्ताशय क्या है, पित्ताशय के कार्य क्या है इत्यादि (Urinary Bladder in Hindi)

मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा अगर आपको हमारे आर्टिकल पसंद आता है या आप क्या कोई सवाल या जवाब है तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं धन्यवाद।