हकलाने के कारण, इलाज इत्यादि | Haklane ke karan aur ilaj

अक्सर आपने कभी ना कभी किसी को हक लाते हुए जरूर देखा होगा। हकलाना बेशक एक सामान्य सी समस्या दिखती हो परंतु यह उस व्यक्ति के जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव डालती है। 

अक्सर देखा जाता है जिन लोगों को हकलाने की समस्या होती है वह ढंग से बोल नहीं पाते, किसी से बातचीत नहीं कर पाते, और हकलाने की वजह से कई लोगों का आत्मविश्वास तो बहुत कम हो जाता है।

हम इस आर्टिकल में हकलाने के बारे में जानकारी देंगे जैसे कि हकलाने के कारण, इलाज इत्यादि (Haklane ke karan aur ilaj)

हकलाना क्या है – What is stammering in Hindi

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हकलाना ऐसी समस्या है जिसमें व्यक्ति को किसी सामान्य से वाक्य को बोलने में तकलीफ होती है वह व्यक्ति एक सामान्य सा वाक्य अटक अटक कर बोल पाता है इस स्थिति को हकलाना कहते हैं आपने अक्सर अपने आसपास किसी ने किसी व्यक्ति को हक लाते हुए जरूर देखा होगा।

हकलाना एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है इस बीमारी में कोई व्यक्ति बातचीत करने में दिक्कत आती है कुछ शब्द या वाक्यों को बोलने पर व्यक्ति अटकने लगता है।

हकलाने से जुड़े तथ्य – Facts about stammering in Hindi

  • लगभग 8% बच्चों को कभी ना कभी हकलाने की समस्या होती है लेकिन ज्यादातर बच्चे बाद में अपने आप ही ठीक हो जाते हैं।
  • लगभग 2% वयस्क लोगों में यह समस्या जिंदगी भर रहती है।
  • किसी अन्य बीमारी की तरह हकलाने की बीमारी में भी स्टेज इज होती हैं मतलब कुछ लोग बहुत ज्यादा हक लाते हैं लेकिन कुछ लोग कम हक लाते हैं।
  • हकलाना और बौद्धिक क्षमता का कोई संबंध नहीं है परंतु हां कुछ लोग हकलाने के कारण कंफर्टेबल महसूस नहीं करते जिसकी वजह से उनका सेल्फ कॉन्फिडेंस डाउन हो जाता है।
  • ज्यादातर लोग तब हक लाते हैं जब वे लोग हकलाने के बारे में सोचते हैं।
  • ज्यादातर लोग जैसे जैसे बड़े होते जाते हैं हकलाना कम होता जाता है। ‌

हकलाने का क्या कारण है – What causes stammering in Hindi

शारीरिक कारक मुख्य रूप से बच्चों में हकलाने का कारण बनता है। निम्न कारणों में से किसी एक कारण की वजह से बच्चे हकलाते हैं जैसे –

  • बोलने के अंगों की मांसपेशियों को नियंत्रित करने में असमर्थता
  • बोलने के अंगों में बाधा पहुंचना।
  • न्यूरोमस्कुलर संबंधित समस्याएं।
  • जीभ और होंठों को चलाने में कठिनाई।

हालांकि, हकलाना बढ़ते युग में मनोवैज्ञानिक कारकों की वजह से भी हो सकता है जैसे – बिना हकलाए बोलने में भी विश्वास खो देना। अन्य मनोवैज्ञानिक कारक जैसे घृणा, चिंता, उत्तेजना और तनावपूर्ण परिवेश का वातावरण शामिल हैं।

हकलाहट के लक्षण – Symptoms of stammering in Hindi

हकलाहट के लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं 

  • पीड़ित द्वारा शब्दो या वाक्यों को दोहराना।
  • अटक-अटक और रुक-रुक कर बोलना।
  • बोलते समय व्यक्ति की दिक्कत साफ देखी जा सकती है।
  • पीड़ित बोलने में झिझक महसूस कर सकता है।
  • बोलने में दिक्कत के कारण निराशा।
  • पीड़ित द्वारा बोलते समय एक अलग आवाज या शब्दों को शामिल करना।
  • बोलते समय गंभीरता आ सकती है।

कुछ अन्य लक्षण भी देखे जा सकते हैं :

  • हकलाने के साथ आंखों का झपकना।
  • सिर या शरीर के अन्य अंगों में झटके।
  • जबड़े में झटके।
  • मुट्ठी बांधना
  • पढ़ते रहें 

हकलाहट की समस्या के लिए घरेलू उपाय नीचे बताए गए हैं। 

हकलाने का इलाज – Treatment of Stammering in Hindi 

हकलाने की समस्या का कोई भी सटीक इलाज नहीं है। वहीं, अधिकांश शुरुआती मामले अल्पकालिक होते हैं और खुद ही ठीक हो सकते हैं। इसके अलावा, निम्नलिखित उपाय इस समस्या में मददगार हो सकते हैं

स्पीच थेरेपी :- स्पीच थेरेपी के जरिए भी कुछ हद तक हकलाने की समस्या में आराम मिल सकता है। इसके अंतर्गत स्पीच थेरेपिस्ट पीड़ित की भाषा और उच्चारण संबंधी समस्या को ठीक करने में मदद करता है।

माता-पिता के लिए जरूरी दिशा निर्देश

बच्चे के सामने उसकी हकलाने की समस्या को लेकर ज्यादा चिंतित न दिखें। इससे बच्चा बोलने में ज्यादा संकोच महसूस करेगा।बच्चे को ऐसे माहौल में न ले जाएं, जहां उसे ज्यादा असहज महसूस हो।जितना हो सके बच्चे को प्यार करें। बात करते समय उसे ज्यादा टोके नहीं।पीड़ित की बातों को ध्यान से सुनें। अगर बच्चा इस समस्या के बारे में कुछ पूछता है, तो उसे अच्छी तरह इस समस्या के बारे में समझाएं।

हकलाने के प्रकार – Types of stammering in hindi

हकलाने के मुख्य रूप से तीन प्रकार हैं:

विकास संबंधी (Developmental) – विकास सम्बन्धी हकलाना (Developmental Stammering), लगभग 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों विशेष रूप से लड़कों (males) में सबसे आम है, इस प्रकार के हकलाने की समस्या उस समय उत्पन्न होती है जब बच्चे अपनी भाषा और भाषण क्षमताओं को विकसित करते हैं। यह आमतौर इस प्रकार का हकलाना उपचार के बिना ही ठीक हो जाता है।

तंत्रिकाजन्य (Neurogenic) – इस प्रकार के हकलाने की समस्या मस्तिष्क और तंत्रिकाओं या मांसपेशियों के बीच सिग्नल असामान्यताएं के कारण विकसित होती है।

साइकोजेनिक (Psychogenic) – यह बोलने सम्बन्धी विकार मस्तिष्क के उस हिस्से से उत्पन्न होता है, जो सोच और तर्क को नियंत्रित करता है।

हकलाने का निदान – Stammering diagnosis in hindi

एक भाषण भाषा रोगविज्ञानी (speech language pathologist) हकलाने का निदान करने में मदद कर सकता है। इसके निदान में कोई इनवेसिव परीक्षण (invasive testing) की आवश्यकता नहीं होती है। रोगविशेषज्ञ हकलाने से सम्बंधित प्रारंभिक लक्षणों के बारे में कुछ प्रश्न पूंछ सकता है, तथा एक भाषण देने का आग्रह कर सकता है। इसके अतिरिक्त रोगविशेषज्ञ स्वास्थ्य इतिहास के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर सकता है।

यह भी पढ़ें:- हाइपरट्रिचिसिस (वेयरवोल्फ सिंड्रोम) – कारण, निदान, लक्षण और उपचार

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने हकलाने के बारे में जानकारी दिया है जैसे हकलाने के कारण, इलाज इत्यादि (Haklane ke karan aur ilaj)

मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा अगर आपको हमारे आर्टिकल पसंद आता है या आप क्या कोई सवाल या जवाब है तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं धन्यवाद।

स्टैमरिंग और शट्टरिंग के बीच क्या अंतर है?

दोनों ही एक हैं। हकलाने को अंग्रेजी में स्टैमरिंग और शट्टरिंग दोनों नामों से जाना जाता है।

क्या हकलाना ठीक हो सकता है?

जैसा कि हमने लेख में बताया कि हकलाने का कोई सटीक इलाज नहीं है। हालांकि, स्पीच थेरेपी और नियमित व्यायाम की मदद से इसे काफी हद तक कम किया जा सकता है। वहीं, यह समस्या कई बार अपने आप भी ठीक हो सकती है।

क्या हकलाना विकलांगता है?

नहीं, भारत सरकार ने अब तक आधिकारिक रूप से हकलाने की समस्या को विकलांगता नहीं माना है।

मैं पूरी तरह हकलाना कैसे रोक सकता हूं?

इसे एक बार में ठीक नहीं किया जा सकता है, लेकिन स्पीच थेरेपी के जरिए कुछ हद तक इसे कम किया जा सकता है। इस विषय में जरूरी जानकारी आप डॉक्टर से जरूर लें।

मैं अपने बच्चे को हकलाने से कैसे रोकूं?

इसके लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

References

Stuttering. (n.d.). American Speech-Language-Hearing Association | ASHA. http://www.asha.org/public/speech/disorders/stuttering.htm

Stuttering. (2020, December 14). NIDCD. https://www.nidcd.nih.gov/health/stuttering

Jane E. Prasse|George E. Kikano. (2008, May 1). Stuttering: An overview. AAFP American Academy of Family Physicians. https://www.aafp.org/afp/2008/0501/p1271.html

Stammering. (2017, October 23). nhs.uk. https://www.nhs.uk/conditions/stammering/