Food poisoning in Hindi | फूड पॉइजनिंग के लक्षण, कारण, इलाज इत्यादि

फूड पॉइजनिंग। ऐसी दिक्कत जो सुनने में तो बहुत आम लगती है, लेकिन अगर हो जाए तो काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। फूड पॉइजनिंग के लक्षण की बात करें तो अगर आपको पेट में ऐंठन लग रही है। बार-बार बाथरूम जाना पड़ रहा है। ऐसे में आपको फूड पॉइजनिंग हो सकती है।

हम इस आर्टिकल में फूड पॉइजनिंग के बारे में जानकारी देंगे जैसे कि फूड पॉइजनिंग क्या है, फूड पॉइजनिंग के लक्षण, कारण, इलाज इत्यादि (Food poisoning in Hindi)

Table of Contents

फूड पॉइजनिंग क्या है – What is food poisoning in Hindi

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फूड पॉइजनिंग को विषाक्त भोजन भी कहा जाता है, जोकि खराब या बासी भोजन खाने से होता है। इस समस्या से पीड़ित लोगों में से कुछ जल्दी ठीक हो जाते हैं तो कुछ को शारीरिक समस्या हो जाती है। डॉक्टर्स के अनुसार खाना बनाते व्यक्त साफ-सुथरे पानी और सब्जियों का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही हाथों को भी समय-समय पर धोना चाहिए और बाहरी खाना खाने से बचना चाहिए। इस तरह से फूड पॉइजनिंग की समस्या से बचा जा सकता है।

फ़ूड पॉइजनिंग के लक्षण – Symptoms of food poisoning in Hindi

फ़ूड पॉइजनिंग के होने पर शरीर में कई तरह के बिमारियों का लक्षण दिखने लगता है। जैसे

  • पेट में तेज दर्द होने लगता है।
  • हर 15 से 20 मिंट के अंतराल में उलटी होने लगता है।
  • दस्त यानी लूज़ मोशनभी होने लगती है।
  • खाना पचता नहीं है,कुछ भी खाने से वह तुरंत उलटी के रूप में बाहार निकल जाता है।
  • सिर दर्द होने लगता है।
  • शरीर बहुत जादा थका हुवा और कमजोरी महसूस होने लगता है। जिससे शरीर बेजान सा लगने लगता है।

फ़ूड पॉइजनिंग के कारण – Causes of Food Poisoning in Hindi

फ़ूड पॉइजनिंग दूषित भोज्य पदार्थ के सेवन करने से होता है। जैसे- बासी खाना खाने से।

  • घर में खाना बनाते वक़्त अगर उसको धोने में गन्दी पानी का इस्तेमाल किया गया हो या फिर खाना बनाने में गन्दी पानी का इस्तेमाल हुआ तो फ़ूड पॉइजनिंगहो सकती है।
  • खाने के सामान को ढक के न रखने पर गंदे मक्खी के बैठने से भी हानिकारक जीवाणु खाने में पहुच जाते है। जिससे फ़ूड पॉइजनिंगहो जाती है।
  • अक्सर रास्ते में लगे खाने की दुकानों में खाने की चीजो को ढाक के रखा नहीं जाता है, जिसके कारण एक तो सड़क के उड़ते हुए धुल सीधे खाने में पहुच जाते है। दूसरी तरफ गन्दी मक्खी भी खाने में पहुच जाते है, जो खाने में हानिकारक जीवाणु को पंहुचाते है। जब हम उस खाना को खाते है तो तो यह बीमारी हो जाती है।
  • अगर लम्बे समय तक घर में इस्तेमाल होने वाले पानी के टैंककी सफाई नहीं हुआ हो तो पानी दूषित हो जाता है। जब हम उस पानी को किसी भी रूप में इस्तेमाल करते है तो इस बीमारी की सँभावना होती है।
  • फ़ूड पॉइजनिंगकी समस्या सिर्फ दूषित खाना की वजह से नहीं होती, कई बार यह हमारे गंदे हाथो से खाना खाने से भी हो जाता है।

फ़ूड पॉइजनिंग में बरतें यह सावधानियां – Precautions to take during Food Poisoning in Hindi

  • खाना बनाने के पहले और बाद में अपने हाथों को धोएं, खास कर कच्चा, मांस छूने के बाद।
  • कच्चीक हरी साग-सब्जिथयों को पकाने से पहले या फिर खाने से पहले जरुर धोएं।
  • भोजन को तब तक पकाएं जब तक उसके विषैले तत्वो बाहर न निकल जाएं। साथ ही खाने को हमेशा साफ कंटेनर में ही रखें।
  • भोजन करने के तुरंत बाद ही बचा हुआ भोजन फ्रिज में रखें।
  • ऐसे खाना न खाएं जो कई देर से खुले में रखा हुआ हो और उसमें से महक आने लग गई हो। इसके अलावा अगर पैकेट पर डेट एक्सरपायर हो गई हो तो भी उसे न खाएं।
  • टॉयलेट से आने के बाद अपने हाथों को साबुन से जरुर धोएं। अगर आपके घर पर पालतू जानवर है तो भी उसे छूने के बाद हाथों को धोएं।
  • ट्रैवल के दौरान अपने साथ घर का बना गरम और ताजा खाना ही ले जाएं। ठंडा और कच्चाे खाना तब न रखें जब तक वह छिलके वाला न हो, जैसे केला।

फूड पॉइजनिंग से बचाव के तरीके – Prevention During Food Poisoning in Hindi

  • कच्ची सब्जियों और फलों को नमक वाले पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए।
  • रसोईघर को साफ रखना चाहिए। चाकू और कटिंग बोर्ड को रोज साबुन से धोना चाहिए।
  • फ्रिज को अंदर से साबुन के पानी से साफ करना चाहिए। फ्रिज में अगर कोई जूस या खाद्य पदार्थ गिर जाये, तो तुरंत साफ करें।
  • मांस को हमेशा अच्छे से साफ करके ठीक तरह से पकाना जरूरी है।
  • पके हुए खाने को बहुत देर तक फ्रिज में न रखें।
  • ऐसे खाद्य पदार्थों से बचें, जिनमें कच्चा दूध होता है।
  • खासकर इस मौसम में सी फूड के सेवन से बचें।
  • बाहर का खाना न खाएं। अकसर ऐसे खाने को ढक कर भी नहीं रखा जाता।
  • खराब खाना या काफी देर से रखा खाना तो बिल्कुल न खाएं।
  • साफ पानी पिएं।
  • किसी भी संक्रमित या गंदी चीज को छूने के बाद साबुन और पानी से हाथ धोएं। मैले कपड़े या घर की गंदगी साफ करते समय दस्ताने पहनें।

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फ़ूड पॉइजनिंग का इलाज और उपचार – Treatment of Food Poisoning in Hindi

यहाँ कुछ सुझाव है जो कि फ़ूड पॉइजनिंग की परेशानी को कम करने और आपको तेजी से उबरने में मदद कर सकते हैं।

  • जितना हो सके पेय पदार्थ पीजिए- पानी, डिकैफनेटेड चाय या जूस जो भी आप पी सकते हैं वो लें इससे आप तरल पदार्थ की कमी दूर कर सकते हैं और निर्जलीकरण को रोकने में भी ये मददगार होगा।
  • शराब, दूध या कैफीनयुक्त पेय पदार्थों को पूरी तरह अवॉयड करने की कोशिश करें।
  • नरम खाद्य पदार्थ खाना शुरू करें जैसे- चावल, केला, टोस्ट, आदि।
  • मसालेदार भोजन, तले हुए खाद्य पदार्थ, डेयरी और हाई फैट खाद्य पदार्थों से बचें।
  • अपने खाने में प्रोबायोटिक्स लेना शुरु करें, प्रोबायोटिक्स आंतों में गुड वैक्टीरिया को फिर से लाने में सहायक होते हैं और आपकी सेहत को जल्दी सुधारने में सहायता करते हैं।
  • तुलसी, जीरा, सौंफ, धनिया जैसेहर्बस को ट्राई फ़ूड पॉइजनिंग के दौरान लेना शुरु करें।
  • जितना संभव हो उतना आराम करें क्योंकि फूड पॉइजनिंगथकान को बढ़ा देता है।
  • ध्यान रहे अगर इतना सावधानियों और इन नुस्खों को आजमाने के बाद भी अगर आपको फूड प्वाइजनिंग से जल्दी ही आराम ना मिले तो फौरन डॉक्टर से संपर्क करें।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने फूड पॉइजनिंग के बारे में जानकारी दिया है जैसे फूड पॉइजनिंग क्या है, फूड पॉइजनिंग के लक्षण, कारण, इलाज इत्यादि (Food poisoning in Hindi)

मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा अगर आपको हमारे आर्टिकल पसंद आता है या आप क्या कोई सवाल या जवाब है तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं धन्यवाद।

फूड पॉइजनिंग में किस तरह का भोजन करना चाहिए?

यदि किसी व्यक्ति को फूड पॉइजनिंग है, तो उसे सादा भोजन जैसे दलिया, खिचड़ी इत्यादि का ही सेवन करना चाहिए।

फूड पॉइजनिंग की रोकथाम कैसे की जा सकती है?

फूड पॉइजनिंग की रोकथाम निम्नलिखित कदमों से संभव है – खान-पान का ध्यान रखना, एक्सराइज़ करना, हेल्थचेकअप कराना, इत्यादि

इस बात का कैसे पता लगाया जा सकता है कि हमें फूड पॉइजनिंग है या फिर पेट वायरस?

हालांकि, पेट वायरस के लक्षणों को पनपने में थोड़ा लग सकता है और फूड पॉइजनिंग के लक्षण जल्द ही नज़र आ जाते हैं लेकिन, फूड पॉइजनिंग जल्द ही ठीक हो जाता है, लेकिन पेट वायरस काफी लंबे समय तक रहता है।

फूड पॉइजनिंग से ठीक होने में कितना समय लगता है?

आमतौर पर, फूड पॉइजनिंग से पूरी तरह से ठीक होने में 1 से 5 दिनों का समय लग सकता है। लेकिन, बच्चे, गर्भवती महिला, 60 साल से अधिक लोग इत्यादि को फूड पॉइजनिंग से काफी परेशानी हो सकती हैं।

क्या फूड पॉइजनिंग से सिरदर्द हो सकता है?

चूंकि, फूड पॉइजनिंग से व्यक्ति को कमज़ोरी या शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसी कारण, फूड पॉइजनिंग सिरदर्द का कारण बन सकता है।

फूड पॉइज़निंग के कारण क्या है?

फूड पॉइज़निंग मुख्य रूप से खराब खान-पान करने, बैक्टीरिया के संपर्क में आने, जेनेटिक कारण इत्यादि की वजह से हो सकता है।

फूड पॉइज़निंग का इलाज कैसे किया जा सकता है?

फूड पॉइज़निंग का इलाज ओ.आर.एस का सेवन करके, दवाई खाकर, अधिक मात्रा में पानी पीकर, सादा भोजन करके इत्यादि के द्वारा किया जा सकता है।