Viral fever ke lakshan | वायरल फीवर के लक्षण

आज इस आर्टिकल में हम वायरल फीवर के लक्षणों के बारे में पढ़ेंगे क्योंकि कई बार व्यक्ति सामान्य बुखार और वायरल बुखार के बीच में अंतर नहीं कर पाता है। जिस कारण व्यक्ति को बहुत अधिक कष्ट भोगना पड़ता है साथ ही जब छोटे बच्चों को वायरल बुखार होता है तो सही जानकारी के अभाव के कारण कई बच्चों की मौत तक हो जाती है इसलिए सभी लोगों को वायरल बुखार तथा सामान्य बुखार के बीच का अंतर और वायरल बुखार के लक्षण पता होने चाहिए।

इसलिए आज इस आर्टिकल में हम वायरल फीवर के लक्षणों के बारे में पढ़ेंगे और हमने इन सभी लक्षणों को भी विस्तार पूर्वक लिखा है ताकि आप इन लक्षणों को अच्छी तरीके से समझ पाएं (Viral fever ke lakshan)

वायरल फीवर क्या है? – What is viral fever in Hindi

आमतौर पर सामान्यता एक सामान्य शरीर का तापमान लगभग 98 पॉइंट 6 डिग्री फारेनहाइट होता है इस तापमान में अगर 1 डिग्री की वृद्धि हो जाए तो बुखार माना जाता है बुखार अक्सर इस बात का संकेत देता है कि आपका शरीर किसी प्रकार के जीवाणु या वायरल संक्रमण से लड़ रहा है।

बुखार कई कारणों से हो सकता है आम सर्दी खांसी से लेकर गंभीर संक्रमण तक कई ऐसे कारण हैं जिनकी वजह से वायरल संक्रमण हो सकता है आमतौर पर बुखार आना वायरल संक्रमण का लक्षण होता है जैसे डेंगू होने पर तेज बुखार आता है।

वायरल फीवर के लक्षण – Viral fever ke lakshan

वायरल फीवर होने पर निम्नलिखित लक्षण होने की संभावना रहती है

कम या तेज बुखार

जब भी किसी व्यक्ति को वायरल फीवर होता है तब उसे रोज बुखार आता है और बुखार कभी कम होता है कभी ज्यादा होता है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर के अंदर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता उस वायरस संक्रमण से लड़ रही होती है। अगर किसी भी व्यक्ति को रोज बुखार आता हो और कभी कम कभी तेज आ रहा हो तो उसे डॉक्टर से मिलना चाहिए क्योंकि यह वायरल संक्रमण का एक गंभीर लक्षण है।

सिर दर्द होना

जब भी किसी व्यक्ति को वायरल संक्रमण होता है तब उस व्यक्ति के शरीर में गर्मी उत्पन्न होने लगती है और उस व्यक्ति को बुखार भी आने लगता है लेकिन कई बार बुखार ना आकर व्यक्ति को सर दर्द भी होने लगता है आप खुद ही सोच सकते हैं जिस व्यक्ति को बहुत तेज बुखार आ रहा है उसको कितनी तेज सर दर्द हो रहा होगा अगर किसी भी व्यक्ति को ऐसा कुछ महसूस होता है तो उसे तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

गला खराब होना

अक्सर जब किसी व्यक्ति को वायरल संक्रमण होता है तब गले में खराश होना या गला खराब होना या गला बैठ जाना या आवाज सही से ना निकलना इत्यादि इत्यादि समस्याएं होने लगती है यह समस्याएं होना काफी आम और कॉमन है और गला खराब होने के साथ-साथ आपको खांसी भी हो सकती है।

नाक बहना

जब भी किसी व्यक्ति को वायरल संक्रमण होता है तो वह व्यक्ति अपने शरीर पर नियंत्रण नहीं रख पाता संक्रमण के कारण नाक बहना सिर दर्द होना और गला खराब होना जैसी समस्याएं होने लगती है। वायरल होने पर शरीर का तापमान बढ़ने लगता है जिस कारण वश नाक बहने लगती है।

मांसपेशियों में दर्द होना

वायरल फीवर होने पर हमारा पूरा शरीर असंतुलित हो जाता है शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता से लड़ रही होगी ऐसी स्थिति में हमारे शरीर की सारी ऊर्जा खत्म हो जाती है और हम बड़ा ही थका थका महसूस करते हैं पूरा शरीर दर्द करने लगता है और शरीर की सभी मांसपेशियां भी दर्द करने लगती है रोगी को ऐसा लगता है कि जैसे उसने वही बहुत भारी काम किया हो जिसकी वजह से थकान हो रही है।

डिहाईड्रेशन (शरीर में पानी की कमी होना)

बहुत तेज बुखार आने पर शरीर का तापमान बढ़ जाता है और शरीर से ज्यादा से ज्यादा पानी पसीने के रूप में निकल जाता है जब शरीर से सारा पानी निकलने लगता है तो शरीर में पानी की कमी हो जाती है और आप तो जानते ही हैं कि पानी की कमी खुद अपने आप में एक बीमारी है और यह वायरल फीवर को और बढ़ा देती है इसलिए वायरल संक्रमण होने पर रोगी को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पिलाते रहना चाहिए।

डायरिया होना या पेट में दर्द होना

वायरल फीवर के दौरान शरीर पूर्ण रूप से असंतुलित हो जाता है जिस कारण व शरीर का पाचन तंत्र भी गड़बड़ हो जाता है जब ऐसा होता है तो पेट में गड़बड़ होना और पेट में दर्द होना तथा डायरिया जैसी स्थिति बन जाती है और डायरिया जब पेट में दर्द शरीर में पानी की कमी के कारण भी होता है।

उल्टी आना

जब हमें बहुत तेज बुखार आता है तब उल्टी आने की संभावना बन जाती है शरीर में पानी की कमी होने के कारण भी उल्टी आने की संभावना रहती है और बुखार की स्थिति में जब भी हम कोई भोजन खाते हैं तो वह हमें बड़ा ही बेस्वाद लगता है और बुखार के कारण पाचन तंत्र भी गड़बड़ हो जाता है इन सभी कारणों से उल्टी आने की संभावना अधिक होती है

थकान होना

जब हमें बुखार होता है तो हमारे शरीर का एक-एक अंग दुखने लगता है बुखार आने से शरीर के सभी अंग तो दुखने ही लगते हैं इसके साथ-साथ मांसपेशियां भी दुखने लगती हैं और व्यक्ति को बहुत थकान महसूस होती है ऐसा लगता है जैसे व्यक्ति ने कोई बाहरी कार्य किया हो या नशे सूज गई हो।

आंखों में जलन होना

जब किसी व्यक्ति को तेज बुखार आता है तब वह बुखार उस व्यक्ति के सर पर भी चल जाता है आंखों में बहुत तेज जलन होने लगती है क्योंकि शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है ऐसा होना स्वभाविक है जब किसी व्यक्ति को बुखार आता है तो उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए क्योंकि अधिक तेज बुखार आने से लोगों की जान भी चली जाती है इसलिए बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए कोई कोताही नहीं बरतनी चाहिए।

चेहरे पर सूजन

ज्यादा तेज बुखार आने के कारण कई बार चेहरे पर सूजन भी आने लगती है ऐसा इसलिए होता है कि शरीर में पानी की कमी हो जाती है और व्यक्ति का शरीर बार-बार गर्म होता है ऐसी स्थिति होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं बिल्कुल देरी ना करें।

शरीर कमजोर हो जाना

किसी को बुखार आता है तब वह व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से थोड़ा सा कमजोर हो जाता है और जब यह बुखार नियमित रूप से आता है वायरल संक्रमण के कारण व्यक्ति को रोज-रोज मानसिक और शारीरिक पीड़ा होती है कि का खाना खाने से पेट नहीं भरता ना ही व्यक्ति को खाना खाने में मन लगता है जिस वजह से धीरे-धीरे करके शरीर कमजोर होने लगता है।

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निष्कर्ष

मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा यह आर्टिकल जरूर पसंद आया होगा हमने इस आर्टिकल में वायरल फीवर में होने वाले सभी लक्षणों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी है और उन सभी लक्षणों को भी विस्तार पूर्वक बताया है (Viral fever ke lakshan)

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