Heart in Hindi | हृदय क्या है, कार्य, संरचना, चित्र इत्यादि

हमारे शरीर भिन्न भिन्न प्रकार के अंगों से मिलकर बना है लेकिन अगर बात की जाए कि सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण कौन सा अंग होता है? तो ऐसे में सिर्फ दो ही अंगो का नाम ध्यान में आते हैं पहला दिमाग और दूसरा ह्रदय। ह्रदय हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक होता है। बिना ह्रदय हम अपने शरीर की कल्पना भी नहीं कर सकते। 

आज इस आर्टिकल में हम अपने शरीर के एक बहुत ही आवश्यक और महत्वपूर्ण अंग के बारे में पढ़ेंगे यह अंग जीवन के लिए बहुत अहम भूमिका निभाता है। जिस प्रकार किसी गाड़ी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उस गाड़ी का इंजन होता है उसी प्रकार हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हृदय होता है। ह्रदय निरंतर हमारे शरीर में धड़कता रहता है और इस कारण ही शरीर के अंदर रक्त का संचालन हो पाता है। 

हम इस आर्टिकल में हृदय के बारे में जानकारी देंगे जैसे कि हृदय क्या है, कार्य, संरचना, चित्र इत्यादि (Heart in Hindi)

हृदय क्या है? – What is heart in Hindi

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हमारा ह्रदय एक मांसपेशी है जी हां आपने सही पड़ा हमारा ह्रदय एक मांसपेशी है यह छाती के बीचो बीच से हल्का सा बाई और होता है यह आकार में लगभग आपकी मुट्ठी के बराबर होता है हमारे शरीर में विभिन्न प्रकार की मांसपेशियां होती हैं और यह सभी भिन्न-भिन्न अंगों में होती है जैसे हाथों में पैरों में यहां तक कि कमर में भी।

परंतु ह्रदय जो कि एक मांसपेशी है वह अन्य मांसपेशियों की तुलना में बहुत अलग है क्योंकि यह एक विशेष प्रकार की मांसपेशी होती है जो शरीर में रक्त के संचार को नियंत्रित करते हैं रक्त हमारे शरीर में ऑक्सीजन और आवश्यक तत्व पोषक तत्वों को लाने और ले जाने का कार्य करता है इसके साथ साथ ही रक्त हमारे शरीर से वेस्ट मटेरियल को भी बाहर निकालने का कार्य करता है।

अगर सरल भाषा में बोला जाए तो हृदय एक पंप की तरह कार्य करता है जिसमें दो पंप लगे होते हैं बाई तरफ का पंप (ह्रदय के बाएं तरफ का भाग ) शरीर से रक्त प्राप्त करता है और उसे पंप करके फेफड़ों तक पहुंचाता है जबकि हृदय के दाएं तरफ का हिस्सा इसका ठीक विपरीत कार्य करता है और फेफड़ों से रक्त प्राप्त कर उसे पंप करके शरीर तक पहुंचाता है इस तरह रक्त हमारे पूरे शरीर में घूमता है।

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मानव हृदय का चित्र – Diagram of heart

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हृदय कैसे कार्य करता है? – How does heart works in Hindi

हमारा ह्रदय एक पंप की तरह कार्य करता है इस पंप रूपी ह्रदय के दो भाग होते हैं राइट(बाया) हिस्सा और लेफ्ट(दाया) हिस्सा इन दोनों 100 को मसल का एक पर्दा एक दूसरे से अलग करता है इस पर्दे को septum बोलते हैं इसके कारण ना तो राइट भाग से ब्लड लेफ्ट भाग में जा पाता है और ना ही लेफ्ट भाग से ब्लड राइट भाग में जा पाता है।

सारे शरीर से अशुद्ध रक्त (CO2 युक्त रक्त) शिराओं द्वारा ह्रदय तक पहुंचता है और ह्रदय इस अशुद्ध रक्त को फेफड़ों में पंप कर देता है फेफड़े इस रक्त से CO2 को हटाकर ऑक्सीजन मिला देते हैं और फिर ह्रदय इस शुद्ध रक्त को फेफड़ों से लेकर पूरे शरीर में पंप कर देता है ह्रदय का अंदरूनी भाग 4 चेंबर में बटा होता है दो ऊपर के चेंबर और दो नीचे के चेंबर। ऊपर के भाग जिसमें अशुद्ध रक्त आता है उसे Atrium या अलिंदा कहा जाता है और निचले भाग को Ventricle या नीले कहा जाता है।

इस तरीके से ह्रदय में दो भाग होते हैं अटरियम और Ventricle Atrium को ब्लड पंप संबंधी बहुत कम कार्य करना पड़ता है इसलिए इसकी मसल काफी पतली होती है इसके विपरीत Ventricle की मचल काफी मोटी होती है क्योंकि यह ब्लड को अधिक प्रेशर से पंप करता है

शरीर की वह नस जो हृदय में CO2 युक्त ब्लड लाती है उसे शिरा या शिरा कहा जाता है शरीर से अशुद्ध रक्त को हृदय तक लाने का कार्य 2 शिरा करती हैं जिसमें से ऊपरी इससे वाली शिरा को superior vena cava कहते हैं जबकि निचले भाग वाली शिरा को inferior vens kava कहते हैं। 

पूरे शरीर से CO2 युक्त ब्लड राइट Atrium में इकट्ठा होता है और जब राइट Atrium में ब्लड भर जाता है तब यह सिकुड़ने लगता है इसके बाद ब्लड tricuspid वाल्व द्वारा राइट Ventricle में जाता है इसके बाद पल्मोनरी धमनियों से होता हुआ राइट तथा लेफ्ट फेफड़ों में पहुंच जाता है जहां फेफड़े अशुद्ध ब्लड में से CO2 को निकाल कर इसमें ऑक्सीजन मिला देते हैं।

इसके बाद यह शुद्ध ब्लड अब चार पलमोनरी शिराओं द्वारा ह्रदय के लेफ्ट Atrium में पहुंचता है लेफ्ट Atrium के सिकुड़ने पर ब्लड वाल्व द्वारा हृदय के लेफ्ट Ventricle में चला जाता है जब लेफ्ट Ventricle सिकुड़ता है तब ब्लड aurora द्वारा होता हुआ शरीर के सभी अंगों तक पहुंच जाता है

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हृदय के कार्य – Function of heart in Hindi

ह्रदय के मुख्य रूप कार्य शरीर में रक्त का वाहन करना होता है रक्त का संचरण हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है ह्रदय शरीर से अशुद्ध रक्त फेफड़ों तक पंप करता है और फेफड़े अशुद्ध रक्त में से कार्बन डाइऑक्साइड को निकाल देते हैं तथा ऑक्सीजन मिला देते हैं अब यह अशुद्ध रक्त शुद्ध हो गया है अभी भी ह्रदय का कार्य पूरा नहीं हुआ ह्रदय उस शुद्ध रक्त को फेफड़ों से लेकर पूरे शरीर में नसों के माध्यम से पंप करता है।

हृदय के अंग और संरचना – Parts and Structure of heart in Hindi

ह्रदय का अंदरूनी भाग 4 चेंबर में बटा होता है दो ऊपर के चेंबर और दो नीचे के चेंबर। ऊपर के भाग जिसमें अशुद्ध रक्त आता है उसे Atrium या अलिंदा कहा जाता है और निचले भाग को Ventricle या नीले कहा जाता है।इसके अलावा ह्रदय में दो प्रकार की वाल्व होते हैं mitral valve और tricuspid valve इसके साथ साथ ही ह्रदय से कुछ नशे भी जुड़ी हुई होती हैं

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने हृदय के बारे में जानकारी दिया है जैसे कि हृदय क्या है, कार्य, संरचना, चित्र इत्यादि (Heart in Hindi)

मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा अगर आपको हमारे आर्टिकल पसंद आता है या आप क्या कोई सवाल या जवाब है तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं धन्यवाद।

हृदय के कितने भाग होते हैं?

यह अंग दो भागों में विभाजित होता है, दायां एवं बायां। हृदय के दाहिने एवं बाएं, प्रत्येक ओर दो चैम्बर (एट्रिअम एवं वेंट्रिकल नाम के) होते हैं। कुल मिलाकर हृदय में चार चैम्बर होते हैं।

हृदय का कार्य क्या होता है?हमारा हृदय हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह अंग हमारे परिसंचरण प्रणाली के बीच में स्थित है, जो धड़कते हुए शरीर के चारों ओर रक्त का प्रवाह करता है। रक्त शरीर में ऑक्सीजन और पोषक तत्व भेजता है और अवांछित कार्बन डाइऑक्साइड और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालता है।

मनुष्य के शरीर में कितने वाल्व होते हैं?

हर इंसान के हार्ट में चार तरह के वाल्व होते हैं। जो कि ब्लड के हार्ट की ओर जाने पर खुलते और विपरीत दिशा में जाने पर बंद हो जाते हैं। वाल्व ये सुनिश्चित करते हैं कि खून उचित समय और दिशा में उचित बल के साथ पहुंच रहा है या नहीं।

मनुष्य का हृदय कितने ग्राम का होता है?

इसका भार औसतन महिलाओं में 250 से 300 ग्राम और पुरुषों में 300 से 350 ग्राम होता है।

हृदय कब विश्राम लेता है?

सामान्यतया यह वयस्क मनुष्य में 72 प्रति मिनट धड़कता है। हृदय दो धड़कनों के बीच आराम करता है। दो संकुचनों के बीच का काल विश्राम अथवा शिथिलन काल कहलाता है। इसमें संकुचन के दौरान आगे बढ़ा हुआ रक्त जब धमनियों के रिक्त स्थान में प्रवेश पाता है, तब धमनी की दीवार और रक्त में संघर्ष होता है और रक्त का दबाव बढ़ जाता है।

मन और हृदय में क्या अंतर है?

ह्रदय याने ह्रदय जो कि शरीर में ब्लड सप्लाई का पम्पिंग स्टेशन हैं मात्र। मन मस्तिष्क का CEO है, और केवल सोचता हैं बस, काम दूसरों से करवाता हैं, अच्छी सोच अच्छी उन्नती, खराब सोच तो सब कुछ खराब।