Testosterone in Hindi | कैसे टेस्टोस्टेरोन बढायें

टेस्टोस्टेरोन हमारे शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण हार्मोन होता है यह हमारे शरीर में भिन्न-भिन्न प्रकार के काम करता है। इसे सेक्स हार्मोन भी कहते हैं इसका निर्माण वर्षण में होता है। इसकी कमी होने पर हमें अलग-अलग प्रकार की बीमारियां होने लगती हैं तथा इसकी कमी हमें मानसिक तथा शारीरिक रूप से प्रभावित कर सकती है।

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी होने पर लोग घबरा जाते हैं और इसका इलाज नहीं कराते व्यक्ति को ऐसा नहीं करना चाहिए, बल्कि डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और इलाज कराना चाहिए। इसका इलाज संभव है। सबसे ज्यादा गंभीर विषय यह है कि ज्यादातर लोगों को टेस्टोस्टरॉन के बारे में जानकारी ही नहीं है।

हम इस आर्टिकल में हम टेस्टोस्टेरोन के बारे में जानकारी देंगे जैसे कि टेस्टोस्टेरोन क्या है, टेस्टोस्टेरोन की कमी से क्या होता है, टेस्टोस्टेरोन की कमी के लक्षण क्या हैं इत्यादि (Testosterone in Hindi)

टेस्टोस्टेरोन क्या है – What is testosterone in Hindi

टेस्टोस्टरॉन हमारे शरीर में बनने वाला हार्मोन है यह हमारे शरीर के विकास के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है इसका निर्माण वर्षण (testicle) में होता है। हमारे शरीर में इसके बहुत से उपयोग होते हैं। 

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का लगभग 98% भाग सेक्स हार्मोन जैसे globulin or albumin आदि को बनाने में होता है बाकी 2% टेस्टोस्टरॉन का उपयोग अलग-अलग कार्यों के लिए होता है तथा इसे फ्री टेस्टोस्टरॉन भी कहते हैं।

अगर हमारे शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी हो जाती है तो हमें अलग-अलग प्रकार की बीमारियां होने लगती हैं तथा टेस्टोस्टरॉन की कमी होने पर हमें मानसिक और शारीरिक दोनों प्रकार की बीमारियां होने लगती हैं।

टेस्टोस्टरॉन की कमी होने पर होने वाले लक्षण नीचे दूसरे पैराग्राफ में दिए गए हैं। अगर आपको उनमें से ज्यादातर लक्षण हो रहे हैं तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए। डॉक्टर ब्लड टेस्ट द्वारा टेस्टोस्टरॉन की कमी को कंफर्म करेगा और आपका इलाज शुरू करेगा। आमतौर पर टेस्टोस्टरॉन की मात्रा शरीर में 300 से 1000 नैनोग्राम(ng) टेस्टोस्टरॉन पर डिसिलीटर (dl) होती है।

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के कार्य क्या हैं – What are functions of testosterone in Hindi

टेस्टोस्टरॉन हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हार्मोन है इसका निर्माण हमारे शरीर में होता है। यह हमारे शरीर में भिन्न भिन्न प्रकार के कार्य करता है। 

टेस्टोस्टरॉन हॉरमोन हमारे शरीर में निम्नलिखित कार्य करता है

सेक्स और सेक्स से जुड़े सभी फंक्शन

शरीर के विकास के लिए

शरीर की बोन डेंसिटी

Sense of well -being 

अन्य दिमाग संबंधी कार्य।

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी क्या है – What is low testosterone in Hindi

लो टेस्टोस्टरॉन एक स्थिति है जिसमें हमारा शरीर पर्याप्त मात्रा में टेस्टोस्टरॉन हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाता है। हमारे शरीर में टेस्टोस्टरॉन हॉरमोन उत्पादन करने वाली ग्लैंड (टेस्टिकल, वर्षण) पर्याप्त मात्रा में टेस्टोस्टरॉन हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाती है। टेस्टोस्टरॉन हॉरमोन पुरुष तथा महिलाओं दोनों के लिए आवश्यक होता है। 

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी के लक्षण – Symptoms of Low Level testosterone in Hindi 

टेस्टोस्टरॉन सेक्स हार्मोन है इसका निर्माण हमारे शरीर में ही होता है। इसका निर्माण महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक होता है परंतु अगर किसी पुरुष में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी हो जाती है तो उसे इसकी वजह से कई समस्याएं हो सकती हैं। 

शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी हमारे शारीरिक तथा मानसिक विकास को प्रभावित कर सकती है टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी होने पर निम्नलिखित लक्षण होते हैं:-

  • ढंग से सेक्स ना कर पाना
  • नपुंसकता
  • मूड में बदलाव
  • डिप्रेशन और तनाव रहना
  • शुक्राणुओं की संख्या का कम होना
  • ताकत का घटना
  • वजन बढ़ना
  • चिड़चिड़ापन
  • बालों का झड़ना
  • नींद आने में समस्या आना (अनिद्रा)
  • ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होना
  • शारीरिक कमजोरी होना

ऊपर दी गई स्वास्थ्य समस्याएं और लक्षण शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी के कारण हो सकते हैं अगर आपको ऐसे लक्षण महसूस हो रहे हैं। तो आप डॉक्टर से सलाह लें। डॉक्टर आपके कुछ शारीरिक टेस्ट करेगा और आपसे आपकी लाइफ के बारे में कुछ प्रश्न पूछेगा। इसके साथ साथ ही वह कुछ ब्लड टेस्ट करने के लिए भी कहेगा जिससे डॉक्टर आपके टेस्टोस्टरॉन के लेवल की जांच कर सके।

आमतौर पर पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की मात्रा 300 से 1000 नैनोग्राम(ng) टेस्टोस्टरॉन पर डिसिलीटर (dl) होती है। अगर आप की जांच में टेस्टोस्टरॉन का लेवल कम आता है तो घबराएं नहीं आप टेस्टोस्टरॉन हार्मोन के स्तर को घरेलू तथा प्राकृतिक उपचारओं द्वारा भी बढ़ा सकते हैं।

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी के कारण – Causes of low testosterone in Hindi

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के कम होने का सबसे प्रमुख कारण है बढ़ती हुई उम्र और यह पूर्ण रूप से आम है क्योंकि 30 वर्ष की आयु के बाद हमारे शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है और हर वर्ष लगभग 1% कम हो जाता है। और हमारी बाकी जिंदगी यह लगातार कम होता रहता है। 

इसके साथ साथ ही टेस्टोस्टरॉन हार्मोन के स्तर में कमी होने के कई अन्य कारण भी हैं जैसे:- 

  • टेस्टिकल में चोट (चोट लगना, टेस्टिकल में रक्त की सप्लाई बाधित होना) टेस्टिकल में इन्फेक्शन होना (Orchitis)
  • शराब का अधिक सेवन करना।
  • कैंसर के लिए कीमोथेरेपी कराना।
  • एचआईवी या एड्स होना।
  • मेटाबॉलिक रोग जैसे Hemochromatosis (शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ जाना)
  • दवाइयों तथा अन्य हार्मोन संबंधी स्टेरॉइड आदि का दुष्प्रभाव।
  • कम समय तक और लंबे समय तक चलने वाली बीमारियां।
  • गुर्दे का Cirrhosis 
  • किडनी फेलियर।
  • मोटापा या हद से ज्यादा वजन कम हो जाना
  • टाइप 2 मधुमेह नियंत्रण से बाहर हो जाना
  • अनिद्रा
  • दिमागी चोट
  • Kallman रोग
  • Klinefelter रोग

टेस्टोस्टेरोन के स्तर की जांच – Diagnosis of Low testosterone in Hindi

टेस्टोस्टरॉन हार्मोन की जांच ब्लड टेस्ट द्वारा की जाती है और पता लगाया जाता है कि ब्लड में टेस्टोस्टरॉन हार्मोन की मात्रा कितनी है। आमतौर पर टेस्टोस्टरॉन की मात्रा शरीर में 300 से 1000 नैनोग्राम(ng) टेस्टोस्टरॉन पर डिसिलीटर (dl) होती है। 

जैसे जैसे दिन घटता जाता है उसी प्रकार शरीर में टेस्टोस्टरॉन भी घटता जाता है और टेस्टोस्टरॉन की सबसे अधिक मात्रा सुबह के समय होती है। इसलिए टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का टेस्ट सुबह के समय किया जाता है लगभग 8:00 बजे।

टेस्टोस्टेरोन का स्तर कैसे बढ़ायें – How to increase testosterone in Hindi

शरीर में टेस्टोस्टरॉन हार्मोन का स्तर बढ़ाने के कई तरीके हैं जैसे जीवन शैली में कुछ बदलाव करने से हमारे शरीर में टेस्टोस्टरॉन हार्मोन का लेवल प्रभावित होता है।

नियमित रूप से एक्सरसाइज करना तथा शरीर का वजन घटाना दो प्रमुख तरीके हैं और यह काफी कारगर भी हैं।

रिसर्च तथा शोध बताते हैं कि एक्सरसाइज जैसे रजिस्टेंस एक्सरसाइज और वेटलिफ्टिंग टेस्टोस्टरॉन हार्मोन के स्तर को बढ़ाते हैं और यह बुजुर्गों की अपेक्षा नौजवानों में अधिक तेजी से बढ़ता है।

ज्यादातर एक्सरसाइज जैसे कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज वजन घटाने में मदद करती हैं और टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के स्तर को बढ़ाती हैं।

टेस्टोस्टरॉन बढ़ाने के लिए दवाइयां

कुछ दवाइयां तथा जड़ी बूटियां खाने से भी टेस्टोस्टरॉन बढ़ता है मार्केट में काफी सारे ऐसे प्रोडक्ट है जो ऐसा दावा करते हैं कि उन्हें खाने से शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ता है। 

परंतु हमें किसी भी प्रकार की दवाई का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए। क्योंकि टेस्टोस्टरॉन बढ़ाने की दवाइयां खाने पर दुष्प्रभाव होने की संभावना अधिक होती है।

और शोध बताते हैं कि अगर हम टेस्टोस्टरॉन बनाने वाली दवाइयां और स्टेरॉयड का प्रयोग करते हैं। तो हमारा शरीर टेस्टोस्टरॉन हार्मोन बनाना बंद कर देता है।

टेस्टोस्टरॉन बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ

हमारे शरीर के विकास तथा शरीर से जुड़ी सारी गतिविधियों में हमारे खाने का एक महत्वपूर्ण योगदान होता है जिस प्रकार का हम खाना खाते हैं उसी प्रकार का हमारा शरीर हो जाता है अगर हम अच्छा और स्वस्थ भोजन खाते हैं तो हमारा शरीर भी अच्छा और स्वस्थ हो जाता है और अगर हम खराब और गंदा भोजन खाते हैं तो हमारा शरीर भी जल्द ही बीमार पड़ जाता है।

शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की मात्रा को बढ़ाने के लिए हमें ऐसा खाना खाना चाहिए जिसमें जिंक और विटामिन डी जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में हो क्योंकि ऐसे पोषक तत्वों का सेवन करने से टेस्टोस्टरॉन हार्मोन की वृद्धि होती है।

ऐसी खाद्य सामग्री जिन्हें खाने से टेस्टोस्टरॉन हॉरमोन की वृद्धि होती है।

  • अश्वगंधा
  • जिंक
  • DHEA
  • अदरक
  • मेथी
  • विटामिन डी
  • D-Aspartic Acid
  • हरी पत्तेदार सब्जियां
  • प्याज 
  • शहद
  • अनार
  • अंडे

निष्कर्ष

हम इस आर्टिकल में हम टेस्टोस्टेरोन के बारे में बताया है जैसे कि टेस्टोस्टेरोन क्या है, टेस्टोस्टेरोन की कमी से क्या होता है, टेस्टोस्टेरोन की कमी के लक्षण क्या हैं इत्यादि (Testosterone in Hindi)

मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा अगर आपको हमारे आर्टिकल पसंद आता है या आप क्या कोई सवाल या जवाब है तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते हैं धन्यवाद।


Free or total टेस्टोस्टरॉन में क्या अंतर है?

हमारे शरीर में उपलब्ध टेस्टोस्टरॉन का 98% सेक्स हार्मोन आदि के लिए उपयोग होता है। जबकि और बाकी बचा हुआ टेस्टोस्टरॉन Free टेस्टोस्टरॉन को कहा जाता है। total टेस्टोस्टरॉन मतलब हमारे संपूर्ण शरीर में टेस्टोस्टरॉन की मात्रा कितनी है।


कौन-कौन सी उम्र वाले लोग टेस्टोस्टरॉन बूस्टर का उपयोग कर सकते हैं?

लगभग सभी उम्र के लोग टेस्टोस्टरॉन बूस्टर का उपयोग कर सकते हैं

परंतु 30 वर्ष की आयु तक टेस्टोस्टरॉन हमारे शरीर में बढ़ता रहता है और 30 वर्ष की आयु के बाद प्रति वर्ष 1% की दर से घटने लगता है।