Liver Function Test in hindi | लिवर फंक्शन टेस्ट क्या है, खर्च, कब, क्यों, कैसे होता है

आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली कि वजह से व्यक्ति अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पाता है और उसे अलग-अलग प्रकार की बीमारियां होने लगती हैं। और फिर इन बीमारियों से अन्य बीमारियां पैदा होती हैं और व्यक्ति का जीवन बद से बदतर हो जाता है। इन सभी बीमारियों के बारे में समय पर पता चलना बहुत जरूरी है नहीं तो बड़ी बड़ी बीमारियां भी हो सकती हैं जैसे कैंसर। इन सभी बीमारियों से बचने के लिए हमें समय-समय पर अपने शरीर की जांच कराते रहना चाहिए।

इसलिए आज इस आर्टिकल में हमें एक ऐसे टेस्ट के बारे में बात करने जा रहे हैं जो तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति को लिवर संबंधी समस्याएं आ रही हैं इस टेस्ट का नाम लिवर फंक्शन टेस्ट है। आज इस लेख में हम पढ़ेंगे की लिवर फंक्शन टेस्ट क्या है, लिवर फंक्शन टेस्ट क्यों कराया जाता है, लिवर फंक्शन टेस्ट कराने के लाभ क्या हैं, कौन-कौन से लिवर फंक्शन टेस्ट होते हैं, लिवर फंक्शन टेस्ट कराने की आवश्यकता क्यों है

Table of Contents

लिवर फंक्शन टेस्ट क्या हैं – What is liver function test in Hindi?

Liver Function Test in hindi | लिवर फंक्शन टेस्ट क्या है, खर्च, कब, क्यों, कैसे होता है

‌लिवर फंक्शन टेस्ट, या लिवर की जांच समय-समय पर कराते रहना चाहिए, इससे हमें हमारे लेवर के स्वास्थ्य के बारे में पता चलता है। शरीर के रक्त में प्रोटीन लिवर एंजाइम और बिलीरुबिन के स्तर को माप कर लिवर के स्वास्थ्य के बारे में बताया जा सकता है।निम्नलिखित परिस्थितियां होने पर लिवर फंक्शन टेस्ट कराया जाता है।

  • लिवर में इन्फेक्शन जैसे हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी की जांच करने के लिए।
  • यकृत को प्रभावित करने वाली दवाइयों के दुष्प्रभावों पर निगरानी रखने के लिए।
  • अगर आपको पहले से ही किसी प्रकार की लिवर संबंधी बीमारी है तो उस स्थिति की जांच करने के लिए।
  • अगर आपको किसी भी प्रकार के लिवर संबंधी साइड इफेक्ट्स हो रहे हैं तो उस बीमारी के बारे में पता लगाने के लिए।
  • अगर आपको निम्नलिखित स्वास्थ संबंधी समस्याएं हैं जैसे मधुमेह, हाई ब्लड, प्रेशर और एनीमिया इन परिस्थितियों में भी लिवर फंक्शन टेस्ट कराया जाता है।
  • अगर आप बहुत अधिक मात्रा में शराब पीते हैं तब भी आपको लिवर फंक्शन टेस्ट कराना पड़ सकता है।
  • अगर आपको पित्ताशय संबंधी रोग हैं तब भी आपको लिवर फंक्शन टेस्ट कराना पड़ सकता है।

लिवर की जांच करने के लिए अलग अलग तरीके के टेस्ट किए जाते हैं जो अलग-अलग प्रकार से लिवर की कार्यकुशलता के बारे में बताते हैं सामान्य तौर पर निम्नलिखित टेस्ट किए जाते हैं।

  • Alanine transaminase (ALT)
  • Aspartate aminotransferase (AST)
  • Alkaline phosphatase (ALP)
  • Albumin test
  • Bilirubin test

ALT and AST टेस्ट उस एंजाइम के स्तर को जांचने के लिए किए जाते हैं जो तब रिलीज होता है जब लिवर में कोई लिवर संबंधी बीमारी हो जाती है या फिर लिवर क्षतिग्रस्त हो जाता है।

एल्बुमिन टेस्ट एल्बुमिन के बढ़ते स्तर की जांच करता है जबकि bilirubin टेस्ट bilirubin के घटते स्तर की जांच करता है। 

निम्नलिखित टेस्ट कराने पर अगर आप का रिजल्ट असामान्य आता है इसका मतलब या तो आपका लिवर डैमेज है या फिर आपको लिवर संबंधी बीमारी हो गई है।

अगर आपका लिवर फंक्शन टेस्ट असामान्य आता है तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और इलाज कराना चाहिए।

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लिवर फंक्शन टेस्ट की आवश्यकता क्यों है – Why do I need a liver function test in Hindi

लिवर फंक्शन टेस्ट करने से हमें लिवर की कार्यक्षमता (वर्क एफिशिएंसी) के बारे में पता चलता है अगर किसी व्यक्ति का लिवर ढंग से काम नहीं करेगा तो उस व्यक्ति की जान भी जा सकती है क्योंकि लिवर शरीर के कई ऐसे महत्वपूर्ण काम करता है जिनके बिना व्यक्ति जी नहीं सकता।

  • यह आपके रक्त में से दूषित पदार्थों को हटाता है मतलब रक्त को फिल्टर करने का काम करता है।
  • लिवर हमारे द्वारा खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों में से पोषक तत्व लेने में मदद करता है।
  • शरीर में रक्त के थक्के बनने नहीं देता। 
  • शरीर में कोलेस्ट्रॉल प्रोटीन और अन्य प्रकार के एंजाइम का उत्पादन करता है
  • शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है
  • रक्त में से अलग-अलग प्रकार के बैक्टीरिया और वायरस को हटाता है।
  • ऐसे पदार्थ जो हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है उन्हें प्रोसेस करता है।
  • शरीर में हार्मोन संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है
  • शरीर के रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रण में रखता है।

लिवर संबंधी समस्याएं होने पर व्यक्ति को काफी दुख तकलीफ हो सकती है तथा व्यक्ति का स्वास्थ्य काफी ज्यादा खराब हो सकता है यहां तक कि जान जाने का खतरा भी रहता है।

लिवर फंक्शन टेस्ट के जोखिम -Risks of a liver function test in Hindi

लिवर फंक्शन टेस्ट करने के लिए शरीर से रक्त निकालना आम प्रक्रिया है और इसकी वजह से कभी-कभी कुछ गंभीर समस्याएं भी आ सकती हैं। रक्त का नमूना देते समय हमें निम्नलिखित समस्याएं आ सकती हैं।

  • अत्यधिक रक्तस्राव होना
  • बेहोशी या चक्कर आना
  • संक्रमण होना
  • त्वचा के नीचे खून बहता रहना

लिवर फंक्शन टेस्ट के लिए तैयारी – How to prepare for a liver function test in Hindi

लिवर फंक्शन कराने के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

  • कुछ दवाइयां तथा खाद्य सामग्री हमारे शरीर के विशेष एंजाइम तथा प्रोटीन के स्तर को प्रभावित करती हैं ऐसी दवाइयों तथा खाद्य सामग्रियों को खाने से बचना चाहिए। 
  • लिवर फंक्शन टेस्ट की जांच कराने के लिए हमेशा आधी बाजू वाली शर्ट पहन कर जाएं ऐसा करने से सैंपल लेने में आसानी होती है।
  • लिवर फंक्शन टेस्ट कराने के लिए मरीज को खाली पेट जाना होता है लिवर फंक्शन टेस्ट कराने से 8 से 10 घंटे पहले से पानी और खाना छोड़ दें।
  • लिवर फंक्शन टेस्ट कराने के लिए अपने साथ किसी बड़े को लेकर जाएं अकेले ना जाए क्योंकि कई बार लिवर फंक्शन टेस्ट कराने के बाद मरीज को बेहोशी और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो जाती हैं।

लिवर फंक्शन टेस्ट कैसे किया जाता है – How a liver function test is Performed in Hindi

लिवर फंक्शन टेस्ट डॉक्टरों द्वारा हॉस्पिटल में किया जाता है। लिवर फंक्शन टेस्ट करने के लिए निम्नलिखित चीजें की जाती है। 

  • सैंपल लेने से पहले डॉक्टर द्वारा आपकी त्वचा को अच्छी तरीके से साफ किया जाता है, नहीं तो इंफेक्शन फैलने का खतरा रहता है।
  • उसके बाद डॉक्टर आपके हाथ पर एक कपड़े जैसी चीज बांध देता है जिससे हाथ की नस थोड़ा ऊपर आ जाती है और ऐसा करने से सैंपल लेने में मदद होती है।
  • अब हाथ में से सैंपल लेने के बाद उसे संभाल कर उस पर मरीज का नाम लिखकर उसे टेस्ट करने के लिए भेज दिया जाता है। और उस सैंपल की जांच करके रिपोर्ट बनाई जाती है।

लिवर फंक्शन टेस्ट करने के बाद – After a liver function test in Hindi

लिवर फंक्शन टेस्ट कराने के बाद आप सामान्य रूप से अपना जीवन जी सकते हैं हालांकि अगर आपको रक्त का नमूना देने के बाद किसी प्रकार का दर्द या फिर बेहोशी महसूस होती है तो आप कहीं पर थोड़ी देर रुक कर आराम कर लें।

लिवर फंक्शन टेस्ट के रिजल्ट आपके डॉक्टर को आगे क्या करना है या आगे किस प्रकार का इलाज शुरू करना है ऐसे निर्णय लेने में मदद करते हैं।

आमतौर पर अगर आप की रिपोर्ट सामान्य हैं तो आपको कोई दिक्कत नहीं होगी परंतु अगर आप की रिपोर्ट असामान्य है तो फिर डॉक्टर अन्य जांच करेगा उसके साथ-साथ ही आपकी बीमारी का पता लगाकर उसका इलाज करेगा।

लिवर संबंधी विकार के लक्षण क्या है – Symptoms of liver related diseases in Hindi

अगर किसी व्यक्ति को लिवर संबंधी बीमारी हो जाती है तो उसको निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं और उसे लिवर फंक्शन टेस्ट कराने की आवश्यकता पड़ सकती है।

  • दुर्बलता महसूस होना
  • शरीर में थकान तथा ऊर्जा की कमी महसूस होना
  • वजन घटना
  • पीलिया होना
  • जी मचलाना
  • उल्टी करना
  • दस्त होना
  • पेट में दर्द होना
  • असामान्य चोट होना या फिर खून बहना।

यदि आपको किसी भी प्रकार के लिवर संबंधी बीमारी के लक्षण महसूस हो रहे हैं तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए डॉक्टर आपको लिवर फंक्शन टेस्ट कराने की सलाह देगा।

लिवर फंक्शन टेस्ट कैसे काम करता है – How does Liver Function test works in Hindi

लिवर फंक्शन टेस्ट आमतौर पर लिवर के स्वास्थ्य की जांच के लिए किए जाते हैं हमारे रक्त में कुछ विशेष एंजाइम और प्रोटीन होते हैं। अगर इनके स्तर में कोई बदलाव होता है जैसे निर्धारित सीमा से स्तर कम या ज्यादा हो जाए तो हमें लिवर संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इनकी जांच करने से हम यह पता कर सकते हैं कि हमारा लिवर सही है या नहीं। ऐसा करने से हम लिवर के स्वास्थ्य के बारे में जान सकते हैं।

आमतौर पर किए जाने वाले लिवर फंक्शन टेस्ट कौन-कौन से हैं – What are the most common liver function tests?

सामान्य तौर पर किए जाने वाले लिवर फंक्शन टेस्ट की सूची निम्नलिखित है

Alanine transaminase (ALT) test

Alanine transaminase एक एंजाइम है जो हमारे शरीर के अलग-अलग अंगों में पाया जाता है जैसे हृदय, लिवर, किडनी मांसपेशिय आदि। यदि किसी कारणवश हमारा लिवर डैमेज हो जाता है तो इस एंजाइम की मात्रा ब्लड में बढ़ जाती है जिसकी जांच करने पर हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि हमारा लिवर सही है या डैमेज हो गया है।

Alkaline phosphatase (ALP) test

Alkaline phosphatase (ALP) test एक एंजाइम है जो हमारे शरीर की हड्डियों लिवर और अन्य भागों में पाया जाता है और अगर इस एंजाइम की मात्रा ब्लड में बढ़ जाती है जिसकी जांच करने पर हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि हमारा लिवर सही है या डैमेज हो गया है।

Albumin test

Albumin एक मेन प्रोटीन है जो लिवर में होता है और यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य करता है शरीर के फंक्शन को करने की अगर इस प्रोटीन के स्तर में किसी भी प्रकार की कमी आ जाती है तो हम इसकी जांच करके यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि हमारा लिवर सही है या डैमेज हो गया है।

Bilirubin test

Bilirubin एक तत्व है जो लाल रक्त कोशिकाओं से निकलता है और इसको लाल रक्त कोशिकाओं से निकालने का काम लिवर का होता है अगर इस तत्व के स्तर में वृद्धि होती है तो आपको लिवर संबंधी बीमारी है यह बात सुनिश्चित हो जाती है।

लिवर फंक्शन टेस्ट का प्राइस – Price of Liver function test in Hindi

Alanine transaminase (ALT)

लगभग 140 रुपए

सामान्य 120 से लेकर 450 रुपए

Aspartate aminotransferase (AST) test

लगभग 240 रुपए

सामान्य 200 से लेकर 500 रुपए

Alkaline phosphatase (ALP) test price

लगभग 120 रुपए

सामान्य 100 से लेकर 450 रुपए

लिवर फंक्शन टेस्ट की सामान्य रेंज – Normal range of liver function test in Hindi

लिवर फंक्शन टेस्ट कि सामान्य रेंज निम्नलिखित है।

  • गामा-ग्लूटामिलट्रांसफेरसेज नार्मल रेंज (GGT normal range) –  8 से 61 यू / एल पाई जाती है। 
  • एल-लैक्टेट डिहाइड्रोजनेज नार्मल रेंज (LD normal range) – 122 से 222 यू / एल पाई जाती है। 
  • प्रोथ्रोम्बिन टाइम नार्मल रेंज (PT normal range) –  9.4 से 12.5 सेकंड तक होती है। 
  • एलानिन ट्रांसमिनेज नार्मल रेंज (ALT Normal range) – 7 से 55 यूनिट प्रति लीटर (U / L) होता है। 
  • Aspartate ट्रांसमिनेज नार्मल रेंज (AST Normal range) – 8 से 48 यू / एल पाई जाती है। 
  • ऐल्कलाइन फॉस्फेटेज नार्मल रेंज (ALP normal range) –  40 से 129 यू / एल पाई जाती है। 
  • एल्ब्यूमिन नार्मल रेंज (Albumin normal range) –  3.5 से 5.0 ग्राम प्रति डेसीलीटर (g / dL) होती है। 
  • बिलीरुबिन नार्मल रेंज (Bilirubin normal range) – प्रति डेसीलीटर (मिलीग्राम / डीएल) 0.1 से 1.2 मिलीग्राम होती है। 

निष्कर्ष 

मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा हमने इस आर्टिकल में लिवर फंक्शन टेस्ट के बारे में संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई है जैसे लिवर फंक्शन टेस्ट क्या है, लिवर फंक्शन टेस्ट क्यों कराया जाता है, लिवर फंक्शन टेस्ट कराने के लाभ क्या हैं, कौन-कौन से लिवर फंक्शन टेस्ट होते हैं, लिवर फंक्शन टेस्ट कराने की आवश्यकता क्यों है।

अगर आपके कोई सवाल या जवाब है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं हम आपके सवालों का जवाब देने का प्रयास जरूर करेंगे।

क्या लिवर फंक्शन टेस्ट कराने के लिए खाली पेट रहना पड़ता है?

हां, लिवर फंक्शन टेस्ट कराने से पहले आपको खाली पेट रहना होता है लिवर फंक्शन टेस्ट कराने से 8 से 10 घंटे पहले आपको खाना और पानी दोनों छोड़ना पड़ता है।

क्या लिवर फंक्शन टेस्ट एल्कोहल की पहचान कर सकता है?

हां, लिवर फंक्शन टेस्ट करने से हम यह पता कर सकते हैं कि व्यक्ति अल्कोहल का सेवन करता है या नहीं या फिर अधिक सेवन करता है या नहीं।

क्या लिवर फंक्शन टेस्ट लिवर में आयरन की मात्रा के बारे में बताता है?

हां, लिवर फंक्शन टेस्ट द्वारा हम यह पता कर सकते हैं कि लेबर में आयरन की कितनी मात्रा है और यह डॉक्टरों को बीमारी को पहचानने में भी मदद करता है। 

Albumin liver function test की सामान्य रेंज क्या होती है?

Albumin liver function test की सामान्य रेंज 3.5 से लेकर 5.0 ग्राम प्रति डेसीलीटर होती है।

क्या लिवर फंक्शन टेस्ट का रिजल्ट ज्यादा होने पर आर्टिफिशियल डिलीवरी हो सकती है?

इसके लिए आपको डॉक्टर से सलाह लेनी पड़ेगी इस चीज के लिए आप कभी भी ऑनलाइन जानकारी ना लें हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

मुख्य रूप से तीन लिवर फंक्शन टेस्ट कौन से होते हैं?

  • Alanine transaminase (ALT)
  • Aspartate aminotransferase (AST)
  • Alkaline phosphatase (ALP)
  • ALT रिजल्ट खराब होने पर कितना होता है?

    सामान्य तौर पर एयर डी का रिजल्ट जितना कम है उतना यह लीवर के लिए अच्छा होता है परंतु एलटी का रिजल्ट अगर ज्यादा आता है तो यह खराब‌ होता है।