एयर पॉल्यूशन क्या है | वायु प्रदूषण किस तरह से आपको बीमार कर सकता है?

आज के समय में जैसे-जैसे इंसान तरक्की कर रहा है वैसे वैसे  वह प्रकृति को काफी नुकसान भी पहुंचाता जा रहा है इसकी वजह से आज के समय में एक बहुत बड़ी समस्या हमारे सामने उभर कर आई है जिसका नाम है वायु प्रदूषण।

आज के समय में वायु प्रदूषण एक बहुत बड़ी समस्या बन गई है वायु प्रदूषण का गहरा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है तथा वायु प्रदूषण की वजह से स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं जिनमें से प्रमुख हैं अस्थमा, कैंसर, हृदय रोग और स्वसन तंत्र रोग आदि।

अगर जल्दी ही वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए तो हमें और हमारी आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

इसलिए आज इस आर्टिकल में हम बात करने जा रहे हैं की वायु प्रदूषण क्या है, वायु प्रदूषण के प्रकार क्या हैं, वायु प्रदूषण के कारण क्या हैं, वायु प्रदूषण की वजह से कौन-कौन सी बीमारियां होती हैं, वायु प्रदूषण को कैसे नापा जाता है और वायु प्रदूषण से बचने के लिए हम क्या क्या कर सकते हैं।

वायु प्रदूषण क्या है – What is Air Pollution in Hindi ?

एयर पॉल्यूशन क्या है | वायु प्रदूषण किस तरह से आपको बीमार कर सकता है?

जब वातावरण में जहरीले और खतरनाक पदार्थ जैसी जहरीली गैस और धुआं मिट्टी के कण आदि का स्तर बढ़ जाता है तब ऐसी स्थिति को वायु प्रदूषण (एयर पोलूशन) कहते हैं। जैसा कि आप नाम से ही समझ पा रहे हैं वायु प्रदूषण, वायु का प्रदूषित हो जाना। ऐसा प्रदूषण जो हमारी वायु को प्रदूषित कर रहा हो। 

सभी मनुष्य तथा जीवित चीजों को सांस लेना आवश्यक होता है और अगर हवा में ही प्रदूषण हो तो इससे हमारे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है तथा हम बीमार हो सकते हैं जिस वजह से हमारी मौत तक हो सकती है।

आज के समय में वायु प्रदूषण या एयर पॉल्यूशन बढ़ने के कारण कई अलग-अलग प्रकार की अलग-अलग बीमारियां फैल रही है, अगर समय रहते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो कई सारी समस्याएं बढ़ सकती हैं जैसे ग्लोबल वार्मिंग और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जैसे फेफड़ों की बीमारी, कैंसर दिमागी बीमारी, किडनी की बीमारी, अस्थमा तथा अन्य कई बीमारियां।

वायु प्रदूषण के कारण – What are the main causes of Air Pollution in Hindi?

वायु प्रदूषण या एयर पॉल्यूशन हर उस कार्य से होता है जिस कार्य में हवा में दूषित हवा, धुआं और मिट्टी के कण आदि छोड़े जाते हैं। वायु प्रदूषण के अनगिनत कारण हैं और हम हर किसी कारण को विस्तार पूर्वक नहीं बता सकते हैं इसलिए हमने कुछ मुख्य कारणों की एक सूची बनाई है।

लकड़ी को जलाना:– आमतौर पर सभी जगहों पर ठंड के मौसम में लकड़ी को जलाया जाता है तथा कई अन्य कारणों से भी लकड़ी को जलाया जाता है जैसे किसी की मृत्यु हो जाने पर उसे जलाया जाता है और यह हवा हमारे वायुमंडल में जाकर मिल जाती हैं जिसकी वजह से काफी ज्यादा वायु प्रदूषण होता है।

गाड़ियों से निकलने वाला धुआं:- आज के दौर में गाड़ियां बहुत ज्यादा हो गई है बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण दुपहिया और तिपहिया वाहनों की संख्या भी बहुत बढ़ रही है और इन सभी वाहनों से बहुत भारी मात्रा में धुआं निकलता है जो हमारे पर्यावरण में वायु को प्रदूषित करता है।

उद्योग से निकलने वाला धुआं: कई बड़ी-बड़ी मशीनों और चिमनीयो में से काफी अधिक मात्रा में धुआं निकलता है जो सीधा हवा में चला जाता है और जिस वजह से वायु प्रदूषण होता है कई बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों में भी चिमनिया होती हैं और वहां पर भी धुआं सीधा हवा में छोड़ दिया जाता है।

खराब फसलों को जलाना:- जब फसल खराब हो जाती है तब उसे जलाकर उसकी राख को मिट्टी में मिला दिया जाता है जिससे फसल अच्छी होती है परंतु ऐसा करने से वायु में बहुत अधिक प्रदूषण की मात्रा बढ़ जाती है और लोगों को सांस लेने की दिक्कतें बढ़ जाती हैं।

प्लास्टिक या पत्तों को जलाना:- प्लास्टिक तथा पत्तों को जलाने से बहुत अधिक मात्रा में धुआ निकलता है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी ज्यादा हानिकारक होता है विशेषकर जितना भी धुआं प्लास्टिक को जलाने पर निकलता है वह सब केमिकल वाला धुआं होता है और उससे हमारी आंखों पर और हमारे स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

जंगलों में लगने वाली आग:- कई कारणों से जंगलों में भी कभी-कभी आग लग जाती है जिसकी वजह से पूरे जंगल के जंगल जल जाते हैं और जब ऐसा होता है तब बहुत अधिक मात्रा में धुआं निकलता है जिसकी वजह से वायु प्रदूषण होता है।

दिवाली पर पटाखे जलाने से:- सबसे ज्यादा पोलूशन दिवाली पर पटाखे जलाने से होता है दिवाली पर पटाखे जलाने के 1 दिन बाद आप देखेंगे कि पूरी तरफ कोहरा छाया होता है यह कोई कोहरा नहीं होता बल्कि यह वह धुआं होता है जो पटाखे द्वारा पिछली रात हुआ था।

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वायु प्रदूषण के प्रकार – What are the types of Air Pollution in Hindi?

वैसे तो वायु प्रदूषण का अर्थ होता है वायु में जहरीले और घातक तत्वों की मात्रा का बढ़ जाना परंतु वायु प्रदूषण भी कई तरीके का होता है जिनमें से प्रमुख रूप से वायु प्रदूषण दो प्रकार का होते हैं। 

  1. वातावरण में जहरीली गैसों का स्तर बढ़ जाना
  2. वातावरण में जहरीले ठोस तत्वों का स्तर बढ़ जाना

1) वातावरण में जहरीली गैसों का स्तर बढ़ जाना

वायुमंडल में कई प्रकार की जहरीली गैस होती हैं जैसे कि मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड। यह सभी गैसे हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी ज्यादा हानिकारक होती हैं तथा जब यह हमारी सांस द्वारा हमारे शरीर के अंदर जाती हैं हमारे शरीर को अंदर से खोखला कर देती हैं और हमें बहुत गंभीर रूप से बीमार कर देती हैं।

2) वातावरण में जहरीले ठोस तत्वों का स्तर बढ़ जाना

वायुमंडल में अलग-अलग प्रकार की चीजें होती हैं जिसमें कुछ गैस के पार्टिकल होते हैं और कुछ ठोस पार्टिकल होते हैं जब वातावरण में जहरीले ठोस पार्टिकल का स्तर बढ़ जाता है तब हवा जहरीली हो जाती है यह ठोस पार्टिकल अलग-अलग कारणों की वजह से वायु में मिल जाते हैं जैसे कंस्ट्रक्शन का काम होने पर धूल मिट्टी ज्यादा उड़ती है तथा धुएं में भी ठोस पार्टिकल होते हैं जो हवा में मिल जाते हैं और हवा जहरीली हो जाती है।

वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियां – Diseases caused by Air Pollution in Hindi

हर साल वायु प्रदूषण के कारण लाखों लोगों की मृत्यु हो जाती है वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार पूरी दुनिया में हर 8 में से एक मृत्यु वायु प्रदूषण के कारण होती है कई शोध बताते हैं कि वायु प्रदूषण हमारे स्वसन तंत्र और हृदय को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।

वायु प्रदूषण का हमारे शरीर पर गहरा प्रभाव पड़ता है तथा इसकी वजह से हमें विभिन्न प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं सामान्य तौर पर सबसे आम बीमारियां हैं स्ट्रोक, हृदय रोग, श्वसन रोग, फेफड़ों का कैंसर तथा छोटे बच्चों में श्वसन संक्रमण।

वायु प्रदूषण द्वारा कई बीमारियां होती हैं जिनकी सूची निम्नलिखित है कि कौन सी बीमारी कितने प्रतिशत होती है।

  • हृदय संबंधी रोग
  • हार्ड अटैक
  • क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पलमोनरी डिजीज
  • फेफड़ों का कैंसर
  • श्वसन तंत्र संबंधी विकार
  • अस्थमा का अटैक
  • फेफड़ों की कार्य क्षमता में कमी हो जाना
  • पलमोनरी कैंसर होना
  • मेसोथेलियोमा।
  • ल्यूकेमिया :- एक प्रकार का रक्त कैंसर है जो आमतौर पर बेंजीन वाष्प के संपर्क में आने से होता है और यह सांस के माध्यम से होता है।

वायु प्रदूषण से बचे रहने के उपाय – Prevention of diseases caused by Air Pollution in Hindi

अगर हम वायु प्रदूषण से बचे रहेंगे तो हमें वायु प्रदूषण द्वारा होने वाली बीमारियां भी आसानी से नहीं होंगी और ना ही हम आसानी से बीमार पड़ेंगे।

  • हमेशा अपने आसपास के स्थान के पोलूशन के स्तर आदि के बारे में सूचना लेते रहें। 
  • जब भी बाहर के मौसम में प्रदूषण ज्यादा हो जैसे कि दिवाली के 1 दिन बाद काफी ज्यादा वायु प्रदूषण होता है ऐसे समय में घर से बाहर निकलना और एक्सरसाइज़ करना स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक हो सकता है। इससे बचने के लिए अपने घर पर ही एक्सरसाइज करें तथा आपने बच्चों को भी घर पर रहने की सलाह दें।
  • जिन जगहों पर बहुत अधिक ट्रैफिक लगता हो ऐसी जगहों पर एक्सरसाइज करने से बचना चाहिए क्योंकि ऐसी जगहों पर ट्रैफिक की वजह से पोलूशन ज्यादा होता है और जब हम जोर-जोर से दौड़ते हैं तो हम जोर-जोर से सांस लेने लगते हैं जिसकी वजह से पोलूशन शरीर में जाने का खतरा बढ़ जाता है।
  • अपने घर में बिजली तथा बिजली से चलने वाले उपकरणों का प्रयोग कम करें क्योंकि बिजली से चलने वाले काफी सारे उपकरण वायु प्रदूषण करते हैं बिजली के उपयोग को कम करने से वायु प्रदूषण कम होगा और हमारे बीमार पड़ने की संभावना भी कम होगी।
  • अपने बच्चों को प्रोत्साहित करें और उन्हें वायु प्रदूषण को कम करने के उपायों के बारे में जागरूक करें।
  • जितना हो सके कार पुलिंग करें तथा बस और मेट्रो आदि का प्रयोग करें।
  • प्लास्टिक के बैग तथा प्लास्टिक की बनी चीजों का कम से कम उपयोग करना और कपड़े के बने बेगो का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना।
  • रीसायकल कीवी चीजों का ज्यादा इस्तेमाल करना तथा चीजों को बार-बार इस्तेमाल करने से भी हम एयर पोलूशन को कम कर सकते हैं
  • केमिकल युक्त चीजों का इस्तेमाल कम से कम करना जिन चीजों में केमिकल होता है उन चीजों का इस्तेमाल कम से कम करना।

वायु प्रदूषण की जांच कैसे की जाती है – How to measure Air Pollution in Hindi

वायु प्रदूषण की जांच एक यंत्र द्वारा की जाती है इस यंत्र का नाम होता है एयर क्वालिटी इंडेक्स or AQI यह यंत्र एक थर्मामीटर की तरह काम करता है जिसमें 0 से लेकर 500 डिग्री तक नामांकन होता है। परंतु यह तापमान दिखाने की जगह वायु में प्रदूषण के स्तर के बारे में बताता है इस यंत्र द्वारा हम यह जान सकते हैं कि हवा कितनी ज्यादा साफ है या फिर कितनी ज्यादा प्रदूषित है।

वायु प्रदूषण से जुड़े कुछ रोचक तथ्य – Facts about Air Pollution in india in Hindi 

वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या है और जल्द ही अगर वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कुछ ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हमें और हमारी आने वाली पीढ़ी को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

  • वायु प्रदूषण से सबसे ज्यादा प्रभावित छोटे बच्चे होते हैं
  • एक रिसर्च के अनुसार वायु प्रदूषण से प्रभावित होने वाले मरीजों की संख्या में 44% बच्चे होते हैं।
  • पूरे दुनिया में सबसे ज्यादा प्रदूषित 20 राज्यों में से 10 राज्य भारत में हैं।
  • पूरे एशिया में दिल्ली सबसे ज्यादा प्रदूषित राज्य है यहां का पीएम 2.4 है।
  • पूरे भारत में 80% से ज्यादा लोग वायु प्रदूषण से ग्रस्त जगहों पर रहते हैं।
  • वायु प्रदूषण के कारण होने वाली सबसे अधिक मौतों में सबसे ज्यादा लोग छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गरीब लोग होते हैं।
  • एक रिसर्च के अनुसार 12.6 मिलियन लोग 2012 में वायु प्रदूषण के कारण मर गए थे।
  • एयर पॉल्यूशन एक बहुत बड़ा कारण है जिसकी वजह से पूरी दुनिया में ज्यादातर लोग मरते हैं।
  • 5 साल से छोटे बच्चों की मौतों में हर चार में से एक मौत वायु प्रदूषण के कारण होती है।

निष्कर्ष

मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा हमने इस आर्टिकल में बढ़ती हुई समस्या वायु प्रदूषण के बारे में बताया है। हमने इस आर्टिकल में बताया है कि वायु  प्रदूषण क्या है, वायु प्रदूषण के प्रकार क्या हैं, वायु प्रदूषण के कारण क्या है, वायु प्रदूषण की वजह से कौन-कौन सी बीमारियां होती हैं, वायु प्रदूषण को कैसे नापा जाता है और वायु प्रदूषण से बचने के लिए हम क्या क्या कर सकते हैं।

अगर आपके कोई सुझाव या फिर सवाल हों तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं हम आपके सवालों का जवाब देने का प्रयास जरूर करेंगे।