Skeleton System in hindi: शरीर-रचना, रोग, अंग, रेखा-चित्र इत्यादि

मानव शरीर एक विचित्र संरचना है यह भिन्न-भिन्न चीजों से मिलकर बनी होती है परंतु मानव शरीर का सबसे मुख्य भाग होता है उसका ढांचा, जिसे कंकाल तंत्र (Skeleton system) कहते हैं। मानव कंकाल ज्यादातर कैल्शियम कार्बोनेट और कैल्शियम फास्फेट का बना होता है और एक वयस्क पुरुष के कंकाल तंत्र में 206 हड्डियां होती हैं परंतु छोटे बच्चों में उससे भी ज्यादा हड्डियां होती है लगभग 300।

इसलिए आज इस आर्टिकल में हम जानेंगे मानव कंकाल तंत्र के बारे में की, कंकाल तंत्र क्या है, मानव कंकाल तंत्र का चित्र (डायग्राम), मानव कंकाल तंत्र का काम क्या है, शरीर में कौन-कौन सी हड्डी होती है, प्रत्येक हड्डी का क्या कार्य है, हम अपने कंकाल तंत्र को किस प्रकार स्वस्थ रख सकते हैं और कैसे हम कंकाल तंत्र संबंधी बीमारियों से बच सकते हैं। इसके अलावा इस लेख में हम पढ़ेंगे मानव कंकाल तंत्र से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों के बारे में जिनके बारे में जानकर आपको जरूर झटका लगेगा।

कंकाल तंत्र क्या है? – What is Skeleton system in Hindi

पृथ्वी पर अलग-अलग प्रकार के जीव रहते हैं और सभी जीवो की शारीरिक संरचना अलग-अलग होती है। कुछ जीवो के 2 पैर होते हैं तो कुछ के 4। सभी जीवो के कंकाल तंत्र भी अलग-अलग होते हैं। परंतु सभी जीवो को एक आधारभूत संरचना चाहिए होती है जो शरीर को एक आकार प्रदान कर सके। सभी जीवो का शरीर अलग-अलग प्रकार की हड्डियों से मिलकर बना होता है हड्डियों के समूह से बनी संरचना को कंकाल तंत्र (Skeleton system) कहते हैं।

मानव शरीर अलग-अलग प्रकार की हड्डियों से मिलकर बना होता है जब एक छोटा बच्चा जन्म लेता है तब उसके शरीर में 300 हड्डियां होती हैं जैसे-जैसे बालक बड़ा होता जाता है हड्डियां जुड़कर कम होने लगती हैं और जब बालक वयस्क हो जाता है तब बालक के शरीर में 206 हड्डियां हो जाती हैं। 

यह भी पढ़ें:- मोन्टेक एलसी टैबलेट (Montek LC Tablet): उपयोग, साइड इफ़ेक्ट इत्यादि

कंकाल तंत्र का कार्य क्या होता है –  What is the role of the Skeleton system in Hindi

वयस्क मानव कंकाल तंत्र अलग-अलग प्रकार की छोटी मोटी 206 हड्डियों से मिलकर बना होता है यह सभी हड्डियां किसी न किसी तरीके से आपस में जुड़ी होती हैं हड्डियों के ऊपर मांसपेशियां होती हैं जिसकी वजह से यह शरीर को लचीलापन प्रदान करती हैं। इस कारणवश हमारा शरीर चीजों को पकड़ने और शरीर को हिलाने-डुलाने जैसे कार्य बड़ी ही आसानी से कर लेता है ।

इसके अलावा कंकाल तंत्र शरीर को मजबूती प्रदान करता है और शारीरिक अंगों को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है उदाहरण :- अगर कोई व्यक्ति आपकी छाती पर मारता है और अगर आपकी छाती पर पसलियां ना हो तो थोड़ा सा ही मारने से व्यक्ति की मृत्यु हो जाएगी क्योंकि यह चोट सीधा दिल पर लगेगी जिसकी वजह से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है।

सरल भाषा में:- मानव कंकाल तंत्र के दो ही मुख्य उपयोग होते हैं एक तो शरीर को ढांचा प्रदान करना जिसके द्वारा शरीर प्रतिदिन के काम कर सके। और दूसरा शरीर के अंदरूनी अंगों को सुरक्षित रखना और शरीर को मजबूती प्रदान करना।

यह भी पढ़ें:- मनोविज्ञान (साइकोलॉजी) की परिभाषा – Definition of psychology in Hindi

कंकाल तंत्र के प्रकार – Types of Skeleton system in Hindi

सामान्य तौर पर कंकाल तंत्र को दो भागों में विभाजित किया गया है

  1. बाहय कंकाल तंत्र (Exo-skeleton) 
  2. अंतः कंकाल तंत्र (Endo-skeleton)

1. बाहय कंकाल तंत्र (Exo-skeleton) 

ऐसी स्थिति में शरीर का कंकाल तंत्र शरीर के अंदर ना होकर शरीर के बाहर होता है। ऐसा ज्यादातर कीड़े मकोड़ों और जानवरों में पाया जाता है ऐसी स्थिति में ऊपरी खाल कंकाल तंत्र के रूप में रूपांतरित हो जाती है।

उदाहरण :- कछुआ, शंख और शल्क (Scales) आदि।

2. अंतः कंकाल तंत्र (Endo-skeleton)

ऐसे जीवो के शरीर में कंकाल तंत्र शरीर के अंदर होता है और खाल और मांसपेशियों से ढका होता है यह शरीर को मजबूती प्रदान करता है इसके साथी यह शरीर के अंदरूनी अंगों की सुरक्षा भी करता है।

उदाहरण:- इंसान, कुत्ते, बिल्ली, मेंढक और सांप आदि।

कंकाल तंत्र के घटक – 

मानव कंकाल तंत्र मुख्य रूप से दो चीजों से मिलकर बना होता है

  • अस्थि (Bone)
  • उपास्थि (Cartilage)

अस्थि (Bone) 

अस्थि कैल्शियम कार्बोनेट का बना होता है तथा अस्थि (Bone) में ओसियन प्रोटीन पाया जाता है कैल्शियम कार्बोनेट की वजह से अस्थि (Bone) मजबूत होती है।

उपास्थि (Cartilage) 

इसमें कैल्शियम कार्बोनेट की जगह कैल्शियम फास्फेट पाया जाता है जिसकी वजह से यह ज्यादा सख्त नहीं होती और इनमें काण्ड्रिन प्रोटीन पाया जाता है।

यह भी पढ़ें:- शरीर के अंगों के नाम | Human Body Parts Names in Hindi

कंकाल तंत्र के हिस्से तथा उनके कार्य –  Parts of skeletal system and their functions in Hindi

कंकाल तंत्र में अलग-अलग प्रकार की हड्डियां होती हैं अलग-अलग प्रकार के छोटे बड़े अंग होते हैं जिनसे मिलकर पूरे कंकाल तंत्र का निर्माण होता है सभी अंग दूसरे अंगों से भिन्न होते हैं और सभी अंगो का अलग-अलग कार्य होता है सभी अंगों की सूची तथा उनके कार्य:-

मानव शरीर में 206 हड्डियां होती हैं जिन्हें दो भागों में बांटा जाता है

  • अक्षीय कंकाल (Axial skeleton)
  • अनुबंधी कंकाल (Appendicular skeleton)

1. अक्षीय कंकाल (Axial skeleton)

अक्षीय कंकाल (Axial skeleton) में 80 हड्डियां होती हैं इसमें शरीर के बीचो-बीच की हड्डी और उससे जुड़ी हुई हड्डियां आती है जैसे सर, नाक, कान, मुंह की हड्डी, रीड की हड्डी और पसलियां।

कपाल (Cranium)

एक साधारण व्यक्ति की खोपड़ी के कंकाल तंत्र में सामान्य तौर पर 22 अस्थियां होती हैं इनमें से आठ अस्थियां जोड़ी हुई होती हैं जो मनुष्य के दिमाग को सुरक्षा प्रदान करती हैं। जुड़ी हुई अस्थियो से बनी संरचना को कपाल (Cranium) कहते हैं। इसके अलावा 14 अस्थियां और होती हैं जो चेहरे का निर्माण करती हैं।
मनुष्य की खोपड़ी में मुख्य रूप से निम्नलिखित अस्थियां होती हैं।

  • फ्रॉण्टल (Frontal)
  • पेराइटल (Parietal) 
  • ऑक्सीपिटल (Occipital)
  • टेम्पोरल (Temporal)
  • मेलर (Maler)
  • मैक्सिला (Maxilla)
  • डेण्टरी (Dentary)
  • नेजल (Nasal)।

कशेरुक दण्ड (Vertebral column)

मनुष्य की पीठ पर एक हड्डी होती है जो सिर से लेकर सीधी कमर तक होती है यह 1 लंबी मोटी छड़ की तरह होती है यह छोटी-छोटी हड्डियों से मिलकर बनी होती है इसे रीड की हड्डी बोला जाता है छोटी-छोटी हड्डियों से मिलकर बने होने की वजह से यह काफी लचीली भी होती है। रीड की हड्डी में छोटी-छोटी 33 हड्डियां होती हैं। रीड की हड्डी का कार्य निम्नलिखित होता है।

  • शरीर को सीधा रखना
  • सिर से शरीर को जोड़े रखना
  • व्यक्ति को खड़े होने में, चलने में और कार्य करने में मदद करना
  • इसके अलावा शरीर में लचीलापन पैदा करना।
  • यह मेरूरज्जू को भी सुरक्षा प्रदान करता है

2. अनुबंधी कंकाल (Appendicular skeleton)

अनुबंधी कंकाल (Appendicular skeleton) में 26 हड्डियां होती हैं जिसे दो भागों में बांटा जाता है upper limb यानी कमर से ऊपर का हिस्सा जिसमें हाथ और कंधों की हड्डियां आती हैं। और lower limb जिसमें कमर से नीचे का हिस्सा आता है पैर घुटने आदि।

अग्रपाद (Upper Limb)

Upper Limb में shoulder girdle होता है जो हाथ को कंधे से जोड़ता है क्योंकि हमारे शरीर में दो हाथ होते हैं इसलिए इसकी संख्या भी दो होती है।

  • ह्यूमरस (Humerus) :- हाथ की सबसे ऊपर वाली हड्डी, हर हाथ में एक होती है (पूरे शरीर में 2 होती हैं)
  • रेडियो अलना – Ulna and radius :- कोहनी से नीचे और कलाई ऊपर वाली हड्डी। प्रत्येक हाथ में दो हड्डियां होती हैं (पूरे शरीर में 4 होती हैं)
  • कार्पल्स – Carpal :- कलाई में छोटी-छोटी आठ हड्डियां होती हैं जिसकी वजह से हाथ हिल पाता है (पूरे शरीर में 16 होती हैं)
  • मेटाकार्पल्स – Metacarpal bones :- हथेली के अंदर पांच हड्डियां होती हैं (पूरे शरीर में 10 होती हैं)।
  • फैलेन्जेज – Phalanges :- उंगलियों की हड्डियां, चारों उंगलियों में तीन छोटी-छोटी हड्डियां होती हैं और एक अंगूठे में दो छोटी हड्डियां होती हैं कुल मिलाकर एक हाथ में 14 हड्डियां होती हैं। (पूरे शरीर में 28 होती हैं)।

पश्च पाद (Lower limb)

lower limb में pelvic girdle होती है जो पैरों को कमर के साथ जोड़ कर रखती है क्योंकि हमारे शरीर में 2 टांगे होती हैं इसलिए इसकी संख्या भी दो होती है।

  • Pelvic girdle – कूल्हे की हड्डी, जो तीन अलग-अलग हड्डियों से मिलकर बना होता है और यह टांगो को कमर से जोड़ें रखने का काम करता है।
  • Femur जांग की हड्डी यह हमारे शरीर की सबसे लंबी हड्डी होती है
  • Patella घुटने के जोड़ के ऊपर कटोरी के आकार की हड्डी होती है जिसकी मदद से पैर आगे पीछे करने में मदद होती है।
  • Tibia and fibula घुटने से नीचे वाली हड्डी यहां पर दो प्रकार हड्डियां होती हैं।
  • Trasal, metatarsals and phalanges पैर का निचला हिस्सा इसमें तीन प्रकार की हड्डियां होती हैं

यह भी पढ़ें:- Respiratory System in Hindi | मानव श्वसन तंत्र क्या है? चित्र, परिभाषा, प्रकार

स्वस्थ कंकाल तंत्र के लिए टिप्स – Tips for a healthy skeletal system in Hindi

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खानपान, बढ़ता हुआ प्रदूषण और कई अन्य कारणों की वजह से भी कंकाल तंत्र संबंधी विकार उत्पन्न हो सकते हैं जो हमारे स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। और इससे हमारी जीवन शैली पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। 

इन सभी समस्याओं से बचने के लिए और अपने कंकाल तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए, नीचे हमने कुछ सुझाव दिए हैं जिनके द्वारा आप अपने कंकाल तंत्र को स्वस्थ रख सकते हैं। 

1. नियमित रूप से योगा करें। 

नियमित रूप से योगा करने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता ही है हमारा कंकाल तंत्र भी स्वस्थ रहता है हमारी हड्डियां मजबूत होती हैं और शरीर में लचीलापन भी बढ़ता है।

2. हरी फल सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करें।

हमें ताजे फल और हरी सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए क्योंकि इनमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन और विटामिन होते हैं जो हमें अलग-अलग प्रकार की बीमारियों से बचाते हैं और हमारे कंकाल तंत्र को भी स्वस्थ रखते हैं।

3. अपनी डाइट में विटामिन D को शामिल करें।

अपनी डाइट में विटामिन D को शामिल करें क्योंकि हमारे शरीर की हड्डियां कैल्शियम कार्बोनेट से बनी हुई होती है इसलिए जब भी कभी हमारे शरीर में विटामिन D की कमी होती है तो हमें कंकाल तंत्र से संबंधित बीमारियां होने लगती है इसलिए कभी भी शरीर में विटामिन D की कमी होने ना दें।

4. नियमित एक्सरसाइज करें।

नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से और शरीर को चुस्त और फुर्तीला रखने से हमारे कंकाल तंत्र को मजबूती मिलती है और कंकाल तंत्र से संबंधी बीमारियां होने का खतरा कम हो जाता है।

5. वजन नियंत्रण में रखें।

मोटापा एक गंभीर बीमारी है और यह हजारों नई बीमारियों को जन्म देती है इसलिए अपने शरीर का वजन नियंत्रण में रखें और क्योंकि अगर यह नियंत्रण में नहीं रहता है तो इससे हमारे स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है इसके साथ-साथ हमें कंकाल तंत्र संबंधी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं।

6. किसी भी प्रकार के नशे से बचें।

हमें किसी भी प्रकार के नशा करने से बचना चाहिए क्योंकि नशा करने से हमारा शरीर कमजोर हो जाता है और फिर कमजोरी में हमारे शरीर को किसी भी प्रकार की कंकाल तंत्र संबंधी समस्याएं हो सकती हैं और अन्य प्रकार की बीमारियां होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

यह भी पढ़ें:- आंख फड़कना क्या है | आँख फड़कना किस बात का संकेत देता है?

कंकाल तंत्र संबंधी बीमारियां – What kinds of conditions affect the skeletal system in Hindi

कंकाल तंत्र छोटी-छोटी हड्डियों से लेकर बड़ी-बड़ी हड्डियों से बना होता है और इन सभी हड्डियों का कार्य अलग-अलग होता है इनमें से किसी भी एक हड्डी में भी अगर कोई समस्या आती है तो उससे अलग अलग प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं इसलिए आज हम कंकाल तंत्र संबंधी बीमारियों के बारे में जानेंगे।

  • हड्डियों का कैंसर
  • शरीर में कैल्शियम की कमी
  • हड्डियों का इन्फेक्शन
  • सूखा रोग (Rickets)
  • ओस्टियोपोरोसिस
  • लो बोन डेंसिटी
  • अर्थराइटिस

कंकाल तंत्र संबंधी रोचक तथ्य – Amazing Fun Facts About the Skeletal System in Hindi

जैसा कि हम पहले से ही जानते हैं कि कंकाल तंत्र छोटी-छोटी हड्डियों से मिलकर बना होता है और हर हड्डी का अपना अलग ही कार्य होता है और जब छोटी-बड़ी सभी हड्डियां मिलकर कार्य करती हैं उसे कंकाल तंत्र कहते हैं कंकाल तंत्र के बारे में रोचक तथ्य।

  1. एक मानव शरीर के कंकाल तंत्र में 200 से ज्यादा छोटी बड़ी हड्डियां होती हैं और सभी हड्डियों का अलग-अलग कार्य होता है।
  2. मानव शरीर में दो प्रकार की हड्डियां होती हैं
  3. हड्डियां स्पंजी ऊतको से भरी हुई होती हैं।
  4. जब बच्चा जन्म लेता है उस समय उसके शरीर में लगभग 300 हड्डियां होती हैं और जब बच्चा बड़ा होता है तब धीरे-धीरे यह हड्डियां आपस में जुड़ जाती हैं और 206 हो जाती हैं।
  5. मानव शरीर में जो सबसे छोटी हड्डी होती है वह मानव के कान में होती है। जिसका नाम stapes है।
  6. हमारे शरीर की सबसे बड़ी हड्डी पैर की हड्डी होती है जो जांघ में होती है जिसका नाम फीमर (femer) होता है।
  7. हमारे शरीर की ज्यादातर हड्डियां सिर्फ और सिर्फ हमारे हाथों और पैरों में होती हैं
  8. हमारे शरीर की कोई भी हड्डी, दूसरी हड्डीसे डायरेक्टली जुड़ी हुई नहीं होती।
  9. ज्यादातर लोगों की 12 पसलियां होती हैं परंतु कुछ लोगों की 13 पसलियां भी होती है।

कंकाल तंत्र के मुख्य अंग –  Major parts of the skeletal system in Hindi

कंकाल तंत्र काफी सारे छोटे-बड़े अंगों से मिलकर बना होता है इसमें अलग-अलग प्रकार की छोटी बड़ी हड्डियों का इस्तेमाल होता है परंतु मुख्य निम्नलिखित अंग हैं जिनके बिना कंकाल तंत्र काम नहीं कर सकता।

  • कंकाल तंत्र (Skeleton)
  • हड्डियां (Bone)
  • जोड़ (Joint)
  • संयोजी ऊतक (Connective tissue)
  • इंसानी शरीर (Human body)
  • जबड़ा (Jaw)
  • उपास्थि (Cartilage)
  • रीड की हड्डी (Vertebral column)

निष्कर्ष 

मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा हमने इस आर्टिकल में बताया है कि कंकाल तंत्र क्या है, कंकाल तंत्र कैसे काम करता है, कंकाल तंत्र का क्या काम है कंकाल तंत्र से जुड़े हुए कुछ रोचक तथ्य और कंकाल तंत्र से जुड़े हुए अन्य विषयों के बारे में भी हमने विस्तार पूर्वक इस आर्टिकल में बताया है अगर आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया हो या अगर आप लोग हम से कुछ सवाल पूछना चाहते हैं तो आप कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं धन्यवाद।

%d bloggers like this: