अंधेरे में मोबाइल इस्तेमाल करने के दुष्प्रभाव | Side Effects of Using Mobile in Dark

आजकल के समय में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का चलन काफी ज्यादा बढ़ गया है और शहरों में तो ज्यादातर बच्चे जिनके पास मोबाइल फोन होता है ऑनलाइन गेम खेलने में ही अपना समय व्यतीत करते हैं मैं ऐसा नहीं कह रहा हूं कि मोबाइल फोन बुरी चीज है या इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए परंतु मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।

आज के समय में तो ज्यादातर बच्चे और नौजवान, पब्जी और फ्री फायर जैसी ऑनलाइन गेम्स खेलने में ज्यादातर समय व्यतीत करते हैं। गेम्स खेलने में या मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने में कोई समस्या नहीं है परंतु मोबाइल फोन का बहुत अधिक इस्तेमाल करना या रात को सोते समय भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। अगर आप भी रात को सोते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं तो इसका मतलब आपको मोबाइल फोन की लत लग चुकी है और अब आपको निम्नलिखित परेशानियां हो सकती हैं।

इसलिए आज इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल करने से क्या-क्या समस्याएं आ सकती हैं या अंधेरे में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के क्या-क्या दुष्प्रभाव हैं, इसके साथ साथ ही हम जानेंगे कि इन सभी दुष्प्रभावों को हम किस प्रकार कम कर सकते हैं यह आर्टिकल विशेषकर उन बच्चों के लिए है जो अपना ज्यादातर समय ऑनलाइन गेमिंग और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने में व्यतीत करते हैं।

अत्यधिक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के दुष्प्रभाव क्या हैं – Side Effects Of Using Mobile Phones Too Much in hindi

पूरी दुनिया में ज्यादातर लोग मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं मोबाइल फोन एक अच्छी चीज है परंतु हमें कभी भी मोबाइल फोन का अधिक उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल करने से हमें अलग-अलग प्रकार के दुष्प्रभाव हो सकते हैं और यह हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक हो सकते हैं इसलिए हमें मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए अन्यथा हमें इन सभी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

तनाव होना – Stress

बच्चे के पास मोबाइल फोन होने से बच्चों का संपूर्ण ध्यान मोबाइल फोन में ही रहता है या तो बच्चे मोबाइल फोन पर बात करते रहते हैं या फिर चैट करते रहते हैं। ज्यादातर बच्चे मोबाइल फोन पर कोई ढंग का काम करने की वजह समय व्यर्थ करते रहते हैं। 

भारत में 2021 में हुई एक रिसर्च के अनुसार पता चला है कि जो बच्चे अपना ज्यादातर समय मोबाइल फोन चलाने में व्यतीत करते हैं उन बच्चों में मानसिक तनाव ज्यादा होता है और मानसिक बीमारियां होने का खतरा भी काफी हद तक बढ़ जाता है बच्चों को चिड़चिड़ापन, पढ़ाई में ध्यान ना लगना, सिर दर्द होना, एंजाइटी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं होती हैं। 

अनिद्रा की समस्या – Sleep problems

ज्यादातर लोग और बच्चे आमतौर पर मोबाइल फोन सिरहाने रख कर सोते हैं ताकि वे फोन कॉल्स और चैट का रिप्लाई कर सकें इसके साथ साथ ही बहुत सारे लोग मोबाइल फोन को अलार्म क्लॉक के रूप में इस्तेमाल करते हैं, ऐसा करने से यह हमारी नींद में बाधा उत्पन्न करता हैं जिसके कारण बच्चों को नींद से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं और रिसर्च में पता चला है कि जो लोग अंधेरे में फोन चलाते हैं उन्हें थकान जैसी समस्याएं होने लगती हैं।

सड़क दुर्घटना – Road Accidents

आमतौर पर लोग गाड़ी चलाते हुए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं और रोड पर चलते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से दुर्घटना होने की संभावना रहती है गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।भारत में गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना गैरकानूनी है गाड़ी चलाते समय ही नहीं बल्कि रोड पर चलते समय भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से दुर्घटनाएं हो सकती हैं और शहरों में आमतौर पर ऐसा होता ही रहता है।

एंजाइटी होना – Anxiety 

मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते समय ज्यादातर लोग बात करने की जगह चैट करना पसंद करते हैं और नौजवानों में चैट करना ज्यादा प्रचलित है किसी व्यक्ति से जब हम चैट करते हैं तब अगर वह व्यक्ति तुरंत रिप्लाई करता है तो हमें अच्छा लगता है परंतु तुरंत रिप्लाई ना करने से या रिप्लाई ना करने से हमारे दिमाग पर इसका मानसिक दवाब पड़ता है जिसके कारण व्यक्ति को मानसिक समस्याएं हो सकती हैं।बातचीत के दौरान चैट करते समय जब कोई व्यक्ति हमारे मैसेज को देखता है उसके बाद भी उसका रिप्लाई नहीं करता है तो हमें मिसअंडरस्टैंडिंग हो जाती है और यह हमारे दिमाग पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है जिसके कारण हमें एंजाइटी की समस्या हो सकती है।

कैंसर का खतरा – Risk of cancer

ऐसा कोई ठोस प्रमाण तो नहीं है जो यह साबित करें कि मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल करने से कैंसर का खतरा होता है परंतु कई रिसर्च यह बतातीं है कि जो लोग 10 साल से ज्यादा समय से मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं और मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल करते हैं उनमें कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। 

ऑनलाइन ठगी (चीटिंग) – Cyberbullying

ज्यादातर बच्चे अपना टाइम ऑनलाइन व्यतीत करते हैं ऑनलाइन नई नई चीजों के बारे में जानते हैं नई नई चीजों के बारे में जानना कोई बुरी बात नहीं है परंतु अक्सर देखा जाता है कि लोग ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाते हैं। आमतौर पर लोग और बच्चे ऑनलाइन सोशल मीडिया वेबसाइट पर अपने फ्रेंड्स बनाते हैं परंतु जरूरी नहीं है कि ऐसे लोग अच्छे हो वे लोग बुरे भी हो सकते हैं वे लोग आपकी पर्सनल जानकारी लेकर उसका दुरुपयोग कर सकते हैं। और आप ऑनलाइन ठगी का शिकार हो सकते हैं। भारत में हुई एक रिसर्च के अनुसार हर साल 10 लाख से ज्यादा लोग ऑनलाइन ठगी का शिकार होते हैं। 

नपुंसकता – Infertility

कई रिसर्च यह कहते हैं कि जो लोग अत्यधिक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं उनमें स्पर्म काउंट कम हो जाता है क्योंकि मोबाइल फोन की रेडिएशन शरीर के स्पर्म काउंट को कम कर देती है। अगर आप भी बहुत अधिक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं तो मोबाइल फोन का इस्तेमाल अत्यधिक ना करें इससे आपको बहुत ज्यादा नुकसान हो सकता है।

हृदय संबंधी रोग – Heart problems

ज्यादातर लोग फोन को अपने शर्ट के सामने वाली पॉकेट में रखते हैं जिसकी वजह से मोबाइल फोन हमारे हृदय के पास रहता है और जब मोबाइल फोन हृदय के पास रहता है तब इसकी रेडिएशन से हमारे हृदय पर इसका काफी गहरा प्रभाव पड़ता है जिसके कारण हृदय संबंधी विकार होने की संभावना बढ़ जाती है और हार्ट अटैक आने का खतरा भी बढ़ जाता है।

मोटापा होना – Obesity

फोन चलाने के लिए आपको चलने फिरने की जरूरत नहीं है आप बैठे-बैठे अपना फोन चला सकते हैं और यही कारण है जिस वजह से ज्यादातर लोग मोटे होते हैं क्योंकि आज कल सारे लोग अपना काम ऑनलाइन बैठे बैठे ही करते हैं जिसके कारण उन्हें एक ही पोजीशन में काफी लंबे समय तक बैठा रहना होता है और बैठे रहने से मोटापा होने की समस्या बढ़ जाती है। भारत में आजकल तो बच्चों में पब्जी और फ्री फायर जैसे ऑनलाइन गेम खेलते रहते हैं जिसके लिए वह लोग बैठे रहते हैं कुछ लोग तो पूरा दिन 24 घंटे सिर्फ गेम खेलते रहते हैं खाना-पीना भूल जाते हैं और मोबाइल फोन लेकर बैठे रहते हैं ऐसा करने से उनकी सेहत पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है।

आंखों में दिक्कत – Vision problems

जैसा कि मैंने ऊपर दिए गए पैराग्राफ में बताया कि ज्यादातर बच्चे ऑनलाइन गेमिंग के कारण बैठे रहते हैं और 24 घंटे सिर्फ गेम खेलते रहते रहते हैं जिसके कारण वे लोग लगातार सिर्फ मोबाइल फोन और टीवी की स्क्रीन को देखते रहते हैं ऐसा करने से उनकी आंखों पर इसका बहुत दुष्प्रभाव पड़ता है और ज्यादातर बच्चों को कम दिखाई देने या धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं होने लगती है।

सिर दर्द होना – Headache

बहुत सारे लोग ज्यादातर समय सिर्फ और सिर्फ फोन चलाने में ही व्यतीत करते हैं जैसे टिक टॉक बनाना सोशल मीडिया वेबसाइट का इस्तेमाल करना यूट्यूब पर काम की चीजें ना देख कर फालतू की वीडियो देखना। जब आपअपना ज्यादातर समय फोन की स्क्रीन को देखते हुए बिताते हैं तब इससे आपकी आंखों और दिमाग पर तो इसका गहरा प्रभाव पड़ता ही है इसके साथ-साथ ज्यादा लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आपको सर दर्द और आंख दर्द होने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

बहरापन – Deafness

बहुत सारे बच्चे लीड या हेडफोन लगाकर पूरे दिन गाने सुनते रहते हैं या फिर कोई अन्य काम करते रहते हैं ज्यादातर बच्चे बहुत अधिक आवाज पर गाने सुनते हैं जिनसे उन्हें बहुत आनंद मिलता है परंतु ऐसा करने से उनकी सुनने की शक्ति कमजोर हो जाती है। अक्सर आपने देखा होगा ज्यादातर लोगों को जब हम कुछ बोलते हैं तो वही बात वे लोग दोबारा पूछते हैं ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उन्हें कम सुनाई देता है।

रिश्तो में दूरियां बढ़ाता है – Relationship problems

आजकल ज्यादातर लोग मोबाइल फोन में ही लगे रहते हैं जिसके कारण वे लोग अपनी फैमिली, दोस्त और रिश्तेदारों को समय नहीं दे पाते जिसके कारण रिश्तो में दूरियां भी बढ़ जाती हैं और लोग आपको मतलबी समझने लगते हैं।

याददाश्त कमजोर हो जाना – lack of memory

ज्यादातर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से हमें अलग-अलग प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं इससे मुख्य रूप से हमारे दिमाग पर गहरा असर पड़ता है जिसकी वजह से हमें डिप्रैशन एंजायटी जैसी बीमारियां हो सकती हैं और इसके साथ-साथ इसका गहरा असर हमारी याददाश्त में पड़ सकता है जिसकी वजह से हम छोटी-छोटी चीजें भूलने लगते हैं।

एकाग्रता की कमी –  lack of concentration

ज्यादातर समय मोबाइल फोन या लैपटॉप के सामने बैठ कर काम करने से इसका हमारी आंखों, हमारे दिमाग पर काफी गहरा प्रभाव पड़ता है जिससे हमें एकाग्रता यह किसी काम को ढंग से फोकस रहकर करने में समस्याएं आती हैं।

शरीर का पोस्चर खराब होना – Bad posture

समय तक फोन को चलाते समय बैठे रहने से हमारे शरीर का पोस्चर खराब होता है और मोटापा भी बढ़ता है इसके अलावा जो लोग चौबीसों घंटे लेटे-लेटे या बैठे-बैठे बेड पर बैठ कर फोन चलाते रहते हैं उन लोगों में शारीरिक पोस्चर खराब होने की समस्या सबसे ज्यादा होती है।

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अत्यधिक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से होने वाले दुष्प्रभावों से बचने के उपाय – How can we reduce the side effects of mobile in hindi

आजकल ज्यादातर लोग और विशेषकर बच्चे मोबाइल फोन पर अपना ज्यादातर समय व्यतीत करते हैं जिनके कारण ऊपर दिए गए साइड इफेक्ट उन्हें भुगतने पड़ सकते हैं माता-पिता अपने बच्चों के लिए नीचे दिए गए उपाय अपना सकते हैं जिनके इस्तेमाल से हम इन दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

  • मोबाइल फोन और मोबाइल फोन से जुड़ी चीजों के लिए बच्चों को पैसे नहीं देने चाहिए।
  • ड्राइविंग करते समय कभी भी फोन का इस्तेमाल ना करें और ना ही सड़क पर चलते हुए कभी भी फोन का इस्तेमाल करें।
  • सोने से पहले अगर हो सके तो अपने फोन को साइलेंट या फिर स्विच ऑफ कर कर सोए अगर आप अपने फोन को स्विच ऑफ करके सोते हैं तो इससे आप फोन की रेडिएशन से भी बच सकते हैं।
  • अपने बच्चों का ध्यान फोन से हटाकर अन्य चीजों पर लगाएं जिससे वह कुछ नई और क्रिएटिव चीजें सीख सकें।
  • अगर आप देखते हैं कि आपके बच्चे बहुत ज्यादा समय मोबाइल फोन पर गेम खेलते हुए बिताते हैं तो उनको डांटे और समझाएं कि ऐसा करना सही नहीं है।
  • छोटे बच्चों को आसानी से कभी भी पर्सनल फोन उपलब्ध ना करवाएं अगर बच्चों को कुछ काम है तो आप उन्हें अपना फोन दे ताकि वे लोग काम कर सकें।
  • फोन में एक ऐसा ऐप डाउनलोड करें जो आपके पूरे दिन के डाटा यूसेज और जितना टाइम अपने फोन का इस्तेमाल किया है उसकी जानकारी दें और जब आप देखेंगे कि आप ज्यादातर समय फोन पर बिताते हैं तो आप अपने आप इसको कम करेंगे।
  • इस बात का ध्यान रखें कि जब भी आपके बच्चे खाना खाए तब वे फोन का इस्तेमाल ना करें अगर खाना खाते समय भी आपके बच्चे फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसका मतलब उन्हें फोन की लत लग चुकी है और अब आपको उसे छुड़ाना है।
  • यह बात सुनिश्चित करें कि कितना टाइम आपका बच्चा फोन पर लगा रहता है उससे दुगना टाइम वह फिजिकल एक्टिविटी जैसे रनिंग करना खेलना और अन्य कामों मे लगाए।
  • हमेशा बच्चों को सोशल मीडिया साइट का इस्तेमाल अपने साथ बैठकर ही करवाएं।
  • जहां तक हो सके अपने बच्चों को मोबाइल फोन ना देकर लैपटॉप या कंप्यूटर देने का प्रयास करें क्योंकि लैपटॉप और कंप्यूटर देने से वह ज्यादा सीखते हैं।
  • कभी भी बच्चों को उनका पर्सनल मोबाइल फोन नंबर नहीं देना चाहिए वाईफाई के साथ कनेक्ट करके बच्चे फोन इस्तेमाल करें।
  • कभी भी उन्हें उनका पर्सनल नंबर ना दें ऐसा करने से आप ऑनलाइन ठगी से अपने बच्चों को बचा सकते हैं।
  • एक सूची बनाएं जिसमें आप पूरे दिन में अपने क्या-क्या काम किया है उसका हिसाब रखें जब आप ऐसा करेंगे तो आप पाएंगे कि आपने पूरे दिन में सिर्फ मोबाइल फोन देखने के अलावा कोई भी महत्वपूर्ण काम नहीं किया इससे आपको समझ में आएगा कि आपने कितना समय मोबाइल फोन देखने में व्यर्थ किया है ऐसा करने से आपको मोबाइल फोन छोड़ने में मदद मिलेगी। 
  • मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का एक निश्चित समय तय करें जैसे 2 घंटे 3 घंटे 4 घंटे या जितनी भी देर आप इस्तेमाल करते हैं ऐसा करने से आपको मोबाइल फोन की लत छोड़ने में मदद मिलेगी।
  • अभी आप पढ़ाई या अपना कोई भी महत्वपूर्ण काम कर रहे हो या सोते समय भी अपने मोबाइल फोन की नोटिफिकेशन को बंद करें या फिर मोबाइल फोन को स्विच ऑफ कर दें।

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बच्चों को मोबाइल फोन से दूर कैसे रखें? – How to stop children’s phone addiction in hindi

  • बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखने के लिए हमें कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ेगा जैसे कि 
  • बच्चों को कभी भी उनका पर्सनल नंबर ना दें हमेशा वाईफाई से कनेक्ट कर कर ही नेट चलाएं।
  • बच्चों को एक सीमित समय के लिए फोन दे अगर बच्चे जिद करें तो उनकी जिद को ना माने।
  • कई मां-बाप काम के चक्कर में अपने बच्चों को फोन पकड़ा देते हैं जिससे बच्चे फोन में लगे रहते हैं और मां-बाप अपना काम करते रहते हैं ऐसा नहीं करना चाहिए ऐसा करने से मां-बाप अभी तो अपना काम कर पा रहे हैं लेकिन बाद में उनके बच्चों को इसकी वजह से काफी समस्या भुगतनी पढ़ सकती हैं।
  • सोते समय अपना मोबाइल फोन जरूर स्विच ऑफ कर दें और रात में मोबाइल फोन का इस्तेमाल ना करें।
  • हमेशा मोबाइल फोन का अधिक इस्तेमाल करने से बचें मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के लिए कुछ समयअवधि फिक्स करें।

निष्कर्ष 

इस आर्टिकल में हमने बताया है कि मोबाइल फोन देखने से क्या हानि है? या मोबाइल फोन का अत्यधिक इस्तेमाल करने से क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं, मोबाइल फोन से दूर रहने के उपाय क्या है?, फोन की लत से छुटकारा कैसे पाएं? इसके साथ साथ ही हमने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से होने वाले दुष्प्रभाव से बचने के उपाय भी इस आर्टिकल में उपलब्ध कराएं हैं ।
मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा आर्टिकल जरूर पसंद आया होगा अगर आपकी कोई सवाल या सुझाव है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं हम आपके सवालों का उत्तर देने का प्रयास जरूर करेंगे।

ज्यादा मोबाइल फोन देखने से कौन सी बीमारी होती है?

ज्यादा मोबाइल फोन चलाने से इसका हमारे स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है जिसके कारण हमें कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं क्योंकि मोबाइल फोन में रेडिएशन भी होता है इस कारण से से भी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है अत्यधिक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से हमें हाई बीपी, चिड़चिड़ापन, आंख संबंधी रोग, मानसिक समस्याएं जैसे तनाव, एंजाइटी और अवसाद, ध्यान केंद्रित ना कर पाना, शारीरिक पोस्चर खराब होना, मोटापा और मोटापे से होने वाली बीमारियां जैसे हाई कोलेस्ट्रॉल, लो कोलस्ट्रोल, हाई बीपी, लो बीपी और अनिद्रा जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा रिसर्च बताते हैं कि अत्यधिक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से स्पर्म काउंट भी कम होता है जिस कारण वश व्यक्ति को बच्चा पैदा होने की संभावना कम हो जाती है।

मोबाइल फोन का विद्यार्थी जीवन पर प्रभाव क्या है?

मोबाइल फोन का विद्यार्थी के जीवन पर काफी गहरा असर पड़ता है अगर विद्यार्थी को मोबाइल फोन मिल जाए और विद्यार्थी मोबाइल फोन का सही इस्तेमाल करें तो मोबाइल फोन विद्यार्थी के लिए काफी अच्छी चीज साबित हो सकता है जैसे कि कोविड-19 के समय में सभी बच्चों के स्कूल बंद हो गए थे और ऑनलाइन ही पढ़ाई चल रही थी, परंतु अगर विद्यार्थी मोबाइल फोन का गलत इस्तेमाल करता है तो मोबाइल फोन विद्यार्थी को गलत राह पर जाने में भी पूरा सहयोग करेगा। और इसका नकारात्मक प्रभाव विद्यार्थी पढ़ाई पर तो पड़ता ही है इसके अलावा पूरे जीवन पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

अंधेरे में मोबाइल फोन चलाने से क्या होता है?

अंधेरे में मोबाइल फोन चलाने से अनिद्रा (नींद ना आना) की समस्या हो जाती है और तनाव और डिप्रेशन जैसी बीमारियां हो सकती है इसलिए कभी भी अंधेरे में मोबाइल फोन नहीं चलाना चाहिए।

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