अक्रियाशील गर्भाशय रक्तस्राव क्या है? इसके कारण, लक्षण इत्यादि | Dysfunctional uterine bleeding in hindi

भारत में ज्यादातर महिलाएं रोजमर्रा के कार्य के चलते अपने स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रखती हैं जिसके कारण उन्हें अलग-अलग प्रकार की बीमारियां हो जाती हैं और पीरियड से जुड़ी बीमारियां होना सबसे आम है। क्योंकि पीरियड एक साधारण सी बात है इसलिए ज्यादातर महिलाओं को पीरियड से जुड़ी बीमारियों के बारे में समझ में ही नहीं आता है उन्हें लगता है कि यह तो पीरियड ही हो रहे हैं।

इसलिए आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसे विषय के बारे में जो पीरियड से जुड़ा हुआ है और जब महिलाओं को पीरियड असामान्य रूप से होते हैं, तब उस स्थिति को निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव कहा जाता है इस आर्टिकल में आज हम पढ़ेंगे निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव के बारे में, की निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव क्या है, निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव के लक्षण क्या हैं, निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव की जांच कैसे की जाती है, निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव क्यों होता है, निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव का इलाज क्या है और ऐसे ही बहुत सारी जानकारी हमने निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव के बारे में विस्तार पूर्वक दी है और लोगों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देने का प्रयास किया है।

Table of Contents

निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव क्या है – What is Dysfunctional Uterine Bleeding in Hindi

जब भी किसी महिला को असामान्य रूप से योनि द्वारा रक्त स्राव होता है जो सामान्य पीरियड या पीरियड की वजह से नहीं होता और अगर रक्तस्राव किसी असामान्य कारण की वजह से होता है तो इसे निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव कहते हैं। 

निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव हर महिला को अपने संपूर्ण जीवन में कभी ना कभी जरूर होता है यह बीमारी नहीं है परंतु यह किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। इसमें महिलाओं को सामान्य रूप से पीरियड्स ना होकर असामान्य रूप से पीरियड्स होते हैं इसमें रक्तस्राव होने का कोई फिक्स पैटर्न नहीं होता। निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव कभी भी हो सकता है, कितना भी हो सकता है और कितने भी समय के लिए हो सकता है।

कभी-कभी यह बीच में रुक भी जाता है और बाद में दोबारा होने लगता है। यह लगभग सभी उम्र की महिलाओं को हो सकता है। आमतौर पर जब पीरियड्स शुरू होने वाले होते हैं शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं जिसके कारण महिलाओं को पीरियड्स आने से पहले पीरियड के बारे में पता चल जाता है परंतु निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव में कुछ भी नहीं पता चलता।

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Symptoms of Dysfunctional Uterine Bleeding

निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें असामान्य रूप से पीरियड्स होते हैं। पीरियड्स सामान्य से कम समय और अधिक समय तक हो सकते हैं। इसके साथ-साथ ही पीरियड या तो अधिक मात्रा में या फिर बहुत कम मात्रा में हो सकते हैं। निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव के दौरान महिलाओं को निम्नलिखित लक्षण महसूस हो सकते हैं।

पैल्विक भाग में दर्द या दबाव होना :-  महिलाओं को कमर के निचले हिस्से में दर्द होना शुरू हो जाता है या फिर दबाव सा महसूस होने लगता है।

अधिक समय तक पीरियड होना :- सामान्य से अधिक दिनों तक के लिए रक्तस्राव होना, या 7 दिनों से अधिक दिनों तक लगातार ब्लीडिंग होते रहना।

कम समय तक पीरियड होना:- सामान्य से कम दिनों तक के लिए रक्तस्राव होना या 2 दिन से भी कम दिन में पीरियड्स खत्म हो जाना।

रक्त अधिक या कम आना:- रक्तस्राव में या तो बहुत अधिक मात्रा में रक्त आता है या फिर बहुत कम मात्रा में रक्त आता है और रक्तस्राव कम समय तक ही होता है।

स्पॉटिंग होना:- आमतौर पर पीरियड के दौरान भी बीच में ब्लीडिंग शुरू होने लगती है या फिर हल्की फुल्की स्पॉटिंग होने लगती है।

बड़े-बड़े थक्के आना:- जब भी पीरियड होते हैं तो पीरियड के दौरान जमा हुआ ब्लड निकलना या फिर थक्के बनकर ब्लड निकलना।

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निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव के कारण – Causes of Dysfunctional Uterine Bleeding in Hindi

निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव स्वयं कोई रोग नहीं है परंतु यह किसी अन्य रोग का संकेत हो सकता है वैसे तो निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव का कोई निश्चित कारण नहीं है परंतु यह निम्नलिखित कारणों से हो सकता है

मधुमेह :- इंसुलिन से जुड़ी समस्या होने पर निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

थायराइड :- थायराइड की बीमारी होने पर हमारे शरीर के कई हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं जिसकी वजह से निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

किडनी संबंधी बीमारी :- किसी भी प्रकार के किडनी से जुड़े हुए रोग होने पर यह हमारे शरीर के रक्त को असामान्य रूप से फिल्टर करने में विफल हो जाते हैं जिसकी वजह से निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) :- यह एक रोग होता है जिसमें हार्मोन असंतुलन की वजह से पीरियड या तो अनियमित हो जाते हैं या फिर असंतुलित हो जाते हैं और इन कारणों की वजह से भी निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

हाई ब्लड प्रेशर :- शरीर में हाई ब्लड प्रेशर होने की वजह से पीरियड के दौरान थक्के निकलने की समस्या हो सकती है और इस वजह से भी निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है
यौन संबंधित रोग :- यौन संबंधित रोग जैसे STD होने पर पीरियड्स में गड़बड़ी होने लगती है और निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

दवाइयां :- दवाइयों की वजह से भी इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

  • रक्त को पतला करने के लिए दवाई।
  • गर्भनिरोधक गोलियां।
  • हार्मोन से जुड़ी दवाइयां

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निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव की जांच – Diagnosis of Dysfunctional Uterine Bleeding in Hindi

ऊपर दिए गए लक्षणों में से आपको किसी भी प्रकार के लक्षण हो रहे हैं तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए अगर डॉक्टर को लगता है कि आपको निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव हो रहा है तो वह इसे कंफर्म करने के लिए इसकी जांच करेगा। जांच करने के लिए डॉक्टर निम्नलिखित तरीके अपनाते हैं।

अल्ट्रासाउंड

डॉक्टर अल्ट्रासाउंड करते है और इसकी रिपोर्ट को अच्छी तरीके से स्टडी करते हैं।

ब्लड टेस्ट

ब्लड टेस्ट में अलग-अलग प्रकार के ब्लड टेस्ट किए जाते हैं जिसमें सीबीसी टेस्ट किया जाता है जिससे शरीर में आयरन की कमी का भी पता लगाया जाता है।

एंडोमेट्रियल बायोप्सी

एंडोमेट्रियल बायोप्सी में एक यंत्र योनि के अंदर डाल कर टेस्ट किया जाता है और योनि की त्वचा का सैंपल लिया जाता है और उसकी माइक्रोस्कोप में जांच कि जाती है।

निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव का इलाज – Treatment of Dysfunctional Uterine Bleeding in Hindi

इसका इलाज अलग-अलग तरीकों से किया जा सकता है इसका इलाज दवाइयों द्वारा और सर्जरी द्वारा भी किया जा सकता है परंतु यह बात आपके डॉक्टर पर निर्भर करती है वह आपको कौन सा उपचार करवाने की सलाह देते हैं।

Drug treatment 

हार्मोन थेरेपी:- इस थेरेपी में डॉक्टर बर्थ कंट्रोल पिल और अन्य दवाइयां देता है जिससे निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव की स्थिति को कंट्रोल में किया जाता है।
रिलीजिंग हार्मोन एगोनिस्ट:- निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव में कुछ ऐसी खास दवाइयों का प्रयोग किया जाता है जिससे कुछ खास हार्मोन के उत्पादन पर नियंत्रण होता है।ट्रानेक्सामिक एसिड:- इन दवाइयों का सेवन करने से पीरियड के समय हेवी ब्लीडिंग पर कंट्रोल मिलता है और ब्लड क्लोटिंग से भी राहत मिलती है।

सर्जरी द्वारा इस स्थिति का इलाज

एंडोमेट्रियल एब्लेशन:- इस तरीके में यूट्रस लाइन को खत्म किया जाता है जिसमें लेजर का उपयोग किया जाता है ऐसा करने से आमतौर पर पीरियड भी बंद हो जाते हैं और महिला की मां बनने की संभावना भी खत्म हो जाती हैमायोमेक्टॉमी (Myomectomy):- फाइब्रॉइड के कारण ही अगर अनियमित पीरियड की समस्या आ रही है तो डॉक्टर मायोमेक्टॉमी कराने की सलाह देता है ऐसा करने से निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव की स्थिति  खत्म हो जाती है।हिस्टेरेक्टॉमी (Hysterectomy ):- इस सर्जरी में सर्जरी कर कर यूट्रस को बाहर निकाल दिया जाता है डॉक्टर यह सर्जरी तभी करता है जब फाइब्रॉइड बहुत बड़ी हो जाती हैं।

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निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव से बचाव – Prevention of Dysfunctional Uterine Bleeding in Hindi

निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव वैसे तो कोई गंभीर स्थिति नहीं है परंतु अगर इसका ध्यान ना रखा जाए तो यह गंभीर स्थिति बन सकती है और उसकी वजह से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है.

  • अपना वजन नियंत्रण में रखें और वजन को बढ़ने ना दें क्योंकि वजन बढ़ने से कई समस्याएं हो सकती हैं महिलाओं को विशेषकर वजन बढ़ने से पीरियड के दौरान समस्याएं हो सकती हैं।
  • तनाव को कम करें इसके लिए आप योगा कर सकते हैं मेडिटेशन कर सकते हैं और अन्य तरीके अपना सकते हैं क्योंकि कई बार तनाव की वजह से भी अत्यधिक ब्लीडिंग होने लगती है।
  • संभोग करते समय हमेशा ध्यान रखें और कंडोम आदि का प्रयोग करें ताकि आपको इंफेक्शन ना हो।
  • थायराइड से ग्रस्त व्यक्ति को समय पर दवाई लेते रहना चाहिए क्योंकि थायराइड कभी ठीक नहीं होता है हमेशा इसकी दवाई खानी पड़ती है इसकी दवाई नियमित तौर पर ले और थायराइड को नियंत्रण में रखें।
  • मधुमेह से ग्रस्त व्यक्तियों को समय-समय पर अपना डायबिटीज टेस्ट करवाते रहना चाहिए और कम मीठा खाना चाहिए जिससे डायबिटीज नियंत्रण में रहेगी और हैवी ब्लीडिंग होने का खतरा नहीं रहेगा।
  • किडनी संबंधित बीमारियां होने पर उसका इलाज कराएं नहीं तो समस्याएं बढ़ सकती हैं और किडनी की बीमारी होने से हैवी ब्लीडिंग होने का खतरा भी बढ़ता है।
  • बर्थ कंट्रोल पिल्स खाते समय ध्यान रखें, अपनी मर्जी से ही किसी प्रकार की कोई दवाई ना खाई डॉक्टर की सलाह से ही दवाई खाएं।
  • किसी प्रकार का नशा जैसे शराब सिगरेट आदि का उपयोग ना करें।

निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव होने पर क्या खाएं – Food to eat Food to avoid during Dysfunctional Uterine Bleeding in hindi

निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव होने पर हमें अपनी डाइट और खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि जैसा इंसान खाना खाता है उसी तरीके का उसका मन और तन रहता है अगर हम अच्छा और स्वस्थ भोजन खाएंगे तो इससे हम जल्दी ठीक हो जाएंगे और वहीं अगर हम किसी प्रकार का बाहर का तला भुना या गंदा खाना खाएंगे तो हमें ठीक होने में तो समय लगेगा ही बल्कि हम और बीमार हो सकते हैं।

क्या खाएं

  • गेहूं का दलिया
  • पतली खिचड़ी
  • जौमूंग की दाल मसूर की दाल
  • ताजे फल और सब्जियां जैसे
  • हरी सब्जी, पत्ता गोभी, पालक, ब्रोकली, सोयाबीन, शलगम, गाजर, लौकी, नाशपाती, चुकंदर, बदाम,, करेला,, मौसमी, चीकू, चौलाई, अमरूद आमला मूली आदि।
  • इसके अलावा अन्य हल्के भोजन खाए जा सकते हैं।

क्या ना खाएं

  • चावल
  • मैदा
  • काबुली चने
  • कटहल
  • अरबी
  • बैंगन
  • और अन्य किसी भी प्रकार की गरम प्रकृति वाली चीज नहीं खानी है जैसे तिल और गुड़।
  • बाहर का किसी भी प्रकार का भोजन नहीं खाना है घर का बना हुआ खाना खाना है।

निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव को रोकने के प्राकृतिक तरीके – Natural ways to stop dysfunctional uterine bleeding in hindi

  • निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव कम करने के लिए हम कुछ प्राकृतिक तरीके अपना सकते हैं जिनसे निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव को कम किया जा सकता है।
  • निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव के दौरान हीटिंग पैड का इस्तेमाल करना इससे आपको राहत मिलेगी।
  • निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव के दौरान पीरियड कप (menstrual cup) का इस्तेमाल करना।
  • निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव के दौरान सोते समय भी सैनिटरी पैड लगा कर सोना।
  • निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव के दौरान अपनी एनर्जी खो देता है जितना हो सके उतना आराम करें।
  • निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव के दौरान अगर आप चाहे तो हल्की-फुल्की एक्सरसाइज कर सकते हैं या फिर चहल कदमी कर सकते हैं, या फिर योगा कर सकते हैं इससे मानसिक तनाव कम होगा।
  • आप अलग-अलग प्रकार के सप्लीमेंट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं जिनमें आयरन, विटामिन सी हो।
  • ढेर सारा पानी पिए पानी पीने से हमारा शरीर सही तरीके से काम कर पाता है।

निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव के प्रकार – Types of dysfunctional uterine bleeding in hindi

निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव का टाइम टेबल क्या है, कितने समय के लिए हो रहा है, कितनी कितनी बार होता है इन सभी बातों के आधार पर निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव को अलग-अलग प्रकार से बांटा गया है।

Menorrhagia 

सामान्य तौर पर रक्त स्राव 30 – 35 एम एल तक होता है। लेकिन Menorrhagia में रक्त स्राव लगातार होता है और रक्तस्राव में रक्त की मात्रा अधिक होती है लगभग 80ml। सामान्य तौर पर रक्तस्राव 4 दिनों तक होता है लेकिन इस स्थिति में रक्तस्राव 7 दिनों तक भी हो सकता है।

Metrorrhagia 

Metrorrhagia मे रक्तस्राव होने का कोई भी टाइम फिक्स नहीं होता है यह कभी भी होने लगता है।

Amenorrhea

ऐसी स्थिति में रक्तस्राव बिल्कुल बंद हो जाता है।

Oligomenorrhea 

सामान्य तौर पर पीरियड चक्र 28 दिनों का होता है परंतु जब भी है 28 दिनों मैं पूरा ना होकर 28 दिनों से अधिक का समय लेता है तो इसे Oligomenorrhea बोला जाता है।

Polymenorrhea

सामान्य तौर पर पीरियड चक्र 28 दिनों का होता है परंतु जब भी है यह 28 दिनों से कम समय में पूरा हो जाता है तब इसे  Polymenorrhea बोला जाता है।

Menometrorrhagia 

Menometrorrhagia मे रक्तस्राव बहुत अधिक होता है और अनियमित रूप से होता है।

क्या निष्क्रिय गर्भाशय रक्त स्राव का इलाज संभव है – Is dysfunctional uterine bleeding curable in Hindi

निष्क्रिय गर्भाशय रक्त स्राव एक सामान्य सी बीमारी है और इसका इलाज भी संभव है यह बीमारी हर 3 में से एक महिला को कभी ना कभी जरूर प्रभावित करती है।निष्क्रिय गर्भाशय रक्त स्राव का इलाज करने के लिए ज्यादातर डॉक्टर्स दवाइयों का उपयोग करते हैं जिनमें डॉक्टर्स और progestin or estrogen हार्मोन वाली दवाइयों का प्रयोग करते हैं जिससे शरीर में हार्मोन के असंतुलित स्तर को ठीक किया जा सके। अगर मरीज की कंडीशन ज्यादा ही खराब है तो ऑपरेशन का उपयोग भी किया जाता है आमतौर पर Endometrial ablation and Hysterectomies ऑपरेशन किए जाते हैं।

डॉक्टर के पास कब जाएं – When to see a doctor in Hindi

सामान्य तौर पर निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव गंभीर स्थिति नहीं है और ना ही यह कोई बीमारी है परंतु इसकी वजह से आपको बीमारियां हो सकती हैं नियमित रूप से अगर ब्लीडिंग हो रही है तो कोई समस्या वाली बात नहीं है परंतु अगर आपको बहुत अधिक ब्लीडिंग हो रही है और अनियमित रूप से ब्लीडिंग हो रही है और काफी लंबे समय से ब्लीडिंग हो रही है तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

निष्कर्ष

मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा हमने इस आर्टिकल में बताया है कि निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव क्या है निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव क्यों होता है निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव का इलाज कैसे किया जाता है निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव के लक्षण क्या होते हैं और निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव से बचाव कैसे करें इन सभी विषयों के बारे में हमें विस्तार पूर्वक जानकारी उपलब्ध कराई है।अगर आपके कोई सवाल का जवाब है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं हम आपके सवालों का जवाब जरूर देंगे।

क्या निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव होना अपने आप बंद हो जाएगा?

हां, वैसे तो ब्लीडिंग अपने आप भी रुक सकती है परंतु अगर यह अपने आप ठीक नहीं होती तो सामान्य तौर पर हार्मोन संतुलन की दवाइयों का इस्तेमाल करके और अन्य दवाइयों का इस्तेमाल करने से हेवी ब्लीडिंग सामान्य होने लगती है परंतु अगर निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव किसी अन्य कारण से जैसे कैंसर की वजह से हो रहा है तो यह अपने आप नहीं रुकता।

क्या तीन हफ्तों से ज्यादा ब्लीडिंग होना सामान्य है?

नहीं, क्योंकि आमतौर पर पीरियड में ब्लीडिंग 4 से 7 दिनों तक ही होती है। सामान्य तौर पर एक महिला का पीरियड 28 दिनों का होता है परंतु 21 दिनों से लेकर 35 दिनों तक का मासिक चक्र सामान्य होता है अगर किसी महिलाओं को 4 दिनों से लेकर 7 दिन हो से अधिक ब्लीडिंग हो रही है तो यह एक समस्या का विषय है ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं।

निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव कितने समय तक के लिए हो सकता है?

निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव में ब्लीडिंग होने का कोई भी फिक्स टाइम नहीं होता है ब्लीडिंग कभी भी हो सकती है कैसे भी हो सकती है इसका ना ही कोई फिक्स टाइम होता है और ना ही कोई पैटर्न। निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव में ब्लीडिंग लगातार काफी लंबे समय तक होती रहेगी या रुक-रुक कर होगी।

क्या तनाव की वजह से निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव हो सकता है?

हां, तनाव के कारण हमारे दिमाग में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर काफी बढ़ जाता है कोर्टिसोल हार्मोन के स्तर में बदलाव होने से महिलाओं के पीरियड पर भी इसका प्रभाव पड़ता है और असामान्य रक्तस्राव भी हो सकता है।

निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव को रोकने के लिए कौन-कौन सी दवाइयों का प्रयोग किया जाता है?

निष्क्रिय गर्भाशय रक्तस्राव के दौरान मुख्य रूप से दो प्रकार की दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है Tranexamic acid जिसका इस्तेमाल अधिक रक्तस्राव को रोकने के लिए किया जाता है इसके अलावा Non-steroidal anti-inflammatory drugs (NSAIDs) जैसे कि Ibuprofen दवाई का उपयोग अत्यधिक रक्तस्राव पर नियंत्रण पाने के लिए किया जाता है। wha

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