Respiratory System in Hindi | मानव श्वसन तंत्र क्या है? चित्र, परिभाषा, प्रकार

पूरी दुनिया में सभी जीवो का सांस लेना आवश्यक होता है सभी जीव अलग अलग तरीके से सांस लेते हैं हम इंसान नाक और मुंह द्वारा सांस लेते हैं। सांस लेने से बाहरी वातावरण से ऑक्सीजन हमारे फेफड़ों तक और ऑक्सीजन फेफड़ों से रक्त में जाती है जहां ऑक्सीजन रक्त द्वारा कोशिकाओं तक पहुंचता है और कोशिकाएं ऊर्जा का निर्माण करती हैं।

इस पूरी प्रक्रिया को श्वसन तंत्र कहते हैं आज इस आर्टिकल में हम पढ़ेंगे की श्वसन तंत्र क्या है, श्वसन तंत्र के प्रकार क्या हैं श्वसन तंत्र के अंग कौन से हैं सभी अंगो का कार्य क्या है, श्वसन तंत्र कैसे काम करता है, श्वसन तंत्र से संबंधित कुछ विकारों के बारे में भी हम विस्तार पूर्वक पड़ेंगे।


श्वसन तंत्र क्या है – What is Respiratory system in Hindi


आमतौर पर लोगों को लगता है कि सांस लेना और छोड़ना ही श्वसन तंत्र कहलाता है परंतु ऐसा नहीं है श्वसन का मतलब होता है सांस लेना और तंत्र का मतलब प्रणाली होता है सभी जीवो का सांस लेना आवश्यक होता है अगर कोई मनुष्य या जीव सांस नहीं लेगा तो वह मर जाएगा।

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारे शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा बनाने के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है और ऑक्सीजन हमारा शरीर उत्पन्न नहीं करता वह ऑक्सीजन बाहरी वातावरण से ग्रहण करता है सरल भाषा में बोला जाए तो बाहरी वातावरण से ऑक्सीजन लेने से लेकर कोशिकाओं तक पहुंचना और ऊर्जा का निर्माण होना ही श्वसन तंत्र कहलाता है।

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श्वसन तंत्र की अभिक्रिया – Reaction of the respiratory system in Hindi


श्वसन तंत्र की अभिक्रिया के दौरान शरीर में ग्लूकोस ऑक्सीजन के साथ मिलकर टूटता है जो कार्बन डाइऑक्साइड पानी और ऊर्जा उत्पन्न करता है।

ग्लूकोज + ऑक्सीजन → कार्बन डाइऑक्साइड + पानी + ऊर्जा

C6H12O+ 6O→ 6CO2 + 6H2O+ATP 

हमारे शरीर में श्वसन तंत्र के दौरान अलग-अलग अंगों का उपयोग होता है। जैसे नाक, साइनस, ग्रसनी, स्वर यंत्र, फेफड़े और श्वसन नली आदि।


श्वसन प्रणाली का चित्र – Diagram of the respiratory system in Hindi


Respiratory System in Hindi

श्वसन तंत्र के प्रकार क्या हैं – Types of respiratory system in Hindi


ऑक्सीजन के आधार पर श्वसन तंत्र को दो भागों में विभाजित किया जाता है पहला है

  • वायवीय श्वसन
  • अवायवीय श्वसन

वायवीय श्वसन

इस प्रकार के श्वसन में ऑक्सीजन का इस्तेमाल किया जाता है और यह श्वसन सभी जीवित कोशिकाओं में होता है इस श्वसन के दौरान ग्लूकोस के अणुओ का ऑक्सीकरण होता है।

अवायवीय श्वसन

इस प्रकार के श्वसन में कार्बोहाइड्रेट के ऑक्सीकरण के लिए ऑक्सीजन गैस की आवश्यकता नहीं होती अवायवीय श्वसन में ग्लूकोस टूट कर कार्बन डाइऑक्साइड, एथिल एल्कोहल और लैक्टिक अम्ल बनता है।


श्वसन तंत्र काम कैसे करता है – How respiratory system works in Hindi


श्वसन तंत्र के मुख्य रूप से दो चरण होते हैं पहला जिसमें हम सांस लेते हैं और दूसरा जब हम सांस छोड़ते हैं जब हम सांस लेते हैं तब हमारी सांस में सिर्फ ऑक्सीजन ही नहीं आता बल्कि ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन जैसी अन्य गैसे भी आती हैं। परंतु हमारा शरीर सिर्फ और सिर्फ ऑक्सीजन गैस का उपयोग करता है और बाकी सारी गैसों को बाहर निकाल देता है।

जैसे ही हम सांस लेते हैं तो हमारा डायाफ्राम (Diaphragm) नीचे की तरफ चला जाता है जिससे हमारे फेफड़ों को फैलने के लिए जगह मिल जाती है जैसे ही फेफड़े फैलते हैं तब हवा साइनस (Sinuses) से होती हुई ग्रसनी तक जाती है। साइनस हमारे सर में हड्डियों के बीच में एक क्षेत्र होता है जब हम सांस लेते हैं तब साइनस हवा के तापमान को संतुलन में रखता है और हवा में उपस्थित धूल के कणों को हमारे शरीर के अंदर जाने से रोकता है।

इसके बाद हवा विंड पाइप से होती हुई हमारे फेफड़ों तक पहुंचती है हर इंसान के दो फेफड़े होते हैं फेफड़े बाहरी हवा में से ऑक्सीजन सोखकर हमारे शरीर के रक्त में मिला देते हैं रक्त द्वारा यह ऑक्सीजन ऊतको तक पहुंचता और ऊतको द्वारा यह ऑक्सीजन कोशिकाओं तक पहुंचता है इसके बाद कोशिकाएं ऑक्सीजन का इस्तेमाल ऊर्जा बनाने के लिए करती हैं।

सांस छोड़ने से पहले शरीर में ऑक्सीजन कार्बन डाइऑक्साइड का आदान-प्रदान होता है जब कोई व्यक्ति सांस छोड़ता है तो डायाफ्राम (Diaphragm) सिकुड़ता है और फेफड़ों पर दबाव पड़ता है जिससे हवा बाहर निकल जाती है।

श्वसन प्रणाली के अंग – Organs of Respiratory System in Hindi


श्वसन का मतलब होता है सांस लेना और तंत्र का मतलब होता है प्रणाली जिस में भिन्न-भिन्न प्रकार के अंगों का इस्तेमाल किया जाता है। श्वसन तंत्र एक ऐसी प्रणाली है जिसमें काफी सारे अंगो का इस्तेमाल होता है और हर अंग का अपना एक अलग कार्य होता है

नाक और मुंह  (Nose, and Mouth)

नाक और मुंह द्वारा बाहरी हवा हमारे शरीर में प्रवेश करती है और बाहर जाती है।

साइनस (Sinuses)

हमारे सर में हड्डियों के बीच में एक छेत्र होता है और इसका काम होता है बाहरी हवा के तापमान और आद्रता को संतुलन में रखना।

गला (ग्रसनी) (Throat (pharynx))

यह एक ट्यूब जैसी होती है जिसका कार्य होता है हवा को नाक और मुंह से लेकर श्वसन नली (Windpipe) तक पहुंचाना।

विंडपाइप (श्वासनली) (Windpipe (trachea))

यह एक ट्यूब या पाइप जैसी होती है जिसका कार्य होता है हवा को गली से लेकर फेफड़ों तक पहुंचाना।

डायाफ्राम (Diaphragm)

यह एक प्रकार की मांसपेशी होती है जो फेफड़ों को दबाकर और खींच कर सांस छोड़ने और लेने में मदद करती है।

फेफड़ों (Lungs) 

इंसानी शरीर में दो फेफड़े होते हैं इन दोनों में बाहरी वातावरण से वायु आती है फेफड़ों का मुख्य कार्य होता है कि यह बाहरी हवा में से ऑक्सीजन सोखकर हमारे शरीर के रक्त में मिला देते हैं

ब्रोन्कियल ट्यूब (Bronchial tubes/bronchi)

यह एक ट्यूब के आकार की होती है जो दोनों फेफड़ों को विंड पाइप से जोड़ती है।

ब्रांकिओल्स (Bronchioles)

ब्रोन्कियल ट्यूब फेफड़ों में जाकर और छोटी-छोटी ट्यूब में डिवाइड हो जाती है जिन्हें ब्रांकिओल्स (Bronchioles) कहते हैं

वायु थैली (एल्वियोली) (Air sacs (alveoli))

यह ब्रांकिओल्स (Bronchioles) और छोटे-छोटे भागों में बट जाती है जिसे वायु थैली (एल्वियोली) (Air sacs (alveoli)) कहा जाता है। इनका मुख्य कार्य होता है ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड का आदान प्रदान करना।

कोशिकाओं (Capillaries)

वायु थैली (एल्वियोली) (Air sacs (alveoli)) की दीवार पर कुछ रक्त वाहिकाएं होती हैं जो ऑक्सीजन और कार्बन डाई ऑक्साइड का स्थानांतरण में मदद करती हैं।


श्वसन तंत्र को मजबूत कैसे बनाये – How can I keep my respiratory system healthy?


आजकल के समय में पोलूशन, बीमारियां और अस्वस्थ भोजन के कारण श्वसन तंत्र संबंधी विकार होना एक आम बात हो गई है आजकल के समय में ज्यादातर लोगों को श्वसन तंत्र संबंधी विकार होते हैं जैसे अस्थमा, फेफड़ों का कैंसर और निमोनिया आदि इन सभी बीमारियों से बचने के लिए हमें अपने श्वसन तंत्र को मजबूत रखना चाहिए श्वसन तंत्र को मजबूत करने के लिए हम निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं।

अच्छा और स्वस्थ भोजन खाएं:- क्योंकि ज्यादातर बीमारियां खराब भोजन की वजह से ही होती हैं इसलिए हमें अच्छा संतुलित और स्वस्थ भोजन खाना चाहिए जो हमारे शरीर को ताकत दें और हमारे दिमागी और शारीरिक विकास में सहायक बने।

शरीर का वजन बढ़ने ना दे:- आजकल की बढ़ती गलत खानपान के कारण मोटापा बहुत अधिक बढ़ गया है बहुत सारे लोग आजकल मोटापे से ग्रस्त हैं मोटापा अपने आप में ही एक भयंकर बीमारी है और यह हजारों बीमारियों को जन्म दे सकता है इसलिए मोटापे से बचें और अपने वजन को नियंत्रण में रखें।

धूम्रपान ना करें:- धूम्रपान करना हमारे सेहत के लिए काफी हानिकारक होता है धूम्रपान करने से बचें और ऐसे लोगों से भी दूर रहें जो धूम्रपान करते हैं।

पोलूशन से बचने का प्रयास करें:- हम 24 घंटे पोलूशन से नहीं बच सकते हैं फिर भी जितना हो सके हमें उतना पोलूशन से बचना चाहिए क्योंकि पोलूशन के कारण आजकल स्वास्थ संबंधी समस्याएं बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं।

इंफेक्शन से ग्रस्त व्यक्ति से बचें:- ऐसे लोगों से बचे जिन्हें वायरल या कोई इंफेक्शन हो।

नियमित रूप से एक्सरसाइज करें:- नियमित रूप से योगा और एक्सरसाइज करें इससे आपका शरीर फिट रहेगा और जब आपका शरीर फिट रहेगा तो आपको किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी।

ऊपर दिए गए लक्षणों में से किसी भी प्रकार के लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और कम से कम साल में एक बार अपना फुल बॉडी चेकअप जरूर करवाएं।


श्वसन तंत्र के बचाव के उपाय – How do you prevent respiratory problems naturally in Hindi


श्वसन तंत्र संबंधी समस्याएं किसी को भी हो सकती हैं और इन सभी समस्याओं से बचने के लिए हमें कुछ सावधानियां रखनी चाहिए। जैसे

  • श्वसन तंत्र संबंधी किसी भी तरह की समस्या आने पर घबराएं नहीं तुरंत डॉक्टर को दिखाएं डॉक्टर से सलाह लें
  • नियमित रूप से योगा और एक्सरसाइज करें इससे आपका शरीर स्वस्थ रहेगा और श्वसन तंत्र संबंधी समस्याएं भी नहीं आएंगी।
  • जितना हो सके इंफेक्शन से ग्रस्त व्यक्तियों से दूर रहें।
  • खानपान का विशेष ध्यान रखें।
  • हमेशा मास्क लगाकर रखें।
  • धूम्रपान करने से बचें।
  • अस्थमा होने पर विशेष ध्यान रखें और अस्थमा इनहेलर हमेशा साथ रखें।

श्वसन तंत्र संबंधी विकार क्या हैं – What are respiratory disorders in Hindi


हमारे श्वसन तंत्र में काफी सारे अंगो का उपयोग होता है अलग-अलग अंग का अलग-अलग कार्य है श्वसन तंत्र में छोटे-छोटे अंगों से लेकर बड़े-बड़े अंगों तक का उपयोग है इसलिए इसमें कई प्रकार की श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं।

अस्थमा अस्थमा एक ऐसी बीमारी है जो आजकल काफी सामान्य है और ज्यादातर लोगों को होती है क्योंकि पोलूशन बहुत अधिक है।

इंफेक्शन आमतौर पर लोगों को इंफेक्शन काफी जल्दी हो जाता है और बहुत सारे लोगों को श्वसन तंत्र से जुड़ा इंफेक्शन बहुत जल्दी होता है।

कोई बीमारी बीमारी के कारण भी कई बार श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

बढ़ती हुई उम्र एक उम्र के बाद श्वसन तंत्र में समस्याएं आने लगती हैं और यह सामान्य होता है।

चोट लगना अगर किसी व्यक्ति को किसी प्रकार की कोई चोट लग जाती है तो उससे भी श्वसन तंत्र में समस्या आ सकती है। रेस्पिरेट्री सिस्टम से जुड़ी बीमारियों की सूची।

  • दमा (Asthma)
  • क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) (Chronic Obstructive Pulmonary Disease (COPD))
  • फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer)
  • सिस्टिक फाइब्रोसिस / ब्रोन्किइक्टेसिस (Cystic Fibrosis/Bronchiectasis)
  • न्यूमोनिया (Pneumonia)
  • फुफ्फुस बहाव (Pleural Effusion)
  • क्रोनिक ब्रोंकाइटिस (Chronic Bronchitis)
  • वातस्फीति (Emphysema)

रेस्पिरेटरी यूनिट किसे कहते हैं – What is the unit of respiratory system in Hindi


ब्रोन्कियल ट्यूब (Bronchial tubes/bronchi) एक छोटी ट्यूब के आकार की होती है और यह दोनों फेफड़ों को आपस में विंड पाइप के साथ जोड़ती है ब्रोन्कियल ट्यूब (Bronchial tubes/bronchi) फेफड़ों में जाकर छोटी-छोटी ट्यूब में बढ़ जाती है जिसे ब्रांकिओल्स (Bronchioles) कहते हैं और यह ब्रांकिओल्स (Bronchioles) और छोटे-छोटे भागों में बट जाती है जिसे वायु थैली (एल्वियोली) (Air sacs (alveoli)) कहा जाता है। हमारे शरीर में जो श्वसन के लिए गैसेस का एक्सचेंज होता है वह मुख्य रूप से ब्रांकिओल्स (Bronchioles) और वायु थैली (एल्वियोली) में ही होता है इसलिए इसे रेस्पिरेट्री सिस्टम की यूनिट भी कहते हैं।


हमारा श्वसन तंत्र वायुमंडल से ऑक्सीजन ही क्यों ग्रहण करता है अन्य गैस नही – Why respiratory system only take oxygen in Hindi


ऐसा इसलिए होता है क्योंकि श्वसन तंत्र का मुख्य कार्य है बाहरी वातावरण में ऑक्सीजन लेकर शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाना जिससे कोशिकाएं ऊर्जा का निर्माण कर पाए। जो खाना हम खाते हैं उसका कुछ हिस्सा हमारे शरीर में शुगर के रूप में एकत्रित होता है और शुगर को तोड़कर ही उर्जा बनाई जाती है। शुगर को तोड़ने में ऑक्सीजन ही उपयोग में लाया जाता है और इस रिएक्शन में कार्बन डाइऑक्साइड गैस waste के रूप में रहती है।

निष्कर्ष

हमने इस आर्टिकल में बताया है कि श्वसन तंत्र क्या है श्वसन तंत्र कैसे काम करता है श्वसन तंत्र के हर अंग के बारे में जानकारी और हम अपने श्वसन तंत्र को किस तरीके से स्वस्थ रख सकते हैं। मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा आर्टिकल पसंद आया होगा अगर आपके कोई सवाल या जवाब हैं तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं।

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