स्टेंडल सिंड्रोम (Stendhal syndrome): क्या कला आपको वास्तव में बीमार कर सकते हैं?

इस पूरी दुनिया में बहुत सारी अजीब अजीब प्रकार की बीमारियां है जिनमें से एक है स्टेंडल सिंड्रोम इस बीमारी के बारे में आपने शायद ही सुना होगा यह बीमारी काफी दुर्लभ है। आमतौर पर यह बीमारी महिलाओं में ज्यादा होती है और यह विशेष कर उन लोगोंं को होती है जिन्हें यात्रा करने में और कला और पुरानी चीजों को देखने में आनंद आता है।

इसलिए आज इस आर्टिकल में हम बात करेंगे कि स्टेंडल सिंड्रोम क्या है, स्टेंडल सिंड्रोम इलाज क्या है, स्टेंडल सिंड्रोम क्यों होता है,स्टेंडल सिंड्रोम लक्षण क्या है और स्टेंडल सिंड्रोमके बारे में और भी कई अन्य तथ्यों के बारे में भी हमने बताया है।

स्टेंडल सिंड्रोम क्या है? – What is Stendhal syndrome in hindi?

Stendhal syndrome

स्टेंडल सिंड्रोम (Stendhal syndrome) जिसे आमतौर पर फ्लोरेंस सिंड्रोम के नाम से भी जाना जाता है यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें व्यक्ति को मानसिक रूप से समस्याएं होती हैं इस बीमारी के दौरान जब व्यक्ति किसी म्यूजियम या फिर पौराणिक चीजों और चित्रकलाओं व कलाओं को देखता है तो व्यक्ति को मन में अजीब सा महसूस होता है जिसके कारण व्यक्ति की धड़कन तेज हो जाती है और व्यक्ति को कन्फ्यूजन होने लगती है व्यक्ति को भ्रम होने लगता है।

ऐसा सिर्फ तभी होता है जब व्यक्ति किसी ऐसे स्थान पर जाए जहां पर उसे कोई कला से जुड़ी या फिर पौराणिक चीजें देखने को मिले जैसे कोई मशहूर पेंटिंग या फिर कोई आर्ट से जुड़ा सामान या फिर कोई म्यूजियम। इस बीमारी की खोज 19वीं शताब्दी में Marie-Henri Beyle नाम की डॉक्टर ने की थी।

स्टेंडल सिंड्रोम में होने वाले लक्षण – Symptoms of Stendhal syndrome in hindi

स्टेंडल सिंड्रोम एक बहुत ही दुर्लभ सिंड्रोम है और यह आमतौर पर नहीं होता है इसमें अलग प्रकार के लक्षण होते हैं जैसे कि।

  • कमजोरी महसूस होना
  • चक्कर आना
  • पसीना आना
  • कन्फ्यूजन होना
  • धड़कन तेज हो जाना
  • हेलोजनेशन होना

आदि स्टेंडल सिंड्रोम के लक्षण हैं। आमतौर पर इसमें ऐसा होता है कि जिस भी कला या पौराणिक वस्तु को आप देख रहे होते हैं उससे भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं।

स्टेंडल सिंड्रोम का इलाज – Treatment of Stendhal syndrome in hindi

स्टेंडल सिंड्रोम का अभी तक ऐसा कोई भी इलाज नहीं है जो यह दावा करता है कि वह तरीका 100% कारगर है। हां, बहुत सारे ट्रीटमेंट और डॉक्टर यह दावा करते हैं कि उनके इलाज से स्टेंडल सिंड्रोम से ग्रस्त व्यक्ति ठीक हो जाता है परंतु अभी तक किसी भी मान्यता प्राप्त संस्था ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

परंतु हम कुछ तरीकों से उसको ठीक करने का प्रयास कर सकते हैं और इस पर नियंत्रण पा सकते हैं

मेडिटेशन करना :- मेडिटेशन करने से हमें काफी शांति मिलती है और हमारे दिमाग को काफी अच्छा लगता है और स्टेंडल सिंड्रोम के इलाज में भी मदद मिलती है।

दवाइयों का प्रयोग करना :- स्टेंडल सिंड्रोम में दवाइयों की मदद से हम हो रहे लक्षणों को कम कर सकते हैं।

एंटीडिप्रेसेंट दवाइयों का प्रयोग करना :- एंटीडिप्रेसेंट दवाइयां स्टेंडल सिंड्रोम से ग्रस्त व्यक्ति को तनाव से मुक्त करने में मदद करती हैं।

काउंसलिंग करना :- काउंसलिंग के द्वारा भी स्टेंडल सिंड्रोम का इलाज किया जाता है और यह काफी इफेक्टिव माना जाता है।

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स्टेंडल सिंड्रोम के कारण क्या हैं? – Causes of Stendhal syndrome in hindi

अभी तक कोई ऐसा विशेष कारण सामने नहीं आया है जिससे वैज्ञानिक यह कह सकें कि स्टेंडल सिंड्रोम के पीछे का वैज्ञानिक कारण क्या है परंतु आमतौर पर वैज्ञानिक यह मानते हैं कि निम्नलिखित कारण Stendhal सिंड्रोम की वजह हो सकते हैं।

  • स्टेंडल सिंड्रोम का एक प्रमुख कारण यह है कि जब भी हम कहीं किसी ऐतिहासिक स्थल या किसी आर्ट और कला से जुड़े स्थान पर जाते हैं तो हम अपने विचारों में पहले से ही उस स्थान के बारे में और वहां की चीजों के बारे में एक स्मृति बना लेते हैं जब हम उन चीजों को वास्तव में देखते हैं तब हमें ऐसा लगता है कि वह चीजें हमारी सोच से भी ज्यादा अच्छी हैं। इस वजह से व्यक्ति अपने अंदर की भावनाओं को नियंत्रण में नहीं रख पाता है और व्यक्ति की यह भावनाएं मिलकर स्टेंडल सिंड्रोम को जन्म देती हैैं।
  • जब भी कोई व्यक्ति किसी ऐतिहासिक चीज या कला से जुड़ी चीज को देखता है तब व्यक्ति उस चीज से भावनात्मक रूप से जुड़ जाता है इस कारण से भी स्टेंडल सिंड्रोम होता है।

स्टेंडल सिंड्रोम से जुड़े हुए कुछ तथ्य – Facts about Stendhal syndrome in hindi

  • स्टेंडल सिंड्रोम आमतौर पर यात्रा करने वालों या टूरिस्ट लोगों को अधिक होता है।
  • यह रोग आमतौर पर 20 से 40 वर्ष की आयु के लोगों को होता है।
  • यह रोग ज्यादातर महिलाओं में पाया जाता है।
  • आमतौर पर इस रोग की अवधि 2 से 8 दिनों तक होती है।
  • इस बीमारी की खोज 19वीं शताब्दी में Marie-Henri Beyle नाम की डॉक्टर ने की थी।

क्या स्टेंडल सिंड्रोम का क्योर है – Is Stendhal syndrome curable in hindi

स्टेंडल सिंड्रोम को क्योर नहीं किया जा सकता परंतु हम दवाइयों द्वारा इसको कम कर सकते हैं और स्टेंडल सिंड्रोम में होने वाले लक्षणों को भी कम कर सकते हैं इन सभी लक्षणों को कम करने के लिए हम दवाइयों, मेडिटेशन, काउंसलिंग और एंटी डिप्रेशन मेडिसिन का सहारा ले सकते हैं।

स्टेंडल सिंड्रोम कितने समय तक रहता है – How long does Stendhal syndrome last in hindi?

डॉक्टर मगरी द्वारा एक रिसर्च में पाया कि प्रत्येक व्यक्तिगत मामलों में सामान्यता सभी लक्षण अचानक ही शुरू होते हैं और यह कम से कम 2 से 8 दिन तक रहते हैं इसका सबसे आम लक्षण हैं छाती में दर्द होना, धड़कन तेज हो जाना, डायाफोरेसिस और एंजाइटी होना।

निष्कर्ष

निष्कर्ष इस लेख में हमने यह बताया है कि स्टेंडल सिंड्रोम क्या है, स्टेंडल सिंड्रोम इलाज क्या है, स्टेंडल सिंड्रोम क्यों होता है,स्टेंडल सिंड्रोम लक्षण क्या है और स्टेंडल सिंड्रोमके बारे में और भी कई अन्य तथ्यों के बारे में भी हमने बताया है।

मैं आशा करता हूं कि आप को हमारे यहां पर आर्टिकल पसंद आया होगा अगर आपके कोई सवाल यह सुझाव है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बता सकते हैं धन्यवाद।

संदर्भ (Reference)

Stendhal’s syndrome. (1, December). PubMed Central (PMC). https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2991758

Reminder of important clinical lesson: Stendhal syndrome: a case of cultural overload. (n.d.). PubMed Central (PMC). https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3027955/

Stendhal syndrome: Can art really be so beautiful it makes you ill? (2018, December 18). the Guardian. https://www.theguardian.com/artanddesign/shortcuts/2018/dec/18/stendhal-syndrome-botticelli-the-birth-of-venus

Stendhal syndrome. (2001, June 23). – Wikipedia. Retrieved May 13, 2021, from https://en.m.wikipedia.org/wiki/Stendhal_syndrome

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