बवासीर (Piles): लक्षण, इलाज, कारण इत्यादि

बवासीर (Piles) एक ऐसी समस्या है जो पूरे विश्व में पाई जाती है और बहुत सारे लोग इससे ग्रस्त हैं यह एक ऐसी समस्या नहीं है जिससे किसी व्यक्ति की जान जाए परंतु इसमें बहुत अधिक दर्द होता है और यह काफी आम है। एक रिसर्च के अनुसार 50 वर्ष की आयु के बाद लगभग 50% लोगों को बवासीर हो जाता है।

लोग शर्म के मारे इस बीमारी के लिए किसी डॉक्टर के पास नहीं जाते हैं और जब तकलीफ बढ़ जाती है तब किसी भी वैद्य या हकीम के पास चले जाते हैं जिनके पास जाने से यह समस्या और बढ़ जाती है।

इसलिए इस आर्टिकल में आज हम बात करेंगे कि बवासीर क्या है, बवासीर क्यों होता है, बवासीर के लक्षण क्या है, बवासीर का इलाज क्या है और बवासीर के घरेलू इलाज के बारे में भी हम पढेंगे इसके साथ साथ ही हम कुछ ऐसे प्रश्नों के उत्तर भी जानेंगे जो लोगों द्वारा पूछे गए हैं।

Table of Contents

बवासीर (Piles) क्या है? – What is Piles in Hindi

बवासीर इसे इंग्लिश में पाइल्स कहते हैं और यह भारत में काफी आम समस्या है यह पुरुषों और महिलाओं में लगभग बराबर मात्रा में होती है लगभग 50% लोग जिन्हें बवासीर है रक्तस्राव करते हैं वैज्ञानिक रूप से 50 वर्ष की उम्र के बाद लगभग 50% लोगों को बवासीर की समस्या हो जाती है।

अगर आप की उम्र अभी 50 साल है या उससे ऊपर है तो आपको भी बवासीर होने की संभावना है। ऐसा भी माना जाता है कि महिलाओं को बवासीर प्रेगनेंसी में ज्यादा होती हैं।

वास्तव में हमारे शरीर का जो मलद्वार होता है (लैट्रिंग का रास्ता) उसने खून की नसों के गुच्छे होते हैं जो सभी को होते हैं लेकिन जब व्यक्ति लेटरिंग में ज्यादा जोर लगाता है तो समय के साथ धीरे-धीरे करके यह नसें फुल जाती हैं और जब यह नसें फूल जाती हैं तब यह हमें दिक्कत करती हैं इसे पाइल्स या बवासीर कहते हैं।

बवासीर (Piles) के लक्षण क्या होते हैं – Symptoms of Piles in Hindi

बवासीर (Piles)

50% संभावना है कि बवासीर में आपको किसी भी प्रकार के कोई लक्षण महसूस नहीं होंगे।

रक्त स्राव (खून का बहना)

बवासीर का सबसे पहला लक्षण होता है मलद्वार से रक्त का स्राव होना लैट्रिन में ब्लड आने लगेगा लैट्रिन में ब्लड 2 तरीके से आएगा या तो लेट्रिन करने से पहले आएगा या फिर लैट्रिन करने के बाद आएगा।

यह अक्सर तब आता है जब आप लैट्रिन करते हैं या आपको कब्जी होती है। रक्त एकदम ताजा होगा या तो यह बूंद-बूंद करके आएगा या तो धार में आएगा। अगर आपको रक्त धार बनकर आता है तो बवासीर होने की संभावना अधिक है।

  • लैट्रिन के रास्ते में दर्द होना
  • लैट्रिन के रास्ते में खुजली होना
  • शौच करते समय जलन महसूस होना
  • गुदा के आसपास सूजन होना
  • बार बार शौच जाने की इच्छा होना
  • पेट साफ ना होना।
  • कब्ज की समस्या रहना।
  • गुदा के आसपास गांठ महसूस होना

बवासीर (Piles) क्यों होता है – Causes of piles in Hindi

बवासीर होने के कई कारण हो सकते हैं जिनमें से कुछ कारण हैं जिन्हें वैज्ञानिक तौर पर मान्यता मिली हुई है जैसे कि

  • टॉयलेट में अधिक समय लगाना वैज्ञानिक लोग मानते हैं कि टॉयलेट में टॉयलेट करने के लिए 2 से 3 मिनट से ज्यादा समय नहीं लगाना चाहिए परंतु बहुत सारे लोग 15 – 20 मिनट तक शौच में बैठे रहते हैं और जोर लगाते रहते हैं
  • जो लोग टॉयलेट में ज्यादा समय तक बैठते हैं और ज्यादा जोर लगाते हैं उन्हें बवासीर होने की संभावना अधिक होती है।
  • अगर आपको कब्जी है या आपको डायरिया होता है या बार बार लैट्रिन जाते हैं इन दोनों परिस्थितियों में आपको बवासीर होने की संभावना है।
  • अगर आपका कोई ऐसा काम है जिसमें आपको भारी सामान उठाना पड़ता है भारी सामान उठाने से भी बवासीर होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • मोटापा होने से भी बवासीर होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • जैसे जैसे व्यक्ति की उम्र बढ़ती जाती है वैसे वैसे बवासीर होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • प्रेगनेंसी के दौरान भी बवासीर होने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है और ज्यादातर महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान ही बवासीर  होता है।
  • यह अनुवांशिक भी होता है मतलब कि अगर माता-पिता में से किसी को बवासीर है तो बच्चे को भी बवासीर होने की संभावना रहती है।
  • अधिक तेल मसाले वाला भोजन खाना।
  • खाने में कम रेशें वाला भोजन खाना।
  • शारीरिक गतिविधियां कम करना या आलस।
  • धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन।

बवासीर (Piles) का इलाज – Treatment of Piles in Hindi

इसका इलाज दो तरीकों से किया जाता है पहला जिसमें दवाइयों की मदद से बवासीर को कंट्रोल किया जाता है इसके साथ-साथ कुछ क्रीम और लोशन भी लगाने के लिए दिए जाते हैं और व्यक्ति को सिकाई करने के लिए कहा जाता है।

और दूसरा तरीका है सर्जरी का जिसमें ऑपरेशन करके बवासीर को शरीर से अलग कर दिया जाता है। और सर्जरी काफी अच्छा तरीका है जिससे आप बवासीर से छुटकारा पा सकते हैं इसके साथ साथ यह बहुत ज्यादा महंगा भी नहीं होता है और इसमें खतरा भी बहुत कम होता है और एक बार सर्जरी कराने के बाद दोबारा बवासीर होने की संभावना भी कम हो जाती है।

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बवासीर (Piles) की जांच – Diagnosis of Piles in Hindi

डॉक्टर सबसे पहले आप के लक्षणों के आधार पर एक डायग्नोसिस बनाएगा और उस आधार पर आपको बताने की कोशिश करेगा कि आपको क्या हुआ है।

लैट्रिन के रास्ते से एक छोटा सा यंत्र आपके गुदा में डाला जाता है और उससे जांच की जाती है इसको प्रैक्टोस्कोपी कहते हैं जिसके आधार पर डॉक्टर यह चेक करेगा कि आपको बवासीर है या नहीं।

इसके अलावा इसका पता लगाने का एक और तरीका है जिसे कोलोनोस्कोपी कहते हैं।

बवासीर (Piles) के प्रकार – Types of Piles in Hindi

बवासीर दो प्रकार के होते हैं एक खूनी बवासीर (इंटरनल हेमोरॉयड्स) और एक बादी बवासीर (एक्सटर्नल हेमोरॉयड्स)

बादी बवासीर (एक्सटर्नल हेमोरॉयड्स) जो बादी बवासीर (एक्सटर्नल हेमोरॉयड्स) होते हैं वे आपको आसानी से महसूस होते हैं जब आप शौच करते हैं समय के साथ साथ जब आप लैट्रिन करते समय ज्यादा ज़ोर लगाते हैं तब यह बाहर आ जाते हैं यह कभी-कभी अपने आप अंदर चले जाते हैं कभी-कभी इनमें इतनी ज्यादा ब्लीडिंग होने लगती है कि शरीर में खून की कमी हो जाती है और आपको डॉक्टर तक को दिखाना पड़ सकता है।

खूनी बवासीर (इंटरनल हेमोरॉयड्स) क्योंकि यह अंदर होते हैं इसलिए यह आसानी से महसूस नहीं होते हैं। और इनमें कभी खून का थक्का बन सकता है और अगर यह खून का थक्का बनता है तो यह गांठ जैसी बन जाएगी और इनमें बहुत ज्यादा दर्द होगा इसके अलावा बहुत खुजली भी होगी।

कभी-कभी इन में इतना दर्द होता है कि आप को सहन नहीं होता है और आपको डॉक्टर को दिखाना पड़ता है तुरंत के तुरंत।

बवासीर (Piles) का घरेलू उपचार – Home remedies for piles in Hindi

अपनी जीवनशैली में बदलाव करके हम बवासीर जैसी बीमारी से बच सकते हैं।

  • खाने में अधिक रेशेदार खाना खाएं ऐसा करने से आप की लेटरिंग सॉफ्ट रहेगी और अगर आप की लैट्रिन सॉफ्ट रहेगी और आप ज़ोर नहीं लगाएंगे तो आपको बवासीर होने का खतरा भी कम रहेगा।
  • आपको फल हरी सब्जियां हरी पत्तेदार सब्जियां अधिक खानी चाहिए आपको
  • अगर आप खाने में अधिक रेशे वाली खाद्य सामग्री नहीं खा पाते हैं तो आप अधिक रेशे वाले सप्लीमेंट ले सकते हैं इन सब में सबसे ज्यादा आम है ईसबगोल की भूसी।
  • ढेर सारी मात्रा में पानी पीना चाहिए, ज्यादा पानी पीना  हमारे शरीर के लिए अच्छा होता है ज्यादा पानी पीने से हमारा पेट साफ होता है आतें साफ होती हैं इसलिए हमें अधिक पानी पीना चाहिए।
  • बवासीर में लगाने के लिए किसी प्रकार की लोशन या क्रीम का भी उपयोग किया जा सकता है इससे राहत मिलती है
  • गर्म पानी से सिकाई करें एक बड़ा सा टब ले इसमें हल्के गुनगुने पानी में थोड़ा बहुत डिटॉल डालकर उसमें 15 से 20 मिनट सुबह शाम बैठें।

निष्कर्ष

मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा इस आर्टिकल में हमने बताया है कि बवासीर क्या है, बवासीर क्यों होता है, बवासीर होने के क्या कारण है, बवासीर के लक्षण क्या है बवासीर का इलाज क्या है इसके साथ-साथ बवासीर का घरेलू इलाज क्या है और लोगों द्वारा पूछे गए कुछ प्रश्नों के उत्तर।

मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा अगर आपको हमारे आर्टिकल पसंद आया है या आपके कोई सवाल है जवाब हैं तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं हम उनका जवाब देने का प्रयास अवश्य करेंगे।

प्रश्न और उत्तर

क्या बवासीर में देसी घी खा सकते हैं ?

हां, आप बवासीर में देसी घी खा सकते हैं परंतु बहुत कम मात्रा में, अधिक मात्रा में देसी घी खाने से आपको समस्याएं हो सकती हैं और आपको कब्ज की समस्या हो सकती है और कब्ज की समस्या होने से बवासीर होने का खतरा बढ़ता है।

बवासीर के ऑपरेशन के बाद सिर में दर्द क्यों होता है?

बवासीर के ऑपरेशन होने के बाद हमारे शरीर में कई परिवर्तन होते हैं जिनके कारण सिर दर्द हो सकता है तो सिर दर्द होना बहुत आम बात है लेकिन अगर आपको बहुत ज्यादा तेज सर दर्द हो रहा है तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए हो सकता है यह किसी और कारण से हो रहा हो।

बवासीर में बीयर पीना नुकसानदायक है या फायदेमंद?

बवासीर में किसी भी प्रकार का नशा करना काफी नुकसानदेह हो सकता है इसलिए बीयर पीना, शराब पीना, बीड़ी सिगरेट आदि का सेवन करना बिल्कुल गलत है इसलिए बीयर का सेवन नहीं करना चाहिए।

बवासीर का ऑपरेशन के बाद फिर से बवासीर हो सकता है क्या?

हां बवासीर के ऑपरेशन के बाद फिर से बवासीर हो सकता है इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे जीवन शैली में बदलाव ना करना, अधिक तेल मसाले वाला खाना खाना और लैट्रिन में ज्यादा समय तक बैठे रहना और जोर लगाना ।

क्या बवासीर में परवल खा सकते हैं?

हां, बवासीर से ग्रस्त व्यक्ति परवल खा सकता है लेकिन व्यक्ति को अपनी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियों का इस्तेमाल करना चाहिए फल आदि का इस्तेमाल करना चाहिए और ज्यादा तेल मसाले वाले भोजन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

अगर बवासीर हो तो महिला प्रेग्नेंट होगी या नहीं?

बवासीर होने पर महिला प्रेग्नेंट हो सकती है क्योंकि बवासीर गुदा में होता है जबकि बच्चा योनि से पैदा होता है। हां, बवासीर होने के समय महिला को काफी दिक्कत हो सकती है और सबसे ज्यादा संभावना है कि एक स्वस्थ महिला को बवासीर हो जाए।

क्या कच्चा लहसुन खाने से बवासीर हो जाता है?

नहीं, कच्चा लहसुन खाने से बवासीर नहीं हो सकता बल्कि कुछ लोग बवासीर के इलाज के लिए कच्चा लहसुन खाने की सलाह देते हैं और यह बात काफी हद तक सही भी है।

बवासीर में ब्लड कितने दिन आता है?

बवासीर में ब्लड कितने भी दिन तक आ सकता है जब तक आप इसका इलाज नहीं करोगे तब तक यह ब्लड आता रहेगा अगर आप को बहुत अधिक मात्रा में ब्लड आता है तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

5 साल के बच्चे को बवासीर है तो क्या करें?

अगर 5 साल के बच्चे को बवासीर है तो उसे डॉक्टर को दिखाना चाहिए डॉक्टर बच्चे का इलाज करेगा और वह बच्चा स्वस्थ हो जाएगा अगर इसके इलाज में देरी की जाती है तब बच्चे की पढ़ाई लिखाई पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

बवासीर में पानी पुरी खाना चाहिए या नहीं?

बवासीर में पानी पूरी खाने से कब्ज की समस्या हो सकती है इसलिए हमें पानीपुरी नहीं खाना चाहिए लेकिन कभी कभी महीने 2 महीने में एक दो पानी पूरी खाने में कोई हर्ज नहीं है।

ठंडे पानी को शौच में इस्तेमाल करने से बवासीर बाहर आती है क्या?

नहीं, ठंडे पानी से सोच करने से बवासीर बाहर नहीं आती है अगर आपकी बवासीर बाहर होगी अगर आप ज्यादा जोर लगाएंगे तो ऐसा हो सकता है। बवासीर दो प्रकार की होती है बादी बवासीर और खूनी बवासीर अगर आपको बादी बवासीर है तो वह गुदाद्वार के बाहर ही होती है और खूनी बवासीर मलद्वार के अंदर होती है।

बवासीर के ऑपरेशन के बाद कितने दिन दर्द रहता है?

बवासीर के ऑपरेशन के बाद 15 से 20 दिन तक दर्द रहता है अगर आपको इस से ज्यादा समय तक दर्द हो रहा हो या अधिक दर्द हो रहा हो तो आपको बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

बादी बवासीर के रोगी को चिया सीड का सेवन करना चाहिए या नहीं?

हां, करना चाहिए क्योंकि चिया सीड पोषण से भरपूर होते हैं और इनका सेवन करने से कब्ज में राहत मिलती है यह बवासीर को भी ठीक करने में मदद करते हैं।

एक्सरसाइज करने से बवासीर हो रहा है क्या करूं?

अगर आपको एक्सरसाइज करने से बवासीर हो रहा है तो आप बहुत भारी भारी एक एक्सरसाइज ना करें हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें जैसे रनिंग और जोगिंग आदि इसके अलावा अपने खान-पान का ध्यान रखें।

अर्श कुठार रस पतंजलि for piles?

अर्श कुठार रस यह पतंजलि की एक औषधि है और यह बवासीर से राहत दिलाने में मदद करती है रोज इस दवाई का एक ढक्कन गुनगुने पानी के साथ पीने से काफी राहत मिलती है। और अगर आपको ऐसा लगता है कि आप फाइबर अच्छी मात्रा में नहीं ले रहे हैं तो आपको फाइबर सप्लीमेंट लेना चाहिए

संदर्भ (Reference)

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