मलेरिया के लक्षण, इलाज, कारण इत्यादि | Malaria symptoms in Hindi

मलेरिया एक ऐसी बीमारी है पूरी दुनिया के ज्यादातर देशों में पाई जाती है यह बीमारी मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होती है हर साल पूरे विश्व में मलेरिया के कारण कई बच्चों की जान चली जाती है यह एक ऐसी बीमारी है जिसका इलाज समय पर मिलने से व्यक्ति ठीक हो जाता है परंतु अगर आपको जानकारी का अभाव है तो आप इससे प्रभावित हो सकते हैं।

यह ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में होता है इससे बचने की लिए अब दवाइयों का प्रयोग कर सकते हैं और इसके साथ-साथ कुछ साधारण सी गतिविधियां करके भी आप मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बच सकते हैं।

तो आइए इस आर्टिकल में हम बात करते हैं कि मलेरिया क्या है, मलेरिया क्यों होता है, मलेरिया के लक्षण क्या है, मलेरिया का इलाज क्या है, मलेरिया का घरेलू इलाज क्या है इसके साथ-साथ मलेरिया के विषय में हर संभव जानकारी।

Table of Contents

मलेरिया क्या है? – What is malaria in Hindi?

मलेरिया सबसे प्रचलित वाहक जनित संक्रामक रोग है यह प्रोटोजोआ परजीवी द्वारा फैलता है मुख्य रूप से यह अफ्रीका एशिया और अमेरिका जैसे देशों में अधिक पाया जाता है।

हर साल पूरी दुनिया में मलेरिया 51.5 करोड़ लोगों को प्रभावित करता है और हर वर्ष लगभग 10 से लेकर 3000000 लोगों की मृत्यु का कारण बनता है।

यह रोग प्लाज्मोडियम प्रोटोजोआ परजीवी के द्वारा फैलता है मलेरिया केवल चार प्रकार का होता है जो मनुष्य को प्रभावित करता है जिनमें से मुख्य, फैल्सीपैरम (मलेरिया एक ऐसी बीमारी है पूरी दुनिया के ज्यादातर देशों में पाई जाती है यह बीमारी मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होती है हर साल पूरे विश्व में मलेरिया के कारण कई बच्चों की जान चली जाती है यह एक ऐसी बीमारी है जिसका इलाज समय पर मिलने से व्यक्ति ठीक हो जाता है परंतु अगर आपको जानकारी का अभाव है तो आप इससे प्रभावित हो सकते हैं।) तथा प्लास्मोडियम विवैक्स (Plasmodium vivax) माने जाते हैं।

मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है और जब यह मच्छर हमें काटता है तब इसके माध्यम से हमारे शरीर में परजीवी प्रवेश कर जाता है और बहु गुणित होने लगता है जिससे यह हमारे रक्त की रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है इससे शरीर में रक्त की कमी हो जाती है इसे एनीमिया कहते हैं।

मलेरिया के लक्षण – Symptoms of malaria in Hindi

मलेरिया में व्यक्ति को अलग-अलग प्रकार के लक्षण होते हैं व्यक्ति की तबीयत खराब हो जाती है अगर आपको भी निम्नलिखित लक्षण हो रहे हैं तो आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

  • ठंड लगकर बुखार चढ़ना और कभी बुखार उतरता है कभी चढ़ता है।
  • मलेरिया से ग्रस्त व्यक्ति को पूरे संपूर्ण शरीर में दर्द होता रहता है और ऐठन सी महसूस होती है।
  • मलेरिया से ग्रस्त व्यक्ति को मितली आ सकती है और व्यक्ति का जी मचला सकता है।
  • शरीर में सूजन होना भी मलेरिया का एक लक्षण है।

मलेरिया का सबसे महत्वपूर्ण लक्षण है कि इसमें व्यक्ति को ठंड लगकर बुखार चढ़ता है और बुखार लगातार ना होकर उतरता चढ़ता रहता है।

मलेरिया से बचाव के उपाय – Malaria Prevention in Hindi?

मलेरिया के लक्षण, इलाज, कारण इत्यादि | Malaria symptoms in Hindi
 

मलेरिया को कम करने के लिए हमें कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए विशेषकर तब जब मलेरिया या डेंगू का मौसम होता है।

  • मच्छर अक्सर रुके हुए पानी या झाड़ियों आदि के पास होते हैं, बच्चों को झाड़ियों से दूर रखें।
  • यदि आप कहीं पर भी घूमने जाएं पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहन कर ही घूमे।
  • मच्छर विरोधी जेल क्रीम आदि का प्रयोग करें इन क्रियाओं के प्रयोग से मलेरिया होने की संभावना कम हो जाती है।
  • रात को सोते समय मच्छरदानी लगाकर सोए मच्छरदानी लगाने से मच्छर हमारे पास नहीं पहुंच पाते हैं और मलेरिया नहीं होता है।
  • अपने आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें मच्छरों को जमा ना होने दें।
  • अगर कहीं पर रुका हुआ पानी हो तो उसे हटाए व अपने पानी की टंकियों को ढक कर रखें।
  • कहीं पर भी पानी इकट्ठा ना होने दें अगर कहीं आप देखते हैं कि पानी इकट्ठा है तो उसमें दो चार बूंद मिट्टी तेल डाल दें।
  • सप्ताह में दो बार अपने कूलर की जांच करें और साफ सफाई रखें अन्यथा कूलर में सबसे ज्यादा मच्छर पाए जाते हैं।

अगर हम कहीं ऐसे छेत्र में जाते हैं जहां पर बहुत अधिक मच्छर होते हैं जैसे कि गांव तो हम अपने डॉक्टर से सलाह लेकर कुछ ऐसी दवाइयों का सेवन कर सकते हैं जिससे हमें मलेरिया या मच्छर से जुड़ी बीमारियां ना हो क्योंकि ऐसा देखा गया है कि जो दवाइयां मलेरिया का इलाज करने में उपयोग की जाती हैं वहीं दवाइयां मलेरिया से बचाव के उपयोग में लाई जाती है।

मलेरिया के कारण – Causes of malaria in Hindi?

मलेरिया कई कारणों से फैल सकता है जिनमें से कुछ प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं हमें इन सभी कारणों से बचना चाहिए और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए।

  • ऐसा भी देखा गया है कि प्रेग्नेंसी के समय यह मां से बच्चे में चला जाता है।
  • अगर कभी हमें गलती से मलेरिया संक्रमित खून चढ़ा दिया जाए तो इससे भी हमें मलेरिया होने की संभावना रहती है।
  • मलेरिया संक्रमित सुईयों के उपयोग के कारण भी हो सकता है इसलिए कभी भी संक्रमित सूई का उपयोग नहीं करना चाहिए।
  • मलेरिया से बचने के लिए आपको बहुत ज्यादा चौकन्ना रहना है आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना है कि आपके आसपास किसी प्रकार की कोई गंदगी नहीं हो
  • आप किस प्रकार के मेडिकल उपकरणों का प्रयोग कर रहे हैं या आपको जब खून चढ रहा है तो उससे पहले उसको उनकी जांच जरूर कराएं।

मलेरिया के प्रकार – Types of malaria in Hindi?

कई बार ऐसा देखा गया है कि मलेरिया काफी गंभीर रूप भी ले सकता है क्योंकि मुख्य रूप से इसके 5 प्रकार होते हैं और समय पर इलाज ना मिलने के कारण व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है।

– फैल्सीपैरम

– मलेरिए

– ओवेल

– नोलैसी

फैल्सीपैरम

यह प्रकार मलेरिया का सबसे घातक प्रकार है यह जाने लेवा परिस्थितियां पैदा कर सकता है।

  • इसके कारण हमारे दिमाग में सूजन हो सकती है।
  • इसकी वजह से हमें सांस लेने में भी दिक्कत आ सकती है।

इसकी वजह से हमारे मुख्य अंग जैसे किडनी आदि फेल हो सकते हैं अगर आपको ऐसा लगता है कि आपको मलेरिया के लक्षण हो रहे हैं तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए क्योंकि यह काफी गंभीर रूप भी ले सकती है।

मलेरिया का इलाज – Treatment of malaria in Hindi

मलेरिया का ट्रीटमेंट करना काफी आवश्यक होता है अगर कोई व्यक्ति मलेरिया का ट्रीटमेंट नहीं करवाता है तो व्यक्ति को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं मलेरिया की वजह से व्यक्ति की तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो सकती है मलेरिया मुख्य रूप से दो स्टेज का होता है
  • अनकंप्लिकेटेड मलेरिया
  • कॉम्प्लिकेटेड मलेरिया
अनकंप्लिकेटेड मलेरिया में व्यक्ति को मलेरिया के हल्के-फल्के लक्षण होते हैं जबकि कॉम्प्लिकेटेड मलेरिया में व्यक्ति की हालत गंभीर रूप से खराब हो जाती है उससे बचने के लिए हमें सिर्फ हॉस्पिटल में भर्ती होना होता है।
 
  • मलेरिया का ट्रीटमेंट मुख्य रूप से तीन प्रकार से किया जाता है जिनमें पहला है मलेरिया के हो रही लक्षणों को ठीक करना मलेरिया में जैसे आप को बुखार आ रहा है उल्टी होना दर्द होना इन सभी लक्षणों का इलाज किया जाता है।
  • मलेरिया के दोबारा होने से बचाव करना कई बार ऐसा होता है कि मलेरिया हो जाता है उसका अंश शरीर में रह जाता है और वह काफी समय बाद दोबारा हो जाता है तो उससे भी बचाव के लिए दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है।
  • तीसरे रूप से इंफेक्शन को होने से बचाने पर जोर दिया जाता है इनमें कई अलग-अलग प्रकार की दवाइयों का उपयोग किया जाता है आदि।

मलेरिया का घरेलू उपचार – Home remedies for malaria in Hindi?

मलेरिया से बचने के घरेलू उपाय हमारे घर में ही काफी ऐसी सारी औषधियां उपलब्ध हैं जिनसे हम मलेरिया बीमारी का सामना कर सकते हैं।
  • तुलसी में काफी ऐसी केमिकल प्रॉपर्टीज होती हैं जिनकी वजह से यह मलेरिया के इलाज में काम आती है।
  • गिलोय आपने अक्सर सुना होगा कि बुखार में गिलोय दी जाती है कि गिलोय में कुछ ऐसी प्रॉपर्टीज होती है जिसकी वजह से यह बुखार को कम करती है और मलेरिया के इलाज में उपयोग में लाई जाती है।
  • पपीता शरीर को ठंडक देता है इसलिए पपीता का उपयोग मलेरिया में काफी अच्छा होता है।
  • मलेरिया से ग्रसित व्यक्ति को कोई भी चीज जैसे खीरा ककड़ी आदि जब भी खाने को दी जाए तो उस पर काला नमक छिड़क कर दिया जाए
  • मलेरिया से ग्रस्त व्यक्ति को विटामिन सी से भरपूर पोषक तत्व वाले फल देनी चाहिए जैसे अमरूद।

क्या हम मलेरिया में नहा सकते हैं? – Is it okay to take a bath when you have a malaria

हां, मलेरिया से ग्रस्त व्यक्ति नहा सकता है परंतु व्यक्ति इस बात का ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा ठंडे पानी में रखती नाना हाय कई बार हमें ऐसा लगता है कि हमें बुखार है तो हम ठंडे पानी में नहागे तो बुखार उतर जाएगा परंतु ऐसा नहीं होता बुखार उतरने की वजह और बढ़ जाता है।

मलेरिया वैक्सीन क्यों लगाई जाती है? – Why do we need vaccine in malaria

मलेरिया वैक्सीन मलेरिया से बचने के लिए लगाई जाती है इसका प्रयोग मलेरिया के बचाव के लिए किया जाता है उदाहरण के लिए मान लीजिए अगर आप एक ऐसे क्षेत्र में जा रहे हैं जहां पर मलेरिया की बीमारी काफी ज्यादा मात्रा मैं फैली हुई है तो वैक्सीन का प्रयोग करने से आपको मलेरिया नहीं होगा।

यह भी पढ़ें:- चिकन पॉक्स (छोटी माता): लक्षण, कारण, इलाज इत्यादि

मलेरिया में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? – Food to eat and avoid in malaria in Hindi?

मलेरिया होने पर हमें अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए अगर व्यक्ति अपने खानपान का विशेष ध्यान नहीं रखेगा तो उसको समस्या हो सकती है इसलिए हमेशा अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अगर व्यक्ति अपने खानपान का विशेष ध्यान नहीं रखता है तो उसको समस्याएं आ सकती हैं।

  • अपने डाइट में चाय को जरूर शामिल करें चाय या कॉफी पीने से आपको राहत मिलेगी और आपका स्वास्थ्य भी अच्छा होगा।
  • ढेर सारा पानी पीऐ मलेरिया होने पर हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है और रक्त की कोशिकाओं में भी गड़बड़ी होने लगती है इसलिए हमें ढेर सारा पानी पीते रहना चाहिए।
  • जूस आदि का सेवन करते रहना चाहिए इससे हमारे शरीर को एनर्जी मिलती है।
  • अच्छा और स्वस्थ भोजन खाना चाहिए जिसमें हमें फलो और ताजी सब्जियों को शामिल करना चाहिए।
  • बहुत ज्यादा कैलोरी वाला भोजन नहीं खाना चाहिए जो हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करें और हमें ऐसा भोजन खाना चाहिए जिससे हम जल्दी से जल्दी ठीक हो जाए क्योंकि जब हम बीमार होते हैं तो हमारा पाचन तंत्र भी कमजोर हो जाता है इसलिए हमें हल्का भोजन करना चाहिए।

निष्कर्ष

मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा अगर आपके कोई सवाल या जवाब है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं हम उनका जवाब देने का प्रयास जरूर करेंगे
 
इस लेख में हम ने बताया है कि मलेरिया क्या है मलेरिया क्यों होता है मलेरिया के कारण क्या है मलेरिया का इलाज क्या है मलेरिया के लक्षण क्या है और मलेरिया का घरेलू इलाज क्या है इसके साथ-साथ मलेरिया के विषय में संपूर्ण जानकारी और कुछ सवाल और जवाब।
 

प्रश्न और उत्तर

मलेरिया कितने प्रकार के परजीवी से होता है?

मलेरिया परजीवी से होने वाली बीमारी है और मुख्य रूप से मलेरिया पांच प्रकार के परजीवियों से होता है।

मलेरिया ग्रस्त व्यक्ति से सेक्स करने वाले को भी मलेरिया होता है?

हां मलेरिया से ग्रस्त व्यक्ति से सेक्स करने पर मलेरिया होने की संभावना रहती है इसलिए जब भी आपको मलेरिया हो तब आप संभोग ना करें।

नर एनाफिलीज मच्छर से मलेरिया क्यो नही होता?

क्योंकि जिस पैरासाइट की वजह से मलेरिया होता है वह सिर्फ मादा एनाफिलीज मच्छर ही ट्रांसपोर्ट करती है इसलिए मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से ही मलेरिया की बीमारी होती है।

मलेरिया कितने दिन में ठीक होता है?

मलेरिया 10 दिन में भी ठीक हो सकता है 20 दिन में भी ठीक हो सकता है और कई कई बार तो यह है महीने भर तक भी हो सकता है परंतु जब यह महीने भर तक होता है तब यह काफी गंभीर स्थिति में होता है इसलिए व्यक्ति को गंभीर स्थिति मैं पहुंचने से पहले ही इसका इलाज करा लेना चाहिए।

संदर्भ (Reference)

  Fact sheet about malaria. (2020, January 14). WHO | World Health Organization. https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/malaria  

Malaria. (2020, August 19). Centers for Disease Control and Prevention. https://www.cdc.gov/parasites/malaria/index.html  

Malaria. (n.d.). NIH: National Institute of Allergy and Infectious Diseases | Leading research to understand, treat, and prevent infectious, immunologic, and allergic diseases. https://www.niaid.nih.gov/diseases-conditions/malaria  

Malaria. (n.d.). ScienceDirect.com | Science, health and medical journals, full text articles and books. https://www.sciencedirect.com/topics/medicine-and-dentistry/malaria

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