क्या कब्ज (Constipation) और अवसाद (Depression) के बीच कोई लिंक है?

कब्ज (Constipation) और अवसाद (Depression) दोनों ही बीमारियां भारत में ही नहीं पूरी दुनिया में काफी आम है लगभग 100 में से 39% लोग कब्ज और डिप्रेशन से परेशान है क्या कब्ज और डिप्रेशन के बीच में कुछ संबंध है क्या कब्ज होने से डिप्रेशन होता है या डिप्रेशन होने से कब्ज होता है। यह एक सवाल है जिसका आज हम इस लेख में जवाब ढूंढ लेंगे।

इसलिए इस आर्टिकल में आज हम पढ़ेंगे की कब्ज क्या होता है डिप्रेशन क्या होता है डिप्रेशन के लक्षण क्या है डिप्रेशन का इलाज क्या है कब्ज और डिप्रेशन के बीच में क्या संबंध है।

कब्ज क्या है – What is Constipation in Hindi

कब्ज (Constipation) और अवसाद (Depression)

 

कब्ज हमारे अमाशय की व्यवस्था है जिसमें मल में पानी की मात्रा कम हो जाती है मल कड़ा हो जाता है मल की आवृत्ति घट जाती है। व्यक्ति का पेट ढंग से साफ नहीं हो पाता है व्यक्ति को पेट से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं और व्यक्ति के पेट में कब्ज होने लगता है जिसकी वजह से पेट में गैस बनने लगती है पेट ढंग से साफ नहीं होता है पेट में दर्द होने लगता है और बहुत से कारण हैं जिनकी वजह से व्यक्ति को कब्ज की समस्या होने लगती है।

डिप्रेशन क्या है – What is Depression in Hindi

डिप्रेशन एक बीमारी है जो आम तनाव से बिल्कुल अलग होती है आम तनाव में व्यक्ति कुछ समय के लिए तनावग्रस्त महसूस करता है और जैसे ही व्यक्ति के जीवन में कोई खुशी का मौका आता है व्यक्ति खुश हो जाता है परंतु डिप्रेशन में ऐसा नहीं है डिप्रेशन में व्यक्ति गहरे तनाव में चला जाता है जिसमें व्यक्ति को खुशी का मौका आने पर भी खुशी महसूस नहीं होती।

डिप्रेशन की बीमारी में व्यक्ति को किसी भी चीज में खुशी नहीं मिलती है वह अपने दैनिक दिनचर्या के काम करने में रुचि खो देता है और एकांत में रहना पसंद करने लगता है इसके साथ साथ ही व्यक्ति को कई लक्षण भी महसूस होते हैं जैसे व्यक्ति या तो बहुत ज्यादा नींद लेने लगेगा या बहुत कम नींद लेने लगेगा सही से खाना नहीं खाएगा शरीर का वजन घटने लगता है या बढ़ने लगता है छोटी-छोटी बातों पर बहुत ज्यादा सोचना आदि डिप्रेशन के लक्षण है।

कॉन्स्टिपेशन और डिप्रेशन का लिंक क्या है – Link between constipation and depression in hindi

काफी लंबे समय तक वैज्ञानिकों ने रिसर्च करके यह बताया है कि कब्ज और डिप्रेशन का एक गहरा संबंध है।

एक रिसर्च के अनुसार अवसाद से पीड़ित लगभग एक तिहाई से ज्यादा लोग कब्ज की समस्या का अनुभव करते हैं और कब्ज की बीमारी इनकी इस डिप्रेशन की बीमारी को और बढ़ाती है और व्यक्ति के जीवन की गुणवत्ता को कम करती है।

कुछ अवसाद की दवाई इतनी गतिशील और प्रतिक्रियाशील होती हैं जो पाचन तंत्र को धीमा कर देतीं हैं जिससे मल त्याग करने में समस्या आती है और व्यक्ति को कब्ज की समस्या होने लगती है।

कुछ वैज्ञानिकों ने हमारे पेट का उल्लेख दूसरे मस्तिष्क के रूप में किया है क्योंकि हमें जितनी भी बीमारी होती है या जितनी भी दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याएं होती हैं वह कहीं ना कहीं हमारे पेट से जुड़ी हुई होती हैं इसलिए व्यक्ति का पेट हमेशा ठीक होना चाहिए।

भारत में एक बहुत प्रसिद्ध कहावत भी है कि अगर व्यक्ति का पेट खुश रहेगा तो व्यक्ति खुश रहेगा।

डिप्रेशन का उपचार – Treatment of Depression in Hindi

डिप्रेशन एक ऐसी बीमारी है जिसका इलाज कराना बहुत जरूरी होता है अगर व्यक्ति इस बीमारी का इलाज नहीं कराता है तो यह व्यक्ति को अंदर से खोखला कर देती है और कई मामलों में तो व्यक्ति आत्महत्या तक कर लेता है।

डिप्रेशन का इलाज 2 तरीकों से किया जा सकता है।

दवाइयों द्वारा और डॉक्टरी सलाह

पहला तरीका है जिसमें व्यक्ति को दवाइयों और डॉक्टर की मदद से ठीक किया जाता है जब हमें डिप्रेशन होता है तो हमारे दिमाग में कुछ केमिकल्स और हार्मोन की कमी हो जाती है जिसकी वजह से हमें खुशी महसूस नहीं होती।

दवाइयां हमारे दिमाग में इन्हीं केमिकल्स के स्तरो में संतुलन बनाती हैं और हमें अच्छा महसूस कराने में मदद करती हैं।

अगर व्यक्ति नियमित रूप से दवाइयों का सेवन करें और डॉक्टर की सलाह लें तो दवाइयों द्वारा व्यक्ति जल्द ही डिप्रेशन की बीमारी से निजात पा सकता है और अपने जीवन को संपूर्ण तरीके से जी सकता है

डिप्रेशन का प्राकृतिक उपचार – Natural treatment for Depression in Hindi

दूसरा तरीका है जिसमें प्राकृतिक तरीकों की मदद से डिप्रेशन का इलाज किया जाता है जैसे

  • खान-पान पर ध्यान देना अच्छा और स्वस्थ भोजन का सेवन करना।
  • संपूर्ण नींद लेना कम से कम 6 से 8 घंटे की संपूर्ण नींद लेना
  • संगीत सुनना अपना मनपसंद संगीत सुनना।
  • घर का काम का और किसी भी प्रकार का तनाव ना लेना
  • योगा और प्राणायाम करना
  • नियमित रूप से मेडिटेशन करना
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करना आदि।
  • शाम को या सुबह जब भी टाइम मिले वॉक करने जाना।
  • अकेले ना रहना
  • जीवन में घटी किसी दुखद घटना को बार बार सोच कर दुखी ना होना।

डिप्रेशन के लक्षण – Symptoms of Depression in Hindi

  • काम करने में रुचि खो देना
  • निराशावादी हो जाना
  • आत्मग्लानि महसूस होना
  • बुरा महसूस होना
  • रोने का मन करना
  • इरिटेशन होना
  • थकान महसूस होना
  • लोगों से दूर रहना
  • बहुत देर से उठना या बहुत जल्दी उठना
  • अनिद्रा
  • बहुत कम भूख लगना
  • बहुत ज्यादा भूख लगना
  • काम पर ध्यान ना देना पाना
  • कार्य क्षमता का धीमा हो जाना
  • आत्महत्या के विचार आना
  • वजन घटना या बढ़ना
  • शरीर का दुबला पतला हो जाना

डिप्रेशन के कारण – Risk factors in Hindi

डिप्रेशन किसी भी उम्र में हो सकता है आमतौर पर इसकी शुरुआत 20 से 30 वर्ष की आयु से होती है लेकिन यह किसी भी उम्र में हो सकता है पुरुषों की तुलना मे डिप्रेशन महिलाओं को अधिक होता है।

डिप्रेशन आपको कभी भी हो सकता है जब आप एक वयस्क हो या बच्चे हैं।

  • अगर आपके घर में या आपको पहले कभी एंजाइटी हुआ है तो डिप्रेशन दोबारा होने की संभावना काफी अधिक होती है।
  • बहुत अधिक मात्रा में शराब या किसी भी प्रकार के नशे का उपयोग करने से भी डिप्रेशन हो सकता है।
  • अगर व्यक्ति का मोटिवेशन लेवल या सेल्फ कॉन्फिडेंस लेवल बहुत कम है तो इसकी वजह से भी व्यक्ति को डिप्रेशन हो सकता है
  • कोई लंबे समय तक चलने वाली बीमारी जैसे कैंसर डायबिटीज हार्ट डिजीज की वजह से भी डिप्रेशन हो सकता है
  • कुछ दवाइयां जैसे हाई ब्लड प्रेशर की दवाइयां या फिर नींद की गोलियों का इस्तेमाल करने से भी डिप्रेशन हो सकता है
  • जीवन शैली में बहुत सारे काम जो तनावग्रस्त हो उनसे भी तनाव हो सकता है।
  • लव या ब्रेकअप का चक्कर
  • पारिवारिक संबंधों में परेशानी
  • किसी ऐसे व्यक्ति की मृत्यु हो जिसे आप बहुत प्यार करते थे।
  • आत्महत्या के विचार आना।

डॉक्टर से सलाह कब ले – When to see a doctor in Hindi

अगर आप अपने आप को तनावग्रस्त महसूस कर रहे हैं तो तुरंत अपने डॉक्टर से सहायता ले‌। डॉक्टर को सारी परेशानी दिक्कत और सिम्टम्स बताएं क्योंकि अगर आप डिप्रेशन की बीमारी के मामले में अगर थोड़ी सी भी लापरवाही करते हैं तो डिप्रेशन और भी ज्यादा घातक हो सकता है और बिना इलाज के यह आपके दिमाग पर भी काफी गहरा असर कर सकता है

यह आपके दिमाग पर इतना गहरा असर कर सकता है कि आपको फिर आत्महत्या के विचार आने लगते हैं और आप आत्महत्या भी कर सकते हैं।

स्थिति के गंभीर होने से पहले ही किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लें उनको अपने सभी लक्षण बताएं हो सकता है कि आपको डिप्रेशन ना हो रहा हो सिर्फ कोई तनाव पूर्ण बीमारी हो जो आसानी से दवाइयों द्वारा ही ठीक हो जाए और आप फालतू में टेंशन ले रहे हैं।

निष्कर्ष – Conclusion

इस आर्टिकल में हमने बताया है कि क्या कब्ज और डिप्रेशन के बीच में कुछ संबंध है क्या कब्ज होने से डिप्रेशन होता है या डिप्रेशन होने से कब्ज होता है। यह एक सवाल है जिसका आज हम इस लेख में जवाब ढूंढ लेंगे। इन सभी के बारे में मैंने अच्छे से संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई है।

मैं आशा करता हूं कि आपको हमारी दी गई जानकारी पसंद आई होगी अगर आपके कोई सवाल है जवाब है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बता सकते हैं धन्यवाद।

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