हाई ब्लड प्रेशर: कारण, लक्षण, उपचार इत्यादि | High blood pressure symptoms in hindi

हाई ब्लड प्रेशर: कारण, लक्षण, उपचार इत्यादि | High blood pressure symptoms in hindi

High blood pressure

आजकल के समय में व्यक्ति अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पा रहा है जिसके कारण व्यक्ति को अलग-अलग प्रकार की बीमारियां हो रही है और इन्हीं सभी बीमारियों में से एक बड़ी आम बीमारी है जिसका नाम है उच्च रक्तचाप।

पूरी दुनिया में बहुत सारे लोग इस बीमारी से परेशान हैं और बहुत सारे लोग इस बीमारी का इलाज करा रहे हैं अगर समय पर इस बीमारी का इलाज न कराया जाए तो व्यक्ति को इसके कई गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं और यहां तक कि इसकी वजह से हार्ट अटैक की समस्या भी हो सकती है। 

इसलिए आज इस आर्टिकल में हम बात करेंगे कि उच्च रक्तचाप क्या है, उच्च रक्तचाप का इलाज, उच्च रक्तचाप के लक्षण, उच्च रक्तचाप के कारण और उच्च रक्तचाप का घरेलू उपचार आदि। इन सभी विषयों के बारे में विस्तारपूर्वक पढ़ेंगे।

Table of contents

उच्च रक्तचाप क्या है - What is high blood pressure (Hypertensionon) in Hindi

हाई बीपी, उच्च रक्तचाप या हाई ब्लड प्रेशर एक हृदय संबंधी रोग है हमारे पूरे शरीर में रक्त होता है और यह निरंतर गतिमान रहता है रक्त हमारे शरीर मे नसों में बहता है। रक्त को निरंतर गतिमान रखने के लिए हृदय कार्य करता है और एक दबाव उत्पन्न करता है जिससे रक्त हमारे पूरे शरीर में गतिमान रहता है और हमारा शरीर कार्य कर पाता है।

रक्त को निरंतर बेहेते रहने के लिए धमनियों को एक निश्चित रक्त दबाव चाहिए होता है और जब दबाव किसी कारणवश अत्यधिक हो जाता है तब हमारे हृदय को भी सामान्य से अधिक कार्य करना पड़ता है, इस स्थिति को हाई बीपी या उच्च रक्तचाप कहा जाता है। 

आसान भाषा में: "जब हमारे शरीर की धमनियों में खून का दबाव बढ़ता है तो हमारे हृदय को भी सामान्य से अधिक कार्य करना पड़ता है और इस स्थिति को हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर कहते हैं।"

सामान्य रूप से ब्लड प्रेशर का स्तर 120/80 होता है अगर रक्तचाप इससे अधिक आता है तो इसे हाइपरटेंशन माना जाता है।

यह एक ऐसा रोग है जो अस्वस्थ जीवन शैली के कारण और अस्वस्थ जीवन शैली की वजह से होने वाली बीमारियों के कारण होता है। व्यक्ति को उच्च रक्तचाप होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे अस्वस्थ जीवन शैली, थकान और अस्वस्थ खानपान। हाई ब्लड प्रेशर के साधारणतया कोई लक्षण नहीं होते हैं जब तक की यह अपने चरम पर ना पहुंच जाए।

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उच्च रक्तचाप के लक्षण - Symptoms of high blood pressure in Hindi

आज के समय में उच्च रक्तचाप होना कोई बहुत बड़ी बात नहीं है और अगर आपको उच्च रक्तचाप है तो आपको यह बात समझने में काफी समय लग सकता है क्योंकि इस रोग के कोई भी लक्षण नहीं होते हैं।

अगर आपको भी उच्च रक्तचाप की बीमारी है तो आप इस बीमारी का पता लक्षणों के आधार पर नहीं लगा पाएंगे और ना ही आप आसानी से यह जान पाएंगे कि क्या मुझे उच्च रक्तचाप है?

परंतु अगर उच्च रक्तचाप का इलाज समय पर नहीं करवाते हैं तो यह भविष्य में काफी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है जैसे कि व्यक्ति को इसके कारण हार्ट अटैक तक आ सकता है।

उच्च रक्तचाप के कुछ लक्षण जैसे

  • सिर दर्द होना
  • सांस लेने में दिक्कत
  • नाक से खून निकलना
  • उल्टी होना 
  • घबराहट महसूस होना

आदि यह सभी लक्षण व्यक्ति को तब महसूस होते हैं जब वह गंभीर रूप से हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) से ग्रस्त होता है।

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उच्च रक्तचाप के कारण - Causes of high blood pressure in Hindi

उच्च रक्तचाप के प्रकार और उच्च रक्तचाप के कारण

उच्च रक्तचाप को मुख्यतः दो भागों में विभाजित किया गया है पहला है

  • प्राथमिक हाइपरटेंशन
  • द्वितीयक हाइपरटेंशन

प्राथमिक हाइपरटेंशन

प्राथमिक हाइपरटेंशन आमतौर पर वयस्क लोगों में होता है आमतौर पर 40 वर्ष की आयु के बाद। इसका कोई भी ऐसा कोई विशेष कारण नहीं है जिसकी वजह से कहा जा सके कि व्यक्ति को प्राथमिक हाइपरटेंशन उस कारण की वजह से हुआ है।

हाइपरटेंशन कभी भी एक-दो दिन में नहीं होता है इस बीमारी को होने में महीनों लग जाते हैं और यह धीरे-धीरे बढ़ती रहती है।

द्वितीयक हाइपरटेंशन 

जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होती है उन्हें उनको ऊपर दिए गए लक्षण महसूस हो सकते हैं इस प्रकार के हाई ब्लड प्रेशर को द्वितीयक ब्लड प्रेशर कहा जाता है। कई बार हाइपरटेंशन सही से नींद ना लेने के कारण भी हो सकता है इसलिए हमें संपूर्ण नींद लेनी चाहिए।

हाइपरटेंशन किडनी प्रॉब्लम की वजह से भी हो सकता है, हाइपरटेंशन ट्यूमर की वजह से हो सकता है।, हाइपरटेंशन थायराइड प्रॉब्लम की वजह से भी हो सकता है

शरीर की कोशिकाओं में कुछ खराबी के कारण भी हाइपरटेंशन की समस्या हो सकती है।, जन्मजात कुछ बीमारियो की वजह से भी हाइपरटेंशन हो सकता है।

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हाई ब्लड प्रेशर के रिस्क फैक्टर - Risk factors for high blood pressure in Hindi

हाइ ब्लड प्रेशर इन सभी कारणों की वजह से हो सकता है और इन सभी कारणों का ब्लड प्रेशर पर फर्क पड़ता है।

  • उम्र जैसे आपकी उम्र बढ़ती जाती है आपको हाई ब्लड प्रेशर होने का खतरा बढ़ता जाता है सामान्यता पुरुषों में 24 वर्ष की आयु के बाद हाई ब्लड प्रेशर की समस्या आम हो जाती है जबकि महिलाओं में यह 65 वर्ष की आयु के बाद होना शुरू होता है।
  • अगर आपके घर में या परिवार में किसी को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है तो यह आपको भी हो सकती है।
  • अगर आप शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं हैं मतलब कि आप कोई ज्यादा भागदौड़ वाला काम नहीं करते हैं दिन भर बस बैठे रहने का काम करते हैं तो इससे भी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने का खतरा बढ़ता है इसके साथ-साथ हार्ट अटैक आने की संभावना भी अधिक हो जाती है।
  • तंबाकू धूम्रपान या ऐसे किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन करने का हमारे ब्लड प्रेशर पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है जिससे हमारी धमनियों को क्षति पहुंच सकती हैं।
  • खाद्य सामग्री में बहुत अधिक नमक का इस्तेमाल करने से भी हमें उच्च रक्तचाप की समस्या हो सकती है।
  •  जो खाना आप खाते हैं उसमें विटामिन डी की कमी है तो हमें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है क्योंकि विटामिन डी हमारे कुछ ऐसे एंजाइम को प्रभावित करता है जो हमारे ब्लड प्रेशर को प्रभावित करते हैं।
  • बहुत ज्यादा शराब पीने से भी हमारे शरीर का रक्तचाप बढ़ सकता है और जितना ज्यादा आप शराब पीते हैं उतना ही यह हमारे रक्तचाप के लिए घातक होता है
  • स्ट्रेस यह तनाव आजकल की जीवन शैली का एक हिस्सा बन चुका है और यह बहुत सारी बीमारियों को जन्म देता है जिसमें से हाई ब्लड प्रेशर या उच्च रक्तचाप की समस्या बहुत आम है और इससे राहत पाने के लिए आमतौर पर लोग नशे का सहारा लेते हैं जो हमारे ब्लड प्रेशर के लिए नुकसान दाई होता है।
  • कुछ गंभीर और लंबे समय तक चलने वाली बीमारियां जैसे डायबिटीज, किडनी संबंधित रोग और नींद ना आना जैसी समस्याएं भी हमारे रक्तचाप को प्रभावित करती हैं।

रक्तचाप का घरेलू इलाज - Home remedies for treatment of high blood pressure in Hindi

स्वस्थ भोजन खाना

हमें स्वस्थ और अच्छा भोजन खाना चाहिए जिसमें सभी पोषक तत्व उचित मात्रा में हों और जो हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा हो इन सभी के साथ मुख्य रूप से फल सब्जियां साबुत अनाज और कम वसा वाले खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल कर सकते हैं अच्छा भोजन उच्च रक्तचाप को रोकने और नियंत्रण में रखने में मदद करता है।

खाने में नमक की मात्रा को कम करना

खाने में नमक की मात्रा कम रखें क्योंकि नमक की मात्रा अधिक रखने से उच्च रक्तचाप बढ़ता है और व्यक्ति को गंभीर समस्याएं हो सकती हैं और अगर आपको ज्यादा नमक खाने की आदत है तो अपनी आदत को नियंत्रण में रखें।

शरीर के वजन को नियंत्रण में रखना

शरीर का अधिक वजन एक ऐसी समस्या है जिसकी वजह में कई बीमारियां हो सकती हैं इसलिए शरीर का वजन नियंत्रण में रखें क्योंकि शरीर का वजन ज्यादा होने से उच्च रक्तचाप की समस्या होने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है।

शारीरिक सक्रियता बढ़ाना

शारीरिक सक्रियता बढ़ाना मतलब हल्का-फुल्का काम करते रहना जिससे शरीर में सक्रियता बढ़े क्योंकि अगर हम हल्का-फुल्का काम नहीं करते हैं तो उससे हमारे शरीर का काफी ज्यादा नुकसान होता है।

शराब का सेवन कम करना

शराब का सेवन करने से हमारी बॉडी और दिमाग दोनों ही खराब होते हैं इसलिए हमें शराब का सेवन नहीं करना चाहिए यह उच्च रक्तचाप को बढ़ाता है।

धूम्रपान ना करना

धूम्रपान नहीं करना चाहिए हमें मुंह का कैंसर हो सकता है और इसके कारण उच्च रक्तचाप बढ़ सकता है जिसके कारण हार्ट अटैक आ सकता है।

तनाव पर काबू पाना

हमें तनाव के कारण भी उच्च रक्तचाप हो सकता है इसलिए हमें तनाव को कम करने के लिए कार्य करना चाहिए और तनाव को कम करना चाहिए।

नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराना

नियमित रूप से समय-समय पर अपने ब्लड की जांच करते रहे जिन लोगों को हाय ब्लड प्रेशर की समस्या है उन्हें समय-समय पर अपना ब्लड की जांच कराते रहना चाहिए

स्वास्थ्य संबंधी व्यायाम करना

स्वास्थ्य संबंधी व्यायाम करना कि हमें नियमित रूप से व्यायाम करते रहना चाहिए इससे हमारा शरीर तंदुरुस्त रहता है।

प्रेगनेंसी के दौरान उच्च रक्तचाप का ध्यान रखना 

प्रेगनेंसी के दौरान हमें उच्च रक्तचाप का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि अगर हम प्रेगनेंसी के दौरान उच्च रक्तचाप का ध्यान नहीं रखते तो यह प्रेगनेंसी पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है

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हाई ब्लड प्रेशर के लिए इलाज - Treatment for high blood pressure in Hindi

हाइपरटेंशन या उच्च रक्तचाप का इलाज करना बहुत जरूरी है अगर इसका इलाज नहीं होता है तो यह बीमारी आगे जाकर कई अन्य गंभीर बीमारियों को जन्म देती है जैसे कि हार्ट अटैक। इस बीमारी का इलाज मुख्य रूप से तीन प्रकार से किया जा सकता है

दवाइयों द्वारा

हाइपरटेंशन की समस्या होने पर सबसे पहले आपको एक अच्छे डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और डॉक्टर की सलाह से ही दवाइयों का सेवन करके आप इस बीमारी का इलाज कर सकते हैं 

उच्च रक्तचाप के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ प्रमुख दवाइयों की सूची

  • Calcium channel blockers
  • Angiotensin II receptor blockers (ARBs)
  • Angiotensin-converting enzyme (ACE) inhibitorsBeta blockers
  • Thiazide diuretics


जीवन शैली में बदलाव करके

जो दवाइयां आप उच्च रक्तचाप को कम करने के लिए खा रहे हैं उनका असर जल्दी से जल्दी तभी होता है जब दवाइयों के साथ-साथ आप कुछ जीवन शैली से जुड़े बदलाव भी करते हैं जो आपके उच्च रक्तचाप को कम करने में मदद करेंगे।

  • अच्छी और स्वस्थ डाइट लें जिसमें नमक की मात्रा कम हो।
  • रोज नियमित रूप से एक्सरसाइज करें इससे आपका शरीर भी फिट रहेगा और दिमाग भी तंदुरुस्त होगा।
  • धूम्रपान करना बिलकुल छोड़ दें।
  • शराब पीना कम करें और उसको छोड़ने की कोशिश करें।
  • वजन को नियंत्रण में रखें अगर आपका वजन ज्यादा है तो उसे कम करें
  • जीवन में तनाव कम ले
  • संपूर्ण और अच्छी नींद लें
  • कुछ भी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
  • खान-पान का ध्यान रखें
  • अच्छा और स्वस्थ खाना खाएं
  • बाहर का तला हुआ जंग फूड ना खाएं अच्छा स्वस्थ भोजन खाएं जिसमें सभी पोषक तत्व संतुलित मात्रा में हों और विशेष रूप से नमक की मात्रा कम हो क्योंकि खाद्य सामग्री में नमक की मात्रा अधिक होने से यह उच्च रक्तचाप को बढ़ाता है।

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क्या हाई बीपी वाले व्यक्ति को रनिंग करनी चाहिए।

हाई बीपी से ग्रस्त व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए और अपने खान-पान का ध्यान रखना चाहिए अगर व्यक्ति रोज एक्सरसाइज करता है तो यह उसके स्वास्थ्य के लिए अच्छा सिद्ध होता है परंतु अगर वह व्यक्ति कभी कभी एक्सरसाइज करता है जैसे रनिंग तो व्यक्ति को दिक्कत हो सकती है।

हाई बीपी से ग्रस्त व्यक्ति को किसी भी एक्साइज को करने में मुश्किल आ सकती है लेकिन अगर व्यक्ति एक्सरसाइज को नियमित रूप से करता है तो व्यक्ति को उसकी आदत पड़ जाती है जिस प्रकार हम जिम में एक्सरसाइज करते हैं तो शुरुआती समय में हमें काफी दिक्कत होती है परंतु जैसे-जैसे हमें प्रैक्टिस होती जाती है हमारी दिक्कतें कम होती जाती हैं उसी प्रकार अगर हम हफ्ते में तीन बार भी किसी एक्सरसाइज को करें तो हमारे शरीर को उसकी आदत लग जाती है।

नियमित रूप से एक्सरसाइज करना हमारे स्वास्थ्य के लिए और हाई बीपी के मरीज के लिए काफी लाभदायक है परंतु उसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि अगर आपका बीपी हाई है तो तुरंत आप एक्सरसाइज करने लग जाए। ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना है।

जब भी आपका ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है तब सबसे पहले आपको ब्रीथिंग एक्सरसाइज करनी है अपने दिमाग को शांत करना है अपने शरीर को शांत करना है योगा करना है मेडिटेशन करना है और किसी भी प्रकार से अपने शरीर को शांत करना है।

एक्सरसाइज करना, हाई ब्लड प्रेशर का इलाज नहीं है उससे बचाव का उपाय है। मतलब कि अगर हमारा ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है तो हमें तुरंत एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए। एक्सरसाइज करने से हमारा ब्लड प्रेशर बढ़ेगा ना कि घटेगा।

परंतु अगर हम नियमित रूप से एक्सरसाइज करते रहत  हैं तो हमारे शरीर को इसकी आदत लग जाएगी जब हम एक्सरसाइज करेंगे तब हमारा ब्लड प्रेशर हाई होगा और उसके साथ-साथ जैसे हम एक्सरसाइज करना बंद करते हैं तब हमारा ब्लड प्रेशर कम हो जाएगा और यह प्रक्रिया हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी से बचाने में मदद करती है।

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उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति को कम नमक लेने की सलाह दी जाती है क्यों?

हाई बीपी की बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को नमक कम मात्रा में खाना चाहिए। नमक आप किसी भी प्रकार का खाओ जैसे पहाड़ी नमक देसी नमक रिफाइंड नमक बिना अरिफाइंड हुआ नमक सभी हाई बीपी से ग्रस्त व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं क्योंकि जब व्यक्ति नमक का सेवन अधिक मात्रा में करता है तब हमारे शरीर में नमक की मात्रा बढ़ जाती है जिसके कारण हमारे शरीर से नमक का निकास मूत्र मार्ग द्वारा होता है और शरीर से पानी कम निकलता है।

जिसकी वजह से हमारे शरीर के रक्त का घनत्व बढ़ जाता है और उससे हाई ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।

इसलिए हाई ब्लड प्रेशर से ग्रस्त व्यक्ति को नमक कम खाना चाहिए इससे व्यक्ति का हाई ब्लड प्रेशर कम हो सकता है परंतु ऐसा नहीं है कि सिर्फ अधिक नमक खाने से ही हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होती है हाई ब्लड प्रेशर की समस्या कई कारणों से हो सकती है जैसे

- तनाव

- अच्छी नींद ना लेना

- मोटापा आदि

सभी से बचने के लिए आप लो सोडियम साल्ट का उपयोग भी कर सकते हैं 

हाई ब्लड प्रेशर को कम करने की दवा

हाई ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए भिन्न भिन्न प्रकार की दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है दवाइयां हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर सकती हैं परंतु उसका इलाज नहीं कर सकतीं हाई ब्लड प्रेशर का इलाज सिर्फ और सिर्फ जीवन शैली में सुधार द्वारा ही किया जा सकता है।

दवाइयां मुख्यता तीन रूप से कार्य करती हैं

1. नसों के आकार को बढ़ा देते हैं जिससे हाई ब्लड प्रेशर कम होता है।

2. हृदय की धड़कने की गति को धीमा कर देते हैं जिससे हाई ब्लड प्रेशर कम होता है।

3. शरीर से अत्यधिक पानी की मात्रा को कम कर देती हैं जिससे हाई ब्लड प्रेशर कम होता है।

  • Diuretics
  • Beta-blockers
  • ACE inhibitors
  • Angiotensin II receptor blockers
  • Calcium channel blockers
  • Alpha blockers
  • Alpha-2 Receptor Agonists
  • Combined alpha and beta-blockers
  • Central agonists
  • Peripheral adrenergic inhibitors
  • Vasodilators


उच्च रक्तचाप को कम करने के प्राकृतिक तरीके

उच्च रक्तचाप को नियंत्रण में रखना बेहद जरूरी है अन्यथा यह कई और समस्याओं को उत्पन्न कर सकता है और हमारी जीवन शैली को भी हानि पहुंचा सकता है।

उच्च रक्तचाप को नियंत्रण में रखने के लिए कुछ प्राकृतिक तरीके निम्नलिखित हैं।

- खाने में नमक (सोडियम) की मात्रा को कम करें।

- नियमित रूप से हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें कम से कम 45 मिनट तक।

- अच्छा और स्वस्थ भोजन खाएं जिसमें सभी पोषक तत्व उचित मात्रा में हो।

- गुटखा बीड़ी सिगरेट तंबाकू शराब आदि का सेवन ना करें।

- खाने में कैफीन की मात्रा को कम करें

- तनाव को कम करें, तनाव से बचने के लिए योगा मेडिटेशन का सहारा ले।

- दवाइयों को समय पर ले और किसी भी दवाई को बीच में ना छोड़े।

- नियमित रूप से डॉक्टर को दिखाएं और अपना चेकअप करवाएं

निष्कर्ष 

हमने इस लेख में बताया है कि हाई ब्लड प्रेशर क्या है उसका इलाज क्या है उसके लक्षण क्या है और हम किस तरीके से हाई ब्लड प्रेशर का इलाज कर सकते हैं दवाइयों द्वारा जीवन शैली में परिवर्तन द्वारा और इन दोनों को एक साथ अपना कर।

मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा अगर आपके कोई सवाल या जवाब है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं।  

प्रश्न और उत्तर

उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति को कम नमक खाने की सलाह दी जाती है क्यों?

उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति को कम नमक खाने की सलाह इसलिए दी जाती है क्योंकि नमक हमारे शरीर में जाकर हमारे शरीर में पानी की मात्रा को बढ़ा देता है जिससे नसों में तनाव बढ़ता है और हाई ब्लड प्रेशर बढ़ता है।

बीपी बढ़ने पर क्या खाना चाहिए?

बीपी बढ़ने पर व्यक्ति को सबसे पहले अपने तन और मन को शांत करना चाहिए। उसके बाद अच्छा और स्वस्थ भोजन खाना चाहिए जैसे फल, हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक चौलाई आदि। अगर संभव हो तो रोजाना एक गिलास जूस पीने और रोज कम से कम 1 से 2 लीटर पानी पिऐ हैं। अपने खाने में नमक का उपयोग कम करें।

कैसे बीपी तुरंत कम करने के लिए?

अगर आपका बीपी हाई हो जाता है तो आपको सबसे पहले अपने मन और अपने तन को शांत करना है लंबी लंबी सांसे ले और शांत होने की कोशिश करें। जब आप कभी बीपी बढ़ें तो घबराएं नहीं। चाहे तो आप थोड़ा बहुत दही खा सकते हैं दही खाने से आपके मन की घबराहट कम होगी चाहे तो एक दो गिलास पानी पीकर थोड़ा आराम करें। खड़े बिल्कुल ना रहे आराम से बैठ जाएं और अगर कोई काम कर रहे हो तो उसे 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ दें।

हाई बीपी के क्या लक्षण होते हैं?

हाई बीपी के कुछ निम्नलिखित लक्षण होते हैं जैसे 

  • सिर दर्द होना 
  • नाक से खून आना 
  • छाती में दर्द होना 
  • सांस लेने में दिक्कत होना
  • थकान महसूस होना

हाई ब्लड प्रेशर चार्ट

  • सामान्य :- 90–119
  • हाइपरटेंशन-पूर्व :- 120–139
  • चरण 1 हाइपरटेँशन :- 140–159
  • चरण 2 हाइपरटेँशन :- ≥160
  • पृथक सिस्टोलिक हाइपरटेंशन :- ≥140

संदर्भ (Reference)

High blood pressure. (n.d.). NHLBI, NIH. https://www.nhlbi.nih.gov/health-topics/high-blood-pressure

High blood pressure | Hypertension | MedlinePlus. (n.d.). MedlinePlus - Health Information from the National Library of Medicine. https://medlineplus.gov/highbloodpressure.html

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Newman, T. (n.d.). Hypertension: Blood pressure research highlights from 2019. Medical and health information. https://www.medicalnewstoday.com/articles/327097