हाइपरट्रिचिसिस (वेयरवोल्फ सिंड्रोम) – कारण, निदान, लक्षण और उपचार

 
आपने अलग-अलग प्रकार की विचित्र बीमारियों के बारे में सुना होगा पर क्या आपने कभी ऐसी बीमारी के बारे में सुना है जिसमें व्यक्ति के पूरे शरीर पर लंबे और घने बाल आ जाते हैं यहां तक कि व्यक्ति का पूरा चेहरा भी बालों से ढक जाता है।
और व्यक्ति संपूर्ण रूप से एक जानवर की तरह दिखने लगता है जैसे किसी भेड़िए की तरह। इसीलिए इस विचित्र बीमारी का नाम भी वेयर वुल्फ सिंड्रोम है।
 
तो आज इस आर्टिकल में हम बात करेंगे कि वेयरवोल्फ सिंड्रोम सिंड्रोम क्या है, वेयर वुल्फ सिंड्रोम क्यों होता है, वेयर वुल्फ सिंड्रोम के लक्षण और वेयर वुल्फ सिंड्रोम का इलाज क्या है।

वेयर वुल्फ सिंड्रोम क्या है – What is werewolf syndrome in Hindi

हाइपरट्रिचोसिस, जिसे वेयर वुल्फ सिंड्रोम के नाम से भी जाना जाता है इस रोग में व्यक्ति के शरीर पर कहीं भी अत्यधिक बाल उगने लगते हैं। यह रोग पुरुष और महिलाओं दोनों को प्रभावित करता है लेकिन यह अत्यंत दुर्लभ रोग है।

बालों की असामान्य वृद्धि के कारण इस रोग से व्यक्ति का चेहरा संपूर्ण रूप से बालों से ढक सकता है बाल शरीर पर छोटे-छोटे पेच में भी उग सकते हैं। वेयर वुल्फ सिंड्रोम सामान्यता जन्म के समय से हो सकता है या जीवन में समय के साथ भी विकसित हो सकता है।

वेयर वुल्फ सिंड्रोम के प्रकार – Types of werewolf syndrome in Hindi

  • जन्मजात हाइपरट्रिचोसिस लैनुगिनोसा
  • जन्मजात हाइपरट्रिचोसिस टर्मिनलिस
  • नेवॉइड हाइपरट्रिचोसिस
  • हिर्सुटिज़्म
  • एक्वायर्ड हाइपरट्रिचोसिस

जन्मजात हाइपरट्रिचोसिस लैनुगिनोसा

यह रोग जन्मजात होता है इसमें जन्म के समय शुरुआत में व्यक्ति सामान्य होता है लेकिन कुछ हफ्तों बाद महीन और नरम बाल बढ़ने लगते हैं और घने होने लगते हैं।

जन्मजात हाइपरट्रिचोसिस टर्मिनलिस

यह रोग जन्म से ही शुरु हो जाता है इसमें जब बच्चा पैदा होता है तभी उसके शरीर पर घने बाल होते हैं जो महीन होते हैं और बाद में घने हो जाते हैं।

नेवॉइड हाइपरट्रिचोसिस

यह समानता व्यक्ति को पूरे शरीर में नहीं होता है शरीर में कुछ कुछ या शरीर के किसी एक विशिष्ट अंग में बहुत अधिक बाल उगने लगते हैं।

हिर्सुटिज़्म

यह रोग सिर्फ महिलाओं को ही होता है इस रोग में महिलाओं को उन जगह पर बाल उगने लगते हैं जहां पर आमतौर पर बाल नहीं होते जैसे चेहरा, छाती और पीठ।

एक्वायर्ड हाइपरट्रिचोसिस

यह रोग जन्मजात नहीं होता है यह जीवन में कभी भी किसी मेडिकल कारण से हो सकता है। और यह रोग किसी को भी हो सकता है।

वेयर वुल्फ सिंड्रोम के लक्षण – Symptoms of werewolf syndrome in Hindi

हाइपरट्रिचिसिस (वेयरवोल्फ सिंड्रोम) – कारण, निदान, लक्षण और उपचार

जैसा कि पहले ही उल्लेख किया जा चुका है कि यह रोग जन्मजात भी हो सकता है और किसी मेडिकल कारण से भी विकसित हो सकता है। वेयर वुल्फ सिंड्रोम के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि व्यक्ति को किस प्रकार का रोग है।

वेयर वुल्फ सिंड्रोम कई प्रकार का होता है तथा सभी प्रकार के लक्षण भिन्न होते हैं। जैसे कुछ में बाल घने और लंबे होते हैं, तो कुछ में बाल के आकार में परिवर्तन हो सकता है।

इस आधार पर इन्हें तीन वर्गों में बांटा गया है

लानुगो :- इसमें बच्चा गर्भ में ही छोटे हल्के रंग के बालों की परत से ढका हुआ होता है।

सभी नवजात शिशु लानुगो के साथ पैदा होते हैं अधिकांश बच्चे जन्म के बाद कुछ दिनों या हफ्तों में लानुगो खो देते हैं और यह बाल वयस्क होने पर विकसित हो जाते हैं।

वेल्ल्स :- वेल्ल्स में बाल आमतौर पर सुनहरे पतले होते हैं और मोटे काले रंग के होते हैं।

टर्मिनल:- अन्य प्रकार की तुलना में बाल मोटे लंबे और घने होते हैं वेयर वुल्फ रोग से पीड़ित महिलाओं के चेहरे छाती और पीठ जैसी जगहों पर कठोर काले और घने बाल विकसित हो जाते हैं।

वेयर वुल्फ सिंड्रोम के कारण – Causes of werewolf syndrome in Hindi

हाइपरट्रिचिसिस (वेयरवोल्फ सिंड्रोम) – कारण, निदान, लक्षण और उपचार
 
  • अभी तक सही कारण निश्चित नहीं किया गया है
  • एक मनुष्य के शरीर पर सूर्य की किरणों का बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है इसे पोर्फिरीया कहते हैं इस कारण से भी यह रोग हो सकता है।
  • कुपोषण होना, कुपोषण के कारण भी यह रोग हो सकता है
  • कैंसर के कारण भी यह रोग हो सकता है
  • एंड्रोजन स्टेरॉयड के सेवन से भी यह रोग हो सकता है।

वेयर वुल्फ सिंड्रोम का इलाज – Treatment of
Werewolf syndrome in Hindi

वेयर वुल्फ सिंड्रोम का मुख्य रूप से कोई इलाज नहीं है परंतु कुछ अन्य प्रकार के संभव उपाय हैं जिनके द्वारा इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है जैसे कि शेव करना, समय-समय पर अपने बालों को काटते रहना, ट्रिमर से ट्रिम करते रहना इससे व्यक्ति को थोड़ी राहत मिलती है।
 
दूसरा वैक्सिंग करना वैक्सिंग करना भी काफी अच्छा ऑप्शन माना जाता है समय-समय पर वैक्सिंग करने से बालों की संख्या कम हो जाती है उससे व्यक्ति को काफी अच्छा महसूस होता है क्योंकि आमतौर पर वैक्सिंग करने से बाल काटने की अपेक्षा बाल जल्दी नहीं आते हैं।
 
बालों में ब्लीच लगाने से भी बालों की संख्या कम हो सकती है और व्यक्ति को अच्छा महसूस होता है।
केमिकल युक्त चीजों का उपयोग करना जैसे आप बाल साफ साबुन का उपयोग कर सकते हैं जिसका उपयोग करने से बाल बिल्कुल झड़ जाते हैं।
 
 

वेयर वुल्फ सिंड्रोम से ग्रस्त व्यक्ति का जीवन कैसा होता है – How is the life of a person with ware wolf syndrome in Hindi

वेयर वुल्फ सिंड्रोम से ग्रस्त व्यक्ति को अपने जीवन में कई प्रकार की तकलीफ और परेशानियों का सामना करना पड़ता है।क्योंकि यह बीमारी काफी विचित्र है और आसानी से किसी को नहीं होती तो इस बीमारी के बारे में लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं होती इसी कारण से जब किसी को यह बीमारी होती है तो वह लोग इस बीमारी को अंधविश्वास के साथ जोड़ते हैं।
 
और सोचते हैं कि जरूर इस व्यक्ति ने जिसको वेयर वुल्फ सिंड्रोम है उसने अपने पूरे जीवन में या पिछले जन्म में कुछ ऐसे कार्य किए होंगे जिसकी वजह से उसे इस जन्म में इतनी बुरी सजा भोगने को मिल रही है।
 
आमतौर पर मरीज को बचपन में भी काफी तकलीफों का सामना करना पड़ता है उसके आसपास के लोग आस-पड़ोस के दोस्त भी उसे चढ़ाते हैं और उसके साथ आसानी से कोई दोस्ती भी नहीं करना चाहता। क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि यह कोई ऐसी बीमारी है जो हमें भी लग सकती है। इसलिए कोई व्यक्ति के साथ नहीं खेलता।
 
व्यक्ति को कुछ शारीरिक समस्याएं भी हो सकती हैं जैसे व्यक्ति को खानपान में दिक्कत हो सकती है अर्थात जब व्यक्ति खाना खाता है अब बाल उसके मुंह में जा सकते हैं इसके नाक में जा सकते हैं उसकी आंखों में भी जा सकते हैं।
 
इस समस्या का बस कुछ साधारण निवारण है जैसे
  • समय-समय पर
  • बालों को काटते रहना
  • शेव करना
  • वैक्सिंग करना आदि।

निष्कर्ष

मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा इसमें हमने बताया है कि वेयरवोल्फ सिंड्रोम सिंड्रोम क्या है, वेयर वुल्फ सिंड्रोम क्यों होता है, वेयर वुल्फ सिंड्रोम के लक्षण और वेयर वुल्फ सिंड्रोम का इलाज क्या है।

अगर आपके कोई सवाल ही जवाब है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बता सकते हैं हम आपके सवालों और जवाबों का उत्तर देने का प्रयास जरूर करेंगे।

प्रश्न और उत्तर

मुख्य रूप से किस हार्मोन की वजह से वेयर वुल्फ सिंड्रोम होता है?

बहुत सारे अलग-अलग प्रकार की दवाइयां स्टेरॉइड्स और एंटीबायोटिक और anti-inflammatory दवाइयों का प्रयोग करने से या इन दवाइयों के रिएक्शन के कारण भी वेयर वुल्फ सिंड्रोम हो सकता है।

मुख्य रूप से जब hirsutism नाम के हार्मोन में कुछ गड़बड़ी होती है तब यह रोग उत्पन्न होता है।

वेयर वुल्फ सिंड्रोम कितना दुर्लभ है?

वेयर वुल्फ सिंड्रोम जो जन्मजात रूप से होता है अत्यंत दुर्लभ है अभी तक सिर्फ 7% ही मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें इस प्रकार का वेयर वुल्फ सिंड्रोम हुआ है।

क्या वेयर वुल्फ सिंड्रोम का कोई इलाज है?

हां, वेयर वुल्फ सिंड्रोम का इलाज है इसका इलाज दवाइयों और आधुनिक तकनीकों द्वारा संभव है।

जिस व्यक्ति को वेयर वुल्फ सिंड्रोम होता है उसे क्या क्या परेशानी होती है?

जिस व्यक्ति को वेयर वुल्फ सिंड्रोम होता है उसे कई परेशानियां होती हैं अगर यह बीमारी उसे बचपन से है तो उसे बचपन से ही घर में ताने मिलने शुरू हो जाते हैं बच्चे का बचपन खराब हो जाता है सभी उसे चिढ़ाने लगते हैं।

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