माइग्रेन (Migraine): लक्षण, कारण, इलाज, इत्यादि

माइग्रेन (Migraine) का दर्द सिर्फ वही व्यक्ति समझ सकता है जिसको यह दर्द हो रहा हो या जो इस दर्द का इलाज करता हो यह दर्द काफी तेज होता है और व्यक्ति को इस दर्द के कारण काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है अगर इस दर्द का समय पर इलाज न कराया जाए तो यह व्यक्ति के लिए काफी दुखदाई हो सकता है इसलिए इसका इलाज कराना आवश्यक है और साथ ही माइग्रेन के बारे में संपूर्ण जानकारी ले लेनी चाहिए।

तो इसीलिए इस आर्टिकल में आज हम बात करेंगे कि माइग्रेन क्या है?, माइग्रेन क्यों होता है?, माइग्रेन का इलाज क्या है?, माइग्रेन का आयुर्वेदिक इलाज क्या है?, माइग्रेन के लक्षण क्या है?, माइग्रेन क्यों होता है और ऐसे काफी सारे सवाल जिनके जवाब जानना आपके लिए जरूरी है। 

Table of Contents

माइग्रेन क्या है – What is migraine in Hindi

माइग्रेन एक प्रकार का सर दर्द है और यह आम सर दर्द से काफी अलग होता है इस दर्द को केवल वही समझ सकता है जिसे यह दर्द हो रहा हो या जो इस दर्द का इलाज करता हो माइग्रेन का दर्द आमतौर पर सिर के एक तरफ होता है या तो लेफ्ट भाग में या तो राइट भाग में लगभग एक तिहाई लोगों में यह दोनों तरफ होता है। 

‌माइग्रेन का यह दर्द एक विशेष तरीके से होता है जिसमें सर के एक हिस्से में दर्द होता है और ऐसा लगता है कि नस फड़क रही है हालांकि कुछ मामलों में तो दर्द होता ही नहीं है इस के आम लक्षण होते हैं जैसे सर में तेज दर्द होना, आंखों के आगे अंधेरा छा जाना आदि।

माइग्रेन के लक्षण क्या है – Symptoms of migraine in Hindi

माइग्रेन के लक्षण क्या है
 

माइग्रेन एक बीमारी है जिसमें सिर में बहुत तेज दर्द होता है इसका लक्षण सिर के एक हिस्से में तेज दर्द होना इसके साथ-साथ व्यक्ति को कई अन्य लक्षण भी महसूस हो सकते हैं जैसे कि

  • आंखों के आगे अंधेरा छा जाना
  • तेज लाइट से आंखों में चुभन होना
  • तेज आवाज से चुभन होना
  • चक्कर आना
  • उल्टी जैसा लगना
  • हाथ और पैरों में सूजन होना
  • हाथ और पैरों में सुन्नपन होना आदि सभी माइग्रेन के लक्षण हैं।

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माइग्रेन के कारण – Causes of migrane in Hindi

माइग्रेन एक प्रकार का दर्द है जो हमारे सर में होता है और यह काफी तेज होता है यह दर्द सामान्य दर्द से काफी अलग होता है और यह कई कारणों से हो सकता है जैसे

जीवन शैली और आहार

आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ और जीवन शैली के कारण व्यक्ति अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पाता है जिसके कारण व्यक्ति को भिन्न भिन्न प्रकार की बीमारियां लग जाती हैं और हमें स्वस्थ रखने में खानपान का बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण दायित्व होता है परंतु इस जीवन शैली के कारण व्यक्ति अपने खानपान पर ध्यान नहीं दे पाता है जिसके कारण भिन्न भिन्न प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं और माइग्रेन की समस्या तो बहुत ही सामान्य सी बात है। 

हार्मोनल चेंज

माइग्रेन का दर्द व्यक्ति को कई कारणों से हो सकता है जिनमें से प्रमुख कारण है कि हार्मोनल चेंज, हार्मोनल चेंज कई कारणों से हो सकता है जैसे कि अगर आपको किसी प्रकार की बीमारी हो रही है या महिलाओं में मासिक धर्म की वजह से हार्मोनअल चेंज हो रहा हो तो उसकी वजह से भी माइग्रेन की समस्या हो सकती है। 

असंतुलित खाद्य पदार्थ

असंतुलित खाद्य पदार्थ जैसे कि फास्ट फूड चाउमीन बर्गर मोमोज पिज़्ज़ा पास्ता आदि और अन्य ऐसे फूड जो हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं और जिन्हें आजकल समाज में बड़े चाव से खाया जाता है यह कई बीमारियों के कारण होते हैं और इनकी वजह से कई बीमारियां हो सकती हैं जिनमें से माइग्रेन का दर्द एक है। 

प्राकृतिक वातावरण

हमारे स्वास्थ्य पर प्राकृतिक वातावरण का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है अगर प्राकृतिक वातावरण में बदलाव होता है तो उसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है जैसे अगर बाहर मौसम ठंडा हो तो हम देखते हैं कि हमें ठंड महसूस होती है और उसी तरह मौसम चेंज होते ही हमें जुखाम भी लग जाता है इसी तरीके से माइग्रेन की समस्या भी हो सकती है। 

अनिद्रा

अगर कोई व्यक्ति ढंग से सो नहीं पाता है रात रात भर जागता रहता है या अधिक सोता है तो उसको माइग्रेन की समस्या हो सकती है क्योंकि अधिक सोने और कम सोने से व्यक्ति के मानसिक स्थिति पर इसका गलत प्रभाव पड़ता है व्यक्ति को टेंशन या तनाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं जो माइग्रेन का बहुत बड़ा कारण है। 

अत्यधिक परिश्रम करना

जो लोग बहुत ज्यादा हैवी वर्क करते हैं या कोई बहुत कठिन परिश्रम करते हैं उन्हें भी माइग्रेन की समस्या या माइग्रेन का दर्द बहुत आम तौर पर देखा जा सकता है इससे बचने के लिए हमें डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। 

माइग्रेन के प्रकार – Types of migraine in Hindi

माइग्रेन के प्रकार के हो सकते हैं जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं।

दृष्टि संबंधी माइग्रेन

इस प्रकार के माइग्रेन में दृष्टि संबंधित परेशानियां होती हैं इस प्रकार के माइग्रेन को प्लास्टिक माइग्रेन भी कहा जाता है इस प्रकार के माइग्रेन में रोशनी में काला धब्बा नजर आता है और आंखों में चकाचौंध चुभती है।

दृष्टि रहित माइग्रेन 

यह एक सामान्य प्रकार का माइग्रेन है इसे कॉमन माइग्रेन के नाम से भी जाना जाता है यह लगभग 11 में प्रतिशत पाया जाता है इसमें सामान्य लक्षण होते हैैं जैसेे उल्टी होना आदि। 

मासिक धर्म माइग्रेन 

जैसा कि नाम से ही आप जानते हैं यह माइग्रेन महिलाओं में होता है यह माइग्रेन जब होता है जब महिलाओं को मासिक धर्म शुरू हो जाता है।

क्रॉनिक माइग्रेन

यह इस प्रकार का माइग्रेन उन लोगों को बताएं जो अत्याधिक मात्रा में दवाइयों का सेवन करते हैं और यह माइग्रेन लंबे समय तक रहता है और व्यक्ति का संपूर्ण जीवन दुखदाई हो जाता है।

ऑप्टिकल माइग्रेन 

इस प्रकार के माइग्रेन में आंखों पर बुरा असर पड़ता है और व्यक्ति की आंखें खराब भी हो सकती है अगर आपको इस प्रकार का मांग रहे हैं तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए अन्यथा इसके गंभीर दुष्परिणाम हो सकते हैं।

माइग्रेन की जांच – Diagnosis of migraine in Hindi

माइग्रेन की जांच लक्षणों के आधार पर की जा सकती है परंतु इसकी जांच मुख्य रूप से 2 तरीकों से की जा सकती है यह पहला m.r.i. और दूसरा सिटी स्कैन

M.R.I

एमआरआई स्कैन मस्तिष्क और रक्त वाहिकाओं की विस्तृत छवियों का उत्पादन करने के लिए एक शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों का उपयोग करता है। एमआरआई स्कैन से डॉक्टरों को ट्यूमर, स्ट्रोक, मस्तिष्क में रक्तस्राव, संक्रमण और अन्य मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र (न्यूरोलॉजिकल) स्थितियों का पता लगाने में मदद मिलती है।

सीटी स्कैन

सीटी स्कैन मस्तिष्क की विस्तृत क्रॉस-अनुभागीय छवियों को बनाने के लिए एक्स-रे की एक श्रृंखला का उपयोग करता है। यह डॉक्टरों को ट्यूमर, संक्रमण, मस्तिष्क क्षति, मस्तिष्क में रक्तस्राव और अन्य संभावित चिकित्सा समस्याओं का निदान करने में मदद करता है जो सिरदर्द पैदा कर सकता है।

माइग्रेन से बचने के लिए युक्तियां – Tips for treatment of migraine in Hindi

माइग्रेन से बचने के लिए युक्तियां
 

माइग्रेन से बचाव माइग्रेन से बचने के लिए हमें भरपूर मात्रा में पानी पीना चाहिए क्योंकि कई बार पानी की कमी के कारण माइग्रेन की समस्या हो जाती है और कई और समस्याएं भी हो सकते हैं इसलिए हमें कभी भी शरीर में पानी की कमी नहीं होनी चाहिए हमें हर रोज कम से कम 4 से 5 लीटर पानी पीना चाहिए।

नियमित एक्सरसाइज करना

आप नियमित एक्सरसाइज कर सकते हैं एक्सरसाइज में अब कोई भी हल्की एक्सरसाइज या भारी एक्सरसाइज कर सकते हैं भारी एक्सरसाइज से मतलब है कि वजन उठाना या फिर कुश्ती वगैरह और हल्की एक्सरसाइज मतलब जैसे नॉर्मल वॉक करना या स्पोर्ट्स खेलना।

नियमित रूप से योगा करना

नियमित रूप से योगा करने से भी हमारा शरीर स्वस्थ रहता है और हमें आसानी से कोई बीमारी नहीं लगता जैसे कि माइग्रेन। योगा में हम भिन्न भिन्न प्रकार के योगा अपना सकते हैं और साथ ही मेडिटेशन करने से माइग्रेन के इलाज में मदद मिलती है।

खाने की अच्छी आदत है

खानपान की आदतों का ध्यान रखाना चाहिए फास्ट फूड का सेवन कम से कम सेवन करना चाहिए खाने में कॉफी एल्कोहल शलगम इन सभी चीजों को ऐड करना और अच्छी-अच्छी और ताकतवर चीजों का सेवन करना चाहिए। 

संपूर्ण नींद लेना

संपूर्ण नींद ना पूरी हो पाने के कारण कई समस्याएं हो सकती हैं इससे बचने के लिए संपूर्ण नींद लेना जरूरी है कम से कम 6 से 7 घंटे की संपूर्ण नींद लेनी चाहिए।

माइग्रेन से बचने के लिए योगा – Yoga to treat migraine in Hindi

योगा बहुत अच्छा और आसान तरीका है जिसके द्वारा हम अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते हैं और अलग-अलग प्रकार की बीमारियों से बच सकते हैं योगा करने से हमारा शरीर तो स्वस्थ रहता ही है इससे हमारा तन और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं और जब हमारा तन और मन दोनों स्वस्थ होंगे तब हमारा जीवन भी स्वस्थ होगा माइग्रेन से बचने के लिए हमें नियमित योगा करना चाहिए विशेषकर इन निम्नलिखित युवाओं को करना चाहिए

  • सेतुबंध आसन 
  • वज्रासन
  • पश्चिमोत्तानासन 
  • अधोमुख आसन
  • मकरासन

यह सभी माइग्रेन के दर्द से राहत दिलाने में बहुत लाभकारी हैं इसलिए हमें प्रतिदिन यह योगा करने चाहिए अगर हम पर टाइम नहीं हो तब भी हमें अपने पूरे दिन के बिजी शेड्यूल में से कम से कम 5 से 10 मिनट इन योगा को करने के लिए निकालने चाहिए। 

माइग्रेन से बचने का आयुर्वेदिक उपाय – Ayurvedic treatment for migraine in Hindi

– सर की मसाज करने से या मालिश करने से हमें माइग्रेन से राहत मिलती है और यह काफी अच्छा और आसान तरीका है।

– नियमित योगा करने से माइग्रेन के दर्द में राहत मिलती है हमारी बॉडी का ब्लड सरकुलेशन ठीक रहता है विशेष रूप से हमें सेतुबंध आसन पश्चिमोत्तानासन मकरासन अधोमुख आसन वज्रासन जैसे योगा आसन करने चाहिए। 

– नियमित रूप से व्यायाम करना हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा है और व्यायाम करने से हमारे बॉडी का ब्लड सरकुलेशन ठीक रहता है ब्लड मस्तिष्क में सही तरीके से पंप हो पाता है और माइग्रेन से राहत मिलती है। 

– गहरी सांस लेने से या गहरी सांसे लेने वाली एक्सरसाइज करने से भी माइग्रेन के दर्द में राहत मिलती है इससे हमारा शरीर शांत होता है। 

– मेडिटेशन करने से माइग्रेन के दर्द में राहत मिलती है इससे हमारा मन शांत होता है और टेंशन कम होता है

– मांसपेशियों को शांत करने से हमारे शरीर का टेंशन कम होता है हमारे मन का टेंशन कम होता है मानसिक टेंशन कम होता है और माइग्रेन के दर्द से राहत मिलती है।

– स्वस्थ भोजन हमारे लिए बेहद आवश्यक है और स्वस्थ भोजन की कमी से बहुत सारी बीमारियां हो सकती हैं जो जानलेवा भी हो सकती हैं अगर हम अपने स्वस्थ भोजन को हमेशा स्वस्थ रखें तो हमें ऐसी कोई समस्या नहीं होगी।

– एक्यूपंचर का इस्तेमाल भी माइग्रेन के दर्द में राहत दिलाने में मदद करता है

– अदरक और तुलसी का इस्तेमाल करने से भी माइग्रेन के दर्द में राहत मिलती है आप चाहे तो अदरक वाली और तुलसी वाली चाय पी सकते हैं।

माइग्रेन का उपचार – Treatment of migraine in Hindi

माइग्रेन एक बीमारी है जिसमें सिर के एक हिस्से में अधिक दर्द होता है यह आम दर्द से अलग होता है इसके कई इलाज हो सकते हैं जैसे

दवाइयों द्वारा

माइग्रेन के उपचार में मरीज को अलग-अलग प्रकार की दवाइयां दी जाती है जिनमें से कुछ दवाइयां हैं जैसे एंटीसाइकॉटिक एनाल्जेसिक न्यूरोटॉक्सिंस आदि दवाइयां देकर व्यक्ति का इलाज किया जाता है इसके साथ-साथ व्यक्ति को कई अन्य चीजें करने के लिए भी कहा जाता है जैसे। 

तनाव प्रबंधन

माइग्रेन का एक बहुत बड़ा कारण है तनाव जिसकी वजह से माइग्रेन होता है तनाव को कम करना बहुत आवश्यक है इसलिए तनाव को कम करने के लिए बहुत सारी युक्तियां लगाई जाती हैं जिनमें से है अच्छी बेहतर नींद लेना अच्छा खाना खाना तनाव ना लेना बातों के बारे में ज्यादा ना सोचना नियमित योगा एक्सरसाइज करना आदि 

नींद की बेहतर आदतें

नींद ना आने से माइग्रेन की समस्या हो जाती है इससे बचने के लिए हमें समय पर सोना चाहिए सोना चाहिए अगर हम ऐसा नहीं करते हैं तो हमारे मस्तिष्क पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है और माइग्रेन के साथ-साथ कई अन्य बीमारियां भी हो सकती हैं।  

माइग्रेन के ट्रिगर्स से बचे

कई ऐसी चीजें हैं जिनका सेवन करने से आपको माइग्रेन का दर्द हो सकता है तो माइग्रेन के दर्द से बचने के लिए हमें उन चीजों को नहीं करना चाहिए जैसे एल्कोहल आदि का सेवन करने से भी माइग्रेन का दर्द होने लगता है तो हमें एल्कोहल आदि का सेवन नहीं करना चाहिए और कुछ ऐसी आदत है जैसे कड़ी धूप में जाने से माइग्रेन का दर्द होना शुरू हो जाता है तो हमें कड़ी धूप में नहीं जाना चाहिएआदि ऐसी छोटी-छोटी बातों का अगर हम ध्यान रखते हैं तो हमें माइग्रेन की समस्या ज्यादा नहीं सताएगी और इसका इलाज भी संभव हो पाएगा 

आहार संशोधन

अगर हम अपने आहार में सुधार कर लें और अच्छा स्वस्थ भोजन ग्रहण करें संतुलित आहार करें हमें किसी भी प्रकार की कोई बीमारी नहीं होगी और हम समय पर अपना काम कर पाएंगे और इससे हमें तनाव भी नहीं रहेगा हमारे शरीर स्वस्थ रहेगा और हमें कोई बीमारी भी नहीं होगी और जहां तक बात रही माइग्रेन की वह भी ठीक हो जाएगा। 

मसाज कराना

मसाज कराना बहुत आम बात है अगर जिस व्यक्ति को अपने सर में दर्द हो रहा है तो ठंडे तेल जैसे कि नवरत्न का तेल आदि से अपने सर की मसाज करा सकते हैं उससे आपको बेहद राहत मिलेगी मसाज करने से माइग्रेन के दर्द में भी राहत मिलती है।

एक्यूपंचर

ऐसा देखा गया है कि एक्यूपंचर भी काफी कारगर है माइग्रेन के दर्द से राहत दिलाने में अगर आपको ऐसी कोई समस्या आ रही है तो आप एक्यूपंचर का सहारा भी ले सकते हैं। 

माइग्रेन के इलाज के लिए दवाइयां – Migraine Ke liye Tablet

माइग्रेन के लिए भिन्न भिन्न प्रकार की दवाइयां उपयोग में लाई जाती हैं जो दवाइयां उपयोग में लाई जाती हैं वह कुछ इस प्रकार है कि

– एंटीसाइकॉटिक दवाइयां यह मनोदशा को ठीक करने के लिए उपयोग में लाई जाती है।

– एनाल्जेसिक्स दवाइयों का प्रयोग दर्द से राहत दिलाने में किया जाता है

– गैर स्टेरॉयडल यह दवाइयां दर्द से राहत देती है, सूजन कम करता है और बुखार कम करती हैं।

– अनुपूरक आहार इन दवाइयां को स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है।

– न्यूरोटॉक्सिन इन दवाइयों को मांसपेशियों की गतिविधि को कम या समाप्त कर देता है और मांसपेशियों को पंगु बना देता है।

माइग्रेन के लिए पतंजलि कि दवा – Patanjali medicine for Migraine in Hindi

मेधा क्वाथ कहां पर हो माइग्रेन के दर्द को ठीक करने के लिए किया जाता है एक समय-परीक्षणित आयुर्वेदिक सूत्रीकरण है जो आपको हल्के से लेकर गंभीर सिरदर्द, माइग्रेन के हमलों और नींद की कमी से राहत देने की गारंटी है। इसमें अवसाद रोधी गुण होते हैं और यह मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को बढ़ावा देने में मदद करता है।

क्या माइग्रेन खतरनाक है – Is migraine dangerous in Hindi

हां माइग्रेन खतरनाक है माइग्रेन का दर्द कई बार हद से ज्यादा हो जाता है जिसके कारण व्यक्ति को बेहोशी और कई अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और साथ ही व्यक्ति को हॉस्पिटल में भर्ती भी करना पड़ सकता है माइग्रेन कोई छोटी मोटी समस्या नहीं है अगर किसी व्यक्ति को माइग्रेन की समस्या है या माइग्रेन का दर्द हो रहा है तो उसे डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और अच्छी डॉक्टरी सलाह अच्छी खानपान नियम दवाइयों का सेवन नियमित योगा एक्सरसाइज करने से इस बीमारी का इलाज संभव है तो आप देर ना करें और तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

क्या माइग्रेन का इलाज संभव है – Is it possible to treat migraine in Hindi

हां, माइग्रेन कोई लाइलाज बीमारी नहीं है इसका इलाज संभव है अगर आपको गंभीर समस्या हो रही है जैसे आंखों के आगे अंधेरा छा रहा हो या बहुत तेज दर्द होता हो अचानक से तो आपको सबसे पहले डॉक्टर को दिखाना है और डॉक्टरी सलाह लेनी है डॉक्टर दवाइयां खाने और कुछ योगा और एक्सरसाइज करने को कहेगा डॉक्टर की हर बात मानी है अगर आप ढंग से दवाइयों का सेवन करते हैं अच्छा आहार लेते हैं तनाव मुक्त रहने का प्रयास करते हैं नियमित व्यायाम और योगा करते हैं तो आप का माइग्रेन बहुत जल्दी ठीक हो जाएगा और आपको ऐसी समस्या दोबारा नहीं होगी।

निष्कर्ष

हमने इस आर्टिकल में बताया है कि माइग्रेन क्या है माइग्रेन क्यों होता है माइग्रेन के लक्षण क्या है माइग्रेन का इलाज क्या है क्या माइग्रेन का इलाज संभव है माइग्रेन का आयुर्वेदिक इलाज माइग्रेन का घरेलू इलाज और काफी सारे ऐसे सवालों के जवाब जो माइग्रेन से ग्रस्त व्यक्ति को जानना जरूरी है। 

मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा अगर आपके कोई सवाल क्या जवाब हैं तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके बता सकते हैं हम जल्द से जल्द आपके प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास करेंगे। 

प्रश्न और उत्तर

माइग्रेन क्या है?

माइग्रेन एक प्रकार का सर दर्द है और यह है आम सर दर्द से अलग होता है इसमें व्यक्ति को सर दर्द के साथ-साथ कई अन्य लक्षण भी होते हैं जैसे आंखों के सामने अंधेरा छा जाना, आंखों में रोशनी का चुभना और अन्य कई लक्षण।

माइग्रेन के लक्षण क्या है?

माइग्रेन के लक्षण है गंभीर रूप से सर दर्द होना, आंखों के आगे अंधेरा छा जाना, रोशनी का चुगना, हल्की सी गर्मी लगने पर तेज सर दर्द होना आदि

क्या माइग्रेन का इलाज संभव है?

हां, माइग्रेन का इलाज संभव है उचित रूप से दवाइयों का इस्तेमाल करने से नियमित योगा करने से नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से और डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह को सही ढंग से अपनाने पर माइग्रेन का इलाज संभव है। 

माइग्रेन का इलाज कराने पर हमें किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

माइग्रेन का इलाज कराने पर हमें इन बातों का ध्यान रखना चाहिए कि सिर्फ दवाई से ही इसका इलाज संभव नहीं है व्यक्ति को सभी प्रकार से कार्य करना पड़ेगा जैसे दवाइयों का नियमित सेवन करना पड़ेगा, नियमित योगा करना पड़ेगा, नियमित रूप से एक्सरसाइज करनी पड़ेगी अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना पड़ेगा और डॉक्टर की सलाह माननी पड़ेगी।

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