Himalaya Septilin Tablet in Hindi: लाभ, उपयोग, खुराक इत्यादि

Himalaya Septilin Tablet in Hindi: लाभ, उपयोग, खुराक इत्यादि

आज के समय में धूल मिट्टी और पोलूशन हमारे स्वास्थ्य पर काफी बुरा प्रभाव डालते हैं जिसके कारण हमें कई बीमारियां भी हो सकती हैं। इन सभी कारणों से होने वाली सामान्यता बीमारी है इंफेक्शन।

अगर हम बात करें कि इंफेक्शन की कोई अच्छी दवाई जो आयुर्वेदिक हो और ज्यादा महंगी ना हो तो ऐसी दवाई का नाम है हिमालय सेप्टिलिन दवाई। यह दवाई काफी कारगर है जिसके कारण यह काफी प्रचलित भी है इंफेक्शन के इलाज के साथ-साथ इस दवाई का उपयोग अन्य बीमारियों के इलाज के लिए भी किया जाता है। 

इसलिए इस आर्टिकल में हम पढ़ेंगे की हिमालय सेप्टिलिन दवाई क्या है, हिमालय सेप्टिलिन दवाई खाने के क्या-क्या फायदे हैं, हिमालय सेप्टिलिन दवाई का उपयोग क्या हैं, हिमालय सेप्टिलिन दवाई का दुष्प्रभाव क्या हैं और काफी ऐसे सवाल जो हमें हिमालय सेप्टिलिन दवाई का उपयोग करने से पहले जानने चाहिए या आपके मन में भी हिमालय सेप्टिलिन दवाई का उपयोग करने से पहले यह सवाल आए होंगे। 

Table of contents

हिमालय सेप्टिलिन दवाई क्या है - What is Himalaya septilin tablets in Hindi

हिमालय सेप्टिलिन दवाई (Himalaya Septilin Tablet) एक अच्छी और कारगर दवाई है जो पूर्णता आयुर्वेदिक है मुख्य रूप से हिमालय सेप्टिलिन दवाई का उपयोग भिन्न भिन्न प्रकार की इंफेक्शन को ठीक करने के लिए किया जाता है। जैसे श्वसन तंत्र में इन्फेक्शन, कान में इन्फेक्शन, शरीर के जोड़ों में इंफेक्शन, दांत में इंफेक्शन, आंखों में इंफेक्शन आदि।

हिमालय सेप्टिलिन दवाई का उपयोग अन्य कारणों से भी किया जाता है जैसे यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करती है और किसी शल्य चिकित्सा या ऑपरेशन के बाद जल्दी से जल्दी रिकवरी करने और इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करती है। 

यह दवाई किसी भी केमिस्ट पर या आयुर्वेदिक दवाई की दुकान पर आसानी से मिल जाती है। हिमालय सेप्टिलिन दवाई के दाम बहुत ज्यादा नहीं है इसके कारण इसे आम आदमी बहुत आसानी से खरीद सकता है और उपयोग कर सकता है। 

जहां एक तरफ हिमालय सेप्टिलिन दवाई के बहुत सारे लाभ हैं वहीं दूसरी तरफ इसके कुछ हल्के-फुल्के दुष्प्रभाव भी हैं जैसे उल्टी होना, इंफेक्शन होना और पेट दर्द होना आदि। इस दवाई में मुख्य रूप से आमला, मंजिष्ठा, गिलोय जैसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का उपयोग किया गया है जो हमें स्वस्थ रहने में मदद करती हैं और यह व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक विकास में मदद करती हैं।

अगर कोई व्यक्ति डॉक्टर की सलाह से इस दवाई का प्रयोग नियमित रूप से करता है तो उसे जरूर काफी अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।

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हिमालय सेप्टिलिन दवाई की खुराक - Dosage of Himalayan septilin tablets in Hindi

हिमालय सेप्टिलिन दवाई की खुराक व्यक्ति की उम्र, लिंग और वजन के अनुसार तय की जाती है साथ-साथ यह भी देखा जाता है कि व्यक्ति को क्या बीमारी है और कितनी गंभीर बीमारी है, बीमारी की अभी शुरुआत हुई है या फिर इंफेक्शन ज्यादा गंभीर हो गया है। 

बच्चों के लिए

6 महीने से लेकर 5 वर्ष की आयु तक के बच्चों को हिमालय सेप्टिलिन दवाई के ड्रॉप्स दिए जाते हैं 6 महीने से कम आयु के बच्चों को हिमालय सेप्टिलिन दवाई नहीं दी जाती है। 

4 से 5 वर्ष की आयु तक के बच्चों को 5 मिली लीटर हिमालय सेप्टिलिन दवाई के ड्रॉप्स दिन में दो बार दिए जाते हैं डॉक्टर के आदेश अनुसार। 

6 महीने से लेकर 1 साल तक के बच्चे को 3 मिलीलीटर हिमालय सेप्टिलिन दवाई के ड्रॉप्स दिए जाते हैं और धीरे-धीरे दवाई के डोस को बढ़ाया जाता है 3 मिलीलीटर डोस को 0.5 मिलीलीटर तक बढ़ाया जाता है।

बड़े लोगों के लिए

सामान्यतः बड़े लोगों को रोजाना दो चम्मच सुबह शाम हिमालय सेप्टिलिन दवाई का सीरप दिया जाता है बीमारी का इलाज हो जाने तक।

सामान्यता बड़े लोगों को रोजाना दो गोलियां सुबह शाम खाने के लिए कहा जाता है।

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हिमालय सेप्टिलिन दवाई का उपयोग - Uses of Himalaya septilin tablets in Hindi

हिमालय सेप्टिलिन दवाई का उपयोग

हिमालय सेप्टिलिन दवाई एक आयुर्वेदिक दवाई है और इस दवाई का उपयोग अलग-अलग प्रकार की बीमारियों के इलाज में किया जाता है जैसे:- 

हिमालय सेप्टिलिन दवाई का उपयोग फेफड़े, गले और वायुमार्ग में होने वाले कई प्रकार के संक्रमणों जैसे टॉन्सिलिटिस, ग्रसनीशोथ और ब्रोंकाइटिस के इलाज के लिए उपयोग में लाया जाता है। हिमालय सेप्टिलिन दवा का उपयोग कान में इंफेक्शन, जोड़ो, दांत और आंखों में होने वाले इन्फेक्शनो को ठीक करने के लिए किया जाता है।

हिमालय सेप्टिलिन दवाई का उपयोग मुख्यतः शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए किया जाता है। जिस व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है वह व्यक्ति आसानी से बीमार नहीं पड़ता है। हिमालय सेप्टिलिन दवाई का प्रयोग किसी शल्य चिकित्सा या ऑपरेशन के बाद जल्दी से जल्दी ठीक होने के लिए और इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए किया जाता है। 

हिमालय सेप्टिलिन दवाई का प्रयोग इंफेक्शन को ठीक करने के लिए तो किया ही जाता है साथ ही इसका इलाज इन्फेक्शन को दोबारा होने से रोकने के लिए भी किया जाता है। इसका उपयोग एंटीबायोटिक दवाई के रूप में भी किया जाता है। 

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हिमालय सेप्टिलिन दवाई के दुष्प्रभाव - Side effects of Himalaya septilin tablets in Hindi

हिमालय सेप्टिलिन दवाई के दुष्प्रभाव

हिमालय सेप्टिलिन एक आयुर्वेदिक दवा है हालांकि इसके कई सारे लाभ है परंतु इसके कुछ दुष्प्रभाव भी है जैसे कि

कमजोरी महसूस होना :- हिमालय सेप्टिलिन दवा का उपयोग करने से व्यक्ति को कमजोरी महसूस हो सकती है और आलस महसूस हो सकता है।

उच्च रक्तचाप होना :- हिमालय सेप्टिलिन दवा का उपयोग करने से व्यक्ति को कई बार उच्च रक्तचाप की समस्या हो सकती है। 

त्वचा पर चकत्ते पडना :- हिमालय सेप्टिलिन दवा का उपयोग करने से कई बार ऐसा देखा गया है कि त्वचा पर चकत्ते पड़ जाते हैं और त्वचा पर लाल धब्बे हो जाते हैं। 

दस्त लगना :- हिमालय सेप्टिलिन दवाई का उपयोग करने से कई बार इसका दुष्प्रभाव भी हो जाता है जिसमें दस्त लगना सबसे आम है। 

कम पोटेशियम का स्तर :- हिमालय सेप्टिलिन दवा का उपयोग करने से शरीर में पोटेशियम की कमी भी हो सकती है जिसके कारण पोटेशियम की कमी से होने वाले रोग हो सकते हैं। 

गैस बनना :- हिमालय सेप्टिलिन दवा का उपयोग करने से पेट में गड़बड़ी हो सकती है गैस बनने की समस्या भी हो सकती है। 

अनियमित माहवारी :- दवाई का सेवन करने से हो सकता है कि अनियमित महावारी की समस्या हो जाए आपके पीरियड्स जल्दी या देर से शुरू होने लगे।

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हिमालय सेप्टिलिन दवाई के भाग - Ingredients of Himalaya septilin tablets in Hindi

जिन सभी तत्वों का उपयोग हिमालय सेप्टिलिन की दवाई में किया जाता है उनकी लिस्ट नीचे दी गई है। 

महारासनादी क्वाथ: 130 मिलीग्राम

गुडूची (टीनोस्पोरा कॉर्डिफोलिया): 98 मिलीग्राम

इसमें कुछ anti-inflammatory प्रॉपर्टीज होती है जो हमारे शरीर से टॉक्सिक को निकालती हैं और हमें स्वस्थ बनाती हैं। 

मंजिष्ठ (रूबिया कॉर्डिफोलिया): 64 मिग्रा

मंजिष्ठा हमारी त्वचा और ऊतकों को स्वस्थ रखता है साथ ही मंजिष्ठा रक्त को साफ करने का काम भी करता है। 

अमलाकी (Emblica officinalis): 32 mg

यह हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और हमें रोगों से और बीमारियों से लड़ने की शक्ति भी देता है हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।

शिगरु (मोरिंगा पोल्टेरगस्पामा): 32 मिलीग्राम

यह हमारे शरीर में एक बैक्टीरिया किलर की तरह काम करता है। 

यष्टिमधु (ग्लिसिरिजा ग्लबरा): 12 मिलीग्राम

हमारे पाचन तंत्र को मजबूत करता है और शरीर में गैस बनने से रोकता है इससे हमें गैस की समस्या नहीं होती है। 

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हिमालय सेप्टिलिन दवाई की प्रतिक्रिया - Reactions of Himalaya septilin tablets in hindi

- जूस के साथ सेवन करने पर प्रतिक्रिया

जूस में बहुत कम मात्रा में अम्ल होता है इसलिए हमें कभी भी किसी भी दवाई का सेवन जूस के साथ नहीं करना चाहिए जूस के साथ दवाई का सेवन करने से दवाई का असर सही से नहीं हो पाता है या दवाई रिएक्शन भी कर सकती है। 

- खट्टी खाने की चीजों के साथ प्रतिक्रिया

खट्टी चीजें खाने के तुरंत बाद हमें किसी भी प्रकार की दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि खट्टी चीजों में कम मात्रा में अम्ल होता है जिसका सेवन करने से यह दवाई के साथ प्रतिक्रिया कर सकता है और इससे दवाई के असर पर फर्क तो पड़ेगा ही साथ ही यह दवाई के असर को उल्टा भी कर सकता है साथ ही व्यक्ति को उल्टी या दस्त होने की संभावना भी हो सकती है। 

- खाली पेट दवाई खाने से प्रतिक्रिया

हिमालय सेप्टिलिन दवाई का प्रयोग हल्का फुल्का नाश्ता या खाना खाने के बाद ही करना चाहिए खाली पेट इस दवाई का प्रयोग नहीं करना चाहिए अगर आपको डॉक्टर ने कहा है कि आपको इस दवाई का प्रयोग खाली पेट करना है तभी आपको इस दवाई का प्रयोग खाली पेट करना चाहिए अगर आप खाली पेट दवाई का प्रयोग करते हैं तो आपको समस्याएं हो सकती हैं जैसे कि गैस की समस्या, उल्टी, दस्त आदि और दवाई का असर भी कम हो सकता है। 

- अन्य दवाइयों के साथ प्रतिक्रिया

अगर आपको पहले से ही कोई बीमारी है जैसे कि डायबिटीज थायराइड हाई बीपी लो बीपी इत्यादि तो आप उन बीमारियों को कम करने के लिए या इनके इलाज के लिए दवाइयां जरूर खा रहे होंगे इन दवाइयों के साथ अगर हिमालय सेप्टिलिन दवाई का भी सेवन किया जाए, बिना डॉक्टर की सलाह की तो यह दवाइयां हिमालय सेप्टिलिन दवाई के साथ रिएक्शन कर सकती है और इसके परिणाम उल्टे भी हो सकते हैं इसलिए अगर आप का इलाज चल रहा हो और आप दवाई खा रहे हो तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए कि मैं इस-इस प्रकार की दवाई खा रहा हूं तो क्या मैं इन दवाइयों के साथ हिमालय सेप्टिलिन दवाई का प्रयोग कर सकता हूं या नहीं।

हिमालय सेप्टिलिन दवाई का प्राइस - Price of Himalaya septilin tablets in Hindi

हिमालय सेप्टिलिन दवाई का प्राइस हर जगह अलग-अलग है सामान्यता हिमालय सेप्टिलिन दवाई का प्राइस निम्नलिखित है।

हिमालय सेप्टिलिन दवाई गोलियों के रूप में :- ₹130 की 60 टैबलेट्स।

हिमालय सेप्टिलिन सिरप के रूप में

हिमालय सेप्टिलिन सिरप का एमआरपी प्राइस ₹110 है जिसमें 200ml सिरप होता है। 

हिमालय सेप्टिलिन ड्रॉप्स के रूप में 

हिमालय सेप्टिलिन ड्रॉप्स ₹130 की 60ml की ड्राप की शीशी मिलती है। 

हिमालय सेप्टिलिन दवाई का प्राइस अलग-अलग जगह के हिसाब से अलग-अलग होता है परंतु मुख्यता जो प्राइस है वह यह है

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हिमालय सेप्टिलिन दवाई को कैसे खाऐ - How to take Himalaya septilin tablets in Hindi

हिमालय सेप्टिलिन दवाई का सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करें सामान्यता डॉक्टर दिन में दो गोली खाने की सलाह देता है। 

हिमालय सेप्टिलिन दवाई का सेवन आप दूध के साथ कर सकते हैं या फिर सामान्यता थे आप इसका सेवन पानी के साथ भी कर सकते हैं जैसी आपकी इच्छा हो आप इसका सेवन वैसे कर सकते हैं परंतु ध्यान रहे कि कभी जूस या खट्टी चीजों के साथ इनका सेवन ना करें।

क्या Himalaya Septilin Tablet का उपयोग बच्चों के लिए ठीक है?

हां, हिमालय सेप्टिलिन दवाई का उपयोग करना छोटे बच्चों के लिए ठीक है इसमें कोई दिक्कत वाली बात नहीं है परंतु छोटे बच्चों के हिसाब से दवाई की खुराक बदल जाती है हमें हमेशा छोटे बच्चों को दवाई देते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए और डॉक्टर के आदेशानुसार ही दवाई देनी चाहिए। 

अपनी मनमर्जी से कम या ज्यादा दवाई नहीं देनी चाहिए चाहे कोई भी दवाई हो तो उसे डॉक्टर की सलाह से ही देना चाहिए अगर हम ऐसा करते हैं तो हमें कोई दिक्कत नहीं होगी और ना ही बच्चों को कोई दिक्कत होगी क्योंकि हिमालय सेप्टिलिन दवाई एक आयुर्वेदिक दवाई है और इसमें कोई भी केमिकल या प्रिजर्वेटिव्स नहीं मिले हुए होते हैं इसलिए यह बच्चों के लिए एकदम सुरक्षित दवाई है। 

हिमालय सेप्टीलिन दवाई का उपयोग किन किन बीमारियों के लिए किया जाता है?

हिमालय सेप्टिलिन दवाई का उपयोग अलग-अलग प्रकार की बीमारियों के इलाज के लिए होता है कुछ बीमारियां छोटी होती हैं कुछ बीमारियां बड़ी होती है मुख्य रूप से हिमालय सेप्टिलिन दवाई का प्रयोग इंफेक्शन के लिए किया जाता हैै। 

अगर किसी व्यक्ति को इंफेक्शन हो जाता है तो उसे एक बार हिमालय सेप्टिलिन दवाई का प्रयोग जरूर करना चाहिए इसके साथ साथ खांसी, जुखाम, इंफेक्शन विशेष रूप से गैस की समस्या में हिमालय सेप्टिलिन दवाई का प्रयोग किया जाता है। 

हिमालय सेप्टिलिन दवाई एक आयुर्वेदिक दवाई है जिसमें काफी सारी जड़ी बूटियां हैं और यह हमें अलग-अलग प्रकार की बीमारियों से बचाने में मदद करती हैं यह दवाई हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है।

क्या Himalaya Septilin Tablet का उपयोग करने से हमें इसकी आदत तो नहीं लग जाती है?

हिमालय सेप्टिलिन दवाई का उपयोग करने से हमें इसकी आदत तो नहीं लग जाती है इस सवाल का जवाब है नहीं। ऐसा नहीं है इसमें दवाई में कोई भी ऐसा ड्रग या केमिकल नहीं है जिसका सेवन करने से हमें इसकी आदत लग सके।

हिमालय सेप्टिलिन दवाई आयुर्वेदिक दवाइयां है और यह जड़ी बूटी द्वारा बनाई गई है इसमें गिलोय, मंजिस्था, गूगल जैसी जड़ी बूटियां है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छी हैं यह दवाई हमारे इम्यून सिस्टम को बढ़ाती है हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है गैस जैसी समस्याओं को हमसे दूर रखती है और अलग-अलग प्रकार की बीमारियों से लड़ने में मदद करती है परंतु इस बीमारी की लत या आदत किसी को नहीं लगती।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने बताया है कि हिमालय सेप्टिलिन दवाई क्या है, हिमालय सेप्टिलिन दवाई खाने के क्या-क्या फायदे हैं, हिमालय सेप्टिलिन दवाई का उपयोग क्या है, हिमालय सेप्टिलिन दवाई का दुष्प्रभाव क्या है और काफी ऐसे सवाल जो हमें हिमालय सेप्टिलिन दवाई का उपयोग करने से पहले जानने चाहिए

हम आशा करते हैं कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा अगर आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया हो या आपके कोई सवाल यह जवाब है तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं हम उसका उत्तर जरूर देंगे। 

प्रश्न और उत्तर

हिमालय सेप्टिलिन दवाई के क्या-क्या फायदे हैं?

हिमालय सेप्टिलिन दवाई के काफी सारे फायदे हैं जिसमें से कुछ फायदा निम्नलिखित है:- हिमालय सेप्टिलिन दवाई का उपयोग मुख्य रूप से इंफेक्शन के लिए किया जाता है साथ ही यह हमारे इम्यून सिस्टम को बढ़ाता है पाचन तंत्र को मजबूत करता है और साथ ही साथ यह है कॉन्स्टिपेशन और गैस की समस्या से भी राहत दिलाने में मदद करता है। 

क्या हिमालय सेप्टिलिन दवाई आयुर्वेदिक दवा है?

हां, हिमालय सेप्टिलिन एक आयुर्वेदिक दवाई है और इसे खाने के काफी फायदे हैं साथ ही साथ यह हर तरीके से केमिकल और प्रिजर्वेटिव से मुक्त है इसमें किसी भी प्रकार का कोई भी केमिकल और प्रिजर्वेटिव का उपयोग नहीं किया गया है इसलिए इसका उपयोग एकदम सुरक्षित और स्वच्छ है इसका सेवन आप बिना डॉक्टर की सलाह की भी कर सकते हैं लेकिन फिर भी हमें डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

हिमालय सेप्टिलिन दवाई का प्राइस कितना है?

हिमालय सेप्टिलिन दवाई का प्राइस जगह के हिसाब से बदलता रहता है लेकिन यह लगभग 130 से लेकर 250 रुपए के बीच में आ जाती है। 

हिमालय सेप्टिलिन दवाई के क्या कोई साइड इफेक्ट है?

हां, हिमालय सेप्टिलिन दवाई के कुछ साइड इफेक्ट है जो कि आपको परेशान कर सकते हैं जैसे की उल्टी होना, इन्फेक्शन होना, लाल चकत्ते पड़ जाना, गैस्ट्रिक प्रॉब्लम होना और काफी कुछ। और अगर ऐसा हो रहा हो तो हमें तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए और बिना डॉक्टर की सलाह के दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए और एक बात का ध्यान देना चाहिए की एक्सपायरी दवा का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

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