Typhoid in Hindi | टाइफाइड के लक्षण, कारण, इलाज इत्यादि

हर साल पूरी दुनिया में लगभग दो करोड़ से ज्यादा लोगों को टाइफाइड की बीमारी होती है और जिनमें से दो लाख से ज्यादा लोग तो मर भी जाते हैं लोगों के मरने का आंकड़ा बेशक कम हो लेकिन यह बीमारी एक गंभीर बीमारी है।

अमेरिका जैसे देश भले ही टाइफाइड मुक्त हो गए हो परंतु भारत जैसे देशों में यह बीमारी आमतौर पर पाई जाती है और जानकारी के अभाव के कारण व्यक्ति को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है

आज इस आर्टिकल में हम बात करेंगे कि टाइफाइड क्या है, टाइफाइड के लक्षण, टाइफाइड क्यों होता है, टाइफाइड का इलाज, टाइफाइड से बचाव के उपाय, टाइफाइड बुखार का चरण साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां।

Table of Contents

टाइफाइड क्या है – What is Typhoid in hindi

टाइफाइड (Typhoid) बुखार जिसे मेडिकल भाषा में enteric fever (एंटरिक फीवर) भी कहते हैं, आयुर्वेद में अंत ज्वर, और आम भाषा में मियादी बुखार और मोतीझाला का बुखार कहा जाता है। टाइफाइड का बुखार salmonella typhi नाम के बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण होता है।

Salmonella typhi (S typhi) बैक्टीरिया हमारे मुंह के जरिए हमारे शरीर में प्रवेश करता है। फिर यह कुछ दिनों तक आंत में रहता है उसके बाद आंत की दीवारों और रक्त में मिल जाता है।

उसके बाद यह अपना असर दिखाना शुरू करता है सबसे पहले यह बैक्टीरिया भोजन प्रणाली को प्रभावित करता है फिर धीरे-धीरे पूरे शरीर को प्रभावित करने लगता है। 

टाइफाइड का बुखार, अन्य कारणों से होने वाले बुखार से बिल्कुल अलग है। जैसे चिकनगुनिया, मलेरिया और डेंगू इन सभी में लक्षण के आधार पर या लैबोरेट्री टैस्ट के आधार पर तुरंत जांच की जा सकती है। 

लेकिन टाइफाइड में लक्षण के आधार पर जांच करना काफी मुश्किल होता है और लैबोरेट्री टैस्ट में भी 1 हफ्ते के बाद ही पॉजिटिव रिजल्ट आता है। मतलब कि अगर किसी व्यक्ति को टाइफाइड का बुखार है तो तुरंत लैबोरेट्री टैस्ट करने पर टैस्ट नेगेटिव आएगा।

टाइफाइड जानवरों में नहीं होता इसलिए यह जानवरों से नहीं फैलता सिर्फ टाइफाइड से ग्रस्त व्यक्ति के संपर्क में आने से ही फैलता है।

टाइफाइड का नाम टाइफाइड इसलिए पड़ा क्योंकि दुनिया में पहला व्यक्ति जिसे यह बीमारी हुई थी उसका नाम टाइफाइड मैंरी था। इसलिए इस बीमारी का नाम टाइफाइड रखा गया। 

टाइफाइड आंतों में होता है और आंतों को enteric कहते हैं इसलिए इसे enteric fever भी कहते हैं।

टाइफाइड क्यों होता है – Cause of Typhoid in hindi

  • यह बैक्टीरिया हमारे शरीर में दूषित जल दूषित खाद्य पदार्थों का सेवन करने आदि से हमारे शरीर में प्रवेश करता है।
  • बासी भोजन हमें नहीं खाना चाहिए बासी भोजन में इस बैक्टीरिया के होने की संभावना बहुत अधिक होती है।
  • हमें समय सीमा समाप्त हुए भोजन (expired food) का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • किसी बीमार व्यक्ति का झूठा पानी नहीं पीना चाहिए। 
  • यात्रा करते समय दिए जाने वाले दूषित जल व आहार से बचना चाहिए। 
  • घर में रसोई घर की सफाई अच्छे से की जानी चाहिए। 
  • सामान्य बुखार होने पर बुखार का इलाज ना करने से भी यह रोग पनपता है। 
  • सर्दी जुखाम खांसी को भी अनदेखा करने से यह रोग उत्पन्न हो सकता है। 

ज्यादातर मामलों में देखा जाता है कि सामान्य खांसी जुखाम या बुखार होने पर रोगी चिकित्सक को तो दिखा देते हैं परंतु दवाइयों और औषधियों का सही ढंग से सेवन नहीं करते हैं कोर्स को भी पूरा नहीं करते हैं आराम मिलते ही दवाई को लेना बंद कर देते हैं लेकिन यह बहुत खतरनाक हो सकता है क्योंकि इतनी जल्दी सर्दी जुखाम और बुखार के बैक्टीरिया पूरी तरीके से खत्म नहीं हुए होते हैं ऐसी अवस्था में दवाई लेना बंद कर देना उन बीमारियों को फिर से अपनी और आकर्षित करने के बराबर होता है। इसलिए चाहे कोई भी रोग हो उसका कोर्स पूरा करना चाहिए।

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टाइफाइड के क्या-क्या लक्षण हो सकते हैं – Symptoms of Typhoid in hindi

  • टाइफाइड बुखार होने के दौरान भूख कम लगती है। 
  • पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है और भूख लगने का आभास भी कम हो जाता है। 
  • सर में दर्द बना रहता है। 
  • शरीर के सभी हिस्से जैसे हाथ पैर सर कमर आदि दर्द से व्याकुल रहते हैं। 
  • पूरा शरीर थकान से भर जाता है। थोड़ा सा काम करने पर भी बहुत अधिक थकान होने लगती है।
  • पूरे दिन भर हल्का धीमा बुखार बना रहता है बाद में यह बुखार बढ़कर 104 डिग्री तक हो जाता है।
  • पेट में दर्द होना जी मचलाना उल्टी आना पेट फूलना जी घबराना चक्कर आना कभी दस्त लगना कभी कब्ज होना टाइफाइड बुखार के मुख्य लक्षण हैं। 
 

टाइफाइड बुखार का चरण – Stages of Typhoid in Hindi

मुख्य रूप से टाइफाइड बुखार की तीन अवस्थाएं होती हैं। 
 
प्रथम अवस्था में धीमा बुखार आने लगता है ज्यादातर समय शरीर हल्का गर्म रहने लगता है और सर दर्द बदन दर्द पेट दर्द जैसे लक्षण होने लगते हैं। 
 
द्वितीय अवस्था में मरीज का बुखार बढ़ जाता है बुखार 104 डिग्री तक होने लगता है शरीर बहुत कमजोर महसूस होता है शरीर आलस से भर जाता है और वेदना अधिक होती है। 
 
तृतीय अवस्था में मरीज की सेहत और ज्यादा खराब हो जाती है तेज बुखार बहुत ज्यादा शारीरिक कमजोरी 24 घंटे आंतरिक ज्वर बना रहता है सांस लेने में दिक्कत होने लगती है आंतों में से खून आने की संभावना भी होती है।
 
आंतों में छेद होने की संभावना रहती है मरीज का जीवन खतरे में होता है इस अवस्था में मरीज की सेहत बहुत अधिक खराब हो चुकी होती है और ऐसे में उसके शरीर पर कई तरह की लक्षण होने लगते हैं इस अवस्था में तुरंत रोगी को चिकित्सालय में भर्ती करा कर ही इलाज कराना बेहतर माना जाता है इसलिए बेहतर यही होगा कि आप कभी भी तीसरी अवस्था में ना आए और इससे पहले ही अपना इलाज करा लें।
 

दवाइयों द्वारा टाइफाइड का इलाज – Treatment of Typhoid with medicines in Hindi

टाइफाइड का इलाज एलोपैथी चिकित्सा द्वारा एंटीबायोटिक मेडिसिन का उपयोग करके किया जाता है इसका पूरा कोर्स होता है। यह उचित चिकित्सक की देखरेख में ही इस्तेमाल करनी चाहिए। 
मुख्य रूप से दी जाने वाली कुछ एंटीबायोटिक दवाइयां
  • सिप्रोफ्लोक्सासिन Ciprofloxacin (Cipro)
  • एज़िथ्रोमाइसिन Azithromycin (Zithromax)
  • Ceftriaxone

टाइफाइड के कुछ अन्य इलाज – Other treatments of Typhoid in Hindi

रिहाइड्रेशन

टाइफाइड के दौरान शरीर में हुए पानी की कमी की पूर्ति करने से टाइफाइड की बीमारी में राहत मिलती है।
 

शल्य चिकित्सा

जब टाइफाइड का इन्फेक्शन पूरी आंत में फैल जाता है और अन्य विकल्प नहीं बचते तब शल्य चिकित्सा द्वारा‌ आंत की सफाई की जाती है।
 

टाइफाइड की जांच – Diagnosis of Typhoid in Hindi

टाइफाइड (typhoid) की जांच (Diagnosis of typhoid in Hindi)

 

चिकित्सा इतिहास और यात्रा इतिहास

मरीज को क्या पहले कभी टाइफाइड हुआ है क्योंकि कई बार टाइफाइड का इलाज होने के बाद भी बैक्टीरिया व्यक्ति के शरीर के अंदर रहता है और धीरे-धीरे पूरे शरीर को प्रभावित करता है। 
 
यात्रा इतिहास मतलब कि अगर कोई व्यक्ति किसी ऐसे क्षेत्र में गया है जहां पर टाइफाइड होने की संभावना अधिक हैतो व्यक्ति को टाइफाइड होने की संभावना देखो जाती है। इस आधार पर डॉक्टर टाइफाइड की जांच करता है।
 

लैब टैस्ट के आधार पर

टाइफाइड की जांच में व्यक्ति के शरीर ने से ब्लड टैस्ट किया जाता है यूरिन टैस्ट किया जाता है बोन मैरो का टैस्ट किया जाता है इन सभी जांच द्वारा बैक्टीरिया के होने से पता चलता है कि टाइफाइड है या नहीं।
 

टाइफाइड के दौरान होने वाली समस्याएं – Complications of typhoid fever in Hindi

मुख्य रूप से टाइफाइड की समस्या होने पर व्यक्ति को गंभीर समस्याएं हो सकती हैं इस में से पहला है कि व्यक्ति को आंतरिक रक्त स्राव हो सकता है और दूसरा जब यह बैक्टीरिया आंतों के साथ-साथ शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल जाता है और उन पर प्रभाव डालने लगता है।
 

आंतरिक रक्तस्राव

आंतरिक रक्तस्राव से मतलब है कि जब व्यक्ति की आंतों में इन्फेक्शन होने के कारण आंतों में रक्तस्राव होने लगता है जिसके कारण व्यक्ति की मृत्यु तक हो सकती है।

मुख्य रूप से इसके लक्षण हैं

  • थकान महसूस करना
  • त्वचा का पीला पड़ना
  • सांस लेने में तकलीफ होना या कम सांस लेना
  • उल्टी में खून आना
  • लेटरिंग में खून के चकते आना आदि
  • इसके इलाज में शरीर में हुई रक्त की कमी को पूरा किया जाता है और सर्जरी द्वारा आंतों को ठीक किया जाता है।

इंफेक्शन पूरे शरीर में फैल जाना

यह अवस्था तब होती है जब यह बैक्टीरिया पूरे शरीर में फैल जाता है जिसके कारण शरीर के कई अंगो के विफल होने की संभावना बन जाती है साथ ही यह अवस्था कई लोगों के लिए मृत्यु का कारण बनती है।
 

टाइफाइड के दौरान खाए जाने वाले खाद्य पदार्थ – Food to eat in Typhoid in hindi

टाइफाइड के दौरान हमारा शरीर काफी कमजोर हो जाता है और हमारे शरीर की पाचन क्रिया भी बहुत कमजोर हो जाती है इसलिए टाइफाइड से बचाव और इलाज में अब क्या खा रहे हैं यह बात काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है।
 

अधिक कैलोरी वाला भोजन

टाइफाइड से ग्रस्त व्यक्ति को अधिक कैलोरी वाला भोजन खाना चाहिए क्योंकि टाइफाइड के दौरान हमारे शरीर को अधिक कैलोरी की आवश्यकता होती है। 
 

अधिक मात्रा में जूस और पेय पदार्थ पीने चाहिए

टाइफाइड के दौरान हमारे शरीर से काफी ज्यादा पानी निकल जाता है और हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है इस समस्या से बचने के लिए हमें उचित मात्रा में पानी पीना चाहिए साथ ही फलों का रस पीना चाहिए और अन्य पेय पदार्थ भी पीने चाहिए जिससे हमारे शरीर में पानी की कमी की पूर्ति हो सके और हम जल्दी से जल्दी ठीक हो सके।
 

कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजन

कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजन खाना चाहिए जैसे कि अंडे बेक किए गए आलू यह सभी खाद्य पदार्थ आसानी से पचने वाले होते हैं और टाइफाइड के इलाज में काफी मदद करते हैं।
 

डेयरी प्रोडक्ट्स

दूध और दूध से बनी चीजें जैसे कि योगर्ट दूध दही पनीर आदि इन सभी और अंडों में भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है जो टाइफाइड के इलाज में काफी मदद करता है और इन सभी खाद्य पदार्थों का सेवन करने से व्यक्ति जल्दी ही ठीक हो जाता है।
 

इन सभी खाद्य पदार्थों का सेवन ना करें – Food to avoid in Typhoid in hindi

टाइफाइड में इन सभी खाद्य पदार्थों को खाने से बचना चाहिए क्योंकि यह सभी खाद्य पदार्थ टाइफाइड के दौरान व्यक्ति की समस्या को और ज्यादा बढ़ा सकते हैं। और इन सभी खाद्य पदार्थों का सेवन करने से टाइफाइड द्वारा होने वाले सिम्टम्स के साथ-साथ कई अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं।
 

अधिक फाइबर वाला फूड

टाइफाइड से ग्रस्त व्यक्ति को अधिक फाइबर वाला फूड नहीं खाना चाहिए क्योंकि अधिक फाइबर वाला फूड व्यक्ति को पचाने में दिक्कत होती है और कई अन्य समस्याएं भी हो सकते हैं।
 

तला हुआ खाना

व्यक्ति को कम तला हुआ खाना कम तेल वाला खाना खाना चाहिए क्योंकि अधिक तेल वाला खाना खाने से टाइफाइड और ज्यादा गंभीर हो सकता है।
 

मसाले

टाइफाइड से ग्रस्त व्यक्ति को हल्का मसाले वाला खाना खाना चाहिए जितना कम मसाला खाएंगे उतना ही अच्छा होता है टाइफाइड के दौरान व्यक्ति को मिर्ची सिरका जैसी चीजों को खाने से बचना चाहिए।
 

कच्ची सब्जियां

कच्ची फल सब्जियां खाना नहीं चाहिए कच्ची फल सब्जी खाने से व्यक्ति का टाइफाइड और बढ़ सकता है और व्यक्ति को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
 

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने यह बताया है टाइफाइड क्या है, टाइफाइड के लक्षण, टाइफाइड क्यों होता है, टाइफाइड का इलाज, टाइफाइड से बचाव के उपाय, टाइफाइड बुखार का चरण साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां।
 
मैं आशा करता हूं कि आपको यह आर्टिकल बहुत अच्छे से समझ में आया होगा अगर आप कोई आर्टिकल अच्छा लगा तो आप हमें नीचे कमेंट कर सकते हैं। साथ ही आप कमेंट करके अपना कुछ सवाल ही पूछ सकते हैं।
 

प्रश्न और उत्तर 

टाइफाइड कितने दिनों तक रहता है?

जब तक व्यक्ति टाइफाइड बीमारी का इलाज नहीं कराता तब तक व्यक्ति को टाइफाइड रहता है और टाइफाइड का इलाज कराने के बाद यह बीमारी ठीक भी हो जाती है परंतु कई मामलों में ऐसा देखा गया है कि टाइफाइड का बैक्टीरिया व्यक्ति के आंत में काफी लंबे समय तक रहता है।

टाइफाइड से बचाव के लिए किस प्रकार का भोजन खाना चाहिए?

टाइफाइड से बचाव के लिए हमें हल्का भोजन खाना चाहिए क्योंकि टाइफाइड के दौरान व्यक्ति का पाचन तंत्र खराब हो जाता है जिसके कारण व्यक्ति जटिल खाना पचा नहीं पाता है इसलिए व्यक्ति को हल्का खाना खाना चाहिए जैसे कि फल सब्जियां आदि और कम तला हुआ खाना खाना चाहिए, जिसमें तेल मसाले कम हो।

टाइफाइड के मुख्य लक्षण क्या होते हैं?

टाइफाइड के मुख्य लक्षण हैं बहुत तेज बुखार होना। व्यक्ति को शुरुआत में कम बुखार होता है लेकिन जब टाइफाइड गंभीर होता है तब बुखार काफी हद तक बढ़ सकता है जैसे 104, 103 आदिअन्य लक्षण है जैसे उल्टी होना पेट में दर्द होना थकान महसूस करना आदि।

क्या टाइफाइड के कारण व्यक्ति की मौत भी हो सकती है?

हां, टाइफाइड के कारण व्यक्ति की मौत भी हो सकती है कुछ मामलों में देखा गया है कि समय पर टाइफाइड का इलाज ना कराने से यह बीमारी गंभीर हो जाती है और गंभीर स्थिति में भी इलाज न कराने से व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है परंतु ऐसा एक से 2% मामलों में ही होता है।

अगर व्यक्ति को टाइफाइड हो जाए तो शुरुआत में क्या करना चाहिए?

अगर आपको टाइफाइड हो जाए तो आपको सबसे पहले अपने डॉक्टर को दिखाना चाहिए और डॉक्टर के अनुसार दी गई एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन करना चाहिए क्योंकि एंटीबायोटिक दवाइयां ही मुख्य रूप से टाइफाइड के इलाज के लिए उपयोगी होती हैं।

टाइफाइड से बचाव के उपाय क्या है?

टाइफाइड से बचाव के उपाय है कि समय-समय पर अपने हाथों को धोना, शौच जाने के बाद अपने हाथों को रगड़ रगड़ कर अच्छे से धोना।अपने आसपास सफाई रखना।और वैक्सीन का इस्तेमाल करना आमतौर पर जब लोग ऐसे क्षेत्र में जाते हैं जहां पर टाइफाइड की बीमारी अधिक होती है वहां पर लोग और डॉक्टर टाइफाइड की वैक्सीन का इस्तेमाल करते हैं जिससे टाइफाइड नहीं होता है।

संदर्भ (References):

 Estimating typhoid fever risk associated with lack of access to safe water: A systematic literature review. (2018, July 4). Publishing Open Access research journals & papers | Hindawi. https://www.hindawi.com/journals/jeph/2018/9589208 A study of typhoid fever in five Asian countries: Disease burden and implications for controls. (n.d.). PubMed Central (PMC). https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2647431 Treatment of typhoid fever in the 21st century: Promises and shortcomings. (n.d.). ScienceDirect.com | Science, health and medical journals, full text articles and books. https://www.sciencedirect.com/science/article/pii/S1198743X14613732Current concepts in the diagnosis and treatment of typhoid fever. (8). PubMed Central (PMC). https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC1489205/

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