अवसाद (Depression): लक्षण, कारण, उपचार इत्यादि

अवसाद (Depression): लक्षण, कारण, उपचार इत्यादि

जीवन की छोटी मोटी घटनाऐं और उतार-चढ़ाव जीवन को जीने का आनंद देते हैं लेकिन कभी-कभी यह कठिनाइयां, मुसीबत का कारण भी बन जाती हैं। जिसकी वजह से व्यक्ति को काफी तनाव हो सकता है और तनाव के वजह से एक भयंकर बीमारी हो सकती है जिसका नाम है डिप्रेशन

डिप्रेशन की बीमारी पूरे विश्व के लोगों को प्रभावित कर रही है इसलिए आज हम इस आर्टिकल में पड़ेंगे की डिप्रेशन क्या है?, डिप्रेशन क्यों होता है?, डिप्रेशन से बचाओ?, डिप्रेशन का इलाज और क्या डिप्रेशन को ठीक किया जा सकता है आदि।

Table of contents


अवसाद (Depression) क्या है - What is depression in Hindi

डिप्रेशन (Depression) एक बीमारी है जो व्यक्ति के मिजाज से जुड़ी होती है और जीवनशैली को प्रभावित करती है डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति पूर्ण रूप से नकारात्मक हो जाता है और किसी भी कार्य को करने में दिलचस्पी खो देता है साथ ही व्यक्ति उदास रहने लगता है। डिप्रेशन, को अवसाद, major depressive disorder or clinical depression भी कहते हैं।

डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति को भिन्न भिन्न प्रकार की भावनात्मक, शारीरिक और मानसिक समस्याएं होती हैं और व्यक्ति को अपना जीवन बेकार लगने लगता है। व्यक्ति अपने जीवन को खत्म करना चाहता है यहां तक कि कई लोग तो डिप्रेशन के कारण आत्महत्या भी कर लेते हैं।

पूरी दुनिया में 264 करोड़ से ज्यादा लोग डिप्रेशन से प्रभावित हैं और हर साल 8 लाख से ज्यादा लोग डिप्रेशन के कारण आत्महत्या करते हैं।

डिप्रेशन का अर्थ सामान्य उदासी नहीं है, सामान्य उदासी में व्यक्ति उदास रहता है परंतु खुशी के मौके पर खुश भी हो जाता है जबकि डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति हमेशा उदास रहता है चाहे परिस्थितियों खुशी की हो या दुख की।

डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति को उदास नहीं होना चाहिए, यह कोई कमजोरी नहीं है। डिप्रेशन का इलाज लंबा चलता है लेकिन  इलाज के बाद लोग स्वस्थ हो जाते हैं और आज हजारों लोग डिप्रेशन के इलाज के बाद स्वस्थ जीवन जी रहे हैं ।

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अवसाद (Depression) के लक्षण - Symptoms of depression in Hindi

हर व्यक्ति के जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं जिसके कारण व्यक्ति कभी खुश रहता है तो कभी दुखी। लेकिन सामान्य उदासी डिप्रेशन नहीं होती डिप्रेशन एक गंभीर बीमारी है और डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति को निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं जैसे कि

  • थका थका महसूस करना
  • बात करने का मन ना करना
  • शरीर का ऊर्जा स्तर कम हो जाना
  • नींद ना आना
  • छोटी-छोटी बातों को दिल से लगा लेना
  • अधिक चिंता करना
  • चीजों में संतुष्टि ना मिलना
  • लगातार लंबे समय से उदास रहना
  • हमेशा निराशावादी और हताश महसूस करना
  • अपराध की भावना महसूस करना
  • काम करने में दिल ना लगना
  • मनोदशा या भावनात्मक स्थिति में अचानक बदलाव।
  • मन में अशांति रहना
  • बहुत ज्यादा रोना या रोने का मन करना
  • चिड़चिड़ापन 
  • अकेले में रहना पसंद करना
  • बेचैनी महसूस करना
  • सुबह जल्दी जाग जाना/देरी से सोना
  • नींद ना आना या अधिक नींद आना
  • ध्यान केंद्रित करने में परेशानी आना
  • स्वस्थ रहना
  • आत्महत्या के विचार आना
  • अधिक भूख लगना या भूख ना लगना
  • शरीर का कमजोर हो जाना या फिर शरीर का वजन बढ़ जाना।

अवसाद (Depression) होने के कारण - Causes of depression in Hindi

अवसाद (Depression) होने के कारण


- दिमाग में रसायन असंतुलन

हमारे दिमाग में भिन्न-भिन्न प्रकार के रसायन होते हैं जिन का अलग-अलग कार्य होता है हमारे दिमाग में डोपामाइन का एक हार्मोन होता है जिसे‌ happiness hormone भी कहते हैं। दिमाग में डोपामाइन हार्मोन की कमी के कारण अवसाद या डिप्रेशन होता है।

- अनुवांशिक/जेनेटिक

रिसर्च में पता चला है कि डिप्रेशन अनुवांशिक हो सकता है मतलब अगर माता-पिता में से किसी को डिप्रेशन है या दादा दादी में से किसी को डिप्रेशन है तो संतान को भी डिप्रेशन होने की पूरी संभावना है इसका मुख्य कारण जेनेटिक होता है।

- हार्मोन असंतुलन

हार्मोन असंतुलन के कारण भी डिप्रेशन होने की संभावना होती है खासकर महिलाओं में। प्रेगनेंसी रजोनिवृत्ति थायराइड और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण हार्मोन असंतुलन की समस्या उत्पन्न होती है और डिप्रेशन हो सकता है।

- अस्वस्थ आहार का सेवन

पोषण से भरपूर खाने की कमी और अधिक मात्रा में फास्ट फूड या तला हुआ भोजन खाना डिप्रेशन की बीमारी को जन्म दे सकता है क्योंकि शरीर में पोषक तत्वों की कमी से व्यक्ति पर शारीरिक और मानसिक रूप से बुरा प्रभाव पड़ता है और यह हार्मोन असंतुलन को भी जन्म दे सकता है। जिसके कारण डिप्रेशन हो सकता है।

- शारीरिक स्वास्थ्य समस्याएं

बीमारियां जैसे डायबिटीज मोटापा थायराइड हार्ट अटैक कोरोनावायरस और कैंसर का व्यक्ति पर शारीरिक और मानसिक रूप से बुरा प्रभाव पड़ता है व्यक्ति इन बीमारियों के कारण तनाव ग्रस्त हो सकता है और तनाव गंभीर रूप लेकर डिप्रेशन को जन्म देता है।

- दर्दनाक घटनाएं

जीवन में घटी कुछ दर्दनाक घटनाएं जैसे किसी प्यारे व्यक्ति की मृत्यु या कोई एक्सीडेंट पैसे का कोई बड़ा नुकसान या फिर बचपन की कोई दर्दनाक घटना व्यक्ति के दिमाग पर बुरा प्रभाव डालती है जो डिप्रेशन की बीमारी को जन्म दे सकता है।

- तनाव

किसी भी प्रकार का तनाव जैसे नौकरी छूट जाना, पैसों का घाटा आदि। किसी चीज से डर के कारण तनाव होना बहुत आम बात है और यह तनाव धीरे-धीरे बढ़कर डिप्रेशन में तब्दील हो जाता है और व्यक्ति की जीवन शैली पर नकारात्मक प्रभाव डालता है।


अवसाद (Depression) का टैस्ट और जांच - Test and diagnosis of depression in Hindi

अवसाद की जांच मुख्य रूप से तीन प्रकार से की जाती है इसमें पहला है शारीरिक जांच दूसरा लैब
टैस्ट तीसरा साइकोलॉजिकल मूल्यांकन।

- शारीरिक टैस्ट

शारीरिक टैस्ट के दौरान डॉ शरीर से जुड़े कुछ सवाल पूछता है जिसके आधार पर डॉक्टर यह बात सुनिश्चित करता है कि डिप्रेशन है या नहीं।

- लैब टैस्ट

लैब टैस्ट में आमतौर पर कई प्रकार के टेस्ट होते हैं जैसे कि ब्लड टैस्ट इसमें कंपलीट ब्लड काउंट टैस्ट किया जाता है और थायराइड चेक किया जाता है कि शरीर की कार्य क्षमता ठीक है या नही।


- मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन

मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन में डॉक्टर भिन्न भिन्न प्रकार के सवाल पूछता है जिसमें डॉक्टर हो रहे लक्षणों के बारे में पूछता है, व्यक्ति कैसा महसूस करता है उसके बारे में पूछता है क्या व्यक्ति को किसी चीज का डर लगता है डॉक्टर सवालों द्वारा यह चेक करता है कि व्यक्ति का कंसंट्रेशन पावर कितनी है और उन सभी के आधार पर डॉक्टर बताता है की डिप्रेशन है या नहीं।

अवसाद को सुनिश्चित करने के लिए व्यक्ति को कम से कम यह पांच लक्षण जरूर होनी चाहिए

  • बहुत ज्यादा उदास महसूस करना इतना कि रोने का मन करता हो
  • किसी काम को करने में इंटरेस्ट खत्म हो जाना लगभग लगभग हर प्रकार की क्रियाकलाप में इंटरेस्ट खत्म हो जाना
  • अधिक वजन घटना या बढ़ना
  • अनिद्रा या अधिक निद्रा की समस्या होना
  • हमेशा थका थका महसूस करना
  • सोचना कि जीवन व्यर्थ है और अपराध की भावना महसूस करना 
  • निर्णय लेने में दिक्कत और ध्यान केंद्रित ना कर पाना
  • आत्महत्या के विचार आना या आत्महत्या की कोशिश करना

अवसाद (depression) का इलाज - Treatment of depression in Hindi

डिप्रेशन के उपचार के भिन्न-भिन्न साधन हैं जिनमें मुख्य हैं दवाइयां, जीवन शैली में परिवर्तन जैसे लोगों से मिलना जुलना, सही खान-पान रखना, भागना दौड़ना आदि।

दवाइयों के द्वारा - Treatment with medicines:- 

दवाइयां मुख्य रूप से दिमाग में न्यूरोट्रांसमीटर के स्तर को ठीक करने का काम करती हैं जिनकी कमी से डिप्रेशन की बीमारी होती है इन विशेष प्रकार की दवाइयों को एंटीडिप्रेसेंट मेडिसिंस कहा जाता है। एंटीडिप्रेसेंट्स मेडिसिन अर्थात जो डिप्रेशन की बीमारी को कम करें। 

डिप्रेशन की बीमारी के इलाज में उपयोग की जाने वाली दवाइयां निम्नलिखित हैं 

- Selective serotonin reuptake inhibitor(SSRIs)

  • Fluoxetine (prozac)
  • Paroxetine (paxil)
  • Sertraline (Zoloft)
  • Citalopram (Celexa)
  • Escitalopram (Lexapro)

- Serotonin and norepinephrine reuptake inhibitor (SNRIs)

  • Duloxetine (cymbalta)
  • Venlafaxine (Effexor XR)
  • Desvenlafaxine (pristiq)

- Norepinephrine and dopamine reuptake inhibitor (NDRIs)

  • Bupropion (Wellbutrin)

- Atypical antidepressants

  • Mitrazapine (Remeron)
  • Vilazodone (Viibryd)

- Tricyclic antidepressants

  • Imipramine (Tofranil)
  • Nortriptyline (Pamelor)

- Monoamine oxidase inhibitors (MAOIs)

  • Selegiline (Emsam)
  • phenelzine (Nardil)
  • tranylcypromine (Parnate) 

जीवन शैली में बदलाव के द्वारा - Treatment with help of lifestyle change:-

अवसाद से ग्रस्त व्यक्ति को हमेशा अच्छी नींद लेनी चाहिए कुछ लोग रात रात भर जग कर फोन में लगे रहते हैं या फिर अपना कुछ काम करते रहते हैं जिसके कारण लोगों को 
अवसाद की बीमारी हो सकती है और अवसाद से ग्रस्त व्यक्ति को हमेशा नियमित रूप से समय पर सोने की कोशिश करनी चाहिए इससे अवसाद को कम करने में काफी मदद मिलती है।

- नियमित योगा अभ्यास करना

योगा द्वारा लगभग हर बीमारी का इलाज संभव है इसलिए नियमित रूप से योगा करने से व्यक्ति को ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है साथ ही ब्रीथिंग एक्सरसाइज के द्वारा व्यक्ति को अवसाद की बीमारी को कम करने में मदद मिलती है।

- Binaural beats

यह एक विशेष प्रकार की ध्वनि होती है जिसमें व्यक्ति के दोनों कानों में अलग-अलग फ्रिकवेंसी की ध्वनि सुनाई जाती है जो हल्की सी कम और ज्यादा आवाज में होते हैं जिससे व्यक्ति को अवसाद की बीमारी से को कम करने में मदद मिलती है।

- नियमित रूप से एक्सरसाइज करना

नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से व्यक्ति का शरीर एक्टिव रहता है और मानसिक संतुलन भी ठीक रहता है नियमित रूप से एक्सरसाइज करना हमारे शरीर के लिए तो बहुत अच्छा है ही साथ ही इससे दिमाग में हुए असंतुलन को भी ठीक करने में मदद मिलती है जैसे कि neurotransmitters का संतुलन।

- अच्छा और स्वस्थ भोजन खाना

अवसाद से बचने के लिए अच्छा और हेल्दी खाना खाएं जिसमें भरपूर मात्रा में पोषक तत्व हो जैसे कि विटामिन बी विटामिन सी और अन्य विटामिन साथ ही प्रोटीन फाइबर युक्त आदि जिसमें आप फल सब्जियां हरी पत्तेदार सब्जियां गोभी करेला आदि का सेवन कर सकते हैं मांस मच्छी का सेवन करें मच्छी का सेवन करने से ओमेगा 3 फैटी एसिड हमारे खाने में शामिल होता है जो अवसाद से बचाव के लिए काफी उत्तम है।

अकेलेपन में ना रहना

ज्यादातर मामलों में देखा गया है वह लोग जो अकेलेपन में रहते हैं उन्हें अवसाद की बीमारी होने की संभावना अधिक होती है इसलिए हमें अकेले नहीं रहना चाहिए या तो अपने दोस्त बनाने चाहिए अपनी फैमिली के साथ रहना चाहिए

पालतू जानवर पालना

रिसर्च में पता चला है कि पालतू जानवर जैसे कुत्ता बिल्ली को पालने से उनके साथ खेलने से डिप्रेशन काफी हद तक कम होता है और व्यक्ति के जीवन का खालीपन भी दूर होता है।

नियमित योगा करना

नियमित योगा हमारे दिमाग में हुई हलचल को नियंत्रण में रखता है और तनाव हार्मोन के स्तर को ठीक रखता है और डोपामाइन हार्मोन के स्तर को बढ़ाता है

नशा ना करना

नशे वाली चीजों से बचना चाहिए स्मोकिंग किसी भी प्रकार का नशा हमारे दिमाग को खत्म कर देता है और हमारे दिमाग में ऑक्सीजन के लेवल को कम करता है।


थेरेपी के द्वारा अवसाद (Depression) का उपचार - Treatment of depression with the help of therapies 

साइकोथेरेपी

साइकोथेरेपी एक ऐसे प्रकार का उपचार है जिसमें डिप्रेशन उस मरीज को क्यों हुआ है क्या कारण है उस बात को समझ कर उसके अनुसार उसका इलाज किया जाता है जिसमें तरह तरह की अन्य थैरेपिया आती हैं जैसे कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी इंटरपर्सनल थेरेपी डायलेक्टिक बिहेवियरल थेरेपी आदि

यह सभी थेरेपी इस प्रकार मदद करती हैं कि
  • - मरीज को जिस घटना की वजह से दुख पहुंचा है या जो तकलीफ हो रही है उसको ठीक करना
  • - व्यक्ति के नकारात्मक विचारों और नकारात्मक दृष्टिकोण को समझकर उनको अच्छे और सकारात्मक विचारों से बदलना
  • - व्यक्ति के सामाजिक और निजी संबंधों और अनुभव समझकर सकारात्मक वातावरण उत्पन्न करना
  • - सभी समस्याओं का सबसे अच्छा उपाय ढूंढना उन सभी समस्याओं और बातों को खत्म करना जो व्यक्ति की डिप्रेशन की समस्या को बढ़ा रही हैं।

इलेक्ट्रोकोनवल्सी थेरेपी Electroconvulsive therapy (ECT)

इस थेरेपी में इलेक्ट्रिक शॉक का प्रयोग किया जाता है और छोटी मात्रा में विद्युत व्यक्ति के दिमाग में पारित की जाती हैं इस प्रक्रिया से व्यक्ति के मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर के स्तर पर प्रभाव पड़ता है और आमतौर पर अन्य उपचारों के मुकाबले यह तुरंत राहत दिलाने में मदद करता है।

लाइट थेरेपी

लाइट थेरेपी एक ऐसी थेरेपी है जिसमें हम सूर्य की रोशनी के सामान रोशनी का उपयोग करते हैं लाइट थेरेपी का उपयोग ज्यादातर सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर में किया जाता है।
लाइट थेरेपी का इस्तेमाल सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर के साथ-साथ कई और प्रकार के डिप्रेशन के उपचार में भी किया जाता है और यह काफी मददगार है।

अवसाद (Depression) से बचने के उपाय - Prevention of depression in Hindi

डिप्रेशन से बचने के उपाय

डिप्रेशन से बचने के लिए व्यक्ति को अपने जीवन शैली में और खानपान की कुछ आदतों में बदलाव करना जरूरी होता है।

- पानी अधिक मात्रा में पीना चाहिए, और अवसाद से ग्रस्त व्यक्ति को भरपूर मात्रा में ऐसे फलों और सब्जियों का अधिक सेवन करना चाहिए जिनमें पानी की अधिक मात्रा हो।

- पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करना चाहिए जिनमें विटामिन, प्रोटीन, कैल्शियम फाइबर और मैग्नीशियम आदि। भरपूर मात्रा में हो।

- हरी पत्तेदार सब्जियां और मौसमी फलों को अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए।

- चुकंदर का सेवन करने से हमारे शरीर को विटामिन, मैग्नीशियम और जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं यह हमारे दिमाग में न्यूरोट्रांसमीटर को सक्रिय करने में मदद करते हैं।

- अपने भोजन में ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करना चाहिए इसमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो हृदय रोग और अवसाद जैसी बीमारियों को दूर करने और उनके उपचार में मददगार साबित होते हैं क्योंकि इन में एंटीऑक्सीडेंट और मोनोसैचुरेटेड फैटी एसिड्स होते हैं।

- सलाद आदि का अधिक मात्रा में सेवन करना चाहिए विशेषकर टमाटर, खीरा मूली, गाजर इन सभी फल सब्जियों का उपयोग कर अच्छा और पोषक सलाद बनाना चाहिए टमाटर इसलिए क्योंकि टमाटर में लाइकोपीन नाम का एक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो अवसाद से लड़ने में मदद करता है कई शोध में पता चला है कि जो व्यक्ति सप्ताह में चार से पांच टमाटर खाता है वह सामान्य की तुलना में कम अवसाद ग्रस्त होता है।

- अस्वस्थ भोजन खाना भिन्न-भिन्न प्रकार की बीमारियों को जन्म दे सकता है और कई बीमारियों को तो और ज्यादा बढ़ा सकता है आजकल बाहर का भोजन खाना और फास्ट फूड खाना चलन सा बन गया है जिसमें लोग मैगी पास्ता मोमोज चौमिन आदि का सेवन नियमित रूप से करते हैं हमें इन सभी से बचना चाहिए।

- जंक फूड का सेवन कम करना चाहिए या फिर बिल्कुल ही छोड़ देना चाहिए क्योंकि जंक फूड हमारे स्वास्थ्य के लिए तो अच्छा है ही नहीं बल्कि इसके कारण भिन्न भिन्न प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं और यह अवसाद की बीमारी को और ज्यादा अधिक बड़ा सकता है।

- अधिक चीनी और नमक वाले भोजन को नहीं खाना चाहिए क्योंकि यह भोजन अवसाद के बीमारियों को और बढ़ा सकता है।

- मांस और बासी भोजन खाने से बचना चाहिए क्योंकि यह सभी भोजन अवसाद की बीमारी को बढ़ा सकते हैं।

- धूम्रपान या शराब किसी भी प्रकार का नशा त्याग देना चाहिए क्योंकि नशा करने से भिन्न भिन्न प्रकार की बीमारियां होती हैं जो व्यक्ति नशा करता है उसे कभी ना कभी कोई ना कोई बड़ी बीमारी जरूर लग जाती है और नशे की आदत डिप्रेशन की बीमारी को बद से बदतर बना सकती है।

अवसाद (Depression) के उपचार के लिए योगा - Yoga for the treatment of depression in Hindi

योगा एक शारीरिक व्यायाम है जिसमें भिन्न भिन्न प्रकार की शारीरिक पॉज, मेडिटेशन तकनीक और सांस लेने की तकनीकों से मिलकर बना है।

योगा करने से व्यक्ति को निम्नलिखित लाभ मिलते हैं जैसे

-  योगा करने से व्यक्ति तनाव मुक्त हो जाता है।

- मेडिटेशन करना, व्यायाम करना और विश्राम करना व्यक्ति को सुखदाई अनुभव कराता है।

- चिंता और अवसाद के उपचार में मदद मिलती है।

- योगा करने से व्यक्ति के शरीर में ऊर्जा का संचार होता है

- योगा को भिन्न भिन्न प्रकार के रोगों के उपचार के लिए उपयोग में लाया जाता है।

-  योगा करने से मानसिक और भावनात्मक समस्याएं कम होती हैं

- पुराने या लंबे समय से हो रहे दर्द के उपचार के लिए भी योगा बहुत ज्यादा लाभदायक होता है

- समग्र स्वास्थ्य के लिए कल्याणकारी है

- नियमित रूप से योगा करने से और दवाइयों का सेवन करने से व्यक्ति जल्दी ही अवसाद की बीमारी से निजात पा सकता है

अवसाद की बीमारी के लिए कुछ बेहतरीन योगा आसन

  • बालासन
  • सेतुबंध आसन
  • ऊर्धवा मुख सर्वांगासन
  • अधोमुख सर्वांगासन
  • हलासन
  • उत्तानासन
  • शवासन



अवसाद (Depression) के कारण होने वाली बिमारियां - Diseases caused due to depression in Hindi

-उदास रहना और खालीपन महसूस करना

डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति हमेशा उदास रहता है उदासी के कारण व्यक्ति निराशावादी हो जाता है और आत्मग्लानि महसूस करता है और यह सभी बातें उसके दैनिक जीवन पर बहुत बुरा प्रभाव डालती हैं और व्यक्ति अपने रोजमर्रा के काम करने में भी असमर्थ हो जाता है इसके साथ-साथ व्यक्ति को अकेलापन और खालीपन महसूस होता है उसे ऐसा लगता है कि मैं अकेला हूं और मेरे साथ कोई नहीं है।

-ध्यान केंद्रित ना कर पाना और भूलने की बीमारी

आमतौर पर देखा गया है कि डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर हो जाता है जिसके कारण वह फैसले लेने या किसी प्रकार के दिमागी कार्य को करने में असमर्थ हो जाता है साथ ही व्यक्ति को भूलने की बीमारी हो जाती है व्यक्ति छोटी-छोटी चीजें भूलने लगता है।

- हार्ट अटैक का खतरा

ऐसा देखा गया है कि जिन लोगों को डिप्रेशन होता है उनमें हार्ट अटैक आने की संभावना अधिक होती है इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

- वजन घटना या बढ़ना

डिप्रेशन की वजह से व्यक्ति अधिक सोचने की बीमारी से ग्रस्त हो जाता है जिसके कारण व्यक्ति खानपान पर ढंग से ध्यान नहीं दे पाता।

कई मामलों में ऐसा देखा गया है कि डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति की खानपान की आदतों में बदलाव आ जाते हैं जैसे कुछ मामलों में व्यक्ति कम खाना खाने लगता है जिसकी वजह से व्यक्ति का वजन घट जाता है परंतु कुछ मामलों में व्यक्ति ज्यादा खाना खाता है और उस कारण से व्यक्ति का वजन बढ़ जाता है।

- थकान

डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति को थकान ज्यादा महसूस होती है और शरीर में ऊर्जा का स्तर कम हो जाता है जिसके कारण व्यक्ति को काम करने में आलस आता है और कोई काम करने को मन नहीं करता चाहे काम कितना ही मनोरंजक क्यों ना हो।

- अनिद्रा

डिप्रेशन की वजह से लोगों को अनिद्रा की बीमारी हो सकती है इस बीमारी में व्यक्ति को नींद नहीं आती और चिंता से ग्रस्त व्यक्ति को आमतौर पर भी नींद नहीं आती। चिंता के कारण व्यक्ति पूरी रात जागता रहता है और समय के साथ साथ यह बीमारी अनिद्रा में तब्दील हो जाती है।

- दर्द अधिक होना

डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति को सर दर्द और अन्य प्रकार के दर्द काफी परेशान कर सकते हैं और डिप्रेशन में दर्द होना आम बात है और इस प्रकार के दर्द साधारण दर्द की दवाइयों से ठीक नहीं होते।

- सेक्स के प्रति रुचि ना दिखाना

तनाव से ग्रस्त व्यक्ति को सेक्सुअल क्रियाकलाप करने में कोई आनंद नहीं आता और इसका कारण एंटीडिप्रेसेंट्स का सेवन हो सकता है।

- रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाना

डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति की का इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है जिसके कारण डिप्रेशन के साथ-साथ व्यक्ति को अन्य प्रकार की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।

- मृत्यु की भावना होना

डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति को आत्महत्या के विचार आते रहते हैं कई मामलों में ऐसा देखा गया है कि लोग डिप्रेशन से परेशान होकर आत्महत्या कर लेते हैं या फिर खुद को ही जख्मी कर लेते हैं।

अवसाद (Depression)  के लिए घरेलू उपचार - Home remedies for depression in Hindi

- इलायची का तेल

इलायची का तेल एक एंटीडिप्रेसेंट की तरह काम करता है। इलायची की चाय पीना मन को प्रफुल्लित कर देता है। इसका इस्तेमाल काढ़ा बनाकर करना चाहिए। इलायची और इलायची का तेल दोनों ही डिप्रेशन की बीमारी को कम करने में सहायक होते हैं।

- लाल गुलाब

लाल गुलाब की पंखुड़ियों को उबालकर उस का काढ़ा बनाकर पिए आप चाहे तो स्वाद के अनुसार उसमें चीनी या मिश्री मिला सकते हैं लाल गुलाब के पंखुड़ियों से बने काढ़े को पीने से डिप्रेशन की बीमारी से बचाव होता है।

- हल्दी

हल्दी एक आयुर्वेदिक औषधि के रूप में प्रयोग में लाई जाती है हल्दी का उपयोग भिन्न भिन्न प्रकार के कार्यों में किया जाता है और हल्दी का उपयोग अवसाद से बचने के लिए काफी समय से हो रहा है।

- काजू

काजू के अंदर कुछ एंटीडिप्रेसेंट प्रॉपर्टीज होती है जो अवसाद से लड़ने में मदद करती हैं और तनाव को कम करती हैं। काजू में पोषक तत्व होते हैं जैसे विटामिन सी जो हमारे मूड को अच्छा करने में मदद करता है।

- ब्राह्मी का तेल 

ब्राह्मी एक ऐसी जड़ी बूटी है जो व्यक्ति को लंबे समय तक जवान रखने में मदद करती है ब्राह्मी के तेल से मालिश करने से मन शांत होता है और अवसाद की बीमारी से बचाव होता है।

- शतावरी

शतावरी का उपयोग अवसाद से बचने के लिए किया जाता है क्योंकि शतावरी में फोलिक एसिड और ट्रिप्टोफैन जैसे तत्व होते हैं जो मूड को अच्छा करने और दिमाग को शांत करने के लिए लाभदायक होते हैं।

- बादाम

बादाम में भरपूर मात्रा में प्रोटीन विटामिन ई मैग्नीशियम फाइबर और आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं जो अवसाद की बीमारी को कम करने के लिए बहुत लाभदायक हैं।

- अश्वगंधा

अश्वगंधा एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका सेवन लगभग हर प्रकार की बीमारी में किया जाता है और यह बहुत कारगर औषधि है अवसाद के लिए।

अश्वगंधा का उपयोग प्राचीन समय से अवसाद और अवसाद जैसी बीमारियों को कम करने के लिए किया जाता रहा है अश्वगंधा में कुछ ऐसे आवश्यक तत्व होते हैं जो दिमाग को शांत और अच्छा महसूस कर आते हैं और अवसाद की बीमारी को कम करने के लिए लाभदायक होते हैं।

- केसर

केसर एक शक्तिशाली जड़ी बूटी है इसका इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है केसर दिमाग को शांत करता है और मूड को अच्छा महसूस कराता है अवसाद से ग्रस्त व्यक्ति को एक बार केसर का उपयोग जरूर करना चाहिए।

- कद्दूके बीज

कद्दू के बीजों में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और विटामिन होते हैं साथ ही कद्दू के बीज मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं जो हमारे दिमाग को शांत करते हैं और डिप्रेशन जैसी बीमारी से लड़ने में मदद करते हैं

- गिलोय

गिलोय एक औषधि है जो एक प्रकार की बेल है इसका उपयोग चिंता अवसाद, सिर दर्द और भिन्न भिन्न प्रकार की बीमारियों से बचने के लिए किया जाता है साथ ही गिलोय का इस्तेमाल बुखार में भी किया जाता है

- काली मिर्च

काली मिर्च कोई औषधि नहीं है यह एकमसाला  है परंतु इसका उपयोग कई प्रकार की बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता है खासकर अवसाद चिंता सिर दर्द और पेट से जुड़ी बीमारियों में यह बहुत लाभदायक होती है काली मिर्च का अलग से सेवन करने की कोई जरूरत नहीं है सिर्फ नियमित रूप से खाने में मिलाकर काली मिर्च का सेवन करना उचित है।


अवसाद (Depression) के प्रकार - Types of depression in Hindi

अवसाद के भिन्न प्रकार हैं मुख्य रूप से अवसाद को दो प्रकारों में बांटा गया है पहला एंडोजीनस यानी आंतरिक कारणों से होने वाले डिप्रेशन जैसे दिमाग में हार्मोन गड़बड़ी और कोई बड़ी बीमारी जिसक आगे चलकर डिप्रेशन बन जाता है और दूसरा न्यूरोटिक यानी बाहरी कारणों से होने वाले डिप्रेशन , बाहरी कारण जैसे कि किसी व्यक्ति की मृत्यु या कोई धनराशि का नुकसान आदि इसके अलावा भी कई अन्य प्रकार के डिप्रेशन होते हैं जैसे कि

  • सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर (मौसम प्रभावित डिप्रेशन )
  • मनो विकसित यानी साइकॉटिक डिसऑर्डर 
  • बाइपोलर डिसऑर्डर आदि।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए -‌ When to see a doctor in Hindi

अगर आप बहुत ज्यादा तनाव महसूस कर रहे हैं आपको सोने में समस्या आती है अब अपने काम को ढंग से नहीं कर पाते हैं तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

क्योंकि डिप्रेशन की बीमारी अपने आप ठीक नहीं होती है और समय के साथ धीरे-धीरे बढ़ती रहती है और यह व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ज्यादा खराब होता है व्यक्ति को बहुत सारी मानसिक और शारीरिक पीड़ा हो सकती हैं।

डिप्रेशन के कारण कई अन्य गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं जैसे कि हार्ट अटैक कैंसर कार्डियोवैस्कुलर डिजीज मोटापा आदि इन सभी बीमारियों और पीड़ाऔ से बचने के लिए लोग अपने जीवन को खत्म करने के बारे में सोचते हैं और लोग आत्महत्या तक कर लेते हैं।


व्यक्ति को कब आपातकालीन मदद लेनी चाहिए - When to get emergency help in Hindi

अगर व्यक्ति के मन में बार-बार आत्महत्या के या अपने जीवन को खत्म करने के विचार आ रहे हैं तो व्यक्ति को तुरंत बिना समय गवाएं आपातकालीन मदद लेनी चाहिए अन्यथा वह अपने जीवन से हाथ धो बैठेगा।

निष्कर्ष

इस आर्टिकल में हमने डिप्रेशन क्या है?, डिप्रेशन क्यों होता है?, डिप्रेशन से बचाओ?, डिप्रेशन का इलाज के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी है यह जानकारी काफी लाभदायक है हर उस व्यक्ति के लिए जो डिप्रेशन या तनाव से ग्रस्त है।

मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा अगर आपके कोई सुझाव या सवाल है तो आप हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर पूछ सकते हैं।


प्रश्न और उत्तर

प्रश्न- क्या अवसाद ठीक हो सकता है?

हां, अवसाद की बीमारी को ठीक किया जा सकता है परंतु जड़ से नहीं अर्थात हम अच्छी डाइट नियमित व्यायाम और दवाइयों के द्वारा अवसाद से छुटकारा पा सकते हैं परंतु हमें अवसाद की बीमारी दोबारा होने का खतरा आजीवन बना रहता है। और जिस व्यक्ति को एक बार डिप्रेशन हो जाता है उस व्यक्ति को दोबारा डिप्रेशन होने की संभावना बहुत अधिक हो जाती है। 

डिप्रेशन की बीमारी दोबारा ना होने से बचने का सिर्फ एक यही उपाय है कि व्यक्ति अच्छा खान-पान रखें कभी ज्यादा तनाव ना ले अच्छी नींद ले और नियमित हल्का-फुल्का व्यायाम करता रहे तो दोबारा डिप्रेशन होने की संभावना कम हो जाती है जब तक की कोई बड़ी दुखदाई घटना व्यक्ति के साथ ना घटे।

प्रश्न- अवसाद को कैसे पहचाने?

अवसाद को पहचानने के दो तरीके हैं पहला, हो रहे लक्षणों के आधार पर लक्षण जैसे नींद ना आना, किसी काम को करने में मन ना लगना, अचानक वजन कम होना या अधिक होना, हमेशा उदास रहना आदि और दूसरा डॉक्टर के पास जाकर शारीरिक टैस्ट करवा कर, लैब टैस्ट करवा कर या मानसिक जांच करवा कर।

प्रश्न- क्या अवसाद डिसेबिलिटी है?

नहीं, अवसाद कोई कमजोरी या लाचारी नहीं है यह सिर्फ एक बीमारी है जिसका इलाज संभव है और हजारों लोग डिप्रेशन की बीमारी से ठीक होकर आज अच्छा खासा जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

डिप्रेशन से ग्रस्त व्यक्ति को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है दवाइयों और अच्छी खानपान और थोड़ी सी नियमित एक्सरसाइज से व्यक्ति डिप्रेशन जैसी बीमारी से बहुत आसानी से छुटकारा पा सकता है।

प्रश्न- क्या अवसाद को बिना दवाई के ठीक कर सकते हैं?

हां, डिप्रेशन का इलाज बिना दवाइयों की भी किया जा सकता है कई शोधों में पता चला है कि ऐसा संभव है इसके लिए व्यक्ति को अच्छी जीवनशैली अपनानी पड़ती है अपने खानपान का अच्छे से ध्यान रखना पड़ता है।

यहां तक की हर छोटी से छोटी बात का ध्यान रखना पड़ता है योगा और एक्सरसाइज का उपयोग कर व्यक्ति बिना दवाई खाए भी डिप्रेशन का इलाज कर सकता है परंतु डिप्रेशन दोबारा होने की संभावना अधिक हो जाती है क्योंकि मुख्य रूप से अवसाद का उपचार एलोपैथी की एंटीडिप्रेसेंट दवाइयों के द्वारा ही किया जाता है।

प्रश्न- डिप्रेशन से बाहर निकलने का उपाय?

डिप्रेशन से बाहर निकलने के उपाय हैं कि व्यक्ति अच्छा खान-पान ले नियमित रूप से एक्सरसाइज करें और इन सभी के साथ साथ एंटीडिप्रेसेंट दवाइयों का प्रयोग करें तो व्यक्ति बहुत जल्दी डिप्रेशन जैसी बीमारी से छुटकारा पा सकता है और एक अच्छी जिंदगी जी सकता है।

प्रश्न- डिप्रेशन का पक्का इलाज क्या है?

डिप्रेशन का पक्का इलाज यही है कि व्यक्ति एंटीडिप्रेसेंट दवाइयों का प्रयोग करें और अच्छी खानपान और नियमित एक्सरसाइज और योगा द्वारा अवसाद की बीमारी का का उपचार करें।

प्रश्न- डिप्रेशन का मतलब क्या होता है?

डिप्रेशन का मतलब होता है कि व्यक्ति की एक ऐसी स्थिति जिसमें व्यक्ति बहुत ज्यादा उदास रहता है व्यक्ति का किसी काम को करने में मन नहीं लगता , व्यक्ति को नींद नहीं आती, और ऐसी कई अन्य समस्याएं जो व्यक्ति की जीवन शैली में हस्तक्षेप करती हैं और व्यक्ति के जीवन को कष्ट दाई बना देती हैं जिसके कारण व्यक्ति आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाता है ।

प्रश्न- डिप्रेशन में क्या खाना चाहिए?

डिप्रेशन से ग्रसित व्यक्ति को पोषक आहार खाना चाहिए अर्थात ऐसी चीजें खानी चाहिए जिसमें पोषक तत्व अच्छी मात्रा में हो जैसे कि हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, साग आदि। व्यक्ति खाने के साथ थोड़ा सलाद खा सकता है इसके अलावा डिप्रेशन के दौरान व्यक्ति सभी प्रकार के फल खा सकता है हर प्रकार के फलों में अच्छी मात्रा में प्रोटीन और विटामिन होते हैं जो बड़ी से बड़ी बीमारी से लड़ने में मदद करते हैं खासकर डिप्रेशन में।

डिप्रेशन से ग्रसित व्यक्ति को ज्यादा तेल मसाले वाला खाना नहीं खाना चाहिए और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहना चाहिए और हमेशा एक अच्छी और स्वस्थ डाइट लेनी चाहिए।

प्रश्न- बाइपोलर डिसऑर्डर क्या बीमारी है?

बाइपोलर डिसऑर्डर एक प्रकार का डिप्रेशन है जिसमें व्यक्ति को कभी बहुत ज्यादा अच्छा महसूस होता है शरीर में बहुत ज्यादा ऊर्जा महसूस होती है और व्यक्ति बहुत ज्यादा खुश रहता है और तो कभी बहुत ज्यादा दुख महसूस करता है शरीर में एनर्जी का लेवल कम हो जाता है खान खाने में मन नहीं लगता मतलब कि कुछ दिन काफी खुश रहना अच्छा रहना और कुछ दिन उदास रहना यह सभी बाइपोलर डिप्रैशन के लक्षण हैं।

प्रश्न- डिप्रेशन कैसे होता है?

डिप्रेशन होने के कई कारण हो सकते हैं दिमाग में हार्मोन असंतुलन या फिर व्यक्ति के साथ हुई कोई बहुत दुखद घटना इसके अलावा कई अन्य कारण भी हो सकते हैं जैसे कोई ऐसी चिंता जो व्यक्ति को अंदर ही अंदर खाए जा रही हो, कोई पैसे की तंगी या फिर किसी चीज की चिंता, डिप्रेशन अनुवांशिक भी होता है मतलब की माता पिता के द्वारा।

प्रश्न- डिप्रेशन के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

डिप्रेशन के शुरुआती लक्षण है कि व्यक्ति को किसी भी काम को करने में मन नहीं लगता है और व्यक्ति दुखी रहने लगता है खान-पान पर ध्यान नहीं देता और नींद में बाधा उत्पन्न होती है आदि।

प्रश्न- डिप्रेशन की सबसे अच्छी दवा कौन सी है?

डिप्रेशन की कोई दवा अच्छी या बुरी नहीं होती है फर्क इतना है कि कोई दवा किसी व्यक्ति पर अच्छा प्रभाव डालती है और किसी व्यक्ति पर बुरा इसलिए डॉक्टर भी कई बार दवाइयां बदलते रहते हैं जिससे वह आपके लिए सबसे अच्छी दवाई सुनिश्चित कर सकें कुछ दवाइयां खाने पर व्यक्ति को रिएक्शन हो सकता है जिसके कारण कुछ  हो सकते हैं जैसे खुजली चिड़चिड़ापन आदि।

प्रश्न- महिलाओं में डिप्रेशन क्यों होता है?

महिलाओं में डिप्रेशन होने के कई कारण हो सकते हैं महिलाएं पुरुषों की अपेक्षा ज्यादा सहनशील होती हैं और कई शोधों में पता चला है कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं को डिप्रेशन की बीमारी अधिक होती है क्योंकि महिलाओं पर ज्यादा जिम्मेदारियां होती है और पुरुष की अपेक्षा महिलाएं ज्यादा तनाव लेती हैं।

प्रश्न- डिप्रेशन कितने दिन तक रहता है?

आमतौर पर देखा जाता है अगर व्यक्ति को दो हफ्तों से ज्यादा उदासी है और डिप्रेशन के लक्षण है तो व्यक्ति डिप्रेशन की बीमारी से ग्रस्त है। डिप्रेशन का इलाज लंबा चलता है कुछ लोगों को कम समय लगता है तो कुछ को ज्यादा। डिप्रेशन कब तक रहता है इस बात का जवाब कोई निश्चित नहीं है यह व्यक्ति की क्षमताओं पर निर्भर करता है कि व्यक्ति कितनी जल्दी डिप्रेशन की बीमारी से छुटकारा पा लेता है।

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