डायबिटीज (मधुमेह) क्या है | डायबिटीज के लक्षण, उपचार और प्रारंभिक निदान इत्यादि

मधुमेह यानी डायबिटीज जीवनशैली से जुड़ी हुई बीमारी हैं भारत में डायबिटीज रोगियों की संख्या दुनिया के और  देशों के मुकाबले सबसे ज्यादा है भारत को डायबिटीज का कैपिटल भी कहा जा सकता है। डायबिटीज महिलाओं के साथ-साथ अब बच्चों में भी तेजी से बढ़ रही है

आज इस आर्टिकल में हम पढ़ेंगे की डायबिटीज क्या है, डायबिटीज के प्रकार, डायबिटीज के कारण, डायबिटीज के लक्षण, डायबिटीज के निदान, डायबिटीज के उपचार इत्यादि

डायबिटीज क्या है  – What is Diabetes in hindi

डायबिटीज के रोग को डायबिटीज मेलिटस भी कहां जाता है यह शब्द यूनानी भाषा के डायबिटीज और मेलिटस इन दोनों शब्द को मिला कर बनाया गया है। 

हमारे शरीर में पैंक्रियास नाम की एक ग्रंथि है जिसका कार्य इंसुलिन का उत्पादन करना होता है। जब पेट भोजन को पचाता है, तो भोजन में कार्बोहाइड्रेट (शर्करा और स्टार्च) एक अन्य प्रकार की शर्करा में टूट जाता है, जिसे ग्लूकोज कहा जाता है।

इंसुलिन का काम खून में शुगर के लेवल को संतुलित रखना होता है लेकिन यदि किसी कारण से  इंसुलिन का उत्पाद कम हो जाए या फिर इंसुलिन ढंग से काम नहीं करे तो खून में शुगर का स्तर बढ़ जाता है और एक्स्ट्रा शुगर मूत्र द्वारा शरीर से बाहर निकलने लगता है तो इस रोग को डायबिटीज कहते हैं। 

डायबिटीज के लक्षण – Symptoms of diabetes in hindi

Diabetes के लक्षण

डायबिटीज रोग से ग्रस्त व्यक्ति को निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं।

  • अत्याधिक भूख लगना 
  • अत्याधिक थकान होना
  • वजन घटना
  • गुप्तांगों के आसपास सूज
  • आंख की रोशनी कम हो जाना
  • सरदर्द
  • त्वचा और खाल के रोग
  • देर से घाव भरना
  • वृद्ध रोगियों में पादांगुष्ठ में ग्रेन्ग्रीन होना
  • सिर चकराना
  • अत्यधिक प्यास लगना
  • बार – बार पेशाब लगना

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डायबिटीज निम्न कारणों से हो सकती है – Causes of diabetes in hindi

टाइप -1 डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें हमारा इम्यून सिस्टम कुछ कारणों से अग्नाशय में इंसुलिन उत्पाद करने वाली कोशिकाओं बीटा cells को नष्ट कर देता है 
 
डायबिटीज होने का मुख्य कारण है अत्याधिक खाना खाना और स्वाद के लिए खाना खाना। लोग एक हद से ज्यादा खाना खाते हैं जिसके कारण लोग मोटे हो जाते हैं और मोटापा होने से डायबिटीज होने का खतरा 30* गुना तक बढ़ जाता है। 
 
चीनी , रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, फैट और प्रोटीन इन सभी चीजों का ज्यादा मात्रा में सेवन करना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। इन सभी चीजों का अत्याधिक सेवन करने से pancreas पर बुरा प्रभाव पड़ता है pancreas हमारे शरीर में शुगर के स्तर को कंट्रोल करता है। 
 
Pancreas पर बुरा प्रभाव पड़ने से pancreas इंसुलिन का उत्पादन करना कम कर देता है या बंद कर देता है जिसकी वजह से शुगर, ब्लड में असामान्य रूप से बढ़ने लगता है और मूत्र के द्वारा अत्याधिक शुगर का निकास होने लगता है। 
 
  • अत्याधिक खाने का सेवन करने से
  • आनुवंशिक (Genetics) 
  • चीनी युक्त चीजों का अत्याधिक सेवन करने से
  • ज्यादा तेल मसाले वाला खाना खाने से
  • बाहर का unhealthy खाना खाने से
  • अत्यधिक मोटापा होने के कारण
  • व्यायाम की कमी से

डायबिटीज के प्रकार – Types of diabetes in hindi

डायबिटीज के मुख्य रूप से 3 प्रकार होते हैं
  • टाइप -1 डायबिटीज
  • टाइप -1 डायबिटीज 
  • गर्भावस्था डायबिटीज

टाइप -1 डायबिटीज – What is Type 1 diabetes in hindi

टाइप -1 डायबिटीज ज्यादातर छोटे बच्चों में पाई जाती है जैसे 20 वर्ष या उससे कम उम्र के बच्चे।
 
टाइप वन डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें हमारा इम्यून सिस्टम कुछ कारणों से अग्नाशय में इंसुलिन का उत्पाद करने वाली कोशिकाओं (beta cells) को नष्ट कर देता है। जिसके कारण पेनक्रियाज से इंसुलिन हार्मोन नहीं निकलता है या बहुत ही कम मात्रा में निकलता है जो पर्याप्त नहीं है। 
 
कम इंसुलिन की वजह से शुगर एनर्जी में नहीं बदल पाता और ब्लड में absorb  हो जाता है ब्लड में शुगर का स्तर बढ़ जाता है। इंसुलिन एक एनाबॉलिक हार्मोन है जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसकी कमी से टाइप वन डायबिटीज होती है। 
 

टाइप -1 डायबिटीज के लक्षण – Symptoms of type 1 diabetes in hindi

  • ज्यादा प्यास लगना
  • बहुत ज्यादा भूख लगना
  • अधिक पेशाब लगना
  • थका थका महसूस करना
  • शरीर में सुस्ती रहना

टाइप -1 डायबिटीज के कारण – Causes of type 1 diabetes in hindi

टाइप वन डायबिटीज का मुख्य कारण है की हमारा इम्यून सिस्टम कुछ कारणों से अग्नाशय में इंसुलिन का उत्पाद करने वाली कोशिकाओं (beta cells) को नष्ट कर देता है। यह जेनेटिक कारणों से भी हो सकता है। 

टाइप -1 डायबिटीज का इलाज – Treatment of type 1 diabetes in hindi

टाइप वन डायबिटीज से ग्रस्त रोगियों के शरीर में इंसुलिन का उत्पाद नहीं हो पाता है इसलिए उन्हें अलग से इंसुलिन लेना पड़ता है। साथ ही इन सभी चीजों को भी करें। 
  • योगा करना
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करना
  • खानपान पर विशेष ध्यान रखना

टाइप 2 डायबिटीज क्या है – What is Type 2 diabetes in hindi 

पूरी दुनिया में टाइप टू डायबिटीज बहुत ज्यादा कॉमन बीमारी है पैंक्रियास इंसुलिन हार्मोन को बनाता है जिसका कार्य खाने को ग्लूकोस में बदलना होता है। 
 
लेकिन टाइप 2 डायबिटीज में शरीर में जो इंसुलिन बनता है body cells इंसुलिन का उतना अच्छा इस्तेमाल नहीं करती जितना अच्छा उन्हें करना चाहिए जिसके कारण ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ जाता है। 
 
टाइप 2 डायबिटीज 30 या उससे ज्यादा उम्र के लोगों में पाई जाती है और यह सबसे कॉमन टाइप की डायबिटीज है इसमें व्यक्ति अपनी जिंदगी के पहले 20, 30 या 40 साल बिना किसी परेशानी के साथ जीता है। 
 
लेकिन बाद में उसको डायबिटीज हो जाती है इसका मतलब पहले उस व्यक्ति के शरीर में इंसुलिन की मात्रा और उत्पादन एकदम उचित था लेकिन बाद में शरीर में इंसुलिन का लेवल कम हो गया। 
 
कभी-कभी टाइप 2 डायबिटीज के लक्षण काफी लंबे समय तक नहीं दिखते, लोग सामान्य जीवन जीते हैं। उनमें डायबिटीज की शुरुआत इतनी धीमी है कि लक्षण पहचानने योग्य नहीं हैं और वे साइड इफेक्ट देखने के बाद ही डॉक्टर के पास जाते हैं।
 

टाइप 2 डायबिटीज के लक्षण – Symptoms of type 2 diabetes in hindi

  • मोटापा
  • वजन का कम या ज्यादा होना
  • बार बार भूख लगना
  • बार बार पेशाब जाना 
  • थकान महसूस करना और
  • मानसिक तनाव महसूस करना

टाइप 2 डायबिटीज के कारण – Causes of type 2 diabetes in hindi

  • मोटापा
  • वंशानुगत
  • जीवन शैली
  • एक्सरसाइज ना करना
  • दिल से जुड़ी बीमारी जैसे हार्ट अटैक 

टाइप 2 डायबिटीज का इलाज – Treatment of type 2 diabetes in hindi

अच्छा और हेल्दी एक्सरसाइज टाइप टू डायबिटीज के लिए शुरुआती इलाज होता है लेकिन अगर व्यक्ति को अपनी लाइफ स्टाइल में चेंज करने के बाद भी कोई बदलाव ना दिखे इसका मतलब की अब अच्छी डाइट और एक्सरसाइज के साथ दवाइयों का सहारा भी लेना होगा। 
  • नियमित रूप से योगा करना
  • खानपान का विशेष ध्यान देना कम कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खाना
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करना
  • खाद्य सामग्री में कार्बोहाइड्रेट को काउंट करना
  • समय-समय पर शुगर test करवाना
  • अच्छी दिनचर्या अपनाना

गर्भकालीन डायबिटीज क्या है – Gestational diabetes in hindi

गर्भावस्था के दौरान हार्मोन में परिवर्तन इंसुलिन के कार्य को प्रभावित करता है और रक्त मे शर्करा को बढ़ाता है‌ जो गर्भावस्था डायबिटीज कहलाता है
 
इसलिए, महिलाओं को यह देखने के लिए अपने चिकित्सक से जांच करानी चाहिए कि क्या उनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ गया है और अगर यह बढ़ गया है, तो उन्हें ‘ग्लूकोज टॉलरेंस test’ भी करवाना चाहिए। इससे आपको पता चल जाएगा कि आपको गर्भावस्था डायबिटीज है या नहीं।
 
सभी गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के 12 वें, 24 वें और 28 वें सप्ताह में ग्लूकोज टॉलरेंस test करवाना चाहिए। 
 

गर्भकालीन डायबिटीज के लक्षण – Symptoms of Gestational diabetes in hindi

गर्भावस्था डायबिटीज के लक्षण बहुत कम होते हैं और ज्यादातर होते ही नहीं है। गर्भावस्था डायबिटीज के कुछ लक्षण निम्न लिखित हैं।
  • प्यास लगना
  • ज्यादा पेशाब लगना

गर्भकालीन डायबिटीज के कारण  – Causes of Gestational diabetes in hindi

गर्भकालीन में डायबिटीज होने का मुख्य कारण है गर्भावस्था के दौरान शरीर में हुए हार्मोन में बदलाव। 
  • शरीर में होने वाले hormonal changes
  • मोटापा

गर्भकालीन डायबिटीज का इलाज – Treatment of Gestational diabetes in hindi

गर्भकालीन डायबिटीज में मरीज को अपना ब्लड शुगर लेवल 1 दिन में कई बार जांच ना पड़ सकता है। और अगर शुगर लेवल ज्यादा आता है तो तुरंत  डॉक्टर से सलाह लें
  • Healthy डाइट लेना
  • ब्लड शुगर मॉनिटर करना मॉनिटर करते रहना
  • शरीर में पानी की कमी ना होने देना
ज्यादातर तो ट्रीटमेंट लाइफ स्टाइल चेंज और हेल्दी डाइट से हो जाता है लेकिन अगर इससे भी बात ना बने तो फिर दवाई खाना पड़ सकता है। 
 

गर्भकालीन डायबिटीज से होने वाली समस्याएं

जब एक गर्भवती महिला का ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, तो डायबिटीज प्लेसेंटा से भ्रूण तक पहुंच जाती है।
 
जैसे ही बच्चे को अधिक ग्लूकोज मिलता है, वह जल्दी से बड़ा और भारी हो जाता है। इससे बच्चे के जन्म के दौरान मां को असुविधा हो सकती है। यह सर्जरी का कारण बन सकता है। लेकिन प्रसव के बाद, बच्चे का ब्लड शुगर गिर सकता है।
 
उसे पीलिया और सांस की समस्या जैसी बीमारी हो सकती है, और बच्चे की मोटापा और डायबिटीज दोनों से पीड़ित होने की अधिक संभावना है। डायबिटीज के दीर्घकालिक दुष्प्रभावों में लगातार उच्च रक्त शर्करा(high blood sugar) और कोलेस्ट्रॉल शामिल हैं, जो कमजोर और धमनियों में अवरोध की समस्या को जन्म दे सकते हैं।
 
जिससे निम्नलिखित समस्याएं या बीमारियां हो सकती हैं।
 
 1) नेत्र रोग (रेटिनोपैथी)
 2) गुर्दे की बीमारी (नेफ्रोपैथी)
 3) तंत्रिका क्षति (न्यूरोपैथी)
 4) हृदय रोग (कोरोनरी धमनी रोग)
 5) मस्तिष्क रोग (स्ट्रोक)
 

डायबिटीज के मरीज को इन सभी खाद्य पदार्थ से परहेज करना चाहिए – Foods to Avoid with Diabetes in hindi

Food to avoid with diabetes
  • गरम मसाले
  • मांस से बने पदार्थ
  • अन्य मसाले
  • बासी खाद्य पदार्थ
  • रिफाइंड और प्रोसेस्ड फूड
  • ज्यादा उबला हुआ दूध
  • अल्कोहलिक चीजें
  • चाय
  • वसा युक्त खाद्य पदार्थ
  • मैदा और उसमें बने खाद्य पदार्थ जैसे चौमिन, समोसा, मोमोज आदि
  • कॉफी का सेवन कम करें
  • तेल और तेल से बनी हुई चीजों का कम सेवन करना चाहिए
  • शुगर से बने ड्रिंक ना पिए

मधुमेह का प्राकृतिक उपचार – Natural treatment for diabetes in hindi

नियमित रूप से व्यायाम करना

हर तरह की डायबिटीज के इलाज के लिए एक्सरसाइज महत्वपूर्ण होती है एक्सरसाइज करने से मेटाबॉलिक रेट बढ़ता है एक्सरसाइज इन्सुलिन रेजिस्टेंस से फाइट करने में और वजन को घटाने में मदद करती है
 
एक्सरसाइज करने के लिए हमारा शरीर ग्लूकोस का उपयोग करता है इस कारण से ग्लूकोस से शुगर नहीं बन पाती है इस वजह से ब्लड में शुगर की मात्रा नहीं बढ़ती। 
 
2017 में एक प्रयोग किया गया जिसमें 120 जवान लड़कों को जिनको डायबिटीज थी हफ्ते में दो बार 2 घंटे एरोबिक एक्सरसाइज करने के लिए कहा गया और देखा गया कि 5 हफ्तों के बाद ब्लड शुगर लेवल 70% तक संतुलित हो गया था इसका मतलब एक्सरसाइज करना डायबिटीज पेशेंट के लिए बहुत जरूरी होता है।
 
द सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल CDC के द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुसार डायबिटिक व्यक्ति को हफ्ते में कम से कम 150 मिनट की एक्सरसाइज करनी चाहिए। जिसमें 2 दिन हेवी वर्क आउट भी करना चाहिए अगर हैवी एक्सरसाइज करने योग्य हो तो। 
 
एक्सरसाइज करने के लिए शुरुआत में हमेशा छोटी छोटी चीजों से या आसान एक्सरसाइज से शुरुआत करनी चाहिए जैसे रोज walk करने की आदत डालें।
 
कुछ ऐसी एक्साइज जो डायबिटीज से लड़ने में आपकी मदद करेंगी
  • चलना
  • साइकिल चलाना
  • तैरना
  • समूह वाले खेल
  • एरोबिक डांस
  • भारी वजन उठाना
  • स्ट्रैचिंग एक्सरसाइजेज

डायबिटीज के लिए खाना

जो भोजन हम खाते हैं वह शरीर में जाकर पचता है और उस खाने से शरीर में ग्लूकोस बनता है। अन्य आहारों ( प्रोटीन और हरी पत्तेदार सब्जियां ) की तुलना में शुगर और कार्बोहाइड्रेट वाले फूड ब्लड में शुगर की मात्रा को ज्यादा बढ़ाते हैं ।
 
डायबिटीज के मरीज को अपने खान-पान पर ध्यान देना चाहिए खाना खाते समय मरीज को यह पता होना चाहिए कि वह कितने कार्बोहाइड्रेट खा रहा है साथ ही डायबिटिक पेशेंट को एक डाइट प्लान भी बनाना चाहिए।
खाना खाते समय इन सभी बातों का ध्यान रखें 
 

कम से कम कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खाएं

कम कार्बोहाइड्रेट खाने के लिए अन्न का सेवन कम करें जैसे गेहूं दाल रोटी आदि ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाला खाना कम खाएं।
 
जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां फल दूध और ज्यादा से ज्यादा सलाद खाएं कम से कम 1 किलो सब्जियों का सेवन 1 दिन में करें।
 
शोध में पता चला है कि कम कार्बोहाइड्रेट खाना खाना ब्लड में शुगर के लेवल को कम करने में मदद करता है
 

फाइबर से भरपूर भोजन करें 

फाइबर कार्बोहाइड्रेट को पचाने और ब्लड में शुगर के अवशोषण को धीमा कर देता है इस कारण से उच्च फाइबर आहार खून में शुगर के लेवल को संतुलित रखने में मदद करता है
 

ज्यादा से ज्यादा पानी पीऐ

ज्यादा पानी पीने से ब्लड में शुगर का स्तर सामान्य रहता है क्योंकि ज्यादा पानी पीने से गुर्दे द्वारा एक्सेस ब्लड शुगर मूत्र के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाता है
एक अवलोकन अध्ययन के अनुसार वे लोग जो अधिक पानी पीते हैं उनमें हाई ब्लड शुगर बीमारी होने का खतरा बहुत कम होता है।
 
इन सभी चीजों के अनुसार अपने खाने में बदलाव कर, इन सभी चीजों को अपने खाने में शामिल करें।
  • बिना strach वाली सब्जियां: जैसे पत्ते वाली सब्जियां ब्रोकली मिर्ची टमाटर आदि
  • साबुत अनाज: जैसे ब्राउन राइस और मल्टीग्रेन ब्रेड आदि
  • फल: जैसे सेब संतरा मुसम्मी आदि लेकिन आम कम खाएं।
  • लीन प्रोटीन: जैसे फिश गार्लिक चिकन और नट्स
फैट दूध या दूध से बने उत्पादों का इस्तेमाल करें जैसे योगर्ट मिल्क डबल टोंड दूध
 

तनाव के स्तर को नियंत्रित करें

ज्यादा तनाव आपके ब्लड शुगर के लेवल को प्रभावित कर सकता है जब हम तनावग्रस्त होते हैं हमारे दिमाग में से glucagon और Cortisol नाम के हार्मोन निकलते हैं जो ब्लड शुगर के लेवल को बढ़ाते हैं।
 

शुगर का समय-समय पर टैस्ट कराएं

शुगर का समय-समय पर टैस्ट कराने के कई फायदे हैं जैसे आप यह पता कर सकते हैं कि कौन सी चीज खाने से आपका ब्लड शुगर लेवल बढता है या कौन सी चीज खाने से आपका ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है साथ ही नियमित रूप से ब्लड शुगर लेवल टैस्ट करने से डायबिटीज का उपचार करने में मदद मिलती है
 

पर्याप्त नींद

पर्याप्त नींद और अच्छी नींद अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है नींद की खराब आदतें और आराम की कमी रक्त में शुगर के लेवल को बढ़ा सकती है 
 
अपर्याप्त नींद के कारण मोटापा भी हो सकता है जो डायबिटीज होने का सबसे बड़ा कारण है साथ ही नींद की कमी से शारीरिक विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
 

वजन घटाएं

अगर आपका वजन ज्यादा है या आप मोटे हैं तो अपना वजन घटाने के लिए प्रयास करें क्योंकि बिना वजन घटाएं डायबिटीज का इलाज संभव नहीं है और दोबारा होने का खतरा बहुत ज्यादा होता है ज्यादातर डायबिटीज के मरीज वह लोग होते हैं जिन्हें या तो मोटापा है या फिर वह पहले मोटे थे
 

योगा द्वारा डायबिटीज का इलाज – Treatment of diabetes with yoga in Hindi

नियमित रूप से योगा करने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है भिन्न-भिन्न योगा आसन का अभ्यास करने से इंसुलिन उत्पादक बीटा कोशिकाओं का उत्पादन बढ़ता है
 
डायबिटीज के लिए कुछ सबसे अच्छे योगा
  • भुजंगासन या कोबरा पोज
  • पवनमुक्तासन 
  • ताड़ासन
  • वज्रासन
 

इंसुलिन क्या है – What is insulin in Hindi

इंसुलिन हार्मोन पैंक्रियास में बनता है इसका काम होता है ब्लड शुगर को ऊर्जा में बदलना , इसलिए शुगर ब्लड में नहीं मिलती है
 
टाइप वन डायबिटीज के लोगों के शरीर में इंसुलिन का उत्पाद नहीं हो पाता है इसलिए उन्हें अलग से इंसुलिन लेना पड़ता है
 

इंसुलिन को शरीर में लेने के 2 तरीके होते हैं

  1. इंजेक्शन के द्वारा
  2. इंसुलिन पंप के द्वारा
इंजेक्शन के द्वारा
 
ज्यादातर लोग जो टाइप वन डायबिटीज से ग्रस्त हैं उन्हें इन्सुलिन इंजेक्शन दिन में कम से कम 3 बार लेना पड़ता है जो डॉक्टर की सलाह और उसकी देखरेख में ही होता है
 
इंसुलिन पंप के द्वारा
 
इन्सुलिन पंप थेरेपी है जिसमें एक यंत्र के द्वारा इंसुलिन को हमारी बॉडी में डायरेक्ट दिया जाता है
 
टाइप टू डायबिटीज वाले मरीजों को इंसुलिन तब दिया जाता है जब वे अपने ब्लड शुगर लेवल को लाइफ़स्टाइल चेंज मेडिसन के द्वारा कंट्रोल नहीं कर पाते हैं लगभग 24 परसेंट टाइप टू डायबिटीज के मरीज ऐसे हैं जिनको इंसुलिन के द्वारा ट्रीटमेंट दिया जा रहा है
 
 

डायबिटीज रोग से बचाव के उपाय – How to prevent Diabetes in hindi

  • शुगर जैसी बीमारियों से बचने के लिए अपने दिनचर्या में परिवर्तन लाऐ 
  • अपने लाइफस्टाइल को मॉडिफाई करें 
  • खानपान पर विशेष नियंत्रण रखना चाहिए 
  • calories के हिसाब से खाना खाना चाहिए 
  • दिनचर्या अच्छी होनी चाहिए 
  • बॉडी का वेट ना बड़े इस बात का ध्यान रखना चाहिए 
  • अच्छी एक्सरसाइज करनी चाहिए 30 से 45 मिनट की एक्सरसाइज मॉर्निंग वॉक इवनिंग वॉक करनी चाहिए उससे आपकी कैलोरीज बर्न होती हैं
  • स्विमिंग करना डायबिटीज पेशेंट के लिए बहुत अच्छा माना जाता है
  •  एरोबिक्स एक्सरसाइज कर सकते हैं 
  • मेडिटेशन कर सकते हैं 
  • मीठी चीजें खाने से बचें जैसे मिठाई मीठे फल आदि मीठी चीजें न खाने की आदत आपको डायबिटीज के रोग से बचाव और इलाज के लिए बहुत मदद करेगी। 

 निष्कर्ष 

हमने इस आर्टिकल में डायबिटीज के बारे में बताया है की डायबिटीज क्या है, डायबिटीज के प्रकार, डायबिटीज के कारण, डायबिटीज के लक्षण, डायबिटीज के निदान, डायबिटीज के उपचार इत्यादि

मैं आशा करता हूं कि आपको हमारा यह आर्टिकल जरूर पसंद आया होगा अगर आपके कोई सवाल या सुझाव हैं तो आप हमें कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं हम आपके सवालों का जवाब देने का प्रयास जरूर करेंगे।

 

अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल

क्या डायबिटीज टैबलेट रेगुलर लेने से कोई नुकसान होता है

आजकल मार्केट में नई नई तरीके की दवाइयां आ चुकी हैं लेकिन हर दवाई का कुछ ना कुछ साइड इफेक्ट होता है इन दवाइयों का ओवरऑल कोई बड़ा दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है

क्या डायबिटीज में प्रेग्नेंट होना ठीक बात है

डायबिटिक महिला को प्रेग्नेंट होने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए बस डायबिटीज होने से आपको ज्यादा ध्यान देना पड़ेगा हो. प्रेगनेंसी में डायबिटीज के लिए केवल इंसुलिन का उपयोग करना सबसे ज्यादा सही होता है।

टाइप 1 डायबिटीज के लिए क्या अच्छा है इंसुलिन या दवा

टाइप 1 डायबिटीज में इंसुलिन लेना ही सबसे ज्यादा उचित ऑप्शन है क्योंकि अगर आप इंसुलिन की जगह दवाइयों का प्रयोग करेंगे तो इससे काफी ज्यादा कॉम्प्लिकेशंस हो सकते हैं और आपको कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है इंफेक्शन हो सकता है इसलिए इंसुलिन लेना ही सबसे बेस्ट ऑप्शन है

डायबिटीज में व्यक्ति कौन-कौन से फलों का सेवन कर सकते है

डायबिटीज से ग्रस्त व्यक्ति कोई भी फल खा सकता है परंतु एक लिमिट में खाना चाहिए

फलों में आप ज्यादा जूस वाले फल खा सकते हैं जैसे संतराम मुसम्मी जिनमें पल्प होता है और गुदे वाले फलों को खाने से बचें जैसे आम खरबूज

डायबिटीज को कैसे कंट्रोल करें

  • एक्सरसाइज एक्सरसाइज करने से आप कोई भी  डायबिटीज पर नियंत्रण कर सकता है
  • पौष्टिक आहार अच्छी एक्सरसाइज करने के साथ-साथ अच्छा पौष्टिक आहार भी लेना चाहिए
  • अपनी सेहत का ध्यान रखें

अगर पति या पत्नी किसी को डायबिटीज है तो होने वाले बच्चे को भी डायबिटीज होगा क्या

नहीं ऐसा नहीं है अगर पति और पत्नी किसी को भी डायबिटीज है तो इसके चांस ज्यादा है कि बच्चे को आने वाले समय में डायबिटीज हो लेकिन ऐसा नहीं है कि बच्चा पैदा होते ही डायबिटिक पैदा होगा

संदर्भ (References):

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Diabetes research: A perspective from the National Institute of diabetes and digestive and kidney diseases. (n.d.). PubMed Central (PMC). https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3554357/

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A study in patients with type 2 diabetes mellitus – Full text view – ClinicalTrials.gov. (n.d.). ClinicalTrials.gov. https://clinicaltrials.gov/ct2/show/NCT01435616

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