अश्वगंधा (Ashwagandha): लाभ, साइड इफेक्ट्स और खुराक

अश्वगंधा (Ashwagandha): लाभ, साइड इफेक्ट्स और खुराक

अश्वगंधा (Ashwagandha)

Ashwagandha, यह नाम आपने कहीं ना कहीं जरूर सुना होगा क्योंकि आजकल यह काफी प्रचलित है। ashwagandha एक ऐसी औषधि है जिसे पुराने समय से उपयोग में लाया जा रहा है।

क्या आप जानते हैं? की ashwagandha के अनगिनत लाभ है जिसके कारण इस पर कई रिसर्च भी हुई हैं तो इस आर्टिकल में हम बात करेंगे ashwagandha के बारे में, ashwagandha क्या है, ashwagandha के लाभ क्या हैं और अश्वगंधा को किस-किस प्रकार से खाया जा सकता है।

                   Table Of Content

Ashwagandha क्या है (what is Ashwagandha in hindi)

Ashwagandha को एक शक्ति वर्धक पौधे के रूप में मान्यता मिली हुई है। “ अश्वस्य गंधा इव गंधा यस्य सा” यानी घोड़े के समान गंध हो जिसकी, वह है अश्वगंधा। इसे संस्कृत में वाजीगंधा भी कहते हैं।

 इसका वैज्ञानिक नाम withania somnifera है, अंग्रेजी में इसे इंडियन जिनसिंग कहते हैं, हिंदी में असगंध और मराठी में आसंध कहते हैं। इसी तरह कन्नड़ में  हिरोमाईने गिडा और मलयालम में अमुक्किकरम कहते है।

अश्वगंधा की झाड़ी वैसे तो वर्षा ऋतु में खूब उग आती है पर कई स्थानों पर साल भर पाई जाती है। इसके पौधे 2 से 4 फीट तक ऊंचे और अनेक शाखाओं वाले होते हैं। अश्वगंधा की शाखाएं पतली होती है और उन पर रेशे होते हैं।

इसके पत्ते दो एक साथ निकलते हैं और पत्तों के दोनों ओर का रंग एक सा ही होता है पत्ते लंबे, पतले और नोक वाले होते हैं साथ ही इसके फल छोटी बेरी या मटर के आकार के होते हैं जो पहले तो हरे होते हैं और पकने के बाद लाल हो जाते हैं। 

अश्वगंधा की जड़ पतली और शंकु के आकार की होती है नीचे से मोटी और ऊपर से पतली यह जड़ जमीन के अंदर गहराई तक स्थित होती है जड़ पर अनेक उप जड़ निकलती हैं जो बारिक धागे जैसे दिखाई देती हैं जड़ की त्वचा बाहर से भूरी होती है।

काट कर देखा जाए तो अंदर का भाग सफेद दिखाई देता है जड़ या मूल से तीखी गंध आती है तभी इसे इसका नाम अश्वगंधा मिला है 

Ashwagandha की जड़ों को सावधानी से निकाला जाता है ताकि जड़े कट ना पाए इन्हें गहराई तक खोदकर निकाला जाता है और पानी से धो कर सुखाया जाता है अगर अच्छी जड़ की पहचान करनी है तो जड़ जितनी लंबी, सफेद और चमकदार होगी उतनी ही अच्छी होगी। 

अश्वगंधा सूखी मिट्टी वाले स्थानों पर बहुतायत में पाया जाता है अश्वगंधा का पौधा 12 महीने हरा भरा रहता है

राजस्थान के नागौर क्षेत्र में भी अश्वगंधा की खेती व्यवसायिक रूप से की जाती है इसे राजस्थान के बाजार में नागोरिया अश्वगंध कहते हैं।

इसके अतिरिक्त गुजरात पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भी इसकी खेती व्यवसायिक रूप से की जाती है

कई अनुसंधानों द्वारा पता चला है कि अश्वगंधा के पत्तों में कैल्शियम और फास्फोरस पाया जाता है और इसके फलों में भी प्रोटीन को पचाने वाला एंजाइम पाये जाते हैं।

औषधि के रूप में मुख्य रूप से अश्वगंधा की जड़ का इस्तेमाल किया जाता है। एक अनुमान है कि अश्वगंधा के 100 ग्राम चूर्ण में 0.7 मिलीग्राम लोहे की मात्रा होती है।

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Ashwagandha के लाभ (benefits of Ashwagandha in hindi)

Ashwagandha के लाभ

सेहत बनाने में मदद करता है

अगर आप का शरीर दुबला पतला और कमजोर है और आप अपना वजन बढ़ाना चाहते हैं, तो आपको नियमित रूप से अश्वगंधा का सेवन करना चाहिए क्योंकि अश्वगंधा का दूध के साथ सेवन करने से पतलापन दूर होता है और शरीर हष्ट पुष्ट हो जाता है।

रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाता है

क्या आप जानते हैं कि नियमित रूप से अश्वगंधा का सेवन करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म रेट बढ़ता है जिससे शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत हो जाता है और रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है। 

जिसके कारण छोटी मोटी बीमारी जैसे खांसी जुखाम आपके आसपास भी नहीं फटकती।

तनाव कम करता है

तनाव व्यक्ति के जीवन पर बहुत बुरा प्रभाव डालता है और व्यक्ति की पूरी जिंदगी अस्त-व्यस्त हो जाती है

अश्वगंधा का नियमित रूप से सेवन करने से मानसिक तनाव से राहत मिलती है, क्योंकि अश्वगंधा तनाव के मुख्य कारण कोर्टिसोल हार्मोन के उत्पादन कम कर, कोर्टिसोल हार्मोन की लेवल को नियंत्रण में रखता है जिससे तनाव कम होता है। 

डायबिटीज पर नियंत्रण रखता है

नियमित रूप से अश्वगंधा का सेवन करने से डायबिटीज में लाभ मिलता है

अश्वगंधा ब्लड में शुगर के लेवल को कम करता है और शरीर में इंसुलिन हार्मोन को बढ़ाता है जिसकी कमी के कारण डायबिटीज की बीमारी होती है।

ब्लड प्रेशर और heart डिसीसिस

अश्वगंधा शरीर में एक प्राकृतिक antitoxin-fire की तरह काम करता है यह आपके खून में से टॉक्सिंस को बाहर निकालकर ब्लड को purify करता है जिससे  शरीर में ब्लड सरकुलेशन सही तरीके से होता है और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।

ब्लड प्रेशर पर कंट्रोल रहने से हार्ड को ऑक्सीजन सही मात्रा में मिल पाती है जिसके कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारी होने का खतरा कम हो जाता है।

अर्थराइटिस में आराम मिलता है

अश्वगंधा का नियमित रूप से सेवन करने से अर्थराइटिस में राहत मिलती है क्योंकि अश्वगंधा में कुछ ऐसी inflammatory properties होती हैं जो अर्थराइटिस के दर्द और सूजन को कम करती हैं।

कैंसर से बचाव करता है

अश्वगंधा कैंसर से बचाव में लाभदायक होता है क्योंकि अश्वगंधा में antioxidants levenods होते हैं जिनका कार्य शरीर में ऑक्सीडेटिव stress को कम करना और बॉडी में फ्री रेडिकल्स को खत्म करना होता है जो कैंसर की कोशिकाओं को बनाते हैं और साथ ही साथ अश्वगंधा कैंसर की नई कोशिकाओं को बनने से रोकता है। 

पेट से संबंधित बीमारियां दूर करता है

अश्वगंधा पेट से जुड़ी सभी बीमारियों को दूर करता है क्योंकि अश्वगंधा का नियमित सेवन करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है 

जिससे इनडाइजेशन नहीं होता है और गैस नहीं बनती है और जब पेट में गैस नहीं बनेगी तो पेट दर्द भी नहीं होगा।

खांसी में राहत

अश्वगंधा का सेवन करने से खांसी और जुखाम जैसी छोटी-मोटी बीमारियों में बड़ी राहत मिलती है। 

अगर आप ashwagandha का नियमित रूप से सेवन करते हैं तो आपको खांसी जुखाम जैसी छोटी-मोटी परेशानियां होने की संभावना बहुत कम हो जाती है।

Anti aging agent की तरह काम करता है

अश्वगंधा का सेवन करने से आप कम उम्र के दिखते हैं क्योंकि अश्वगंधा में एंटी एजिंग प्रॉपर्टी होती है जो फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाती है जो स्किन पर पिंपल्स और झुर्रियां नहीं पड़ने देते हैं जिससे आप कम उम्र के दिखते हैं। 

स्वास्थ्य आंखें

अश्वगंधा आंखों की रोशनी को बढ़ाने के लिए मदद करता है और मोतियाबिंद जैसी बीमारियां होने से भी बचाता है। स्वस्थ आंखों के लिए अश्वगंधा का सेवन जरूर करना चाहिए।

अच्छी नींद लेने में मदद करता है

जिस व्यक्ति को नींद से जुड़ी समस्या है उसे अश्वगंधा का सेवन करना चाहिए क्योंकि अश्वगंधा तनाव और स्ट्रेस को दूर कर अच्छी नींद लाने में मदद करता है।

विटामिन और पोषक तत्व

अश्वगंधा में कई प्रकार के पोषक तत्व होते हैं जो हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक होते हैं जैसे विटामिंस और अन्य पोषक तत्व।

बाल को मजबूत करता है

अश्वगंधा का सेवन करने से बालों में मजबूती आती है जिससे बाल झड़ते नहीं हैं और ashwagandha डैंड्रफ की समस्या से भी निजात दिलाने में मदद करता है। 

साथ ही छोटी उम्र में सफेद बाल होने की समस्या को खत्म कर बालों को घना और मजबूत बनाने में मदद करता है। 

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पुरुषों के लिए अश्वगंधा के लाभ - Ashwagandha health benefits for men in hindi

टेस्टोस्टरॉन हार्मोन बढ़ाता है

Testosterone हार्मोन पुरुषों में मर्दानगी लाने के लिए होता है अगर आपके शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन उचित मात्रा में है तो आप एकदम फिट रहते हैं। टेस्टोस्टरॉन हार्मोन महिलाओं में भी पाया जाता है लेकिन यह महिलाओं में कम मात्रा में पाया जाता है।

टेस्टोस्टरॉन हार्मोन का एक फायदा यह भी होता है कि इससे आपकी उम्र कम दिखती है इसका मतलब अगर आपकी उम्र ज्यादा है लेकिन आपके शरीर में टेस्टोस्टरॉन सही मात्रा में उपलब्ध है तो आप कम उम्र के दिखोगे। 

अगर किसी व्यक्ति के शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की कमी हो जाती है तो

  • उसको क्रॉनिक स्ट्रेस हो सकता है
  • उसकी सेक्सुअल लाइफ खराब हो सकती है
  • उस व्यक्ति को मोटापा हो सकता है
  • वह व्यक्ति जल्दी थक जाएगा

और शारीरिक रूप से कमजोर और थका थका महसूस करेगा।

टेस्टोस्टेरोन हार्मोन स्पर्म की क्वालिटी को बढ़ाने के लिए भी उपयोग में लाया जाता है

अश्वगंधा कोर्टिसोल हार्मोन को कम करता है

Cortisol हार्मोन एक ऐसा हार्मोन है जिसका उत्पादन तब होता है जब व्यक्ति बहुत ज्यादा तनावग्रस्त होता है।

हमारे शरीर में टेस्टोस्टरॉन और कॉर्टिसोल हार्मोन एक विपरीत अनुपात में होते हैं इसका मतलब यदि कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ता है तो टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर घट जाता है। 

इसका मतलब अगर व्यक्ति को ज्यादा तनाव है तो उसकी वजह से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाएगा।‌ ‍इसका मतलब व्यक्ति के शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर घट जाएगा जिसकी वजह से व्यक्ति को कई बीमारियां हो सकती हैं।

जैसे कि व्यक्ति की सेक्स लाइफ डिस्टर्ब हो सकती है, मोटापा हो सकता है, व्यक्ति थका थका महसूस कर सकता है साथ ही शारीरिक कमजोरी व मानसिक परेशानी भी हो सकती हैं। 

अश्वगंधा का नियमित रूप से सेवन करने से कोर्टिसोल हार्मोन कम होता है।

शरीर को हष्ट-पुष्ट बनाता है

अश्वगंधा का उपयोग शरीर को हष्ट-पुष्ट बनाने के लिए भी किया जाता है अश्वगंधा में कुछ ऐसे रसायन पाए जाते हैं जो हमारे शरीर और मांसपेशियों में ताकत लाते हैं इससे शरीर तंदुरुस्त हो जाता है साथ ही अश्वगंधा का नियमित रूप से सेवन करने से वजन भी बढ़ता है। 

महिलाओं में अश्वगंधा के लाभ - Ashwagandha health benefits for women in hindi

रजोनिवृत्ति के दौरान समस्याओं में लाभ

रजोनिवृत्ति (menopause) के दौरान होने वाली हार्मोनो में गड़बड़ी के कारण महिलाओं को समस्याएं हो सकती है।

जैसे कि डिप्रेशन, मानसिक तनाव, नींद ना आना और छोटी-मोटी समस्याएं लेकिन अगर आप अश्वगंधा का नियमित रूप से सेवन करते हैं तो आपको इन सभी बीमारियों का सामना रजोनिवृत्ति के दौरान नहीं करना पड़ेगा।

सेक्स लाइफ को बढ़ाता है

अश्वगंधा को जादुई जड़ी बूटी इसलिए भी कहते हैं क्योंकि इसका सेवन करने से मानसिक तनाव तो दूर होता ही है साथ ही यह सेक्स लाइफ को बढ़ाने का काम भी करता है।

अश्वगंधा का नियमित रूप से सेवन करने से शरीर में ब्लड फ्लो बढ़ता है जिसकी वजह से ashwagandha एक संभोग उत्प्रेरक (viagra) की तरह काम करता है 

यहां तक कि अश्वगंधा के बारे में कामा सूत्र में भी दिया गया है Kamasutra एक बहुत पुरानी किताब है जिसमें सेक्स के बारे में विस्तार से बताया गया है।

लंबे और सुनहरे बाल

अगर आप अश्वगंधा का नियमित रूप से सेवन करते हैं तो आपके बाल घने, सुनहरे, चमकदार और लंबे होंगे और अश्वगंधा का सेवन उन महिलाओं को अवश्य करना चाहिए जिनके बाल झड़ रहे हो उन महिलाओं के लिए अश्वगंधा बहुत लाभदायक सिद्ध होगा।

अश्वगंधा साइड इफेक्ट्स -Ashwagandha side effects in hindi

अश्वगंधा एक औषधि है और इस पर कई शोध हुए हैं पर अभी तक कोई ऐसा शोध नहीं हुआ है जो यह साबित करें कि अश्वगंधा को लंबे समय तक लेने से उसके दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

अश्वगंधा एक औषधि है और इसमें कई तत्व है जिसके कारण यह कुछ बीमारियों में मदद करता है और कुछ बीमारियों में नुकसान भी कर सकता है 

जैसे गर्भावस्था के दौरान अश्वगंधा का सेवन करने से जल्दी डिलीवरी हो सकती है, बच्चे के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता हैं, पेट से जुड़ी बीमारियां जैसे अल्सर में परेशानी हो सकती है।

अधिक मात्रा में अश्वगंधा का सेवन करने से आपको उल्टी, दस्त, चक्कर आना और पेट दर्द जैसी छोटी-मोटी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इसे लेते समय सावधानियां रखनी चाहिए‌।

विशेष सावधानियां और चेतावनी: - Special Precautions & Warnings in hindi

लंबे समय तक अश्वगंधा का सेवन करना हानिकारक हो सकता है अनुसंधानों के अनुसार लगभग 3 महीने तक अश्वगंधा का सेवन करना सुरक्षित होता है।

 लेकिन उससे अधिक सेवन करना हानिकारक हो सकता है जैसे व्यक्ति को उल्टी, दस्त और पेट में दर्द जैसी छोटी-मोटी बीमारियों के साथ-साथ गंभीर रूप से किडनी कि समस्या हो सकती है ।

अश्वगंधा का अधिक मात्रा में सेवन बिलकुल सुरक्षित नहीं है और ना ही लंबे समय तक लेना उचित है

गर्भावस्था और स्तनपान

अनुसंधानों के अनुसार गर्भावस्था में ashwagandha का सेवन करना हानिकारक हो सकता है साथ ही इससे बच्चे के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है

गर्भावस्था में अश्वगंधा का सेवन करना कई मामलों में गर्भपात का कारण बन चुका है लगभग 80% मामलों में ऐसा हो चुका है।

साथ ही जब स्त्री बच्चे को स्तनपान कराती है तब स्तनपान कराते समय मां के शरीर में जो अश्वगंधा होता है

 वह स्तनपान द्वारा बच्चे के शरीर में चला जाता है जिससे बच्चे की तबीयत खराब हो सकती है जैसे उल्टी दस्त और पेचिश आदि।

डायबिटीज की दवाइयों के साथ प्रतिक्रिया

डायबिटीज के रोग से ग्रस्त व्यक्ति को ashwagandha का सेवन बहुत ही ज्यादा सावधानियों के साथ करना चाहिए क्योंकि अश्वगंधा का नियमित रूप से सेवन करने से ब्लड में शुगर का लेवल कम हो जाता है और कभी कभी लेवल बहुत कम हो जाता है जिससे व्यक्ति को चक्कर, आना उल्टी आना और घबराहट होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं

अगर आप ashwagandha का सेवन करते हैं और डायबिटीज के कारण डायबिटीज की गोली खाते हैं तो कुछ प्रतिशत संभावना है कि अश्वगंधा और डायबिटीज की गोलियां आपस में प्रतिक्रिया कर सकती हैं जिससे आपको समस्या हो सकती है।

ब्लड प्रेशर 

अश्वगंधा का सेवन करने से ब्लड प्रेशर बढ़ भी सकता है और कम भी हो सकता है नियमित रूप से अश्वगंधा का अधिक मात्रा में सेवन करने से कई बार ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा कम हो जाता है

जिससे आपको चक्कर आना, उल्टी आना और मन घबराने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। और ब्लड प्रेशर के लिए ली गई दवाइयों के साथ अश्वगंधा प्रतिक्रिया भी कर सकता है जिससे आपके स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है । 

पेट के अल्सर में परेशानी

Ashwagandha के सेवन करने से पेट के रोग जैसे गैस की समस्या हो सकती है जिससे पेट के अल्सर में परेशानी हो सकती है और आपको पेट दर्द हो सकता है। साथ ही आपके स्वास्थ्य पर काफी बुरा प्रभाव भी पड़ सकता है। 

ऑटो इम्यून बीमारियां

अगर आपको ऑटोइम्यून बीमारी है तो आपको अश्वगंधा का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि ashwagandha का सेवन करने से इम्यून सिस्टम ज्यादा एक्टिव हो जाता है जिससे आपको ऑटोइम्यून बीमारियों के लक्षण हो सकते हैं और स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

शल्य चिकित्सा (surgery)

अश्वगंधा में कुछ ऐसे रसायन होते हैं जो नर्वस सिस्टम के कार्य करने की क्षमता को धीमा कर देते हैं और एनेस्थीसिया और अन्य दवाइयों के प्रभावों को भी धीमा कर देते हैं जिसका स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। 

इसलिए अगर आपकी हाल ही में कोई शाल्य चिकित्सा होने वाली है तो उससे 2 हफ्ते पहले से ashwagandha का सेवन करना बिलकुल बंद कर दें नहीं तो आपके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है । 

थायराइड बढ़ने का खतरा

अगर आपको थायराइड की बीमारी है तो आप अश्वगंधा का सेवन करते समय सावधानियां रखें और अगर आपको थायराइड में कुछ समस्याएं हो रही हैं 

तो अश्वगंधा का सेवन ना करें क्योंकि शोध में पता चला है कि अश्वगंधा का सेवन करने से थायराइड हार्मोन बढ़ते है और व्यक्ति की थायराइड की परेशानी और भी बढ़ सकती है। 

Ashwagandha का सेवन करने का तरीका जो कई सालों से इस्तेमाल में लाया जा रहा है कि अश्वगंधा की पाउडर को घी या शहद के साथ मिलाकर पिया जाए वैसे तो ज्यादातर लोग इसे इसके नेचुरल फॉर्म यानी कि जड़ का पाउडर बनाकर उपयोग में लाते हैं 

लेकिन इससे भी एक आसान तरीका यह है कि आप इस की गोलियां ले सकते हैं और जो सबसे ज्यादा असरदार तरीका है अश्वगंधा को लेने का वह है अश्वगंधा के कैप्सूल ashwagandha के कैप्सूल में ashwagandha एक्सट्रैक्ट होते हैं।

अश्वगंधा की खुराक (dosage of ashwagandha in hindi)

अश्वगंधा की खुराक में आपको कम से कम 500 से 1000 मिलीग्राम अश्वगंधा 1 दिन में आवश्य लेना चाहिए। अश्वगंधा के ज्यादा से ज्यादा लाभ इसबात पर निर्भर करता है कि आप कौन सा प्रोडक्ट ले रहे हैं और कितनी मात्रा में उसका सेवन कर रहे हैं। 

अगर आप अच्छी क्वालिटी का अश्वगंधा नहीं लेते हैं तो हो सकता है की आपको ज्यादा मात्रा में अश्वगंधा लेना पड़े और अगर आप बहुत अच्छी क्वालिटी का ashwagandha लेते हैं तो हो सकता है 

आपको कम मात्रा में अश्वगंधा लेना पड़े इसके लिए आपको अपने प्रोडक्ट के अनुसार अश्वगंधा का सेवन करके देखना पड़ेगा और साथ ही उस प्रोडक्ट पर भी जानकारी लिखी होती है कि आपको कितना अश्वगंधा लेना चाहिए।  

Ashwagandha में रसायन और पोषक तत्व 

Ashwagandha में रसायन और पोषक तत्व

एक अनुसंधान इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ होम साइंस की एक रिपोर्ट के अनुसार 1000 मिलीग्राम अश्वगंधा की सूखी हुई जड़ के पाउडर में निम्न लिखित चीजें होती हैं

• 2.5 कैलोरीज

• 0.04 ग्राम प्रोटीन

• 0.032 ग्राम वसा

• 0.05 ग्राम कार्बोहाइड्रेट

• 0.03 मिलीग्राम आयरन

• 0.02 मिलीग्राम कैल्शियम

• 0.06 मिलीग्राम विटामिन

अश्वगंधा में भिन्न भिन्न प्रकार के पोषक तत्व होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक होते हैं जिसमें flavonoids और antioxidants जैसे कई अन्य पोषक तत्व भी होते हैं जैसे catalase superoxide dismutase और glutathione आदि।

निष्कर्ष

हमने इस आर्टिकल में ashwagandha क्या है ashwagandha को कैसे उपयोग करते हैं और अश्वगंधा के क्या-क्या लाभ है के बारे में सारी जानकारी विस्तार से इस आर्टिकल के माध्यम से आप तक पहुंचाई है।

 मैं आशा करता हूं कि आपको यह सब समझ में आ गया होगा और अगर आपको हमारे आर्टिकल के संबंध में कोई डाउट है तो आप हमें नीचे कमेंट करके बता सकते हैं।

प्रश्न और उत्तर

क्या हम Ashwagandha को सोने से पहले खा सकते हैं?

हां बिल्कुल अश्वगंधा को आप सोने से पहले खा सकते हैं बल्कि अश्वगंधा का सेवन रात को सोने से पहले ही खाना ज्यादा उचित रहता है क्योंकि अश्वगंधा में कुछ ऐसे रसायन होते हैं 

जो नींद दिलाते हैं मतलब अगर आप अश्वगंधा खाते हैं तो आपको अश्वगंधा खाने के बाद नींद आ सकती है।

क्या Ashwagandha का नियमित रूप से सेवन करना उचित है?

वैसे तो अश्वगंधा को लंबे समय तक खाने का कोई भी दुष्प्रभाव नहीं है लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि आप बिना डॉक्टर की सलाह के   अश्वगंधा का सेवन करना चालू कर दें और अगर आप अश्वगंधा का सेवन करना चाहते हैं तो आप अपने डॉक्टर से सलाह लें और अश्वगंधा के बारे में अच्छे से जानकारी लेने के बाद ही इसका सेवन करना शुरू करें।

Ashwagandha का सेवन क्यों नहीं करना चाहिए?

अश्वगंधा एक औषधि है इस वजह से इसमें एक नहीं बल्कि कई तत्व है जो फायदा भी कर सकते हैं और नुकसान भी। अश्वगंधा कुछ लोगों के लिए बहुत लाभदायक होता है जबकि कुछ लोगों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। 

कई लोग बिना किसी जानकारी के अश्वगंधा का सेवन करना शुरू कर देते हैं लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए और खासकर अगर आपको कोई भी पेट से जुड़ी बीमारी या फिर थायराइड जैसी बीमारी है

 तो अश्वगंधा का सेवन बिल्कुल ना करें और एक बात और ध्यान में रखें कि अगर आप अश्वगंधा का सेवन कर रहे हैं और अगर आपको उससे कोई  दिक्कत आ रही है तो उसका सेवन बिल्कुल ना करें क्योंकि ऐसा करने से आपको लंबे समय में मुसीबत हो सकती है।

Ashwagandha का सेवन कब करना चाहिए रात को या सुबह?

अश्वगंधा का सेवन व्यक्ति कभी भी कर सकता है यह उस व्यक्ति की क्षमता के ऊपर निर्भर करता है जैसे अश्वगंधा का सेवन करने के बाद कुछ लोगों को बहुत गहरी नींद आ जाती है यानी अगर आप अश्वगंधा का सेवन सुबह करते हैं 

तो आपको बहुत गहरी नींद आ सकती है जिससे आप काम करने में असमर्थ हो जाएंगे तो इसका सबसे अच्छा उपाय यही है कि आप अश्वगंधा का सेवन करके देखें अगर आपको सुबह अश्वगंधा का सेवन करने के बाद नींद आती है

 तो आप अश्वगंधा का सेवन रात को करें और अगर सुबह नींद नहीं आती है तो आप सुबह भी अश्वगंधा का सेवन कर सकते हैं।

Ashwagandha असर दिखाने में कितना समय लेता है? 

यह की ashwagandha असर दिखाने में कितना समय लेता है यह इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति किस कार्य के लिए अश्वगंधा का उपयोग कर रहा है और कितनी मात्रा मे उपयोग कर रहा है।

फिर भी अगर आप ashwagandha का उपयोग कम से कम नियमित रूप से 8 हफ्तों तक करते हैं तो आपको कुछ सुधार जरूर देखने को मिलेगा। 


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